दी सुपरहीरो वन - आईसबर्ग ऑफ़ क्राइम Prashant Vyawhare द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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दी सुपरहीरो वन - आईसबर्ग ऑफ़ क्राइम

दी सुपरहीरो वन - आईसबर्ग ऑफ़ क्राइम

प्रिय पाठकजन विनम्र अभिवादन,

आपने पिछली सीरीज "दी सुपरहीरो - बीगीनिंग ऑफ़ वन" में पढ़ा के कैसे एक सीधा नवजवान सेल्स मेंन राहुल कुछ बदमाशों के हाथो किडनैप हो जाता है और बाद में एक लैब एक्सीडेंट के दौरान सुपरहीरो में तब्दील होता है. मिले हुए पावर का इस्तेमाल कर वो डॉ मेक जैसे देश के दुश्मन को ख़तम करने में कामयाब होता है.

अब डॉ मेक के जाने के बाद कही कोई बड़ी आतंकवादी वारदात नहीं होती. नेस्ट, राहुल और अभय, डॉ मैक की बची हुइ गैंग को खत्म कर देते है! जिससे देश में कुछ समय के लिए शांति और सुरक्षा का माहोल कायम होता है!

नेस्ट की इस कामयाबी के लिए प्रधान मंत्री राहुल अभय और डॉ समय के साथ दिवंगत डॉ पॉल को देश के सर्वोच्च सुरक्षा वीरता मैडल से सन्मानित करते है!

उसके बाद डॉ समय उस पुरस्कार को डॉ पॉल के बेटी को देने के लिए समय डॉ पॉल की बेटी रीबेका से मीलने अमेरिका जाता है, और उसे उसकी पिता और उनकी बहादुरी के लिए धन्यवाद देता है और सरकार ने दिया हुआ मैडल उसके हवाले करता है, रीबेका उसे बताती है की डॉ डोगरा को उसने कई अमेरिका में देखा है और उसे उसके पिता डॉ पॉल की मौत का बदला उससे लेना है, तो सो वो नेस्ट के मदद मांगती है! डॉ समय मान जाता है और और वो रीबैका से डॉ डोगरा के बारे में कोई खबर मिलते ही उसे इन्फॉर्म करने के लिए कहता है.

समय भारत वापस लौट आता है. सभी थोड़े दिनों के लिए रिलैक्स हो जाते है,

अचानक एक दिन समय अपनी लैब में काम कर रहा होता है के तभी उसे किसी का फ़ोन आता है वो! वो देखता है के कॉल रिबेका की है!

समय: हेलो रीबेका हाउ आर यू!

रिबेका: हल्लो समयI आई ऍम फैंटास्टिक, आई हैव इम्पोर्टेन्ट इनफार्मेशन ऑफ़ डॉ. डोगरा!

समय: यस, प्लीज टैल मी, आई एम लिसनिंग!

रिबेका: डॉ डोगरा इस स्पॉटेड ईन अमेरिकन साइंस लेबोरेटरी, एंड आफ्टर सम डेज थीव्स स्टोल सम ओल्ड स्क्रिप्टस ऑफ़ संस्कृत बेस्ड ऑफ़ ह्यूमन बॉडी रिस्ट्रक्चरिंग. थिस इस नॉट कोइंसिडेन्स, ही मे बी प्लानिंग समथिंग.

समय: ओके रीबेका, वे विल कम टु युएसये, विल यू हेल्प अस.

रेबेका: यस, आई विल हेल्प यू, प्लीज कम हरी.

समय: ओके सी यू सून, बी अलर्ट

समय तुरंत अभय और राहुल को ये बात बताता है और तीनो यु एस जाने के लिए निकल पड़ते है.

रीबेका तीनो को एयरपोर्ट पर रिसीव करती है और एक लीमो कार में सवार हो कर तीनो सेफ हाउस के तरफ निकल पड़ते है.

रिबेका उन तीनो को सेफ हाउस पर छोड़ती है और कल किसी इम्पोर्टेन्ट पर्सन से मिलने के लिए तैयार रहने के लिए कहती है.

दूसरे दिन रिबेका, उनतीनो को अमेरिकन साइंस लैब लेकर जाती है, वह वो उन्हें कुछ लोगो से मिलती है

रिबेका: इनसे मिलिए ये डॉ तन्नू है पीएचडी स्टूडेंट इंटर्न, यही उस संस्कृत स्क्रिप्ट पर रिसर्च कर रही है और ये है डॉ. सूझी शी इस डायरेक्टर ऑफ़ साइंस लैब.

डॉ तन्नू: हेल्लो, इटस नाइस टु मीट यू

डॉ सूझी: वेलकम टु युएस जेंटलमेंन

अभय: थैंक यु माय सेल्फ अभय ऍम चीफ ऑफ़ नेस्ट, ही इस आवर चीफ साइंटिस्ट डॉ समय एंड, आवर सुपर हीरो वन.

डॉ सुझी: इट विल बी आवर ऑनर टु वर्क विथ यू गाइज़ टु सेव हुमीनिटी.

डॉ तन्नू: राहुल इफ़ यू डोंट माइंड आई वांट टु मेक सम रिसर्च औन यू

राहुल: यस मैंम आई ऍम रेडी फॉर एवरी थिंग टु कैच दी क्रिमिनल्स एंड सेव आवर वर्ल्ड!

अभय: थैंक यु माय सेल्फ अभय ऍम चीफ ऑफ़ नेस्ट, ही इस आवर चीफ साइंटिस्ट डॉ समय एंड, एंड हे ही इस राहुल अक सुपर हीरो वन.

डॉ सुझी: इट विल बी आवर ऑनर टु मीट एंड वर्क विथ यू गाइज़.

डॉ तन्नू: राहुल आई हीयर अबाउट योर यूनिकनेस, इफ़ यू डोंट माइंड आई वांट टु मेक सम रिसर्च औन यू

राहुल: यस मैंम आई ऍम रेडी फॉर एवरी थिंग टु कैच दी क्रिमिनल्स एंड सेव आवर वर्ल्ड!

अभय: ओके सो लेडीज व्हाट यू नो अबाउट दी स्क्रिप्ट एंड इटस पॉसिबल थ्रेट टु अस.

डॉ सुझी: स्क्रिप्ट वाज वैरी ओल्डेस्ट वन, एंड ईट कंटैन्स आयुर्वेद एंड मेडिकल साइंस क्वेस्ट्स ऑफ़ संस्कृत.

डॉ तन्नू: आई ऍम स्टडिंग ईट फ्रॉम सम टाइम एंड ईट वाज़ मीराकल इन मेडिकल साइंस, ईट कंटैन्स ओल्ड फार्मूला ऑफ़ ह्यूमन इम्युनिटी बट नोबडी हैव येट डीकोडेड ईट.

अभय: ओके तो क्या आप लोग तैयार है, हो सकता है के हमारा साथ देते हुए आपकी जान को खतरा हो सकता है, शायद हम लोकल अथॉरिटीज के नजर में आ सकते है क्युकी हम पराये देश में है, सो अरे यू रेडी फॉर एक्शन.

सभी तैयार हो जाते है और आगे की प्लानिंग में लग जाते है!

डॉ समय और रीबेका उस स्क्रिप्ट्स के पन्नो की कार्बोन डेटिंग रिकार्ड्स के जरिये एक लोकेशन फाइंडिंग इक्विपमेंट बनाने में लग जाते है ताकि वो उसके लोकेशन का पता लगा सके.

अभय और डॉ सुझी लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क और साइंस सेण्टर की सीसीटीवी और मोबाइल नेटवर्किंग की मदद से चोरी वाले दिन के डिटेल्स चेक करने में लग जाते है, डॉ तन्नू और राहुल उन स्क्रिप्ट्स की कोपीज को स्टडी करने लगते है ताकि वो उसके बारे में ज्यादा जानकारी हासिल कर सके.

कुछ ही दिन में डॉ. समय और रीबेका मील कर एक ऐसा इक्विपमेंट बना देते है जो उस बुक की लोकेशन का पता कर सके.

जो उन्हें ओरिगोन वोर्टेक्स नाम के एक जगह जो युसए की गोल्ड वैली नामक जगह पर है का लोकेशन बताती है,

यह गोल्ड वैली पैरानॉर्मल एक्टिविटी और मैग्नेटिक इलुजन के लिए जानी जाती है, और ऐसी जगह पर उस बुक की लोकेशन का मीलने से सभी को हैरानी होती है!

डॉ सुझी उन्हें साइंस लैब के रीसर्चेर की विजिट टीम बता कर लोकल अथॉरिटी और गोल्ड हिल मैनेजमेंट के विजिट का इंतजाम कर लेती है, ताकि अगर अमेरिकन अथॉरिटीज ने उनको पकड़ा तो वो उनसे बच सके, और सभी दो गाड़ियों से अब सभी उस जगह जाने के लिए रीबेका की रोवर कार में समय, और डॉ सुझी की लैब वन में अभय तन्नू और राहुल बैठता है, साथ में वो कुछ हथियार, सॅटॅलाइट फ़ोन्स, राशन और वो इक्विपमेंट ले कर निकलते है, ताकि अगर जरुरत पड़े तो वो उनके काम आये

अभय निकलने से पहले इंडियन एम्बेसी बात करता है, ताकि जरुरत पड़ने पर उनकी मदद के लिए युसए की इंटेलिजेंस टीम आ सके.

सभी गोल्ड वैली पहुचते है, और एक साथ मिलकर उस लोकेशन फाइंडर इक्विपमेंट के मदद से उस लोकेशन पर पहुचते है! आगे पहाड़ और तंग रास्ता होने की वजह से वो उनकी गाडिया छोड कर जंगल के रास्ते से आगे बढ़ते है, फाइंडर इक्विपमेंट एक पहाड़ के ढांचे के तरफ लोकेशन शो करता है और सभी सावधान हो जाते है!

अभय: सभी लोग अपने अपने पोझीशन्स ले! और याद रहे सभी इशारों में बात करगे और पहले में और राहुल आगे रहेंगे और जब तक न काहू कोई फायर नहीं करेगा ओके

अब राहुल और अभय आगे होते है! और बाकी साथी उनके पीछे उनकी पोजीशन संभल कर आगे बढ़ते है!

उस जगह पहुंच कर उनको एक पहाड़ के दीवार नजर आती है और उसके पास हे फाइंडर के सिग्नल और भी तीव्र हो जाते है, वह खोज बीन करने पैर भी उनको उस पहाड़ के अंदर जाने का कोई रास्ता नजर नहीं आता.

समय: मशीन तो सही लोकेशन बता रही है, शायद वो किताब इस पहाड़ के अंदर रखी हुए है, और अंदर जाने के लिए कोई और रास्ता है!

राहुल: या फिर ऐसा भी हो सकता है के हम जिस जगह खड़े है उस पहाड़ के दुसरी तरफ कोई दरवाजा है. या कही अंडर ग्राउंड टनल भी हो सकती है!

डॉ सुझी: अगर अंडर ग्राउंड टनल है तो में मदद कर सकती हूँ, मेरी घड़ी में सोनार फाइंडर है उसे लैपटॉप से कनेक्ट करने पर दीवार या जमीन के आर पार की जानकारी पता चल सकती है!

अभय: तो देर किस बात की चलो ढूंढ़ना शुरू करते है.

और वो उसके मोबाइल से वो इक्विपमेंट कनेक्ट कर आस पास के एरिया में खोज बीन शुरू करते है! उन्हें पता चलता है के आगे पहाड़ अंदर से खोखला है, हो सकता है के वो डॉ डोगरा का ठिकाना हो. अब वो जमीन पर खोजना शुरू करते है तो उन्हें एक टनल जमीन के अंदर से पहाड़ की और जाती हुए दीखाई देती है!.

जल्द ही उन्हें उस टनल का मुहाना मील जाता है जो के पास के एक बड़े से विशाल टीले पर एक छुपा हुआ दरवाजा उन्हें मिलता है! अब वो सभी उस टनल के अंदर जाने हे वाले होते है के तभी उनपर अचानक टनल के दरवाजे के अंदर से कुछ लोग निकलते है और उनपर हमला करते है! राहुल और अभय सभी हमलावरों को धुल चटाते है, मगर अचानक एक हमलावर गोली चलता है और उसमे समय घायल हो जाता है! हमलावरों को ठिकाने लगाने के बाद!

अभय: साथियो आगे खतरा हो सकता है! और समय को को भी तुरंत मेडिकल ऐड की जरुरत है, तो मुझे लगता है के अब में और राहुल इस टनल के अंदर जायेंगे और आप सभी वापस लौट कर समय को अस्पताल ले जाओ और हमारे अगले सन्देश का इंतज़ार करने तक कोई एक्शन मत लो! ओके

समय: मुझे कुछ नहीं हुआ है! में तुम लोगो को खतरे में झोंककर नहीं जा सकता.

राहुल: जज़्बाती मत बनो समय मेरे भाई, बाकी लोगो की सोचा हम तुम लोगो को अब और खतरे में नहीं डाल सकते तुम्हे कसम है तुम्हे जाना ही होगा.

सभी राहुल और अभय के गले मिलते है और वो वापस जाने के लिए मुड़ते है! राहुल और अभय बाकी साथियों को विदा कर टनल की और निकल पड़ते है!

डॉ रीबेका समय के जखम पर उसका रुमाल बांधती है और, वो और डॉ सुझी उसे सहारा देते हुए चलने लगते है! डॉ तन्नू बाकी सामान उसके कंधे पर लाद कर और हाथ में राइफल ले कर सावधानी से आगे बढ़ती है!

कुछ देर चलने के बाद वो उनके व्हीकल्स तक पहुँच जाते है, लैब वैन में समय को एक टेबल पर लीटा कर रिबेका उसकी गोली निकलती है और उसे कुछ स्टेरॉइड्स दे कर आराम करने के लिए छोड़ते है!

डॉ सुझी उसके कंप्यूटर से राहुल और अभय का लोकेशन ट्रेस करते है!

डॉ तन्नू अम्बेसी फ़ोन कर उन्हें सुचना देती है! और तीनो अभय के मैसेज का इंतज़ार करने लगते है!

उधर अभय और राहुल दोनों उस बड़ी सी टनल में दाखिल होते है! अपनी पहचान छुपाने के लिए मारे हुए हमलावर सैनिको की पोशाख दोनों पहन लेते है! और अभय उन सैनिको की आँखों का रेटिना उसके रेटिना रेप्लिकेटर इक्विपमेंट में लेता है

पहले पहले टनल में अँधेरा होता है, मगर जैसे ही वो थोड़ा और अंदर दाखिल होते है! उन्हें वह एक मिलिट्री के पुरानी टनल दिखाई देती है उसमे काफी रोशनी और साफ़ हवा का इंतजाम है! वह कुछ सैनिक पहरा दे रहा है! और कुछ सफ़ेद कोट वाले लोगो का आना जाना चल रहा है, सैनिको के पोशाख पहनने के कारन दोनों बाकी सिपाहियों से बचते हुए उस टनल का मुआइना करने लगते है.

तभी एक सैनिक यूनिट उनके उनके पास आता है, और यूनिट का एक सैनिक शायद वो उनका कमांडर था इन दोनों को देख कर इनके पास आता है!

कमांडर: ए तुम यहाँ क्या कर रहे हो! मेरे साथ चलो उस किताब वाली तिजोरी के लिए कुछ गार्ड्स और चाहिए, अगर उसे कुछ हुआ तो डॉ डोगरा हमे मार देगा.

अभय और राहुल एक दूसरे की तरफ खुशी से देखते है और उसे सलूट मारकर उसके पीछे निकल पड़ते है!

वो दोनों उस सैन्य यूनिट के साथ एक चैम्बर में आते है वह उन्हें दीवर में एक बहुत बड़ी तिजोरी का दरवाजा दिखता है!

कमांडर उसकी आँख का रेटिना उसके पैनल पर स्कैन करता है और तिजोरी नुमा कमरा खुल जाता है अंदर जाने के बाद वह उन्हें एक कांच के बक्से में एक किताब रखी हुइ नजर आती है!

अब दोनों एक दूसरे को इशारा करते है और एकाएक उन सिपहियों पर टूट पड़ते है! काफी कश्मकश के बाद दोनों उनपर काबू करने में सफल हो जाते है मगर कमांडर मुकाबला करता है, वो अभय को ललकारता है! अभय उसे मार देता है!

अब दोनों उस बॉक्स की तरफ झपटते है जिसमे वो किताब रखी हुइ थी! जैसे ही राहुल उस किताब को बॉक्स से बाहर निकलता है! अचानक जोर से अलार्म बज उठता है! और वो पूरा कमरा धुए से भर जाता है! दोनों बेहोशी हो जाते है!

होश आने पर वो देखते है की उन दोनों को एक पिंजरे में कैद कर उसे ऊपर लटका दिया गया है! और उनके आजु बाजु सीपाही पहरा दे रहा है! तभी एक आवाज गूंज उठती है!

डॉ डोगरा: क्यों अभय और राहुल तूम्हे क्या लगा, के तुम डॉ. डोगरा की नाक के नीचे यहाँ आओगे और उस किताब को ले कर जिन्दा जा सकोगे! कभी नही, जब से तुम अमेरिका आये हो हमारी तुम पर नजर है! बस तुम्हारा प्लान क्या था ये समझने में मुझे जरा देर क्या हुइ तुम मेरे घर तक आ पहुंचे, मगर अब आ ही गए हो तो तुम और तुम्हारे बाकी साथी यहाँ से बच कर नहीं जा सकेंगे!

पहले तो में तुम्हारे देश के लोगो को केमिकल वेपन से मारूंगा और उसके बाद तुम्हारे एक एक साथी की मौत के साथ तुम्हारे शरीर का एक एक टुकड़ा तुमसे अलग करूँगा! तभी मेरे साथी डॉ मेक की मौत का बदला पूरा होगा!

अभय और राहुल को अपनी मौत सामने खड़ी दिखाई दी, फिर भी हिम्मत कर अभय ने डॉ. डोगरा से कहा.

अभय: डॉ डोगरा ठीक है तुम जीत गए और हम लोग हार गए, हमे नहीं लगा था के तुम इतने इंटेलीजेंट और शक्तिशाली होंगे के हम लोगो को पकड़ सको! शायद मेक को हराने के बाद हम ज्यादा जोश में होश खो बैठे!

डॉ डोगरा: ये बस मेरा अकेले का बदला नहीं है, तुम्हे क्या लगा के में अकेला ही इस दुनिया पर राज करना चाहता हूँ! अब तुम मर ही रहे हो तो देख लो, और वो एक स्क्रीन उसे दीखता उसमे दुनिये के नक़्शे पर बहुत सारे लाल निशान दिखाई देते है, ये देखो, ये है हमारा ब्लैक नेटवर्क! इस नेटवर्क का हर सिपाही कोई पॉलिटिशियन है, तो कोई अमीर, तो कोई बुद्धिवादी, ये सभी लोग साथ मिलकर ब्लैक नेटवर्क के जरिये दुनिया पर राज करना चाहते है! हम ही वो लोग है जो दुनिये के हर कोने में युद्ध, महामारी, दंगे और न जानी कितने आपदाये फैलाते है, और इससे बहुत सारा पैसा भी कमाते है, दुनिये को दर्द भी देते है और उसपर कण्ट्रोल भी बनाये रखते है!

अफ़सोस के तुम हमारा दुनिया पर राज देखने के लिए जिन्दा नहीं बचोगे, हिन्दुस्तानी हो इसे लिए तुम्हे मरने से पहले तुम्हारी आखरी ख्वाइश पुछता हूँ! जल्दी बताओ!

अभय: मेरे आखरी ख्वाइश तो तेरी मौत ही है डॉ डोगरा!

डॉ डोगरा: अफ़सोस है के अभय में तुम्हारी ख्वाहिश इस जनम में तो पूरी नहीं कर सकता, तुम बोलो राहुल उर्फ़ सुपरहीरो वन कोई आखरी ख्वाइश

राहुल: बस मुझे मेरी कलाई घड़ी के साथ मरना है! वो मुझे मेरी फॅमिली ने दी है!

डॉ डोगरा: ठीक है इसकी घड़ी इसे दे दी जाये, एक सिपाही आगे बढ़ कर उसका पिंजरा नीचे लेकर उसे वो घड़ी देता है!

वो घड़ी राहुल पहनता है और इशारे से अभय को उसके कान बंद करने के लिए कहता है! वो घड़ी का बटन दबाता है उसमेंसे सोनिक बुम से भी तेज आवाज निकलती है, जिससे डॉ डोगरा और उसके सैनिक दर्द से बिलबिला उठते है! राहुल तेजी से उस घड़ी से एक लेज़र बीम निकलता है और पिंजरे का दरवाजा तोड़ कर दोनों बाहर निकलते है!

डॉ डोगरा और उसके सैनिक उन पर हमला करते है.

मगर राहुल और अभय फुर्ती से कुछ सैनिको से उनके हथियार छीनते है और ओट ले कर हमला करते है!

राहुल और अभय दोनों मिलकर डॉ डोगरा के सभी सैनिको को मार देते है!

राहुल पर किसी भी गोली का असार नहीं होता देख, डॉ डोगरा तिलमिला जाता है वो आगे बढ़कर तलवार से हमला करता है, राहुल भी पास पडी एक एक सिपाही की तलवार फुर्ती से उठता है और पलट वार करता है, आखिर डॉ डोगरा हार जाता है, और उसकी जिंदगी के लिए अभय और राहुल से गीडगीडाता है!

डॉ डोगरा: मेरे जान बक्श दो सुपरहीरो वन! में तुम्हे जितना चाहो उतना पैसा और ऐशो आराम के साधन दूंगा!

राहुल: डॉ डोगरा अगर तू जीना चाहता है तो ब्लैक नेटवर्क की सारी इनफार्मेशन हमारे हवाले कर वरना, हम तुझे बुरी मौत मारेंगे.

डॉ डोगरा: ठीक है ये मेरा टेबलेट ले लो सारी जानकारी इसीमें है, बस मुझे जाने दो!

अभय उसे टेबलेट ले कर चेक करता है और सही पाने पर,

अभय: डॉ डोगरा, शायद हम तुझे छोड देते अगर तूने हमारे देश को खतरे में न डाला होता, तुझे वही सजा मिलेंगे जो तू हमे देना चाहता था!

डॉ डोगरा पास पडी गन ले कर अभय को गोली मारने की कोशिश करता है, मगर राहुल उसे देर रहते भाप लेता है और उसके गन से डॉ डोगरा को गोलीयो से छलनी कर देता है!

डॉ डोगरा: यू कैन किल आइस बट कैननॉट किल आइसबर्ग! वन डे ईट विल डिस्ट्रॉय यू एंड रूल दी वर्ल्ड, ब्लैक नेटवर्क हैवे मेड लीथल केमिकल वेपन व्हिच विल डिस्ट्रॉय यू एंड योर कंट्री वैरी सून!

मरते समय डॉ डोगरा उन्हें बताता है के वो भी कभी न कभी ब्लैक नेटवर्क के शिकार होंगे, राहुल उससे पूछने की कोशिश करता है मगर डॉ डोगरा कुछ बोलने से पहले ही मर जाता है!

टनल से अभय और राहुल निकलते है, उनके सॅटलाइट फ़ोन्स से बाकी साथियों को ये खबर देते है, टनल से निकलने से पहले वो, किताब को उनके कब्जे में लेते है! और टनल में सब जगह बम लगा कर बाहर निकलते ही उसका विस्फोट कर टनल और उस बेस का विध्वंस कर देते है!

सभी साथी मिलकर खुश होते है, और वापस उनके ठिकाने पर लौटते है, समय के ठीक होते ही सभी, अमेरिका से अपने देश भारत वापस लौट आते है!

अब उनका एक बड़ा मकसद है ब्लैक नेटवर्क को नेस्तनाबूत करना, शायद ये उसे तरह है जिस तरह एक आइस बर्ग होता है, बाहर तो उसका कुछ अंश ही दीखता है मगर अपने आप में वो अंदर बहुत बड़ा रूप छुपाए हुए होता है!

और उसके बाद राहुल अभय और समय के साथ अब तन्नू, रिबेका और डॉ सुझी भी मिलकर ब्लैक नेटवर्क के सभी अपराधियों को खत्म करने के मिशन में लग जाते है ताकि वो दुनिया को एक सुरक्षित जगह बना सके!

अब वो सभी एक ऐसा सिस्टम बनाने में लग जाते है जो डॉ डोगरा के टेबलेट में दी गयी इनफार्मेशन के जरिये, ब्लैक नेटवर्क के सभी अपराधी लोगो को पहचान कर उन्हें ढूंढ कर ख़तम कर सके और उनकी विघातक गतिविधीयो पर नजर रख कर दुनिया को सुरक्षा कर सके.

क्रमश........

Note: all character and places in the story are fictatious and any similarities found will be coincidence

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