शोहरत का घमंड - 6 shama parveen द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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शोहरत का घमंड - 6

नरेश अंकल बोलते है, "कहा पर मिला घर और केसा है और उसका किराया कितना है"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "भाई साहब वो आलिया की दोस्त हैं न रीतू उसी का घर है"।

तब नरेश अंकल बोलते हैं, "वैसे वो लोग कैसे हैं ठीक ठाक है"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "जी वो लोग आय थे और मुझे तो बहुत ही अच्छे लगे"।

तब नरेश अंकल बोलते हैं, "चलिए ठीक ही हुआ वरना मुझे तो बड़ी ही फिक्र हो रही थी"।

तभी आलिया और मीनू आ जाते है खाना ले कर। तभी आलिया बोलती है, "आ जाइए अंकल आप भी खाना खा लीजिए"।

तब अंकल बोलते है, "नही बेटा तुम लोग खाओ मैं आराम से घर जा कर खा लूंगा"।

तभी नरेश अंकल चले जाते है। आलिया अपनी मम्मी से बोलती है कि आप आराम से खाना खा लीजिए मैं पापा के पास जा कर बैठती हूं"।

तभी आलिया की मम्मी बोलती है, "बेटा तुम भी खाना खा लो "।

तब आलिया बोलती है, "मेने और मीनू ने खाना खा लिया है ये आपका खाना है जल्दी से खा लिजिए, वैसे भी आपने कुछ भी नही खाया है "।

तभी आलिया की मम्मी खाना खाने लगती हैं और आलिया अपने पापा के पास बैठ जाती है।

आलिया की मम्मी खाना खा लेती हैं और आलिया को जा कर बोलती है, "बेटा तुम और मीनू अंदर सो जाना पापा के पास और मे बाहर सो जाउंगी"।

तब आलिया बोलती है, "नही मम्मी आप बाहर कहा जायेंगी आप यही पर ही रहिए, वैसे भी मै और मीनू घर जा रहें हैं हमे अभी और भी समान पैक करना है और कल सुबह सुबह ट्रक आएगा और समान जायेगा"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "नही बेटा मैं तुम दोनों को अकेले नही छोड़ सकती हूं"।

तब आलिया बोलती है, "मम्मी आप परेशान मत होइए मैं और मीनू हम दोनो एक दूसरे के साथ है हम अकेले नही है "।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "नही बेटा मुझे बहुत ही डर लग रहा है "।

तब आलिया बोलती है, "मम्मी आप पापा के पास रहिए आप हमारी फिक्र मत करिए"।

तभी आलिया और मीनू घर चले जाते है। घर जा कर दोनो दोबारा से काम मे लग जाते है। और जब काफ़ी रात हो जाती हैं तो आलिया मीनू से बोलती है, "चलो अब सो जाते है क्योंकि काफ़ी रात हो गई है, वरना पता चला की ट्रक वाला आ गया है और हम सो ही रहे हैं"।

तभी दोनो सो जाते है।

सुबह होती है।

बाहर ट्रक वाला आवाज देता है मगर कोई भी नही सुनता है। तभी ट्रैक वाला घर का दरवाज़ा खटखटाता है, तभी जल्दी से आलिया की आंख खुलती है और वो जा कर दरवाज़ा खोलती है, और देखती है कि ट्रक वाला है। तभी वो बोलत है, "भईया आप थोडा देर रुक जाइए"।

तब ट्रक वाला बोलता है, "मुझे और भी काम है इसलिए मेने आपको पहले ही बोला था कि आप सुबह सुबह जल्दी से समान लोड करवा देना"।

तब आलिया बोलती है, "भईया बस दस मिनट"।

तभी आलिया जल्दी से जाती हैं और मीनू को उठाती है। तब मीनू भी जल्दी से उठ जाती है और फिर दोनो बहने जल्दी जल्दी से समान देती हैं और ट्रक वाला उसे ट्रक में डालता है। एक घंटे के अंदर ही सारा कमरा खाली हो जाता हैं और फिर उसके बाद आलिया और मीनू भी ट्रक में बैठ कर चली जाती हैं।

अब आलिया रीतू के घर पहुंच जाती है और फिर रीतू और उसके मम्मी और पापा भी उसकी हेल्प करते हैं समान को उठाने मे फिर जल्दी जल्दी से सभी समान घर में पहुंचाते हैं। कुछ समय बाद सारा समान घर में आ जाता हैं। तभी आलिया रीतू को थैंक यू बोलती है।

तब रीतू बोलती है, "अरे इसकी कोई जरूरत नहीं है"।

तभी रितु की मम्मी आलिया और मीनू के लिए नाश्ता लाती है और उन्हे खाने को बोलती है।

तब आलिया बोलती है, "नही नही आंटी आप परेशान मत होइए, मैं खुद बना लूंगी खाना"।

तब रितु की मम्मी बोलती है, "बेटा पर मेने तो आप लोगो के लिए नाश्ता बना दिया है"।

तब आलिया बोलती है, " आंटी मम्मी भी भूखी होंगी, तो फिर हम केसे खा सकते हैं "।

तब रितु की मम्मी बोलती है, "कोई बात नही तुम दोनो खा लो और मै तुम्हारी मम्मी के लिए पैक कर दूंगी "।

तभी आलिया बोलती है, "आप एसा करिए की मै खाना हॉस्पिटल ही ले जाऊंगी और मम्मी के साथ खा लूंगी "।

तब रितु की मम्मी खाना पैक कर देती है और आलिया और मीनू खाना ले जाते है।

आलिया और मीनू को देख कर उसकी मम्मी बहुत गुस्सा होती है और बोलती है, " कहा थी सुबह से तुम दोनो बताओ अब आ रही हो "।

तब मीनू बोलती है, "मम्मी हम घर खाली कर रहे थे "!

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "क्या.............