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अफसर का अभिनन्दन - 13
by Yashvant Kothari
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होना फ्रेक्चर हाथ में  ... यशवंत कोठारी आखिर मेरे को भी फ्रेक्चर का लाभ मिल गया.जिस उम्र में लेखकों को मधुमेह ,उच्च रक्त चाप ,किडनी फेलियर ,या स्ट्रोक या ...

हम हिन्दीवाले
by dilip kumar
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हम हिन्दीवाले (व्यंग्य )अपने कुनबे में हमने ही ये नई विधा इजाद की है ।एकदम आमिर खान की मानिंद "परफेक्शनिस्ट",नहीं,नहीं भाई कम्युनिस्ट मत समझिये।भई कम्युनिस्ट से जब जनता का ...

दाम्पत्य
by VIJAY KUMAR SHARMA
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दाम्पत्य बात २०१४ के प्रारंभ की है जब नायक की सगाई परिवार जनों की व्यवस्था पद्धति (अरेंज ) से सम्पन्न हो चुकी थी, जहाँ पहली ही मुलाकात में नायक-नायिका ...

अफसर का अभिनन्दन - 12
by Yashvant Kothari
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आओ अफवाह उड़ायें   भारत अफवाह प्रधान देश है। अतः आज मैं अफवाहों पर चिन्तन करूंगा। सच पूछा जाए तो अफवाहें उडा़ना राष्ट्रीय कार्य है और अफवाहें हमारा राष्ट्रीय ...

छुपी सच्चाई
by Smit Makvana
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छुपी सच्चाई मेने अपने दोस्त(राहुल) को फोन करके अपने साथ बुला लिया ताकि कोई समस्या आये तो हम दोनों एक दूसरे को संभाल शके। राहुल की फिटनेस बहुत ही ...

एक सच : आरंभ ही अंत
by Smit Makvana
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एक सच: आरंभ ही अंत  PART-1 में(निखिल) कॉलेज में था, पापा(जगदीसभाई)  काम पर और माँ(रवीनाबेन)  घर पे, छोटा भाई(आयुष) भी स्कूल में गया था। सोमवार से लेकर शनिवार तक हम लोगो ...

अफसर का अभिनन्दन - 11
by Yashvant Kothari
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व्यंग्य सफल और स्वादिष्ट श्रद्धांजली                                   यशवंत कोठारी साहित्य के भंडारे चालू आहे.कविता वाले कविता का भंडारा कर रहे हैं,कहानी वाले कहानी के  भंडारे में व्यस्त है. नाटक वाले ...

अफसर का अभिनन्दन - 10
by Yashvant Kothari
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लू में कवि                                   यशवन्त कोठारी           तेज गरमी है। लू चल रही है। धूप की तरफ देखने मात्र से बुखार जैसा लगता है। बारिश दूर दूर तक ...

म्यूजियम में चाँद
by amitaabh dikshit
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“कहते हैं पिछली सदी का चांद  इस सदी जैसा नहीं था” एक बोला. “नहीं बिल्कुल ऐसा ही था”  दूसरे ने पहले की बात काटी. “तुम्हें कैसे मालूम है”  पहले ...