विसर्जन - 5 - अंतिम भाग Sarvesh Saxena द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

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विसर्जन - 5 - अंतिम भाग

यह कहते हुए टीटू जोर जोर से रोने लगा और सब उनकी बात से हैरान थे सब को ऐसा लग रहा था जैसे सब ने एक बड़ा पाप किया है तभी पुलिस वाले ने माइक को अपने हाथों में लेकर कहा “ हम सब लोग झूठे दिखावे में इतना ज्यादा खो गए थे कि हमने आज तक इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया, जो विघ्नहर्ता हमारे भगवान गणेश जी हैं उनको हम इस हालत में कैसे छोड़कर जा सकते हैं, इस बच्चे ने आज हम सभी की आंखें खोल दीं, इसे दुनिया भर की बातें नहीं पता है लेकिन फिर भी जो असली ज्ञान है वह इसके पास है, दोस्तों इसलिए आप सब लोगों से मेरी विनती है की गणेश जी की प्रतिमा खरीदते वक्त यह ध्यान रखें की मूर्तियां मिट्टी की हो जो जल में प्रवाहित करते ही पानी में मिलकर पूरी तरह से घुल जाती हैं और विसर्जन का कार्य सिद्ध होता है... ना कि आप दिखावे के लिए प्लास्टिक, कैमिकल और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी हुई मूर्तियां लाकर हम समुंदर को तो गंदा करते ही हैं, साथ ही साथ अपने गणेश जी को इस हालत में छोड़ देते हैं जो आपके सामने है .... ये मूर्तियां ना ही गलती हैं और ना ही नीचे समंदर में जाती हैं, लहरों के साथ वह सब कूड़े के ढेर के पास इकट्ठा हो जाती हैं और फिर एक दिन इन मूर्तियों के अवशेषों को भी कूड़े की तरह फेंक दिया जाता है, हम जाने-अनजाने अपने भगवान को खुद ही नाराज कर रहे हैं और यह सोच कर खुश हो रहे हैं कि हम गणपति के भक्त हैं, इसलिए दोस्तों इस गणेश चतुर्थी पर सब लोग यह प्रण कीजिए की गणेश प्रतिमा का विसर्जन सही तरीके से करेंगे और गणेश जी के आशीर्वाद को प्राप्त करेंगे” ।

सारे लोग यह बातें सुनकर तालियां बजाने लगे, खुश हो गए और सभी ने एक कसम ली कि हम अपने धर्म का अपने भगवान का मजाक नहीं होने देंगे और मिट्टी की मूर्तियों को ही विसर्जित करेंगे जिनसे पर्यावरण के साथ-साथ हमारे धर्म की हानि भी नहीं होती है । इन सब बातों को न्यूज़ चैनल वाले भी रिकॉर्ड कर रहे थे । टीटू सारे न्यूज़ चैनल पर आ रहा था, जो लोग टीटू का अब तक मजाक उड़ाते थे वह टीटू की वाह-वाह कर रहे थे । टीटू ने अपनी छोटी-सी गणेश जी की प्रतिमा को खुशी-खुशी विसर्जित किया और काफी देर तक खड़ा उनको देखता रहा लेकिन वह मूर्ति अब समुंदर के पानी में विलीन हो चुकी थी ।टीटू खुशी-खुशी घर आया ।

रेनू और गौरव भी आज अपने बेटे के ऊपर गर्व महसूस कर रहे थे । सबने गणपति बप्पा को याद किया और उनसे क्षमा मांगी । दो दिन बाद टीटू इतना फेमस हो गया कि उसको मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए देश के सबसे अच्छे स्कूल में एडमिशन लेने के लिए न्योता भेजा गया और वह भी स्कॉलरशिप के साथ ।

गौरव और रेनू की तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा उन्हें अब अपने बच्चे के ठीक होने की पूरी उम्मीद थी और यह सब भगवान गणेश जी का आशीर्वाद था जो टीटू और उसके परिवार को मिला था इसलिए दोस्तों मिलकर बोलिए जय गणेश और ध्यान रखिये कि

विसर्जन चाहे गणपति का हो या माता दुर्गा का लेकिन ये हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि आप भी तो कहीं गलत तरह से विसर्जन करके अपने भगवान को नाराज तो नही कर रहे ।

समाप्त ।
जय हो गणपति की, जय हो माता दुर्गा की ।
सर्वेश सक्सेना ।