शोहरत का घमंड - 8 shama parveen द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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शोहरत का घमंड - 8

खाना खाने के थोड़े देर तक आलिया और मीनू हॉस्पिटल में ही रहते हैं और फिर थोड़े देर बाद वो दोनो घर आ जाते है। घर आने के बाद दोनो घर का काम करने लगते हैं और घर को अच्छे से ठीक कर देते है। तभी आलिया के पास नरेश अंकल की कॉल आती है और वो बोलते हैं कि, "तुम्हे साहब ने बुलाया है"।

तब आलिया बोलती है, "अच्छा ठीक है मैं कल आती हूं"।

तब अंकल बोलते है, "नही बेटा अभी आ जाओ, कुछ जरुरी काम है"।

तब आलिया बोलती है, "इस वक्त"।

तब अंकल बोलते हैं, "हा बेटा एक बार अभी आ जाओ"।

तब आलिया बोलती है, "अच्छा ठीक है मैं मम्मी से पूछ कर आती हूं"।

तब अंकल बोलते है, "ठीक है बेटा पर थोडा जल्दी आना"।

उसके बाद आलिया अपनी मम्मी को कॉल करती है और उनसे जाने के लिए पूछती हैं तब उसकी मम्मी जाने के लिए बोल देती हैं।

उसके बाद आलिया रितु को बोल कर जाती हैं कि वो मीनू को देख ले कक्योंकि वो कहीं जा रही है और मीनू घर में अकेली है।

तभी आलिया ऑफिस चली जाती हैं। ऑफिस पहुंचते हुए ही वो नरेश अंकल से मिलती है और फ़िर उसके बाद उसके अंकल उसे अपने साहब से मिलवाते है। आलिया साहब से मिलते ही उन्हे नमस्ते बोलती है।

उसके बाद साहब आलिया से पुछते है, "बेटा आपकी क्वालिफिकेशन क्या है"।

तब आलिया बोलती है, "जी मे BA फाइनल ईयर में हू"।

तब साहब बोलते है, "अभी आपकी BA पूरी नही हुई है"।

तब आलिया बोलती है, "जी नही, अगले महीने मेरे एग्जाम है उसके बाद ही मेरी ग्रेजुएशन कंप्लीट होगी"।

उसके बाद साहब पुछते है, "आपकों कंप्यूटर का नॉलेज है"।

तब आलिया बोलती है, "जी मुझे बेसिक नॉलेज है कंप्यूटर की"।

तब साहब बोलते हैं, "अच्छा ठीक है देखो हम तुम्हे डाटा एंट्री का काम दे रहे हैं और पहले देखेंगे की केसा करती हो फिर उसके बाद आगे का कुछ सोचेंगे और हा काम की टेंशन मत लेना हम पहले एक महीने तुम्हे ट्रेनिंग देंगे और साथ साथ मे तुम काम भी करना और हा हम तुम्हे 15 हज़ार सैलरी देंगे, ठीक है"।

तब आलिया बोलती है, "जी ठीक है "।

तब साहब बोलते हैं, "कुछ पूछना है "।

तब आलिया बोलती है, "जी नही "।

तब साहब बोलते हैं, "अच्छा ठीक है तो फिर कल से आ जाना"।

उसके बाद आलिया अपने घर आ जाती हैं। घर आते ही वो सबसे पहले अपनी मम्मी को कॉल करती है और सब कुछ बताती है उसकी मम्मी भी खुश हो जाती हैं "।

तब मीनू बोलती है, "दीदी अगर आप नौकरी करोगी तो फिर आप पढ़ केसे पाओगी क्योंकि फिर तो आपको टाईम ही नहीं मिल पाएगा "।

तब आलिया बोलती है, "तुम परेशान मत हो मै सब मैनेज कर लूंगी "।

तब मीनू बोलती है, "दीदी में एक बात बोलूं "।

तब आलिया बोलती है, "हा बोलो क्या बात है"।

दीदी आप मेरे लिए भी कोई नौकरी ढूंढ दो न"।

तब आलिया बोलती है, "छोटी तुम ये कैसी बात कर रही हो तुम अभी छोटी हो और तुम्हारी पढ़ने लिखने की उम्र है न की नौकरी करने की"।

तब मीनू बोलती है, "दीदी पढ़ तो आप भी रही हो न तो फिर आप क्यो अपनी पढाई छोड़ कर नोकरी कर रही हो"।

तब आलिया बोलती है, "छोटी मैं तुमसे बड़ी हू, और तुम तो अभी बहुत छोटी हो और हा खबरदार जो आइंदा इस तरह की बात कहीं तो, मैं हू न मै सब मैनेज कर लूंगी बस तुम अपनी पढाई पर ध्यान दो और हा कल से स्कूल जाना है बस अब बहुत छुट्टी हो चुकी हैं "।

तब मीनू बोलती है, "ठीक है दीदी "।

तभी आलिया की मम्मी की कॉल आती है और वो बोलती है, "आलिया बेटा अब तुम्हे खाना ले कर आने की जरूरत नही है तुम दोनो बहने अपने लिए खाना बना लो और खा कर सो जाओ "।

तब आलिया बोलती है, "पर क्यो मम्मी आप भूखे रहोगे क्या "।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "मैं यहां पर कुछ खरीद कर खा लूंगी "।

तब आलिया बोलती है, "क्यो, मै बना कर लाती हूं न "।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "नही, जितना बोला उतना है उतना ही करो.........