स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem(the socialization) - 12 Nirav Vanshavalya द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem(the socialization) - 12

जैकब ने पूछा और, अदैन्य ने कहा खेल के मैदान का जुआ, अदैन्य ने कहा अरे भाई जब आप उसे चल ने ही दे रहे हो तो कानून से चलने दीजिए क्यों करेंसी को मैंली कर रहे हो!

जैकब ने पूछा कहीं आप आर्मस और ड्रग्स के लीगलाइजेशन की बात तो नहीं कर रहे हैं ना!

अदैन्य ने कहा अरे भाई जब हमारा काम थोड़े कुछ धंधो से चल जाता हो तो हमें वहां तक सोचने की कोई जरूरत नहीं. आर्म एंड ड्रग्स बहुत दूर की बात है.

जैकब ने पूछा और कौन से धंधे हैं जो अंडर सील्टर सकते हैं!

अदैन्य ने कहा आप पैक बोतल की शराबों को लेबल करवाते हो तो देसी शराब के ठेकों को क्यों नहीं?

अरे भाई, उनसे सैंपल मंगवा लीजिए अप्रूवल दे दीजिए उन्हें लेबल कीजिए और टैक्स वसूलना शुरू कीजिए.

मगर..... जैकब बोलने गया और अदैन्य ने कहा अगर मगर कुछ नहीं, इनसे कहीं ना कहीं उन लोगों के मानव अधिकार सिद्ध होते हैं. कहीं ना कहीं उन्हें भी समाज में रहने का हक है.

जैकब थोड़ा सा मुस्कुराने पर विवश हुए और कहां वेल, मैं आपकी बात से सहमत हूं. मगर बात कहीं ना कहीं चरम के हाथ लग गई तो?


अदैन्य ने कहा बात चरम तक पहुंचते-पहुंचते डेढ़ सौ 200 साल लग जाएंगे और तब तक तो सब कुछ बदल गया होगा.

जैकब ने पूछा मिस्टर रॉए यह लीज खत्म होने के बाद क्या.


अदैन्य कहां मिस्टर जैकब 3 साल के बाद अंडरवर्ल्ड अपने रास्ते और सरकार अपने रास्ते. उसके बाद अगर पकड़े गए तो सीधे सलाखों के पीछे.


जैकब कुछ बोलने जाए इसके पहले ही अदैन्य ने समझ लिया और कहां सी, मिस्टर जैकब एंटीफंगस

किसी का एनकाउंटर करने के लिए या किसी को फांसी दिलाने के लिए नहीं है. यह आपकी खोई हुई इकोनामिक को वापस लाने के लिए है. किसी की जान लेने के लिए नहीं.

जैकब बोल उठे बहुत खूब.

जैकब ने रिस्पेक्टिंग टोन में अदैन्य से कहा मिस्टर रोए आप अपने सारे सुझाव, जो ब्राजील के हित में है वह लिखकर दे दीजिए. मैं 10 दिन में काम शुरू करवाता हूं.


अदैन्य ने कहा वेल, एस यू विश.

अदैन्य खड़े होने के लिए चेयर के आर्मस पर अपने हाथ से थे और जैकब ने ड्रॉवर में से एक ब्लैंक चेक अदैन्य को सौंपा.


जैकब ने कहा योर फीस मिस्टर रोए.


अदैन्य ने चेक वापस करते हुए कहा , let stand up the Brazil first.

जकप समझ गए और मुस्करा कर चेक वापिस रख दिया.


अदैन्य ने दरवाजे को देखा और जैकब ने कहा मिस्टर रोए, एनी ग्रेट सेंटेंस?


अदैन्य ने कहा मिस्टर जैकब, ह्यूमन लाइजेशन इस ओवर, इट्स कंप्लीटेड नाउ. बट, सोशलाइजेशन इस स्टील remain . इट इज जस्ट स्टार्टेड.


जैकब थोड़ा सोचते हुए अदैन्य को देखते रहे.

अदैन्य ने आगे कहा मिस्टर जैकब आज से 10 20 या 50000 वर्ष पहले इंसानों की लड़ाई जानवरों से होती थी जो कि अब खत्म हो चुकी है और पूरी दुनिया पर इंसानों की हुकूमत हो गई है. मगर अब हमारी लड़ाई अंडरवर्ल्ड से शुरू हो चुकी है जो शायद 1000 साल के बाद खत्म हो जाए, और पूरी दुनिया पर समाज की हुकूमत हो. जिसे हम आज ग्लोबल विलेज कहते हैं हो सकता है तब वह ग्लोबल सोसायटी कहै लाए.