सर्वश्रेष्ठ हास्य कथाएं कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

ठंडे जी का स्टार्टअप
द्वारा Prabodh Kumar Govil
  • 267

अब साल पूरा होने में केवल दो ही दिन बचे थे। न - न ...आज कोई उनतीस दिसंबर नहीं था। आज तो अठारह दिसंबर ही था। लेकिन आप सोच ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 25
द्वारा Yashvant Kothari
  • 105

25 विज्ञापन एजेन्सी के कर्ता - धर्ता उर्फ मुख्यकार्यकारी अधीकारी के दादा जी गांव में ब्याज का छोटा मौटा धन्धा करते थे । आसामी थे । बोरगत थी । ...

जेबकतरा
द्वारा राज कुमार कांदु
  • 252

कलुआ एक जेबकतरा है। आठ नवम्बर 2016 को मोदीजी के आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक का सबसे बड़ा पीड़ित पक्ष अगर कोई है तो वह है कलुआ जैसे छोटे मोटे जरायम पेशा ...

पुरस्कार
द्वारा Alok Mishra
  • 195

       बहुत दिनों से सोच रहा था, कि कुछ नहीं बोलूंगा क्योंकि हम बोलेगा तो बोलोगे कि बोलता है। फिर हमें चुप रहना आता ही कहाँ है ? अब ...

कौन आया मेरे घर के द्वारे
द्वारा Annada patni
  • 171

आवत ही हरषै नहीं, नैनन नहीं सनेह, तुलसी तहाँ न जाइये, कंचन बरसे मेह ।। संत तुलसीदास जी कहते हैं कि जहाँ आपको आते देख, लोग खुश न हों ...

जूते चिढ़ गए हैं...
द्वारा Suryabala
  • 138

सूर्यबाला जूते चिढ़ गए हैं इन दिनों। कहते हैं, यह हमारी तौहीनी है। ये क्या कि हमें जिस-तिस पर उछाल दिया, जैसे हमारी कोई इज्जत ही नहीं। बात सही ...

गर्व से कहो हम पति हैं
द्वारा Suryabala
  • 270

सूर्यबाला महिलाओं को मालूम है कि जिस तरह हर सफल पुरुष के पीछे कोई महिला होती है उसी तरह हर असफल महिला के पीछे भी कोई-न-कोई पुरुष होता है। ...

ए मेरे वतन के लोगों ..... 
द्वारा Alok Mishra
  • 174

ए मेरे वतन के लोगों .....           हमारे पोपटलाल जी वैसे तो देशभक्त है लेकिन स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर उनकी देशभक्ति चरम पर पहुंच ...

महानता के नुस्खे 
द्वारा Alok Mishra
  • 222

महानता के नुस्खे        हकीम लुकमान ने दुनिया के सभी मर्जाें के नुस्खे बताए । वे ये बताना तो भूल ही गए कि एक आम आदमी किन ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 24
द्वारा Yashvant Kothari
  • 138

24 प्रजातन्त्र, राजनीति, कुर्सी, दल, विपक्ष, मत मतपत्र, मतदाता, तानाशाही, राजशाही, लोकशाही, और ऐसे अनेको ष्शब्द हवा में उछलने लग गये । जिसे आम आदमी प्रजातन्त्र समझता था वो ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 23
द्वारा Yashvant Kothari
  • 156

23 शुक्ला जी के पुत्र के असामयिक निधन के बाद श्री मती ष्शुक्ला ने सब छोड़ छाड़ दिया था । वे एक लम्बी यात्रा पर निकलना चाहती थी, उन्होने ...

भारत और इंड़िया (व्यंग्य )
द्वारा Alok Mishra
  • 303

            वो अक्सर आता और एक ही बात करता सर मोबाईल चार्ज कर लॅूं ? मै उसे ऐसा करने देता । एक दिन मैने ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 22
द्वारा Yashvant Kothari
  • 144

22 कभी जहॉं पर कल्लू मोची का ठीया था और सामने हलवाई की दुकान थी ठीक उस दुकान की जगह पर कुछ अतिक्रमण करके कल्लू मोची के नेता पुत्र ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 21
द्वारा Yashvant Kothari
  • 228

21 पुस्तके जीवन है । पुस्तके मशाल है । हर पुस्तक कुछ कहती है । हर पुस्तक जीवन जीने की कला सिखाती है । पुस्तक प्रेम जीवन से प्रेम ...

कथा एक बाँध की
द्वारा Alok Mishra
  • 366

कथा एक बाँध की       एक उच्च स्तरीय गोपनीय बैठक में यह तय किया गया था कि जंगलों के बीच बहने वाली ‘‘की’’ नदी पर ‘‘गो’’ बाँध बनाया जावे। ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 20
द्वारा Yashvant Kothari
  • 189

20 चारों बच्चों की उपस्थिति बाबू ने पूरी की । डीन एकेडेमिक ने स्वीकार की । बच्चें परीक्षा में बैढे । विश्वविधालय में नये सत्र की ष्शुरूआत थी । ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 19
द्वारा Yashvant Kothari
  • 183

19 शुक्लाजी व श्री मती शुक्ला टेन से वापस आ रहे थे । मुख्यमंत्री की मिटिंग का गहरा असर था । ये बात अलग कि उन्हें मिला कुछ नहीं ...

बजट - ‘‘हमें का मालूम’’ ? (व्यंग्य कथा)
द्वारा Alok Mishra
  • 411

       बजट - ‘‘हमें का मालूम’’ ? (व्यंग्य कथा)         वो बूढ़ा धीमे कदमों के साथ अपनी झोपड़ी में दाखिल हुआ । झोपड़ी में एक ओर मिट्टी ...

Hostel Boyz (Hindi) - 20 - Last Part
द्वारा Kamal Patadiya
  • 264

प्रकरण 31 : हॉस्टल और कॉलेज के त्यौहार अक्सर त्यौहारों में छुट्टी होने के कारण हम लोग ज्यादातर त्यौहार घर पर ही मनाते थे लेकिन मकर संक्रांति का त्योहार ...

टकला
द्वारा Alok Mishra
  • 567

//टकला//             शीर्षक पढ़ कर आपको यह लग रहा होगा कि आज मैं इन्टरनेट से चुराकर कुछ सामग्री परोसने जा रहा हुँ। ऐसा कुछ नहीं है। टकला होना या ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 18
द्वारा Yashvant Kothari
  • 237

18 ‘मेरा क्या हैं मेडम । आपके पीछे -पीछे चल रहा हूॅ । कहीं तो पहुॅच ही जाउूगा । ‘ ल्ेकिन पदम पुरस्कारों के लिए उच्च स्तर की सेंिटगं ...

Hostel Boyz (Hindi) - 19
द्वारा Kamal Patadiya
  • 225

प्रकरण 29 : यूनिवर्सिटी की फाइनल exam की date को postponed करवाया कॉलेज की फाइनल exam आने वाली थी और हमारा course अभी तक खत्म नहीं हुआ था, इसलिए ...

मैं इतिहास बोल रहा हुॅ
द्वारा Alok Mishra
  • 348

मैं इतिहास बोल रहा हुॅ           मैं इतिहास बोल रहा हुॅ । मै वो इतिहास हुँ जो शायद आप का  हो सकता है,किसी जीवित या अजीवित वस्तु का हो ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 17
द्वारा Yashvant Kothari
  • 174

17 इन्हीं विकट परिस्थितियों में नेता जी अपने महल नुमा - डाईगं रूम में मालिश वाले का इन्तजार कर रहे थे । वे आज गम्भीर तो थे,मगर आश्वत भी ...

Hostel Boyz (Hindi) - 18
द्वारा Kamal Patadiya
  • 324

प्रकरण 27 : प्रिंसिपल की ऑफिस में धमाल 31st की सेलिब्रेशन के बाद कोलेज प्रशासन की ओर से हमारा सरघस निकलना तय था। हम सबके भूतकाल के रिकॉर्ड को ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 16
द्वारा Yashvant Kothari
  • 351

16 ‘जिन्दगी जीने के लिए है और विश्वविद्यालय मंे तो मजे ही मजे। मौजां ही मौजां। याद है अपन जब विश्वविद्यालय मंे पढ़ते थे तो एक प्रोफेसर ने क्या ...

सूत्रों के हवाले से....
द्वारा Alok Mishra
  • 312

     सूत्रो के हवाले से ....         अभी - अभी सूत्रों के हवाले से खबर लगी है कि "फलाना" भी कोरोना पोजेटिव हो गया । ये फलाने हमारे ...

Hostel Boyz (Hindi) - 17
द्वारा Kamal Patadiya
  • 318

प्रकरण 25 : Ring Theory हम लोग कॉलेज प्रशासन के सामने अक्सर विरोध प्रदर्शन करते थे इसलिए हमारे क्लास का वह कोई नुकसान ना कर सके इसलिए हम लोगोने ...

भिखारी संघ
द्वारा Alok Mishra
  • 699

भिखारी संघ         सड़क के किनारे बैठे कुछ भिखारियों में से एक को यह ख़्याल आया कि आजकल हर वर्ग का अपना संघ  है जैसे व्यापारी ...

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 15
द्वारा Yashvant Kothari
  • 237

15 कोई कुछ नहीं बोला। सन्नाटा बोलता रहा। झिगुंर बोलते रहे। मकड़ियांे ने संगीत के सुर छेड़े। रात थोड़े और गहराई। यशोधरा बोली। ‘आज मेरी काम वाली ने बताया ...