शोहरत का घमंड - 149 shama parveen द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
श्रेणी
शेयर करे

शोहरत का घमंड - 149

तब आलिया बोलती है, "नहीं.... मगर मुझे करना क्या है ??????

तब कबीर शेखावत बोलता है, "वो मैं आपको बता दूंगा, तब तक आप अपना ध्यान रखो और किसी भी तरह की टेंशन मत लेना "।

उसके बाद कबीर शेखावत फोन रख देता है।

शाम होती है.........

आलिया अपनी मम्मी और बहनों के साथ बहुत ही खुश होती है और अब उसकी तबियत भी ठीक लग रही होती है और वो सबके साथ हस कर बाते कर रही होती है।

उधर अरुण आर्यन के पास आता है और बोलता है, "क्या हुआ तूने मुझे अभी क्यों बुलाया ????

तब आर्यन बोलता है, "किसी को आसमान से जमीन पर लाना है"।

तब अरुण बोलता है, "अच्छे से बोल ये पहेलियां मत बुझा"।

तब आर्यन बोलता है, "कबीर शेखावत आया था यहां पर और एक मॉम और डैड को धमकी दे कर गया है कि मेरे खिलाफ कंप्लेन करेगा"।

तब अरुण बोलता है, "कुछ ज्यादा ही नहीं उड़ रहा है ये आसमान "।

तब आर्यन बोलता है, "तभी तो बोल रहा हूं कि इसे जमीन पर लाना है और हा वो कबीर शेखावत मेरी आलिया के आस पास भी भटकना नहीं चाहिए "।

तब अरुण बोलता है, "बस कर ये आलिया का नाम लेना और भूल जा उसे, और वैसे भी तुझे कौन सी लड़कियों की कमी है, जो तू उसके लिए मरे जा रहा है, यार देख अभी भी टाइम है तू नैना बिरला से शादी कर ले "।

तब आर्यन बोलता है, "लगता है तुझे भी अब पीटना है मुझ से "।

तब अरुण बोलता है, "वो तुझ से प्यार नहीं करती है बल्कि नफरत करती है"।

तब आर्यन बोलता है, "मगर मैं तो प्यार करता हूं न उससे "।

तब अरुण बोलता है, "अबे तेरा कुछ भी नहीं हो सकता है, और हा ये सब छोड़ और एक बात सुन"।

तभी आरू आर्यन के कमरे में आती है और बोलती है, "भाई मुझे आपसे कुछ जरूरी बात करनी है"।

तब आर्यन बोलता है, "बेटा अभी नहीं बाद में कर लेना अभी मुझे कुछ जरूरी काम है"।

तब आरू बोलती है, "आप हर बार यही बोलते हो, मैं एक महीने से आपसे कुछ बोलना चाह रही हूं "।

तब आर्यन बोलता है, "बेटा समझो न कुछ जरूरी काम है, कल पक्का तुम्हारी बात सुनूंगा "।

आरू मुंह बनाती है और बोलती है, "आप हर बार यही बोलते हैं "।

और उसके बाद वो चली जाती है।

तब आर्यन अरुण से बोलता है, "देख तेरी वजह से वो मुझ से नाराज हो कर चली गई"।

तब अरुण बोलता है, "अपने बेटे को आराम से मना लियो, पहले तू मेरी बात सुन ले "।

रात होती है........

आलिया खाना खा कर अपनी बहनों के साथ सो रही होती है। और आज इतने दिनों बाद उसे बहुत ही सुकून मिलता है और उसे जल्दी ही नींद आ जाती है।

उधर आर्यन आलिया की याद में दोबारा क्लब चला जाता है और वहां पर जा कर शराब पीने लगता है।

पूरी रात आर्यन क्लब में बैठा बैठा शराब पीते रहता है।

सुबह होती है.........

आलिया की तबियत अब पूरी तरह से ठीक हो जाती है। तभी वो कबीर शेखावत को कॉल करती है और बोलती है, "सर अब मेरी तबीयत ठीक है क्या मैं होटल आ सकती हूं"।

तब कबीर शेखावत बोलता है, "नहीं.......

ये सुनते ही आलिया घबरा जाती है और बोलती है, "मगर क्यों सर ????

तब कबीर शेखावत बोलता है, "क्योंकि अभी आपकी तबियत अच्छी तरह से ठीक नहीं है और मैं नहीं चाहता कि आपकी दोबारा से तबीयत खराब हो जाए , इसलिए अभी आप आराम करो और हा सैलरी की टेंशन से लो मैं नहीं काटूंगा छुट्टी के पैसे, और हा आर्यन की कॉल आई थी दोबारा "।

तब आलिया बोलती है, "नहीं.......

तब कबीर शेखावत बोलता है, "चलो ये तो अच्छी बात है, चलो ठीक है अब आप आराम करो और अगर वो आपको कॉल करता है तो मुझे बताना"।

तब आलिया बोलती है, "जी सर "।

उसके बाद कबीर शेखावत कॉल काट देता है।

दोपहर होती है..........

आर्यन का नशा उतरता है और वो घर चला जाता है। घर जाने के बाद आर्यन नहा कर खाना खाता है और आलिया कॉल करता है और बोलता है, "कैसी हो स्वीट हार्ट और अब तबियत कैसी है तुम्हारी ????

तब आलिया बोलती है, "मैं ठीक हू"।

तब आर्यन बोलता है,"कोई परेशानी तो नहीं है"।

तब आलिया बोलती है, "नहीं.......

तब आर्यन बोलता है, "देखो मैने अपनी जिद छोड़ के तुम्हारी बात मान ली और अब तुम मेरी बात मानोगी और मेरे साथ रहोगी, मैं शाम को आऊंगा तुम्हे लेने तुम तैयार रहना"।

तब आलिया बोलती है, "मुझे अपनी मम्मी के पास रहना है "।

तब आर्यन गुस्से में बोलता है, "स्वीट हार्ट अब कोई जिद नहीं समझी और जितना बोला है उतना ही करो और मुझे जबरदस्ती करने पर मजबूर मत करो, मैं तुम्हे प्यार से हैंडल करना चाहता हूं"।

उसके बाद आलिया फोन काट देती है जिससे आर्यन को बहुत ही गुस्सा आता है।

शाम होती है............

आर्यन आलिया को कॉल करता है और बोलता है, "स्वीट हार्ट घर के नीचे खड़ा हु जल्दी आओ"।

तब आलिया बोलती है, "मैं नहीं आ रही हूं................