स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem(the socialization) - 1 Nirav Vanshavalya द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem(the socialization) - 1

यूरो डॉलर का 300 नोट वाला भारी भरकम बंडल कॉन्फ्रेंस टेबल पर जाकर गिरिता है. इसके दूसरे ही क्षण 25महान अर्थशास्त्री कॉन्फ्रेंस में बैठे हुए दिखाई देते है.
एक अर्थशास्त्री मिस्टर पीटर स्कॉच ने बोला मिस्टर रॉय क्या आप इस नोट्स के आगे और पीछे के नंबरों वाली नोट्स हमें ढूंढ कर बता सकते हैं?
तुरंत ही अपनी लाक्षणिक मुद्रा मैं भारतीय मूल के यूरोपियन अर्थशास्त्री अदैन्य रॉय दिखाई देते हैं.
अदैन्य ने उसी लाक्षणिक मुद्रा में रहते हुए कहां इट्स टू लैट मिस्टर स्कॉच.

स्कॉच ने प्रश्ननार्थ भाव बताया और अदैन्य ने बोलना शुरू किया.

अदैन्य ने कहा अब तक तो आपकी वह कॉन्टिनेंट करेंसी अंडर ग्राउंड मैं लिक्विड काइंड में बह रही होगी.

स्कॉच ने सबके सामने देखकर प्रश्ननार्थ धारण किया और अदैन्य ने कहा आई मिंटू से ब्लैक यूरो डॉलर्स.

स्कॉच ने कहा डोंट फॉरगेट मिस्टर रॉय कि यह हमारी अपनी करेंसी है.

अदैन्य ने अपनी लाक्षणिक मुद्रा का त्याग किया और दोनों हाथों को टेबल पर रखकर सबके सामने देखा और कहां सो व्हाट मेंबर्स ?

स्कॉच ने कहा एंटीफंगस का कांसेप्ट तो आपका ही

है तो आप ही बताइए कि व्हाट्स अहेड आफ्टर इट्स थेफ़्ट?

अदैन्य ने स्कॉच क़े उपहास स्वरूप स्मित किया और कहां ऐसा तो है ही नहीं की कॉन्टिनेंट करेंसी बाहर चल ही नहीं रही है.

अदैन्य ने कहा यदि आपकी करेंसी कॉन्टिनेंट के बाहर चल रही है और उसका आपके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है तो आपको पछताने का भी कोई हक नहीं है.

जस्ट टेक एग्जैट कि यूरो डॉलर आर एंटी फंगस.

करीब 3 घंटे तक अदैन्य ने उन सभी अर्थशास्त्रीओ
को यूरो डॉलर को एंटी फंगस करने के लिए समझाया मगर नतीजा केवल एक ही निकला.

3 घंटे के बाद अदैन्य ने अपनी कोट की जेब में से एक लेटर निकाला और टेबल पर रख दिया.

बाकी सभी ने प्रश्न अर्थ भाव से लेटर के सामने देखा और अदैन्य बोले कि मैं आज और अभी इसी वक्त से यूरो डॉलर के बैंकिंग जनरल मैनेजर के पद से इस्तीफा दे रहा हूं.

कुछ मिंटो के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल में सन्नाटा छाया रहा और थोड़ी ही देर में अदैन्य बैंक के बाहर निकलते दिखाई देने लगते हैं.

अदैन्य अपने करके सेंट्रल रूम में बैठे हैं

सामने ग्लास ट्राइपॉड पर व्हिस्की की बोतल पड़ी है

अदैन्य ने सिगारेट सुलगाई.

टीवी का रिमोट उठाकर टीवी ओन किया. और एक नया पेग बनाया.

टीवी में से माइनस डेसीबल वाली ध्वनि तरंगे अदैन्य के कानों तक आ रही है और अदैन्य ने सिगारेट का एक लंबा कश खींचा.

थोड़ी ही क्षणों में अदैन्य के चेहरे के आसपास धुआ धुआ हो गया और आंखें थोड़ी नशीली.

अदैन्य ने रिमोट से टीवी का चैनल बदला और टीवी के दृश्य को देखकर अदैन्य का नशा थोड़ा उतर सा गया .

अदैन्य ले टीवी में देखा की आतंकवादियों ने जर्मन एंबेसी को उड़ा दिया है और कई लोग उसमें मारे जा चुके है.

दृश्य की समाप्ति के बाद पत्रकार ने प्रश्न बताया की आखिर इन आतंकवादियों के पास इतने महंगे अस्त्र शास्त्र खरीदने के लिए करेंसी आती कहां से है!













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Shakti Singh Negi

Shakti Singh Negi मातृभारती सत्यापित 1 साल पहले