इंटरनेट वाला लव - 91 Mehul Pasaya द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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इंटरनेट वाला लव - 91

हा हा अब जाओ और थोड़ा अच्छे से वक्त बिता लो क्यू की फिर तो तुम अपने ससुराल में चले जाओगे. जाओ अपने छोटे भाई के पास और अपने पापा के पास.

अरे मम्मा में हमेशा के लिए थोड़ी जा रही हु. जो आप मुझे पापा और भाई के पास भेज रहे हो. कॉम ऑन मम्मा में जा रही हु. तो वापस भी आऊंगी. सो आप लोगो को टेंशन लेने की जरूरत नही है. आप बस अपनी और भाई और पापा का खयाल रखना ठीक है.

ठीक है बेटा इसमें कहना क्या है. अब तक तो रखते आई हु. आगे भी रखूंगी उन दोनो का ख्याल लेकिन बेटा तुम अपना ध्यान रखना और अपने परिवार का भी खयाल रखना. आज से ठीक दो दिन बाद तुम्हारे ऊपर इतनी बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है. उसे तुम अच्छे से हैंडल करना मेरी बच्ची. क्यू की कई सारी लड़कियां होती है. वो ना ऐसी जिम्मेदारियों से मुखर जाती है. तो बेटा तुम ऐसा मत करना. कहते है की बेटी के बाप की इज्जत तब तक बने रहती जब तक उसकी बेटी की उसके ससुराल से कोई शिकायत नहीं आ जाए. और अगर आ जाए तो उस वक्त से उस बेटी के बाप की इज्जत कम होने लगती है. और फिर लोग बाते करने लगते है. तो इन सब चीजों का खयाल रखना ठीक है.

ठीक है मम्मा में आपसे वादा करती हु. की में अपने ससुराल में से मेरे मायके तक कोई भी शिकायत पहुंच ने नही दूंगी. और मेरे मायके और मेरे ससुराल पे कोई भी मुसीबत नही आने दूंगी.

बस बेटा यही उम्मीद थी हमे तुमसे. लेकिन बेटा तुम वहा जाकर हमे भूल तो नहीं जाओगे ना. क्या है ना लड़की शादी करने के बाद मां बाप को ज्यादा याद नही करती. मुझे डर है. की कही तुम ऐसा न करो.

अरे मम्मा आप ये कैसी बाते कर रही हो. भला कोई अपने मां बाप को कैसे भूल सकता है. मां बाप तो अपने बच्चो का मरते दम तक का सहारा रहते है. और अगर मर भी गए. तो उसके बाद भी वो अपने बच्चो का खयाल रखते है. मुसीबत आने पर उनकी मदद करते है. ऐसे मां बाप को भूल जाना इतना आसान है क्या. आप ही बताओ ये कोई छोटी बात है क्या.

नही बेटी में ऐसा नही कह रही लेकिन क्या करे. मन में ऐसे ऐसे खयाल आते रहते है. तो टेंशन होती रहती है. की कही तुम ऐसा न करो.

डोंट वरी मम्मा में ना कापके एक फोन पे में आपको यहा पर मिलूंगी ठीक है. अब खुश ना यार मम्मा देखो ऐसे रोते नही. आप तो रोने लग गए. अब चुप हो जाओ अच्छा नही लगता. प्लीज मम्मा आपको हमारी कसम. अब चुप हो हो जाओ वरना हम रो देंगे.

नही नही बेटा हम तेरी आंखों में एक आंसू तक नही देखेंगे. तो तुम ये मत करना ठीक है. अब चलो काफी वक्त गप्पे मार लिए. अब कुछ काम भी कर ले. चलो अब चलते है.

हा मम्मा चलो लेकिन आप काम नही करोगे ठीक है. घर में काफी लोग है. काम करने के लिए सो आप सिर्फ ये सारे नजारे देखोगे ठीक है.

पढ़ना जारी रखे. . .