जिंदगी की दूसरे किनारा - 20 AbhiNisha द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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जिंदगी की दूसरे किनारा - 20

जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 20 






और वही मेघना की दुनिया में 

कुछ देर के बाद मेघना को होस में आ चुकी है

वह थरथराहट से भारी  लहूलुहान हाथों के साथ

घुटने के बल बैठते हुए 

और घुटनों के बल खिसक खिसक चलते हुए 

और सर झुकाते हुए

और जोरो जोरो से शिशक से शिसक कर लंबी और गहरी  

सांस लेते हुए 

वहां बिखरे हुए किताबें को जल्दबाजी में एक-एक करके

लहूलुहान परी दोनों हाथों से उठा रही है



वहां बिखरे हुए शीशे हाथों में चुब गए हैं 

ऐसे ही पागलों की तरह वह किताबें उठाते हुए 



उसके हाथ लहू लहान है 

और वह जगह भी 

और जगह जगह बिखरे हुए शीशे के टुकड़े

और उसे देखकर लग रहा है कि जैसे उसे कोई होश नहीं

 बस वह उस जगह के सारे बिक्री हुई चीजों को

 समेट कर रखना चाहती है 

गहरी भारी सांस लेते हुए 

और घुटनों के बल खिसकते हुए 


और सर झुकते हुए 

 किताबों को जल्दबाजी में

सर उठाकर

अपने हाथों में पकड़े हुए कुछ किताब 

उठाते हुए

गिरे हुए बुक सेल के बगल साइड में 

 लहू लुहान किताबों को 

 रखते हुए


 और अचानक फिर हल्के मोड़ते हुए 

फिर से दूसरे किताब दोनों हाथ को जल्दबाजी में बढ़ते हुए किताबें को उठाने लगती है

 


पागलों की तरह रिएक्ट करते हुए 











और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में 

 कैफेट ऐरिया 

डॉक्टर देव और डॉक्टर हेड

 दोनों बाप बेटे खाने के प्लेट अपने दोनों हाथों में पढ़ते हुए लेकर 

कैफेटे ऐरिया में 

बैठकर खाने के लिए टेबल की तरफ

 अपनी कदम बढ़ाते हुए जा रहे हैं 





और तभी हॉस्पिटल हेड अपने बेटे से 

 बात करते हुए कहता है 


सुना की उस पेशेंट की परिवार आए थे 





और वही डॉक्टर देव अपनी कदम बढ़ाते हुए

 और हल्के नजर घूम कर

 अपने पिता की तरफ देखते हुए ठेहराउ भरी हल्की आवाज में कहता है 



 हां आया था





और वही डॉक्टर हेड अपने कदम बढ़ाकर 

आगे चलते हुए आगे सीरियस होकर कहता है 


तुमने बताया तो नहीं ना

 कि

 उसे पे जानलेवा हमला हुआ था 







और वही डॉक्टर देव अपने पिता से नजर हटाते हुए

 और आगे चलकर जाते हुए एक टेबल पर हल्के झुक कर अपने हाथ बरा कर हाथ में रखे हुए खाने के प्लेट को रखते हुए हॉकी ऊंची आवाज कहता है 


नहीं डैड



और यह कहते हुए वो उठ खड़ा होता है 

और हल्के साइड मोड़ते हुए

 फिर से हल्के झुकते हुए अपने हाथ बढ़कर 

 टेबल के सामने रखी हुई चेयर को अपने हाथ रखते हुए 

उसे खींचता है







और वही अस्पताल हेड भी दो कदम साइड चलकर 

मुरते हुए 

उस टेबल की दूसरी तरफ बढ़ते हैं 

और झुकते हुए अपना खाने के पलेट टेबल पर रखते हुए फल की भारी आवाज में कहता है 



और उसके पिता को 






और वही डॉक्टर देव चेयर को खींचतेहुए 

उठ खड़े होकर दो कदम आगे बढ़कर

 हल्के झुकते हुए

 चेयर पर बैठते हुए 

हल्के सर उठाकर अपने पिता की तरफ देखते हुए 

कहता है 


नों डैड




और वही उसके पिता भी टेवल पर खाने के प्लेट रखकर सीधे खड़े होते हुए 

थोड़ी साइड में मुरता है 

और अपने हाथ बराकर झुकते हुए 

चेयर को पकड़ कर खींचते हुए 

और फिर चेयर को अपने हाथों से छोड़ते हुए 

एक कदम आगे बढ़कर चेहरे पर बैठता है






और 

डॉक्टर देव चेयर पर बैठते हुए 

अपने हल्के हाथ खाने की प्लेट की तरफ बढ़ता है 

और अपने पिता को देखते हुए हल्की आवाज में कहता है 



 डैड मैंने सोचा आपने बताया होगा 






और तभी हॉस्पिटल हेड चेयर पर ठीक से बैठते हुए

 और अपने बेटे को देखते हुए 

अपने हाथ खाने की प्लेट की तरह बनता है 

और भारी आवाज में कहता है 


मैं नहीं बताया 




और फिर खाने के प्लेट में रखे हुए चम्मच को उठाता है 

और चम्मच उठते ही 

 खाना चम्मच से लेते हुऐ

 हाथ उठा अपने मुंह में चम्मच से खाना लेता है 







और वही डॉक्टर देव यह सुनते ही 

हल्के और परेशान होते हुए 

और खाने में रखी चम्मच की तरह अपने हाथ बढ़ते हुए 

अचानक से नजर अपने पिता पर टिकाते हुए 

हैरान होकर 

 अचानक घबराते हुए आवाज में कहता है 

 


क्या 





और वही हॉस्पिटल हेड चम्मच वाला हाथों के नीचे करते हुए

और हल्के खाना चबाते हुए 

अचानक रुक जाता है 

 मुंह में खाना को राउंड करते हुए

और गौर से अपने बेटा की तरफ देखा है 

और गंभीर आवाज में कहता है 




अगर बताया होता तो

 वह अभी अस्पताल में होता 

और यहां क्या होता पता नहीं







और वही डॉक्टर देव अपने पिता की बात सुनते हुए

अचानक जल्दबाजी भारी लहजे में कहता है



पर डैड आपने उसे नहीं बताया 

अगर उसे बाद में पताचल तो 






और यह सुनते हुए अस्पताल हेड 

हल्के पलके झुकते हुए

 अचानक से प्लेट पर चम्मच को हल्के रखते 

 उठने ठक ठकाते हुए 

 और अपने बेटे की बातों पर सोचते हुए 

अचानक पलके उठा कर 

अपने बेटे की तरफ देखा है 

 और हल्के सर हिलाते हुए हॉकी हामी भरता है 



हां 




और फिर अचानक अपने हाथ में रखे हुए 

चम्मच को 

हल्के अपने हाथ नीचे करते हुए 

 खाने की प्लेट में छोड़ते हुए

 अपने हल्के हाथ उठाता है 

और और दूसरा हाथ भी साइड से उठते हुए 

दोनों हाथ एक दूसरे के सामने लाते हुए 

अपने आगे दोनों हाथ को एक दूसरे से मिलते हुए बांध बनते हुए

 और सोचते हुए

कुछ सेकंड ठहर जाता है 







और 

डॉक्टर देव अपने हाथ वैसे ही चम्मच को पकड़ते हुए

 खान की प्लेट में दिखाते हुए 

अपने पिता की तरफ देख रहा है 






और तभी डॉक्टर हेड अपने बेटे की तरफ देखते हुए

इतनी और सच में पढ़ते हुए

 और हल्की सर राउंड करते हुए 

और दोनों हाथ बंधे हुए को भी हल्के राउंड करते हुए 

फिर से सर हामी में हिलाकर

आर्मी भरते हुए  


हा


गहरी सांस लेता है 

और भारी आवाज में कहता है 



हां उससे छिपाना मुश्किल है 

पर हम अभी बात भी दिए तो मुसीबत हो जाएगी 






और वही डॉक्टर देव अपने पिता की तरफ देख रहे हैं 

उनकी बातें सुनते हुए






और वही हॉस्पिटल हेड 

वैसे ही अपने बेटे की तरफ देखते हुए 

और अपने बांधे रखते हुए ही 

 अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए

 ठेहराऊ भरी भारी गंभीर लेहजे में कहता है 




जितने लोग यह बातें जानते थे

 सब कुछ रहने के लिए कह दिया गया है 


दुआ करो कि 

यह बातें बाहर ही ना जाए 


तो हमारे लिए अच्छा है 

अभिराज कैसा भी आदमी हो

 पर वह अपनी बेटी के मामले में सेंसिटिव है  









और वही डॉक्टर देव अपने पिता की बातें सुन 

वैसे ही प्लेट से उठाते हुए चम्मच को अपने हाथो पकरे 

रखते हुए 

 दूसरे हाथ भी पीछे से बढ़कर आगे लाते हुए 

 दाएं हाथ पे बाएं हाथ रखते 

और दाएं हाथ में चम्मच पकढ़ते सहित मुठिया

बांध लेता है 

 अपने पिता की तरफ देखते हुए









और वही हॉस्पिटल हेड कुछ सेकंड ठहरते हुए 

कुछ सेकेंड बाद 

आगे की तरह देखते हुए

सवालों में कहीं खोते हुए 

 अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए 

ठेहराऊ भरी भारी गंभीर लहजे ने कहता है 



अगर यह एक्सीडेंट किसी ने जान-बूझकर कीई है

 और उसकी जान लेने की भी कोशिश कीई जा रही है 

तो 

तो यकीन मानो की तबाही आने वाला है 







और वही डॉक्टर देव भी अपने पिता की बातें गंभीरता से सुन रहे हैं 

 उनके तरफ देखते हुए 

 और सोच में पढ़े  हैं 





और तभी यह कहते हुए अचानक से हॉस्पिटल हेड 

 अपनी नजर झुकता है 

और अचानक से बंधे हुए हाथों को खोलते हुए 

और धीरे धीरे हाथ को नीचे करते हुए 

और अपने बेटे की तरफ देखते हुए 

मुस्कुरा कर हल्की ऊंची आवाज में कहता है 



तुम लंच क्यों नहीं कर रहे 





और 

तभी अचानक डॉक्टर देव अपने पिता को यह कहते ही

सोचना छोड़

अचानक से लड़खरते हुए 

और अपने बंधे हुए हाथों को खोलते हुए 

हामी भरता है 


हां 



पिता की बातें सुनते हुए वह भी गहरी सोच में डूब गया था 






और तभी हॉस्पिटल हेड  

अपने बेटे के ऐसे करते देख 

एक लंबी मुस्कान मुस्कुराता है






 और तभी अचानक से देव भी मुस्कुराते हुए 

अपने हाथ नीचे करते हुए 

और खाने के लिए हल्की सर झुकाते हुए 

और चम्मच वाले हाथ को

खाना खाने के लिए प्लेट की तरह बढ़ता है

कुछ सोचते हुए

 



और वही हॉस्पिटल हेड़ भी

अपने बेटे को देखते हुए मुस्कुराते हुए 

कहता है 


सुनो देव 





और 

तभी अचानक से डॉक्टर देव 

प्लेट में चम्मच बढ़कर रखते ही 

अपनी सोच से बाहर आते हुए 

अचानक से रिएक्ट करते हुए  

और हार्मी भरते हुए 


हां 


और सर उठाते हुए 

अपने पिता की तरफ देखा है






और वही देव के पिता मुस्कुराते हुए 

 अचानक शांत हो जाता है 

और उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा है 


वह शांत होकर बिना मुस्कुराहट के 

अपने बेटा की तरफ देखते हुए 

गंभीरता से उसकी चिंता करते हुए शांत लहजे में कहता है 


अपना भी ख्याल रखो



 

और वही देव भी

 खाने के प्लेट में वैसे ही अपने हाथों में पकड़े हुए चम्मच रखते हुए 

 अपने पिता की तरफ गंभीरता से देखने लगता है











और वही मेघना की दुनिया में 

मेघना अस्पताल में खड़ी है 

 अपने लहू लहान बॉडी के साथ 

 उसने कपड़े तो बदले हैं 

 पर उसके सर और बॉडी से अब भी कहीं कट की वजह से खून जा रहा है 

वह अस्पताल की ऊपरी फ्लोर पर लोभी में खड़ा है 

बिना भाव के चुपचाप शांत सीधी भूत की तरह





और वहीं दूसरी तरफ मेघना सामने ही 

सात आठ कदम दूर मेगना के पर्सनल डॉक्टर खड़े हैं 

ऐसा लग रहा है 

 कि मेघना को देखते ही 

वह सोक हो गया है 

उसकी पैरे वही जर हो गया है

वो मेघना को गंभीरता से देखे जा रहा है 

 उसके लहू लहान चेहरे 

और उसके बिना रिएक्ट करते हुए भाऊ को













और वहीं दूसरी तरफ 

 रिया समुद्र के किनारे कुछ दूर पढ़ने वाले सड़क पर

अपनी कार रोकती है 

उसके आंखों में चश्मा लगा हुआ है 

 और उसका चेहरा गंभीर 


और वह कार के हैंडल छोड़ते ही 

गियर से अपने पैर हटाते हुए 

और अचानक से जल्दबाजी में मूर्ति है 

और कार के दरवाजे की तरफ देते हुए 

अपने हाथ बढ़ती है 

 और अपने हाथो से कार की दरवाजा को पकड़ कर 

खोलते हुए 

 बाहर की तरफ देखती है 

हल्के झुकते हुए

और हल्के अपनी दाईं कदम बढ़ाते हुए 

और अपने हाथों से दरवाजा पढ़ते हुए ही 


और देखते हुए। वो बाहर की तरफ देखती है 

 उसका बॉयफ्रेंड




और वही बाहर कुछ दुर में रिया की बॉयफ्रेंड रिया के कार की तरफ 

और रिया को सांथ निगाहों से देखते हुए खड़ा है 



जैसे कि वह उसका इंतजार कर रहा है 














और वहीं धीरे-धीरे समय बिता गया कुछ समय बाद 

दूसरी तरफ मेघना की दुनिया में 


मेघना एक डॉक्टर की केविन में है 

बैठी हुई है 

चेयर पर इसकी बाहरी जख्मों की इलाज हो चुकी है 



 और अब उसके सामने डैक्स की दूसरी

 साइड शुरुआत वाले डॉक्टर 

  साइकेटर्स बैठे हैं 





और वही मेघना के आंखों में भर्ती हुई आंसू है 

और उसकी बॉडी थरथराहट से

और उसके सर पर लगी हुई पट्टी है 

उसके हाथों में और कंधे पर भी 


और जगह जगह में छोटी-मोटी चोट 

और खरोचे लगे हुए हैं 


 वह दोनों कापते हुए हाथ हल्के उठा कर लहराते हुए 

और चेहरे को सिकोड़ते हुए 

अजीब रिएक्ट करते हुए 

घबराहट मे लड़खाराते हुए जुबान से कहती है 



ए डॉन'टी नो

 क्या हो रहा है मुझे नहीं पता 

 मे। मेरे साथ क्या हो रहा है डॉक्टर

 




और वही डॉक्टर टेबल पर अपने दोनों हाथ रखते हुए 

गहरी आंखों से मेघने को देखते हुए

 इसकी बातें सुन रहा है





और वही मेघना रोते हुए

 और घबराहट मे 

 आंखें और चेहरे को सिकोड़ते हुई 

और हल्की और कापते हुए हाथों को  उठाकर हाथ को हवा में

 राउंड करके रिएक्ट करते हुए 

लड़खरते हुए जुबान से कहता है 




वह जो 

वह जो मैंने देखा 

वह आवाज

यह कहते हुए 

उसकी पूरी बडी थरथाराहट से भर चुकी है

और वो अचानक से हाथों से रिएक्ट करते हुए 

और धीरे-धीरे कर को नीचे करते हुए 

रोते हुए कहती है


ए डॉन'टी नो मुझे नहीं पता क्या है 

पर 



और फिर यह कहते हुए 

अचानक से मेघना अपने सर झुकाते हुए ही 

अपने रिएक्ट करते हुए हाथ को साइड ऊपर लेते हुए

 अपने बालों को जोर से पकड़ लेती है

 और बाल को खींचते हुए

हल्के सर को राउंड करते हुए 

रिएक्ट करने लगती है

और हल्की आंखों को सिकोड़ते हुए 

और रोते हुए लड़खराते हुए जुबान से

कहती है 



मुझे सच में कुछ नहीं समझ में आ रहा है 

डॉक्टर

मैं क्या करूं 



और यह कहते हुए अचानक से

अचानक से चेहरे को सिकोड़ते हुए

और आंखें बंद करते हुए

और हल्के सर खिलाकर राउंड करते हुए 

 उठाती है

 जोर-जोर से रोने लगती है 



उसके साथ जो हो रही है

 उसे वह लफ्जों में बयां नहीं कर पा रही

 उसे क्या कहते हैं 

उसे यह भी नहीं पता 






और तभी डॉक्टर उसे देखते हुए

 भाबूक हो जाता है

और अपनी ठहरे हुए हाथों को 

हल्के डेवल से उठाते हुए 

मेघना की तरफ बढ़ता है 

और संवेदना भारी लफ्जों में कहता है 



जस्ट रिलैक्स मेघना 






और वही मेघना

चेहरे सिकोड़ कर आंखें बंद करते हुए ही 

 हल्के बाल को खींचते हुए 

धीरे-धीरे बाल से अपने हाथ हटाते हुए 

अपने दोनों हाथों को पूरी तरह से चेहरे पर रखते हुए

 शिशक शिशक का चेहरा झुकते हुए रोने लगती है 






और वही डॉक्टर 

अपने हाथ बढ़ाते हुए 

मेघना के कंधे पर रखता है 

और उसे रिलैक्स होने के लिए 

 हल्की कंधे पर थपथपाते हुए 

उसे रिलैक्स करने की कोशिश करता है



अक्सर डिप्रेशन में रहने वाले लोगों के साथ ऐसा होता है

 एक गहरा भरम




पर वही मेघना बस राई जा रही है

 शिशक शिशक कर 

अपने चेहरे को हाथों से दबाते हुए 

और सर को नीचे करते हुए 







  और वही डॉक्टर को भी नहीं समझ पा रहा है 

 कि तुरंत इसकी डिप्रेशन इतनी ज्यादा कैसे बर सकती है 

फिलहाल अभी कुछ दिन पहले तो 

बस इसमें एंजायटी और डिप्रेशन की लक्षण थे 


जिसके वजह से इसे जीना व्यर्थ लगा रही थी 



पर तुरंत यह हालत इतना कैसे बदल गई

 कि यह सचमुच में खुद को नुकसान पहुंच रही है 


डॉक्टर को लगता है

 कि उसे वह चोट जो लगी है 

वह उसने खुद को ही पहुंचा है 


और जो वह देख रही है उसके दिमाग के रिफ्लेक्शन है 

वह सारे दर्द जो 

उसने अंदर में दबा के रखा 

उसके वजह से उसे भ्रम हो रहा है 














और वहीं दूसरी तरफ रिया उसके बॉयफ्रेंड से मिलने गई है 

वह शहर के बाहर एक पुल के पास खड़ी है


 अपने बॉयफ्रेंड के साथ 

उसका बॉयफ्रेंड दोनों हाथ पुल पर रखते हुए 

नीचे बहती हुई समुद्र को देख रहा है 




और वही रिया दोनों हाथ पीछे की तरफ पुल पर रखते हुए समुद्र के अपोजिट साइड देखते हुए

गंभीर और ठंडी चेहरा लिए

और फिर कुछ सेकंड बाद 

हल्की कर उठा कर आसमान की तरफ देखती है

 ठंडी लेहजे में 

ठेहराऊ भारी लफ्जों के साथ कहती है 


मैं आज ही वापस जा रही हूं 




और यह कहते हैं हल्की वो आसमान से देखते हुए 

 सर नीचे करती है




और वही

उसका बॉयफ्रेंड यह सुनते ही

 अचानक से हल्के सर घूमर रिया की तरफ देखा है

साथ चेहरे और खामोश नजरों के साथ 




और वही रिया यह कहते हुए

 बिल्कुल शांत हो जाती है

आगे की तरफ देखते हुए

 जैसे कि उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहे हो 





अगर यह कहानी आप सबको अच्छे लगे तो आगे पढ़ते रहिए 

मैं आपके प्रिय लेखक अभिनिशा ❤️🦋💯