हिंदी बाल कथाएँ कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

डरावना ख्वाब
द्वारा Salim Choudhary

आज ईद की चाँद रात है और कल ईद है हम सब बच्चे कल के लिए बहुत ही ज्यादा खुश है हम  लोग इफ्तारी के बाद ईद का चाँद ...

नकलची मोनू
द्वारा RACHNA ROY

मोनू ग्यारह साल का है और कक्षा सात का छात्र है। मोनू में एक खराब आदत है वह सबकी नकल किया करता है। चाहें वो बड़ा हो या छोटा। ...

छिपी हुई मदद
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक दिन सुबह होते ही एक आदमी और एक छोटी बच्चे प्रवेश करे | दोनों इधर उधर कुछ खोज रहे थे | दोनों कुछ परेशान लग रहे ...

दोस्ती मिलन
द्वारा Vishnu Dabhi

            ऊंचे पहाड़ और वहां से निकल हुई नदिया, बड़े बड़े पेड़ , पौधे से भरा एक जंगल था| पक्षी ओ की मधुर संगीत ...

प्रकृति की संतान
द्वारा Sandeep Shrivastava

कूकी कोयल सारे रघुवन में बड़ी चिंता में यहाँ वहां घूम रही थी | कभी इस पेड़ तो कभी उस पेड़ पे उड़ती बैठती थी | फिर एक घने ...

तोता और आम
द्वारा Abhinav Bajpai

आंख खुली तो मैं चारपाई पर लेटा हुआ था। और मेरे चारों तरफ परिवार वाले मुझे घेर कर बैठे हुए थे, बाई तरफ चारपाई पर दादी बैठी सिर पर ...

ज़ेब्रा क्रासिंग
द्वारा Sandeep Shrivastava

"रघुवन में दोपहर का समय था| झबरु ज़ेब्रा झाडिओं के बीच मजे से हरी हरी घास चर रहा था | टोनू तोता उसकी पीठ पे बैठा, अपनी चोंच से ...

कर्मफल
द्वारा Asha Saraswat

       खेत में गेहूं काटने का समय था ।प्रतिदिन खेतों में किसान गेहूं काटते और इकट्ठे करके खेत में ही रख दिया करते ।जब खेत में गेहूं पड़े ...

शाकाहारी शेर
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन के शेर, शेरसिंह का आजकल हाल बहुत बुरा था| एक तो बढ़ती आयु के कारण पहले जैसी चुस्ती फुर्ती नहीं रही, दूसरे एक दिन शिकार करते हुए उसके ...

नमक का क़र्ज़
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन में नदी किनारे दो पदयात्री,अपना भोजन करने के लिए बैठे थे| उनके पास भोजन से भरा हुआ एक डिब्बा था| जैसे ही उनमें से एक ने वो डिब्बा ...

शुभि (10) अंतिम भाग
द्वारा Asha Saraswat

शुभि  अंतिम भाग            प्रार्थना में प्रधानाध्यापक जी ने बताया कि आज से तीन दिन का स्काउट शिविर लगेगा, जिन बच्चों के नाम बोले जा रहे ...

अन्तरिक्ष में पाखी
द्वारा RACHNA ROY

पाखी एक बड़ी ही प्यारी सी चंचल लड़की थी। अपने मम्मी पापा की सबसे प्यारी बेटी। इकलौती संतान थी पर कभी कोई नखरे नहीं थे पाखी के। अपने ही ...

मीठे अंगूर - खट्टे अंगूर
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन की छोटी पहाड़ी पर जो फूलों की बगिया है, उस पर पेड़ोंपर अंगूर के रसीले गुच्छे लगे हुए थे।अंगूर खाने के लालच में उधर कई जानवरों का आना ...

मित्रता का कर्त्तव्य
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन के दो बंदर, सोनू और मोनू बहुत अच्छे मित्र थे | दोनों हमेशा साथ साथ रहते थे| उनका खाना पीना, घूमना फिरना, सोना जागना सब साथ में ही ...

शुभि (9)
द्वारा Asha Saraswat

        शुभि (9)       आज शुभि का मन बहुत ख़राब था ,पढ़ाई में भी उसका बिलकुल मन नहीं लगा ।बार-बार उसकी ऑंखें ऑंसुओं से गीली ...

दानी की कहानी - 4 - मूल से प्यारा ब्याज़
द्वारा Pranava Bharti

दानी की कहानी(मूल से प्यारा ब्याज़ ) --------------------------------     समय के गुजरने के साथ दानी हमें तो और भी सचेत लगती हैं | मम्मी कहती हैं ; "हमने ...

सोहबत
द्वारा padma sharma

सोहबत पिताजी की आवाज नीरवता को भंग करती चली गई। वे जोर से चिल्ला रहे थे-"क्या कहा, तू आगे नहीं पढ़ेगा ? पढ़ेगा नहीं तो और क्या करेगा? तू ...

जुर्रत
द्वारा padma sharma

जुर्रत कोठी कैम्पस का सन्नाटा बच्चों के शोरगुल से टूट गया। सारे बच्चे मजे करने के लिए कोठी की चहारदीवारी फांद के भीतर जा पहुँचे थेबच्चों की छुट्टियों के ...

मोर पंख
द्वारा Sandeep Shrivastava

 रघुवन के मेरु मोर को जबसे पता चला है कि वो भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है तब से उसके स्वभाव की अकड़न कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी।हर ...

शुभि (8)
द्वारा Asha Saraswat

    शुभि (8)        दादी जी..दादी जी..बाहर से आवाज़ आ रही थी शुभि ने बाहर जाकर देखा तो सुभाष भैया दरवाज़े पर खड़े थे ।भैया के ...

तहजीब
द्वारा padma sharma

तहजीब शहर के प्रसिद्ध सिनेमा हॉल के सामने भीड़ जमा थी। सम्पूर्ण देशवासियों के प्रतीक के रूप में हर वर्ग, हर पेशे तथा हर धर्म के लोग यहाँ उपस्थित ...

भ्रम का भूत
द्वारा Asha Saraswat

          भ्रम का भूत     सीमा का घर गली के अंत में था। जब कभी भी बिजली गुल हो जाती तो घर में बहुत गर्मी ...

भगवान की लाठी
द्वारा Sandeep Shrivastava

“भगवान की लाठी “रघुवन में कीटु लकड़बग्घा की धृष्टता प्रतिदिन बढ़ती जा रहीं थीं। धृष्टता क्या, सच कहें तो अपराध बढ़ते जा रहे थे। दूसरों को हानि पहुंचा कर ...

जीवन का मूलमंत्र
द्वारा padma sharma

जीवन का मूलमंत्र "ट्यूशन की फीस तो इतनी लेते हैं लेकिन स्कूल की तरह यहाँ भी न तो पूरा कोर्स कराते, न हरेक को ठीक से समझाते हैं।" गुंजन ...

भालू का अपहरण
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन का भोलू भालू शिकारियों के जाल में फंस चुका था| जैसे ही शिकारियों के लगाए हुए जाल पर उसने पैर  रखा एक शिकारी ने अपनी बन्दुक से रंग ...

शुभि (7)
द्वारा Asha Saraswat

    शुभि (7)        सुबह से ही घर में चहल-पहल शुरू हो गई थी ।पिताजी एक व्यक्ति को लिस्ट देख कर सामान दे रहे थे तभी ...

एक शिकार दो शिकारी
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन में आम के फलों का मौसम था| हर आम के पेड़ पर रस भरे आम लदे हुए थे| भूखी लाली लोमड़ी कुछ खाने की तलाश में इधर उधर ...

दानी की कहानी - 3 - गोलू--मुन्ना
द्वारा Pranava Bharti

गोलू--मुन्ना  (दानी की कहानी ) ---------------------------      दानी की अम्मा जी भी एक स्कूल की प्रधानाचार्य थीं | पूरा पढ़ाकू माहौल ! अब भला बच्चों की तो ऐसी-तैसी होगी ही ...

डायनासौर का बच्चा
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक दुपहर बहुत शांति थी।  रेंचो खरगोश भोजन के बाद झाड़ियों में दुबक कर झपकी मार रहा था | तभी अचानक उसे किसी के जोर जोर से ...

शुभि (6)
द्वारा Asha Saraswat

    शुभि (6)            बहुत दिनों से शुभि देख रही थी कि घर में सब लोग व्यस्त हैं ।मॉं सुबह का नाश्ता फिर खाना ...

चमकती तितली
द्वारा Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक चांदी जैसी चमकती तितली थी। उसका नाम था चंदा। वो फुलवारी में जाके रोज फूलों से पराग पीती और यहाँ वहां उड़ती रहती थी। सभी उसे ...

दानी की कहानी - 2 - महाशिवरात्रि पर कुछ प्रश्न !
द्वारा Pranava Bharti

दानी की कहानी  ------------------ महाशिवरात्रि पर कुछ प्रश्न ! -------------------------             दानी हर घर में होती हैं यदि परिवार एकसाथ,एकजुट होकर रहे |बच्चों की ...