सर्वश्रेष्ठ उपन्यास प्रकरण कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

सपनों का राजकुमार - 10 - अंतिम भाग
द्वारा shelley khatri

भाग 10 रत्ना शाम को चार बजे थाने आने वाली थी। रत्ना के घर वाले तीन बजे ही पहुंच गए थे। सभी दीनता की प्रतिमूर्ति नजर आ रहे थे। ...

बेगम पुल की बेगम उर्फ़ - 6
द्वारा Pranava Bharti

6 -- अगले दिन शाम के समय सारे बच्चे स्टैला के पीछे पड़ गए कि उसे उनके साथ घूमने चलना ही होगा |दादी जी तो पहले ही प्रबोध से ...

ये भी एक ज़िंदगी - 7
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 210

अध्याय 7 "आप आ गई हमें बहुत अच्छा लगा। अब आप गांव में मत जाना यही रहना हम लोगों को अच्छा लगेगा ।" क्या जवाब दूं सोचूं इससे पहले ...

प्रतिशोध - 7
द्वारा Ashish Dalal
  • 189

(७) बारिश सुबह से ही बादलों के संग अठखेलियां करती हुई कभी बड़ी ही तेजी से बरस रही थी तो कभी अचानक ही बड़े प्यार से पेड़ों की पत्तियों ...

आजादी - 25
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 135

राहुल जमीन पर पड़े पड़े ही सो गया था । कमोबेश सभी बच्चों की यही हालत थी । रात में ठण्ड की वजह से ठिठुरते रहे थे । नींद ...

मानस के राम (रामकथा) - 51
द्वारा Ashish Kumar Trivedi
  • 102

‌                          मानस के राम                              ...

रत्नावली 18
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 132

रत्नावली रामगोपाल भावुक                                   अत्ठरह                                                                                  राजापुर के घाट से गोस्वामी जी को लोग विदा करके आये थे, उसी दिन से उनके मन में ...

तोड़ के बंधन - 10
द्वारा Asha sharma
  • 297

10 कहने को तो मिताली ने विशु से कह दिया था कि स्कूल वाली घटना में अकेला वही दोषी नहीं है लेकिन कहीं न कहीं वह घटना मिताली तो ...

चेक मेट - 17
द्वारा Saumil Kikani
  • 390

               एपिसोड 17क्लब में सूमित से मिलने के कामिनी बहार आती है और अपने पर्स से वो चेक फिर से देखती है। अपना ...

रत्नावली 17
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 264

 रत्नावली रामगोपाल भावुक                                   सत्रह                                            जब जब सोमवती का अवसर आता है। रत्नावली स्थूल शरीर से तो राजापुर में ही बनी रहतीं। लेकिन सूक्ष्म शरीर से वह ...

हरम सुलतान
द्वारा Satish Sardana Kumar
  • 315

जहाँ पर आज वर्तमान देश तुर्की है वहाँ कभी ओटोमन साम्राज्य हुआ करता था।ओटोमन तुर्क राजाओं में सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली राजा सुलेमान हुआ है।सुलेमान को उसकी ताक़त और ...

सुलोचना - 9
द्वारा Jyotsana Singh
  • (12)
  • 639

भाग-९ सुलोचना मदमस्त नार सी तैयार होने के लिए स्नान घर के भीतर चली गई और मणि उसे जाते हुए स्नेह से देखता रहा और सोचता रहा। “एम.के.दादा और ...

भेद - 9
द्वारा Pragati Gupta
  • (21)
  • 1.1k

9. सृष्टि के ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के इम्तिहान होने के बाद जैसे ही रिजल्ट आया सभी ने घर पर खूब मिठाइयां बांटी क्योंकि उसने पूरी यूनिवर्सिटी में टॉप किया ...

डायरी ::कल्पना से परे जादू का सच - 9
द्वारा Swatigrover
  • 219

9 ''तुम ! तुम! तारुश तुम यहाँ कैसे ? बाकि सब कहाँ हैं ?'' यास्मिन ने हैरान होकर पूछा । सब लोग जंगल से निकल गए। तारुश ने ज़वाब ...

कैसा ये इश्क़ है.... - (भाग 29)
द्वारा Apoorva Singh
  • 507

29 अप्पू, क्या हुआ तुम्हे!! तुम ठीक तो हो।अप्पू।।श्रुति ने बाथ टब में बेहोश पड़ी अर्पिता से पूछा।।अप्पू क्या हुआ है तुम ठीक नही लग रही हो मुझे।।मैं भाई ...

ये कैसा संन्यास - सीजन 2 - भाग- 22
द्वारा Neerja Pandey
  • 261

 अनमोल पापा को रोता सुन झल्ला उठा और बोला, " ओह ! पापा इसी  सब वजह से मै फोन नहीं करता हूं। जब देखो तब आपका रोना धोना  शुरू ...

एलओसी- लव अपोज क्राइम - 2
द्वारा jignasha patel
  • 198

" दीदी, आज सुबह....!"दीपक कुछ और बोलता कि इतने में नंदिनी के मोबाइल की घण्टी बज उठी।" दीपक, एक जरुरी कॉल है। मैं बात करके आती हूँ। तब तक ...

बेगम पुल की बेगम उर्फ़ - 5
द्वारा Pranava Bharti
  • 378

5 --- इस बार सप्ताह के अंत में यानि शनिवार की रात को रामनाथ जी का पूरा परिवार मेरठ पहुँचा | 'बेग़म पुल' से उतरते हुए प्रबोध को एक ...

सपनों का राजकुमार - 9
द्वारा shelley khatri
  • 222

भाग 9 रत्ना कॉलेज वापस चली गई। फिर ड्रेस चेंज करके लास्ट क्लास कर लिया। घर जाते समय वह पूरी तरह प्रफ़ुल्लित थी। आंटी ओह सॉरी मम्मी ने आज ...

तोड़ के बंधन - 9
द्वारा Asha sharma
  • 519

9 मयंक के साथ अनचाही स्थिति भोगने के बाद मिताली ने तय कर लिया था कि वह रिश्तों को संतुलित ढंग से निभाने की कला सीखेगी. लोकेश हो या ...

आजादी - 24
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 129

साजिद अब पूरी बात समझ चुका था । अब उसके चेहरे पर इत्मीनान के भाव थे । कालू भाई का फैसला भी उसे अब पसंद आ रहा था ।बाबा ...

मानस के राम (रामकथा) - 50
द्वारा Ashish Kumar Trivedi
  • 174

‌                          मानस के राम                              ...

ये भी एक ज़िंदगी - 6
द्वारा S Bhagyam Sharma
  • 402

अध्याय 6 घर में आकर बताया घर वाले भी बड़े खुश हो गए। लड़का मुकेश स्वतंत्र विचारों का है। लड़की यहां पर खुश रहेगी। मुकेश को कह दिया हम ...

रत्नावली 16
द्वारा ramgopal bhavuk
  • 195

रत्नावली रामगोपाल भावुक                                   सोलह                  होली के पावन पर्व पर हम होली न खेलें। फिर भी उसके छींटे ऊपर पड़े बिना नहीं रह सकते। यह सोचते ...

प्रतिशोध - 6
द्वारा Ashish Dalal
  • 369

(६) समय अपनी गति से गुजरता गया । श्रेया ने नैतिक की सलाह पर अपने को व्यस्त रखने के लिए नौकरी ज्वाइन कर ली थी । अब तक श्रेया ...

भेद - 8
द्वारा Pragati Gupta
  • (20)
  • 1.1k

8. समय के साथ कुछ और दिन यूं ही गुज़र गए| सृष्टि ने दादी के साथ हुए वार्तालाप को अपने तक ही रहने दिया| अपनी माँ के पूछने पर ...

डायरी ::कल्पना से परे जादू का सच - 8
द्वारा Swatigrover
  • 255

8 रास्ते में उसने ड्रैगन को देखा जो बिलकुल उसके साथ कदम से कदम से मिलाकर चल रहा था तभी उसे महसूस हुआ कि उसकी चाल किसी राजसी आदमी ...

कर्तव्य - 1
द्वारा RISHABH PANDEY
  • 201

घड़ी की टिक-टिक से पूरा कोर्ट रूम गूंज रहा था चारों ओर सन्नाटे का माहौल था लेकिन ऐसा नही था कि कोर्ट रूम में कोई था नही वहाँ पर ...

मैं तो ओढ चुनरिया - 1
द्वारा Sneh Goswami
  • 315

  मैं तो ओढ चुनरिया अध्याय एक      कोई भूखा मंदिर इस उम्मीद में जाय कि उसे एक दो लड्डू या बूंदी मिल जाय तो रात आराम से ...

इंसानियत - एक धर्म - 12
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 168

सुबह लगभग ग्यारह बज चुके थे जब राखी कचहरी परिसर में पहुंची थी । परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी । कचहरी के बाहरी हिस्से में ...