The Author DINESH KUMAR KEER फॉलो Current Read खुबसूरत ख्वाब By DINESH KUMAR KEER हिंदी कुछ भी Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books Money Vs Me - Part 3 मैं दिन भर कैफ़े में काम करता और शाम को सज संवर कर निकल जाता... भय से मुक्ति ऋगुवेद सूक्ति--(२५) की व्याख्या मंत्र (ऋग्वेद १/१४७/३)“दिप्स... मंजिले - भाग 49 परिक्रमा की ही साथ चलती पटरी की तरा है, एक से गाड़ी उतरी दूसर... सीप का मोती - 5 भाग ५ "सुनेत्रा" ट्युशन से आते समय पीछे से एक लडके का आवाज आ... Zindagi Marriage is not just a union between two people. In our soci... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे खुबसूरत ख्वाब 1.5k 5k 1.महज़ सुकून नहींमेरा जुनून भी हो तुम2.उफ्फ्फ...ये मेरी मोहब्बत भरी चाय कहीं पागल न कर देतुम सब को 3.अपने लफ्जों से ही तुम मेरी तारीफ कर दो ...! मसला इश्क है तो वो हम आपकी आँखों में ढूँढ लेंगे ...!!4.खुद से ज्यादा चाहनें वाले बड़ेनसीब से मिलते है5.स्त्री के लिए प्रेम का अर्थ है बस इतना की कोई उन्हें समझे6.कोई ऐसा पसंद करोजिसे तुम्हारे अलावाकोई और पसंद ना हो 7.सब मतलब के परिंदे दाना डालो तो चुगने आते है...!8.कमाल का ताना दिया आज दिल नेकहता है"अगर कोई तेरा है तो कहां है"9.अगर फितरत हमारी सहने की ना होती,तो औकात तुम्हारी कुछ कहने की ना होती।10.दुआएं करवाई नहीं जाती दुआएं ली जाती हैं, किसी के मुश्किल वक़्त में साथ देकर और किसी की मुस्कुराहट की वजह बनकर...!11.शौहरत का शौक नही है _ मुझे, मैं तो _ तेरे इश्क़ में रहना चाहती हूँ...?12.बाते तो बहुत करते हो इश्क की तुमजरा अपने दिल में तो देख लो मैं हूँ भी या नहीं13.उम्र गुज़र गई पर कोई तुमसा नहीं मिला... लोग यूँ ही कहते हैं... खोजने से खुदा भी मिलता है... 14.वाणी और पानीदोनों में छवि नजर आती है।पानी स्वच्छ होता है तो, चित्र नज़र आता है।और वाणी मधुर हो तो चरित्र नज़र आता है।15.कुछ बेचेनियां पीछा नहीं छोड़ती,तुम उन्हीं में से एक तड़प हो मेरी...!16.बस इतना बता दे मेरे खामोश मसीहाऔर कितना पास से गुज़रूं कि तू बोल उठे...!17.एक बार लिप्स पर, दो बार गाल, फिर एक बार माथे पर और बार - बार हाथों पर वैसलीन जरूर लगाना इत्ती सर्दी जो है18.जो हर मुलाकात पे चाय पिलाते हैं,वो लोग सीधा मेरे दिल को भाते हैं।19."नीयत तो हमारी बस तुम्हें चाहने की हैं""नियति को क्या मंजूर है ये तो रब ही जाने"20.पल कितने भी गुजार लू,तेरे साथ मे... मगर हर साँस कहती है! ... की, दिल अभी भरा नही!!21.जब घर वाले पुछते है... "वो या हम" और फिर अक्सर मोहब्बतें यहां ख़त्म हो जाती है...!22.ठंड भी है कड़ाके की, और तुम दूर भी हो,लगता है जनवरी पर मेरे राहु की दशा है...!23.जिस पर गुज़रती है वही जानता है,ये दिल तसल्लियों से कहां मानता है !24.जिसकी जैसी सोच वैसे है हम बाक़ी,मेरे महादेव जानते है कैसे है हम...25.रिहाई के लिए रिश्वत देते हैं लोग... मुझे तुम्हारे दिल मे उम्र कैद की कीमत बताओ... 26.तेरी मुस्कुराहट के लिए... सब कुछ निसार दूँ, गर कुछ मेरा हैं तो... वो भी तुझ पर मैं वार दूँ। 27.कैसी लत लगी है तेरे दीदार की,बात करो तो दिल नही भरता,ना करो तो दिल नही लगता।28."इश्क की गहराइयों में खुबसूरत क्या है,मैं हूँ, तुम हो और कुछ की जरुरत ही क्या है !"29.तुम्हारा गुरुर करना लाज़मी है ...!तुम पसंद उसकी हो जिसे कोई पसंद नहीं आता ...!!30.पढ़ लो एक ग़ज़ल लिखी है तुम्हारे लिएदेखो शोर मत करना आफ़त होगी हमारे लिए31.जिसके पास दूसरा विकल्प होवो आपका कभी नहीं हो सकता...!32."बस इस बात का सबर है,कि ऊपर वाले को सब खबर है"33."सारी दुनिया की मोहब्बत को किनारा करके""हमने रखा है सिर्फ खुद को तुम्हारा कर के"34.कोशिश तो हजारों ने की हमसे दिल लगाने कीमगर तुम्हारे बाद हमने किसी से नज़र भी नहीं मिलाई...! Download Our App