बेवफा - 29 Mehul Pasaya द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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बेवफा - 29

एपिसोड 29: नई उम्मीदें और छिपे हुए खतरे

समीरा धीरे-धीरे अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ रही थी। ऑफिस में उसका प्रदर्शन काफी अच्छा था, और विजय की गाइडेंस से वह खुद को ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस कर रही थी। लेकिन जब ज़िंदगी आगे बढ़ती है, तो अतीत कभी-कभी नए रूप में लौटकर आता है।

समीरा और विजय की बढ़ती नज़दीकियाँ

एक शाम, जब ऑफिस का काम खत्म हुआ, विजय समीरा के पास आया।

"आज थोड़ा जल्दी फ्री हो सकते हो?"

"क्यों?" समीरा ने उत्सुकता से पूछा।

"एक खास जगह ले जाना चाहता हूँ, जहां तुम्हें शायद सुकून मिलेगा।"

पहले तो समीरा को झिझक हुई, लेकिन फिर उसने हामी भर दी।

विजय उसे एक खूबसूरत झील के किनारे ले गया। शाम का वक्त था, हल्की ठंडी हवा बह रही थी। समीरा ने अपनी आँखें बंद की और उस पल को महसूस किया।

"कैसा लगा?" विजय ने पूछा।

"बहुत अच्छा... बहुत दिनों बाद मैंने खुद को इस तरह रिलैक्स महसूस किया है," समीरा ने हल्की मुस्कान के साथ कहा।

"यही तो मैं चाहता हूँ, कि तुम अपने अतीत की तकलीफों से बाहर निकलकर आज में जियो।"

समीरा को विजय की बातें अच्छी लगीं। शायद पहली बार उसे लगा कि कोई सच में उसकी खुशी की परवाह करता है।

राहुल की रिहाई और नई साजिश

दूसरी ओर, जेल में बंद राहुल को उसका दोस्त योगेश बाहर निकालने में कामयाब हो गया। राहुल अब आज़ाद था, लेकिन उसके मन में सिर्फ एक ही चीज़ थी – बदला।

"तू अब क्या करेगा?" योगेश ने पूछा।

"समीरा को उसकी गलती का एहसास कराऊँगा। उसने मुझे छोड़कर बहुत बड़ी भूल की है।"

राहुल ने समीरा के बारे में सारी जानकारी इकट्ठा करनी शुरू कर दी। उसे जल्द ही पता चल गया कि वह अब एक नई कंपनी में काम कर रही है और विजय नाम के किसी लड़के के करीब आ रही है।

"तो अब मेरी जगह कोई और ले रहा है?" राहुल ने गुस्से से कहा। "ये मैं होने नहीं दूँगा।"

अंजान खतरा

समीरा अपनी जिंदगी में खुशियाँ महसूस कर रही थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि उसका अतीत एक बार फिर उसे अपनी गिरफ्त में लेने वाला है।

एक दिन जब वह ऑफिस से घर लौट रही थी, तो उसे ऐसा महसूस हुआ कि कोई उसका पीछा कर रहा है। उसने कई बार मुड़कर देखा, लेकिन हर बार सड़क खाली ही मिली।

"शायद मेरा वहम होगा," उसने खुद को समझाया।

लेकिन अगले ही दिन, जब वह अपने कैब से उतर रही थी, तो उसे एक अजीब सा अहसास हुआ। दूर खड़ा एक शख्स उसे देख रहा था।

समीरा ने घबराकर इधर-उधर देखा, लेकिन वह शख्स तेजी से भीड़ में गायब हो गया।

एक रहस्यमयी मैसेज

रात को जब वह अपने लैपटॉप पर काम कर रही थी, तभी उसके फोन पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया –

"मुझे भूल मत जाना... मैं लौट आया हूँ।"

समीरा का दिल तेजी से धड़कने लगा। यह कौन था? क्या यह वही था, जिसे वह अपने अतीत में छोड़ आई थी?

वह काँपते हाथों से फोन पकड़े खड़ी थी। क्या उसकी ज़िंदगी में फिर से तूफान आने वाला था?

( अगले एपिसोड में क्या होगा वो जानने के लिए पढ़ते रहिए बेवफा नॉवेल एपिसोड 30वे में . . . )