सर्वश्रेष्ठ उपन्यास प्रकरण कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

नियति ...can’t change by anybody - 3
द्वारा PRATIK PATHAK

अमित को उसकी सहायक मिल चुकी थी जिसकी वजह से एक तीर  से तीन शिकार हुए थे उसके कॉलेज की नौकरी बच गई और उसको अपना रिसर्च में कुछ ...

दैहिक चाहत - 19
द्वारा Ramnarayan Sungariya

उपन्‍यास भाग—१९ दैहिक चाहत –१९                                                 ...

स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem(the socialization) - 9
द्वारा Nirav Vanshavalya

 उसका यह सौभाग्य था कि उसे ब्रिटिश ध्वज की छाया मिल रही थी.  इंडोनेशिया का लोकतंत्र  ब्रिटिश एंपायर की निगरानी में चल रहा   है.  बेशक यहां लोकतंत्र तो है मगर आज ...

श्री सूर्यकांत त्रिपाठी निराला व्यक्तित्व और कृतित्व
द्वारा Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 45

व्यक्तित्व और कृतित्व के धनी श्री सूर्य कांत त्रिपाठी निराला अपने नाम के सदृश ही हिंदी साहित्य में भी निराला स्थान बनाए हुए हैं। किसी भी कवि के कृतित्व ...

वो अनकही बातें - 17
द्वारा RACHNA ROY
  • 312

हम दोनों वापस जाएंगे। और अब आगे।।फिर आ गया वो दिन जिसका इंतजार समीर को था।उसने नर्स को बोल दिया था कि फुलों की लड़ियों से सजा दे शालू ...

हाँ, मैं भागी हुई स्त्री हूँ - (भाग तेरह)
द्वारा Dr Ranjana Jaiswal
  • 240

(भाग तेरह) छोटा बेटा आयुष न तो खुद फोन करता है, न मेरे किसी मैसेज का जवाब देता है। बड़ा बेटा आदेश कहता है कि वह आपसे बात नहीं ...

टापुओं पर पिकनिक - 25
द्वारा Prabodh Kumar Govil
  • 420

- बेवकूफ़! अक्ल है कि नहीं तुझ में?आगोश ने कुछ हंसते हुए कहा। पर वो कुछ न बोली। उसी तरह चुपचाप अपने काम में लगी रही।असल में घर की ...

इश्क़ है तुमसे ही - 15
द्वारा Jaimini Brahmbhatt
  • 273

(शीवांगी राजस्थान आ गई है वो रुद्राक्ष को मिलने बुलाती है।अब आगे....)सुबह होते ही रुद्राक्ष उठ रात बारे में सोच खुश हो जाता है ।तभी उसके फोन में शीवांगी ...

टेढी पगडंडियाँ - 7
द्वारा Sneh Goswami
  • 162

  7   समाज में लङकी होकर जीना बहुत मुश्किल है । यह बात जो जीव लङकी बन कर पैदा होता है , वही समझ सकता है । घर ...

मैं तो ओढ चुनरिया - 26
द्वारा Sneh Goswami
  • 231

  मैं तो ओढ चुनरिया अध्याय 26   उम्मीद तो यह थी कि रात को दिये इंजैक्शन से भरपूर नींद लेने के बाद मामाजी एकदम तरोताजा होकर उठेंगे और ...

रेज़्यूमे वाली शादी - भाग 6
द्वारा Daanu
  • 213

अवनी टीवी में देखने का कुछ ढूंढ रही थी कि अचानक उसके दिमाग में निलय का ख्याल आता है।"पता नहीं ऐसा भी क्या काम था, कुछ बताया भी नहीं ...

आधुनिक शिक्षा में शैक्षिक तकनीकी
द्वारा Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 87

परिवर्तन ही जीवन है और मानव व्यवहार में परिवर्तन का श्रेय शिक्षा को जाता है शिक्षा जनित परिवर्तनों के कारण ही आज मनुष्य सभ्यता के ऊंचे शिखर पर पहुंच ...

नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 3
द्वारा Pranava Bharti
  • 192

3--- दामले खूब बातूनी थे, वे एक बार शुरू होते तो अपनी रौ में बोलते ही चले जाते, बिना इस बात को सोचे समझे कि उनके कथन का सुनने ...

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 17
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 285

सुबह - सुबह देवेश जी बाहर टहलने के बाद बालकनी में आकर अपनी फेवरेट चेयर पर बैठे न्यूज पेपर पढ़ रहे थे । तभी मालती जी उनके लिए चाए ...

दैहिक चाहत - 18
द्वारा Ramnarayan Sungariya
  • 570

उपन्‍यास भाग—१८   दैहिक चाहत –१८                                               ...

हाँ, मैं भागी हुई स्त्री हूँ - (भाग बारह)
द्वारा Dr Ranjana Jaiswal
  • 372

(भाग बारह) यह तो तय है कि बेटों से मुझे न तो अपनापन मिलेगा न सम्मान। वे मुझे देखकर खुद भी कुढेंगे और मुझे भी कुढाते रहेंगे। वे न ...

टापुओं पर पिकनिक - 24
द्वारा Prabodh Kumar Govil
  • 372

आगोश अब ये अच्छी तरह जान चुका था कि उसके डॉक्टर पिता अपने पेशे को लेकर नैतिक नहीं हैं। वो ग़लत तरीके से पैसा कमाते हैं। केवल लालच ही ...

एक थी...आरजू - 3
द्वारा Satyam Mishra
  • 270

                    अगले दिन,                 एक कॉफी हाउस में आरजू इत्तेफाकन उस नौजवान से टकरा गई ...

नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 2
द्वारा Pranava Bharti
  • 213

2---- ‘समाज से जुड़े बड़े-बड़े क्षेत्रों में ये छोटी - छोटी बातें अक्सर होती रहती हैं ‘ उसे किसी फ़िल्म का एक संवाद अचानक याद आ जाता है और ...

इश्क़ है तुमसे ही - 14
द्वारा Jaimini Brahmbhatt
  • 390

{Ab tak aapne Padha.. shivangi or rudraksh ki dosti bina naam Jane ek wrong number ki vajah se ho jati hai,rudraksh is baat se anjan hai ki shivangi vahi ...

ये उन दिनों की बात है - 27
द्वारा Misha
  • 342

फिर कुछ सोचकर मैंने कहा, ठीक है, तुम्ही बताओ कहाँ मिले? नाहरगढ़ चलोगी? उसने मेरी तरफ देखते हुए कहा | नाहरगढ़? इतनी दूर? थोड़ा-सा झिझकते हुए पूछा मैंने | इतनी दूर ...

बाल्मीकि रामायण और शिक्षा पद्धतियां
द्वारा Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 129

बाल्मीकि रामायण की रचना वैदिक काल के उत्तर वैदिक काल एवं सूत्र काल के बाद हुई। अतः वैदिक काल से जो शिक्षण पद्धतियां प्रचलित थी वह वाल्मीकि के समय ...

मिड डे मील - 6
द्वारा Swatigrover
  • 294

6   दिमाग ठीक है। वो मुझसे बारह साल छोटी हैं । उससे  काहे ! व्याह  करो? हरिहर ने  समोसे  तलते  हुए कहा। का  हो गया, तेरी  नई  चाची  ...

त्रिधा - 12
द्वारा Ayushi Singh
  • 618

रात को इस समय भला कौन आया होगा! सोचते हुए त्रिधा ने जैसे ही दरवाजा खोला सामने खड़े व्यक्ति को देखकर वह हैरान रह गई। कुछ पलों के लिए ...

हाँ, मैं भागी हुई स्त्री हूँ - (भाग ग्यारह)
द्वारा Dr Ranjana Jaiswal
  • 423

(भाग ग्यारह) छोटा बेटा मेरे व्हाट्सऐप और फेसबुक से जुड़ा है पर तीज- त्योहार पर भी मेरा अभिवादन नहीं करता। मैं पचासों मैसेज करती रहूँ कोई जवाब नहीं देता। ऊपर ...

टापुओं पर पिकनिक - 23
द्वारा Prabodh Kumar Govil
  • 828

मनप्रीत भी अब आर्यन और उसके दोस्तों की मित्र मंडली में शामिल हो गई थी।कभी - कभी शाम को भी उनके साथ आ जाती।उस दिन शाम को एक रेस्त्रां ...

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 16
द्वारा ARUANDHATEE GARG मीठी
  • 501

आरव के चेहरे पर कायरा को ले कर परेशानी साफ झलक रही थी । वो कॉलेज से निकल कर रोड पर तेज़ रफ्तार में गाड़ी चलाए जा रहा था। ...

नियति ...can’t change by anybody - 2
द्वारा PRATIK PATHAK
  • 789

1 साल पहले ...... अमित इनफ़ इस इनफ़ अब मे तुम्हें और मदद नहीं कर शकता,तुम्हारा प्रोजेक्ट एकदम वाहियात है,यह समय यात्रा और यह प्रोबेबलिटी सब कुछ अँग्रेजी फिल्मों में ...

एक थी...आरजू - 2
द्वारा Satyam Mishra
  • 414

                    और एक रात,                  अपनी एक खास फ्रेंड रंजना की बर्थडे पार्टी के ...

दैहिक चाहत - 17
द्वारा Ramnarayan Sungariya
  • 1.1k

उपन्‍यास भाग—१७   दैहिक चाहत –१७                                               ...