शब्दों के मोती DINESH KUMAR KEER द्वारा कुछ भी में हिंदी पीडीएफ

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शब्दों के मोती

1.
आज धुंध बहुत है शहर में...
काश! वो मुझसे टकरा जाए...!

2.
मेरे प्यार की चाहत में अब बह जाओ तुम,
अपने दिल की हर बात आज कह जाओ तुम,
एक बार तुम मेरे करीब आओ,
मुझको रख लो या मुझ में ही रह जाओ तुम...!

3.
हर किसी ने नहीं छोडी...
बस तेरा खुरेदना बाकि था
तेरे बाद बिखरा मेरा घर समेटना बाकि था...
सोचे इससे ज्यादा क्या ही बर्बाद होंगे
अभी उसे किसी और के साथ देखना बाकि था...

4.
इशारों ही इशारों में दिल को,
हमारे बड़ा बेताब करते हो...!
क्या दीवानगी है तुम्हारी दूर से ही,
मोहब्बत बड़ी लाजवाब करते हो...!

5.
तुझसे भले ही इतनी दूरी है,
पर तेरी यादों में उलझे
रहने की मजबूरी है,
इन यादों में ही मेरी जिंदगी पूरी है,
अल्फाजों में आज भी सजता है तू
अब कैसे कहूं की मेरी मोहब्ब्त अधुरी है ...

6.
छोटी सी ही सही पर एक ऐसी मुलाक़ात हो...
हम तुम चाय और हल्की सी बरसात हो...

7.
नए वर्ष मे मोहब्बत नई करेगे हम,
किसी के हक मे ये महीना आख़री है...

8.
आप बात अपनी मर्जी से करते हो,
और हम भी इतने पागल है,
जो आपकी मर्जी का इंतज़ार करते है...

9.
कभी बेपनाह - तो कभी गुम सी है...
ऐ सर्दी भी कुछ कुछ तुम सी है...

10.
किसी और का ख्याल आया ही नहीं,
मैंने एक शख्स को जब चाहा तो फिर हद कर दी...

11.
किसने रास्ते मे चांद रखा था,
मुझको ठोकर लगी कैसे।
वक़्त पे पांव कब रखा हमने,
ज़िंदगी मुंह के बल गिरी कैसे।।
आंख तो भर आयी थी पानी से,
तेरी तस्वीर जल गयी कैसे।।।

12.
कुछ भी कायम नहीं है, कुछ भी नहीं,
और जो कायम है, बस एक मैं हूं,
मैं जो पल - पल बदलता रहता हूं।

13.
मैंने मौत को देखा तो नहीं,
पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी।
कमबख्त जो भी उससे मिलता हैं,
जीना ही छोड़ देता हैं।।

14.
कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती है
कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता

15.
लगता है आज जिंदगी कुछ खफा है,
चलिए छोड़िए कौन सी पहली दफा है।

16.
दौलत नहीं शोहरत नहीं,न वाह चाहिए
“कैसे हो?” बस दो लफ़्जों की परवाह चाहिए

17.
हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

18.
एक सुकून की तलाश में जाने कितनी बेचैनियां पाल लीं,
और लोग कहते हैं कि हम बड़े हो गए हमने ज़िंदगी संभाल ली।

19.
लहरें हजार है किनारा कर दे जिंदगी,
या तो डुबो दे मुझको या पार कर दे जिंदगी…!

20.
तेरे वादे का तू जाने मेरा तो वही इरादा है,
जिस दिन सांस छूटेगी, उसी दिन आस टूटेगी…!

21.
एक तरफा मोहब्ब्त कुछ अलग थी दोस्तों,
ना कोई हमें समझ सका,
और ना हम किसी को समझा सके…!

22.
तुम ने किया न याद कभी भूल कर हमें,
हम ने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया...

23.
लोग पढ़ लेते हैं मेरी आँखों में तेरे प्यार की शिद्दत,
मुझसे अब तेरे इश्क़ की और हिफाज़त नहीं होती...!

24.
तुझे जब धड़कनों में बसाया तो…
धड़कने भी बोल उठी…
अब मज़ा आ रहा है...
धक - धक करने में…!
25.
सिलसिला इश्क का आज भी बुलंदी पर है,
कोई चाह के टूटता है, कोई टूटकर चाहता है...!

26.
रिश्ते में इतनी दूरियां मत बनाओ,
कि रिश्ते खुद से ही दूर हो जाए...!