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निश्छल आत्मा की प्रेम पिपासा - 5
by Anandvardhan Ojha
  • 15

['यह रूहों की सैरगाह है...!'] दो वर्षों के कानपुर प्रवास के वे दिन मौज-मस्ती से भरे दिन थे। दिन-भर दफ्तर और शाम की मटरगश्तियां, यारबाशियाँ। कुछ दिनों बाद मैंने ...

चिंटु - 26
by V Dhruva Verified icon
  • (7)
  • 41

बेला दरवाजे पर खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही थी। फिर वह धीरे से रूम का दरवाजा बंद करती है जहां चिंटू और सुमति आराम से सो रहे थे। पर उस ...

सत्या - 17
by KAMAL KANT LAL
  • (5)
  • 72

सत्या 17 शराब के नशे में लड़खड़ाता शंकर चला जा रहा था. अपनी गली में मुड़ते ही उसने सविता को घर के बाहर औरतों से घिरा हुआ देखा. उसे ...

अस्वत्थामा (हो सकता है) - 4
by Vipul Patel
  • (2)
  • 99

                  फिर थोडे ही दिनो मे मालती अपने मिलनसार स्वभाव और पढाई करवाने की अपनी बहेतरिन और अनोखी रीत से वो यूनिवर्सिटी के स्टाफ और स्टुडण्ट के साथ घुलमिल ...

सत्या - 16
by KAMAL KANT LAL
  • (3)
  • 132

सत्या 16 रात में पढ़ाई ख़त्म होने के बाद जब बच्चे किताबें समेट रहे थे तो खुशी ने चुपके से सत्या के कान में कहा कि दो दिनों बाद ...

बड़ी बाई साब - 19 (अंतिम)
by vandana A dubey Verified icon
  • (24)
  • 295

ओहो…. तो ये शीलू के लिये तैयारी चल रही है…. उससे पूछ लिया है न दादी?” “पूछना क्या? नीलू से पूछा था क्या? शादी के लायक़ उमर हो गयी ...

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 4
by Anandvardhan Ojha
  • (2)
  • 109

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... (४) पूज्य पिताजी ने अपने एक लेख 'मरणोत्तर जीवन' में लिखा है--"मनुष्य-शरीर में आत्मा की सत्ता सभी स्वीकार करते हैं। शरीर मरणशील है, आत्मा अमर। ...

सुनो आएशा - 3
by Junaid Chaudhary Verified icon
  • (6)
  • 106

सो फ़िल्म से कंसन्ट्रेट हटा कर मेने आयशा से इधर उधर की बातें शुरू कर दी।आयशा का पसंदीदा कलर.एक्टर. खाना.मूवी.हॉबी.ओर बर्थ डेट भी।।क्योंकि मुझे यही था कि वो पता ...

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 3
by Anandvardhan Ojha
  • (1)
  • 144

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... (३) जब मैंने किशोरावस्था की दहलीज़ लांघी और मूंछ की हलकी-सी रेख चहरे पर उभर आई, तो चाचाजी मेरे प्रश्नों के संक्षिप्त और संतुलित उत्तर ...

सत्या - 15
by KAMAL KANT LAL
  • (6)
  • 163

सत्या 15 20 वर्ष की अनिता सुबह आठ बजे अपने काम पर निकली थी. रास्ते में उसकी सविता से भेंट हो गई, जो अपने घर के आगे गेट पर ...

अस्वत्थामा (हो सकता है) - 3
by Vipul Patel
  • (6)
  • 228

               अंतिमसंस्कार के बाद डी.सी.पि. प्रताप चौहाण ने अपने ड्राइवर को अपनी गाडी लेकर पुलिस स्टेशन पहोचने को कहा और अपने दोस्त जगदीशभाई से कहा मैं तेरे साथ तेरी ...

जीनी का रहस्यमय जन्म - 4
by Sohail Saifi
  • (7)
  • 112

दोपहर की तिलमिलाती धुप मे एक चौदह पंद्रह वर्ष का बच्चा बेसूद भागे जा रहा हैँ, उसका बदन पसीने मे लतपत होकर उसको रुकने को कह रहा हैँ किन्तु किसी ...

चिंटु - 25
by V Dhruva Verified icon
  • (19)
  • 342

आधी रात में सुमति की आंखें खुल जाती है, वजह थी ठंड। बारिश के साथ तेज हवाएं अब भी चल रही थी। वह कुछ समय तक यूहीं घुटने सिन ...

बड़ी बाई साब - 18
by vandana A dubey Verified icon
  • (16)
  • 288

नीलू का जवाब सुन के गौरी के होश उड़ गये थे. नीलू बोली- “ मां, प्रताप और उसके घर वाले किसी भी हद तक उतर जाने वाले लोग हैं. ...

सत्या - 14
by KAMAL KANT LAL
  • (3)
  • 133

सत्या 14 दोनों बच्चों का दाख़िला शहर के सबसे अच्छे इंगलिश मीडियम स्कूल में हो गया. नई किताबें, नया स्कूल ड्रेस, नए संगी-साथी. नया माहौल, पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स, ...

बड़ी बाई साब - 17
by vandana A dubey Verified icon
  • (20)
  • 303

. दादी का ये नया रूप देख रही थी नीलू. अब तक तो पूरी दबंगई से बोलते और दमदारी से सारे काम करवाते देखा था उन्हें, लेकिन किसी ग़लत ...

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 2
by Anandvardhan Ojha
  • (6)
  • 166

मेरे रोने की आवाज़ जैसे ही वातावरण में गूंजी, चाचाजी और उस अज्ञात स्त्री की वार्ता अवरुद्ध हो गई। चाचाजी अपनी चौकी से उठकर मेरे पास आये और पूछने ...

सुनो आएशा - 2
by Junaid Chaudhary Verified icon
  • (9)
  • 172

वादे के मुताबिक हिरा मुझे अगले दिन शाम में आयशा के घर ले गयी। ओर नसीब देखिए गेट भी आयशा ने ही खोला।।उसने काली ओर कत्थई धारियों वाला गाउन ...

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा ... 1
by Anandvardhan Ojha
  • (7)
  • 322

[मित्रो, ये चर्चाएं कई किस्तों में पूरी होंगी और क्रमशः एक उपन्यास की शक्ल अख्तियार कर लेंगी शायद। आप इन्हें किस्तों में पढ़ते जाने का अवकाश निकालेंगे तो मुझे ...

अस्वत्थामा (हो सकता है) - 2
by Vipul Patel
  • (9)
  • 368

उसी दिन  सुबह किशनसिंहजी के राज्य गुजरात के अहमदाबाद में मनोविग्नान के  प्रोफेसर जगदिशभाई सुबह सुबह अपने बंगले में अपने कमरे को अंदर से बंध करके  बैठे बैठे भगवद् ...

सत्या - 13
by KAMAL KANT LAL
  • (4)
  • 160

सत्या 13 सत्या की ज़िंदगी फिर से पटरी पर आ गई लगती थी. मीरा घर लौट आई थी. उस दिन सविता गुस्से में जितना खूँखार लग रही थी, अब ...

बड़ी बाई साब - 16
by vandana A dubey Verified icon
  • (22)
  • 325

हद करती है लड़की! ये भी नहीं बताया कि कब आना चाहती है? रोहन को भेजें भी तो कब? फोन लगाया तो स्विच्ड ऑफ़ आने लगा. परेशान हो गयीं ...

सत्या - 12
by KAMAL KANT LAL
  • (7)
  • 197

सत्या 12 सुबह का समय. एक ऑटोरिक्शा आकर रुकी. सत्या के साथ गोमती और एक और व्यक्ति उतरे. सत्या ने सविता को आवाज़ दी. वह बाहर आई. दोनों बच्चे ...

बड़ी बाई साब - 15
by vandana A dubey Verified icon
  • (20)
  • 366

शादी के बाद ससुराल में सबकुछ था, सिवाय अपनी इच्छा के. जो चाहो खाओ, पहनो, जहां चाहो जाओ, मिलो-जुलो बस अपने विचार पेश मत करो. बड़ी बाईसाब यानि गौरी ...

सुनो आएशा - 1
by Junaid Chaudhary Verified icon
  • (12)
  • 249

कल हिरा घर आ  रही है।। अम्मी ने जब मुझे बताया तो सुन कर ही मेरा आधा खून ख़ुश्क हो गया।। मेने फट से सवाल दाग़ा के वो क्यो ...

चिंटू - 24
by V Dhruva Verified icon
  • (21)
  • 480

सुमति वहां है और यहां पुनिश की हालत खराब हो रही है। पुलिस को कहीं पर भी कोई सुराग नहीं मिल रहा है। पुनिश इंस्पेक्टर के साथ बैठा हुआ ...

सत्या - 11
by KAMAL KANT LAL
  • (6)
  • 155

सत्या 11 दीवार घड़ी में दिन के बारह बजने में कुछ क्षण शेष थे और वार्ड के प्रवेष द्वार पर लोगों की धक्का-मुक्की बढ़ गई थी. जैसे ही मिनट ...

क्या यही प्यार है - 4 (अंतिम भाग)
by Deepak Bundela Moulik
  • (8)
  • 183

खबरी... ये बतायेगा...क्या बात हैं मुन्ना भाई बतलाइये ना.... मेरी शाबा के बारे में....?मैने मुन्ना के हाथों को पकड़ते हुए कहा था.....सर ये तो बुखार में तप रहा हैं.....ऐसे ...

बड़ी बाई साब - 14
by vandana A dubey Verified icon
  • (18)
  • 375

पढ़ाई में अच्छी थी गौरी. क्लास में अव्वल तो नहीं, लेकिन तीसरे या चौथे नम्बर पर रहती थी हमेशा. सारे टीचर्स बहुत प्यार करते थे गौरी को. इतने धनाड्य ...

मिखाइल: एक रहस्य - 5
by Hussain Chauhan
  • (3)
  • 147

'तेरा बाप लूज़र था।' पैरी ने जोनाथन के मुंह पे एक घुसा मारते हुए कहा। जोनाथन ने पैरी को मारने की कोशिश की लेकिन पैरी के दो दोस्त जो ...