हिंदी बाल कथाएँ कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

दानी की कहानी
द्वारा Pranava Bharti

"अकल बड़ी या भैंस? इसका अर्थ मालूम है" दानी ने पूछा। "जी, दानी इसका अर्थ तो बहुत आसान है।" " ठीक है तो रोजी जी आप बता दीजिए।" "अब ...

दानी की कहानी
द्वारा Pranava Bharti

"क्या ढूंढ रही हो राधा" दानी ने पूछा तो राधा ने मुस्कुरा कर कहा : "दानी मैं नौ मन तेल ढूंढ रही हूँ " दानी ने हंसकर पूछा : ...

मम्मी का टॉमी
द्वारा Udita Mishra

किसी समय एक शहर में जाने-माने जज साहब का तबादला हुआ था वो अपने परिवार के साथरहने आएं उन‍के परिवार में उनकी पत्‍नी और तीन बच्‍चे सबसे बड़े बेटे ...

दानी की कहानी
द्वारा Pranava Bharti

-------------------- बड़े दिन हो गए बच्चों ने दानी की कहानी नहीं सुनी | चलें आज तो उनको कहानी सुनानी ही होगी वरना बच्चे दानी से नाराज़ होने में कहाँ ...

गुड़ की मिठास
द्वारा Asha Saraswat

बाल कहानी—गुड़ की मिठास मेरठ के पास एक छोटे से गॉंव में एक गुड़ बेचने वाला अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रहता था । उसका नाम रामलाल ...

क्रोध (ग़ुस्सा)
द्वारा Asha Saraswat

बाल कहानी-क्रोध (ग़ुस्सा) आज ज में ब ऋतु स्कूल जा रही थी तब वह बहुत उदास थी,स्कूल में पहुँचने के बाद भी उसका किसी काम में मन नहीं लग ...

ब्रह्मराक्षस का नाई
द्वारा Appu Raja

एक हज्जाम था ।काम का न काज का दुश्मन अनाज काउस पर उधार था पैसा बजाज काहजामत का हुनर न न हुनर मसाज काकाम का न काज का दुश्मन ...

आई हेट यू, पापा!
द्वारा Anand Vishvas

आई हेट यू, पापा! -आनन्द विश्वास कबीर के घर से कुछ दूरी पर ही स्थित है सन्त श्री शिवानन्द जी का आश्रम। दिव्य अलौकिक शक्ति का धाम। शान्त, सुन्दर ...

भूरिया और मिनका
द्वारा Monty Khandelwal

एक गांव में भूरिया और मीनका रहते थेभूरिया एक कुत्ते का नाम है और मीनका एक बिल्ली कावे दोनों बहुत ही अच्छे मित्र थे | मीनका जब छोटा था ...

देवम की चतुराई
द्वारा Anand Vishvas

देवम की चतुराई -आनन्द विश्वास बहुत दिनों से देवम और उसकी मम्मी की इच्छा सोमनाथ-दर्शन की हो रही थी। पर कभी तो देवम के पापा के ऑफिस का काम, ...

डोर टू डोर कैंपेन - (अंतिम भाग)
द्वारा Prabodh Kumar Govil

जंगल में इतना दिलचस्प मुकाबला आज तक कभी नहीं हुआ था। लोगों में ग़ज़ब का उत्साह था। नदी के दोनों किनारे दर्शकों से खचाखच भर चुके थे। जानवर तो ...

तिरंगा झंडा
द्वारा karan kumar

तारीख 24 और जनवरी का महीना था पूरी कड़ाके की ठण्ड पड़ रही थी।एक 60 62 साल का व्यक्ति पिछले 2 घंटे से बार बार घडी को देख रहा ...

डोर टू डोर कैंपेन - 6
द्वारा Prabodh Kumar Govil

आज मामला कुछ टेढ़ा था। आज डोर टू डोर कैंपेन के लिए कुत्तों के दल ने एक बड़े तालाब के किनारे मगरमच्छ के पास जाने का विचार किया था।कुत्तों ...

डोर टू डोर कैंपेन - 5
द्वारा Prabodh Kumar Govil

लेकिन आज कुत्तों का असली इम्तहान था। आज वो जहां जाने वाले थे वहां अपनी बात समझा पाना टेढ़ी खीर थी।आज उन्होंने भैंस के घर जाने का प्लान बनाया ...

डोर टू डोर कैंपेन - 4
द्वारा Prabodh Kumar Govil

( 4 )उन्हें ये सुन कर सुखद आश्चर्य हुआ कि अब जानवरों की दुनिया में भी लोकतंत्र आने को है और उसे शेर की मंजूरी भी मिल चुकी है।हाथी ...

डोर टू डोर कैंपेन - 3
द्वारा Prabodh Kumar Govil

( 3 )नन्हा पॉमेरियन जैसे ही कुत्तों की टोली में पहुंचा उसने एक सांस में सारी कहानी सबको सुना डाली। उसकी बात सुन कर सारे ख़ुशी से उछलने लगे। ...

अबोध बालक
द्वारा Anand Vishvas

 अबोध बालक -आनन्द विश्वास कबीर का घर स्कूल से थोड़ी ही दूरी पर है। वह अक्सर अपने साथियों के साथ पैदल ही या कभी-कभी साइकिल से स्कूल आया-जाया करता ...

डोर टू डोर कैंपेन - 2
द्वारा Prabodh Kumar Govil

( 2 )आख़िर कुत्तों के वार्तालाप का असर पड़ा। उनके कुछ सियार और लोमड़ी जैसे मित्र कहने लगे- बिल्कुल ठीक बात है, आप लोग चाहें तो कुछ भी कर ...

बर्थ-डे गिफ्ट
द्वारा Anand Vishvas

बर्थ-डे गिफ्ट -आनन्द विश्वास बच्चों को कुछ भी याद रहे या न रहे, पर वे अपना बर्थ-डे तो कभी भी भूलते ही नही और उसकी तैयारी में तो वे ...

स्कूल पिकनिक
द्वारा Anand Vishvas

“स्कूल पिकनिक” -आनन्द विश्वास जिस दिन बच्चों को पढ़ना न पड़े और मौज-मस्ती, सैर-सपाटा करने का मौका मिले, उस दिन से अच्छा दिन और कौन-सा हो सकता है, बच्चों ...

डोर टू डोर कैंपेन - 1
द्वारा Prabodh Kumar Govil

( 1 )दुनिया भर में लोग कुत्ते पालने का शौक़ सबसे ज़्यादा रखते हैं। हज़ारों नस्लों के छोटे - बड़े डॉगी इंसानों के पसंदीदा मित्र बन कर उनके पालतू ...

फूल नहीं तोड़ेंगे हम
द्वारा Anand Vishvas

"फूल नहीं तोड़ेंगे हम" -आनन्द विश्वास 14 नवम्बर, बाल दिवस, बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू का जन्म-दिवस, कबीर के स्कूल में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। सभी ...

श्री क्षय पारो
द्वारा Anand Vishvas

"श्री क्षय पारो" -आनन्द विश्वास सोसायटी के ग्राउन्ड में कबीर और उसके साथी क्रिकेट खेल रहे थे। कबीर बैटिंग कर रहा था, अधिक ज़ोर से शॉट लगने के कारण ...

चिड़िया फुर्र..
द्वारा Anand Vishvas

चिड़िया फुर्र.. -आनन्द विश्वास अभी दो चार दिनों से कबीर के घर के बरामदे में चिड़ियों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही हो गई थी। चिड़ियाँ तिनके लेकर आती, उन्हें ...

एक आने के दो समोसे
द्वारा Anand Vishvas

“एक आने के दो समोसे” -आनन्द विश्वास बात उन दिनों की है जब एक आने के दो समोसे आते थे और एक रुपये का सोलह सेर गुड़। अठन्नी-चवन्नी का ...

जंगल चला शहर होने - 13 (अंतिम भाग)
द्वारा Prabodh Kumar Govil

चर्चा जारी थी।तभी राजा साहब ने कहा - क्या ये सब समस्याएं इंसानों में नहीं आतीं? वो भी तो अलग अलग रंग, आकार और हैसियत के होते हैं? वो ...

जंगल चला शहर होने - 12
द्वारा Prabodh Kumar Govil

कारागार बेहद मज़बूत और विशाल बनाया गया था। जल्दी ही बन कर तैयार भी हो गया।लेकिन फ़िर एक गड़बड़ हुई। खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली कहावत ही चरितार्थ हो ...

जंगल चला शहर होने - 11
द्वारा Prabodh Kumar Govil

कुछ देर बाद जब सारे परिंदे तितर- बितर हो गए तो मायूस मोर भी मुंह लटका कर अपने घर चला आया। मांद महल का घेराव करके अपनी बात मनवाने ...

जंगल चला शहर होने - 10
द्वारा Prabodh Kumar Govil

नौ भालू थे।लाइन से एक के पीछे एक ट्रैक्टर लिए चले जा रहे थे। जो भी देखता, सोचता - ज़रूर कुछ बड़ा होने वाला है जंगल में। बात थी ...

जंगल चला शहर होने - 9
द्वारा Prabodh Kumar Govil

जैसे ही जिराफ़ को पता चला कि मॉल में बुल फाइट के लिए मैदान बनवा लेने पर हर साल बहुत सारा रुपया किराए के रूप में मिलेगा तो उसके ...

जंगल चला शहर होने - 8
द्वारा Prabodh Kumar Govil

रानी साहिबा ने अपने मांद महल के एक किनारे पर फूलों का एक बेहद खूबसूरत बगीचा बनवा लिया था जिसमें वो अक्सर चहलकदमी किया करती थीं।एक दिन वो सुबह ...

जंगल चला शहर होने - 7
द्वारा Prabodh Kumar Govil

पुलिस सूत्रों और जेब्रा ने काफ़ी देर तक ढूंढने की कोशिश की। इलाके का चप्पा चप्पा छान मारा पर भेड़िए का कुछ पता न चला।न जाने ज़मीन खा गई ...