Murdakhor book and story is written by GOPESH KUMAR in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Murdakhor is also popular in Drama in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मुर्दाखोर GOPESH KUMAR द्वारा हिंदी नाटक 1.3k 2.6k Downloads 10k Views Writen by GOPESH KUMAR Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण *मुर्दाखोर* चित्रगुप्तः महाराज दुनिया से गिद्धों की जाति ही लुप्त होने को है और नरक गिद्धों की आत्माओ से भरता जा रहा है जो हमारे लिए एक चिन्ता का विषय बनता जा रहा है। यमः परन्तु चित्रगुप्त ये गिद्ध आत्महत्या जैसा घृणित पाप कर क्यो रहे हैं? चित्रगुप्तः हे! धर्मराज चलिए इस प्रश्न का उत्तर उनसे ही मांगते हैं। यमः हे! महान जटायु के वंशजो हमें तुम से कायरता की उम्मीद नही थी। छीः छीः आत्महत्या....... गिद्ध: तो महाराज आपको भी यह भ्रम है! कि हमने आत्मदाह किया है! नही महाराज यह असत्य है। चाहे आप इन यातनाओ को बढाकर More Likes This अनकहा जुनूँ - 1 द्वारा Priya Chaudhary पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 4 द्वारा Sonam Brijwasi फुटपाथिया - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh तनुदा का अपहरण - प्रस्तावना द्वारा Dr. Suryapal Singh नशा - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh उन्हें नींद नहीं आती-1-I द्वारा Dr. Suryapal Singh दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 1 द्वारा Praveen Kumrawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी