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    आई तो आई कहाँ से - 5
    by Dr Sudha Gupta
    • (1)
    • 35

    आरुषि ने कहा - माँ, कहानी l ओफ्फो, आज ऐसे ही सो जाओ l न न, न्यू कहानी l कहाँ से लाऊँ न्यू कहानी ? अरे, दादी से ले लिया ...

    आपका बच्चा कमाल् का है
    by r k lal
    • (15)
    • 127

    आपका बच्चा कमाल्  का है                                       आर0 के 0 लाल   आज आभास को फिर से पुरस्कार मिला, उसके माता पिता को भी स्टेज पर बुलाया गया और उनकी ...

    शनिवार का दिन
    by DHIRENDRA BISHT DHiR
    • (4)
    • 175

    कहानी का सारांश :      इस कहानी में केवल एक शनिवार के दिन का वर्णन किया है। कहानी में मुख्य भूमिका एक नन्हे बालक की है। जो अपने ...

    आई तो आई कहाँ से - 4
    by Dr Sudha Gupta
    • (3)
    • 49

    छुट्टियां समाप्त हो गईं और स्कूल प्रारम्भ हो गए l सुबह जल्दी उठकर आरुषि तैयार हो गई l फटाफट बैग चैक  किया l माँ ने टिफिन लगाया, आरुषि की ...

    आई तो आई कहाँ से - 3
    by Dr Sudha Gupta
    • (6)
    • 52

    सुबह सारे बच्चे देर से जागे l पंकज नहा - धोकर प्रिंस के घर आ गया l प्रिंस, क्या तू अभी तक तैयार नहीं हुआ ? होता हूँ यार, ...

    आई तो आई कहाँ से - 2
    by Dr Sudha Gupta
    • (6)
    • 77

    गर्मी की छुट्टियों में माँ ने पिकनिक पर चलने का कार्यक्रम बनाया l आरुषि बोली - क्यों ना माँ, इस बार मेरे सारे दोस्तों को भी साथ ले चलते ...

    आई तो आई कहाँ से - 1
    by Dr Sudha Gupta
    • (12)
    • 117

    आरुषि ........ आरुषि ........ हाँ मम्मा, मैं यहाँ हूँ l अपनी गुड़िया के साथ खेल रही हूँ l अच्छा, अच्छा अब जल्दी से तैयार हो जा, शाम हो गई ...

    गुब्बारे की हवा
    by r k lal
    • (17)
    • 186

    गुब्बारे की हवा               आर0 के0 लाल             अपनी बर्थडे की उमंग में गुब्बारे फुलाते हुए मेरे सात वर्षीय पोते ने पूछा- “ बाबा मेरी पार्टी में आपके ...

    चिड़िया रानी - (बाल साहित्य)
    by Rakesh kumar pandey Sagar
    • (7)
    • 132

    प्रिय मित्रों,               आज छत के बारजे पर बैठकर आसमान में टकटकी लगाए कुछ देख रहा था कि पंक्षियों का एक समूह छत ...

    खुशियों के फूल
    by Dr.Desh bandhu
    • (2)
    • 75

    कल होली थी | सौरभ और सुरभि अपने पापा के साथ बाजार से ढेर सारा गुलाल, रंग, पिचकारी, मिठाई आदि लेकर आए थे | दरवाजे पर कदम रखते ही ...

    लगे नाचने अक्षर
    by manohar chamoli manu
    • (3)
    • 148

    लगे नाचने अक्षर -मनोहर चमोली ‘मनु’ वेलिया ने स्कूल से मिला होमवर्क पूरा किया। स्कूल बैग खोला। पेंसिल-काॅपियां रखकर वह खेलने चली गई। वेलिया के जाते ही अक्षर और पेंसिल ...

    अपनेइंडाॅव बनूंगी
    by manohar chamoli manu
    • (5)
    • 103

    पात्र परिचयपीहू- एक छात्राचंद्रमोहन-पीहू के पिताजगमोहन - पीहू के चाचासविता-पीहू की चाचीरामसखा-पीहू के दादाकमला-पीहू की दादीसोनिया-पीहू की बुआ परदा उठता है (ड्राइंगरूम का दृश्य। पीहू और चंद्रमोहन मंच के ...

    गाँव वाला अंग्रेजी स्कूल
    by Pranjal Saxena
    • (4)
    • 260

    मीठी  बात रस से भरी रसमलाई, गोल–गोल रसगुल्ले, काजू वाली बर्फी, राष्ट्रीय मिठाई जलेबी, हर त्यौहार की शान लड्डू, राष्ट्रीय पर्वों वाली मिठाई–बूँदी, सूखी मिठाई–सोनपापड़ी, जाड़े वाले तिल के लड्डू ...

    वीडियो गेम
    by Manjari Shukla
    • (5)
    • 185

    चीनू की आँखों से लगातार पानी निकल रहा था पर चीनू की आँखें वीडियो गेम पर टिकी हुई थीI वह एक हाथ से बार-बार अपनी आँखें मसलता और फ़िर ...

    चिंटू की चतुराई
    by Nirpendra Kumar Sharma
    • (21)
    • 416

    चिन्टू एक नन्हा चूहा है चिकचिक ओर चुकचुक की इकलौती औलाद।यूँ तो चुकचुक को कई बार प्रसव हुआ कई संताने जन्मी लेकिन हर बार कालिया लहरी उनको जिंदा निगल ...