Pyar me Dhokha - 5 books and stories free download online pdf in Hindi

प्यार में धोखा - भाग 5

तारा की मां ने अपनी बेटी तारा को समझाते हुए कहा कि बेटा दूनिया चाहे कितनी भी क्यों न बदल जाये लेकिन एक लडकी की लाज शर्म उसके अपने हाथों में होती है और मैं ये नही करने की तुम अपने आप को मत बदलो लेकिन एक मर्यादा तक ही ठीक होता है ताकी कोई हम पर उंगली ना उठा सके और मैं ये मानती हूं हमे जमाने के साथ थोडा बहुत बदलाव तो आना ही चाहिए और तुम अब कमाने लगी हो तो मैं तो तुम्हे ।यही कहूगी की तुम थोडी बहुत बचत करनी भी सिखों ताकी आगे जा कर तुम्ह कभी कोई परेशानी न हो और कुछ देर तारा की मां अपनी बेटी को समझा बूझा कर बापस गांव लौट गयी और तारा ने भी अपनी मां की कुछ बाते सुनी कुछ सुन कर भी अनसुना कर दिया था और एक बात तारा ने अपनी मां रमा की बहुत ही अच्छा लगी पैसे बचत करना और वो तारा अब कुछ पैसे मां को भेज देती कुछ बैंक में खाता खूलवा कर जमा करवाने लगी थी और अब दिन ऐसे ही निकलने लगे तारा भी अब अपनी मर्जी की मालिक हो गयी थी जैसे मन में आता बैसे ही रहने लगी और एक दिन जूली ने तारा से कहा की उसका बडा़ भाई आने वाले हैं तो उसके साथ मुझे उनके के घूमने के लिए में मनाली जाना पड़ेगा तो जूली ने तारा से भी साथ चलने के कहा तो तारा ने कहां ठीक हैं मैं एक बार मां से पूछ लूँ तो जूली ने हसते हुए कहा अब तु दूध पीती बच्ची तो हैं नहीं यो तु काम के सिलसिले में हर बात के लिए अपनी मां को पूछे बीना तुम यहां देहरादून से बाहर कदम नही रखेगी और कब तुम अपनी मां को पत्र लिखकर कर पूछेगी और फिर कब तक तेरी मां का जबाव आयेगा और तब तक हमारे बाॅस तेजस अपना काम निपटा कर बापस चले जायेगे और ये बात जूली ने तारा का मजाक बनाते हुए कही थी जिससे तारा झेप गयी थी
तो तारा ने फिर से कहा लेकिन मेरी अभी नयी नयी नौकरी लगी है तो मुझे इतनी जल्दी छुट्टी कहां मिलेगी तो जूली ने कहा तु छुट्टी की चिंता मत कर मैं भी तो छुट्टी लूंगी तो तो मैं अपने साथ साथ तेरी छुट्टी के लिए अपने बाॅस आज्ञा ले लूंगी
और बैसे भी हमारे बाॅस कबीर मेरे पापा के बहुत अच्छ दोस्त तो कबीर सर मेरी बात नही टालेगे और तारा के मन में भी घूमने की इच्छा तो हो रही थी फिर भी वो सोच रही थी मुझे जूली और उसके भाई तेजस के साथ घूमने जाना चाहिए यां नही लेकिन जूली जब तारा पर दबाव डाला तो तारा जूली को मना नही कर सकी और तारा ने जूली की बात मान कर जूली के साथ जाने के हां बोल ही दी और यहीं से शुरू होती है तारा की प्यार में धोखे की कहानी
और दो दिन बाद जूली तारा और जूली का बडा़ भाई तेजस
मनाली में एक होटल में ठहरे थे तारा और जूली दोनों ने के लिए एक ही कमरा था और दूसरे कमरे में तेजस ठहरा था
✍️ क्रमशः ✍️

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