हंस और कौवा DINESH KUMAR KEER द्वारा बाल कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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हंस और कौवा

हंस और कौवा की प्रवृत्ति

एक समय की बात है, एक जंगल में एक शेर रहता था। वह जंगल का राजा था और सभी जानवर उसकी बात मानते थे। लेकिन शेर बहुत ही क्रूर था और वह अपने शिकार को मारने के लिए हमेशा तैयार रहता था।

एक दिन, एक हंस शेर के पास आया और कहा, "हे शेर, आप जंगल के राजा हैं और आपकी शक्ति बहुत महान है। लेकिन आपकी क्रूरता से जंगल के जानवर बहुत दुखी हैं। आप क्यों नहीं अपनी शक्ति का उपयोग जंगल के जानवरों की रक्षा करने में करते?"

शेर ने हंस की बात सुनी और सोचा कि वह सही कह रहा है। शेर ने अपनी क्रूरता छोड़ दी और जंगल के जानवरों की रक्षा करने लगा।

कुछ दिनों बाद, एक कौवा शेर के पास आया और कहा, "हे शेर, आप जंगल के राजा हैं और आपकी शक्ति बहुत महान है। आप क्यों नहीं अपनी शक्ति का उपयोग जंगल के जानवरों को मारने में करते? इससे आपका पेट भर जाएगा और आप जंगल के सबसे शक्तिशाली जानवर बन जाएंगे।"

शेर ने कौवा की बात सुनी और सोचा कि वह गलत कह रहा है। शेर ने कौवा को कहा, "मैं अब जंगल के जानवरों की रक्षा करने के लिए काम कर रहा हूं। मैं अपनी शक्ति का उपयोग किसी को मारने में नहीं करूंगा।"

शिक्षा:

1. *हंस और कौवा की प्रवृत्ति*: हंस अच्छे इरादे वाले होते हैं और कौवा बुरे इरादे वाले।

2. *सकारात्मक सोच*: हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और जीवन में अच्छे काम करने चाहिए।

3. *बुराई से बचना*: हमें बुराई से बचना चाहिए और बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।

जीवन में अनुप्रयोग:

1. *अच्छे लोगों का साथ*: हमें अच्छे लोगों का साथ करना चाहिए और उनकी संगति में रहना चाहिए।

2. *सकारात्मक सोच*: हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और जीवन में अच्छे काम करने चाहिए।

3. *बुराई से बचना*: हमें बुराई से बचना चाहिए और बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।




 हंस और कौवा की प्रवृत्ति

एक समय की बात है, एक जंगल में एक शेर रहता था। वह जंगल का राजा था और सभी जानवर उसकी बात मानते थे। लेकिन शेर बहुत ही क्रूर था और वह अपने शिकार को मारने के लिए हमेशा तैयार रहता था।

एक दिन, एक हंस शेर के पास आया और कहा, "हे शेर, आप जंगल के राजा हैं और आपकी शक्ति बहुत महान है। लेकिन आपकी क्रूरता से जंगल के जानवर बहुत दुखी हैं। आप क्यों नहीं अपनी शक्ति का उपयोग जंगल के जानवरों की रक्षा करने में करते?

"शेर ने हंस की बात सुनी और सोचा कि वह सही कह रहा है। शेर ने अपनी क्रूरता छोड़ दी और जंगल के जानवरों की रक्षा करने लगा।

कुछ दिनों बाद, एक कौवा शेर के पास आया और कहा, "हे शेर, आप जंगल के राजा हैं और आपकी शक्ति बहुत महान है। आप क्यों नहीं अपनी शक्ति का उपयोग जंगल के जानवरों को मारने में करते? इससे आपका पेट भर जाएगा और आप जंगल के सबसे शक्तिशाली जानवर बन जाएंगे।"

शेर ने कौवा की बात सुनी और सोचा कि वह गलत कह रहा है। शेर ने कौवा को कहा, "मैं अब जंगल के जानवरों की रक्षा करने के लिए काम कर रहा हूं। मैं अपनी शक्ति का उपयोग किसी को मारने में नहीं करूंगा।"

शिक्षा:

1. *हंस और कौवा की प्रवृत्ति*: हंस अच्छे इरादे वाले होते हैं और कौवा बुरे इरादे वाले।

2. *सकारात्मक सोच*: हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और जीवन में अच्छे काम करने चाहिए।

3. *बुराई से बचना*: हमें बुराई से बचना चाहिए और बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।

जीवन में अनुप्रयोग:

1. *अच्छे लोगों का साथ*: हमें अच्छे लोगों का साथ करना चाहिए और उनकी संगति में रहना चाहिए।

2. *सकारात्मक सोच*: हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और जीवन में अच्छे काम करने चाहिए।

3. *बुराई से बचना*: हमें बुराई से बचना चाहिए और बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।