सर्वश्रेष्ठ हास्य कथाएं कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

जो घर फूंके अपना - 42 - आग के बिना सप्तपदी कैसी ?
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 42 आग के बिना सप्तपदी कैसी ? रवि की दास्तान में भावनात्मक और शारीरिक दोनों तरह का दर्द भरा हुआ था. सुनकर मुझे लगा कि ...

जो घर फूंके अपना - 41 - सिक्के की खनक और कमरदर्द की खुन्नस
द्वारा Arunendra Nath Verma
  • 198

जो घर फूंके अपना 41 सिक्के की खनक और कमरदर्द की खुन्नस गौतम ने उस घटना का बयान जारी रखा जिसने लज्जा की लज्जा को खनखनाती हँसी में बदल ...

दो बाल्टी पानी - 18
द्वारा Sarvesh Saxena
  • 308

स्वीटी ने आकर जैसे ही ठकुराइन को देखा वो चिल्ला पड़ी," हाय अम्मा… ये का हो गया… हाय राम तुम्हारे बाल कहां गए"? ठाकुराइन लाल होके बोलीं," बाप का असर ...

राजनीति में सती सावित्री
द्वारा bhagirath
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  राजनीति में सती सावित्री     (राजनीति में आई एक स्त्री के प्रति पुरूषों का क्या दृष्टिकोण है जरा मुलाहिजा फरमाइये।)       राजनीति में सती सावित्री का क्या काम! ...

रावण_का_पुतला
द्वारा सिद्धार्थ शुक्ला
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#रावण_का_पुतला कस्बों गाँवो में दशहरे का अलग ही माहौल होता है। मेले, मिठाई और मजा मस्ती । रावण के अहंकार और राम की मर्यादा से लोगो को कोई खास लेना ...

जो घर फूंके अपना - 40 - लज्जा की लज्जा
द्वारा Arunendra Nath Verma
  • 162

जो घर फूंके अपना 40 लज्जा की लज्जा मेरे मन में तस्वीर बन रही थी एक बहुत चुपचाप, हर बात पति और ससुराल वालों की इच्छा से करने वाली ...

जो घर फूंके अपना - 39 - फिल्म कैसी है? ट्रेलर बतायेगा
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 39 फिल्म कैसी है? ट्रेलर बतायेगा बहुत हो गयी अर्दली गाथा, चलिये वापस पालम के अपने मेस में चलते हैं. वह एक रविवार का दिन ...

बलि का बकरा
द्वारा Annada patni
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बलि का बकरा अन्नदा पाटनी समारोह समाप्त होते ही, सभागृह से निकलने की सभी को उतावली थी । तभी एक सज्जन सामने आ कर खड़े हो गए । " ...

लाल बुझक्कड़ के कारनामे
द्वारा राज बोहरे
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भारतीय  लोक कथा- लाल बुझक्कड़ के कारनामें बहुत पुरानी बात है, एक गाँव था बुद्धूपुरा। बुद्धूपुरा के निवासी बड़े बेवकूफ और झगड़ालू स्वभाव के थे। गाँव में एक भी ...

जो घर फूंके अपना - 38 - अर्दली गाथा चालू आहे !
द्वारा Arunendra Nath Verma
  • 162

जो घर फूंके अपना 38 अर्दली गाथा चालू आहे ! स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से भारत में सैन्य सेवाओं के अधिकारियों की वर्दी की शान में सरकारी प्रोटोकोल में ...

दो बाल्टी पानी - 17
द्वारा Sarvesh Saxena
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गुप्ताइन का घर पास में होने से ठकुराइन की चीख उनके घर तक आराम से पहुंच गई |"गुप्ता जी, अरे उठो ना, देखो बाहर कौन चीख रहा है"? गुप्ता ...

कवियों के सरोकार
द्वारा bhagirath
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 मंच के कवि          उभरते हुए युवा कवि जिसे देखा उसे पकड़कर ले गये और अपनी कविता पेल दी। हालांकि कविता सुनाने के पहले चाय कचौड़ी का आदेश ...

स्टूडेंट टिकिट
द्वारा Bharti
  • 206

स्टूडेंट टिकिटयह उन दिनों की बात है जब बिन्नी ने अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी की थी और अब कोर्ट में प्रैक्टिस करने के दिन आ गए थे।बारिशों का ...

लकड़बग्घा - 1
द्वारा सिद्धार्थ शुक्ला
  • 206

एक जंगल था उसमे था एक लकड़बग्घा! हुआ यूं कि शातिर कोबरा ? ने उसे एक दिन धर लिया और उसका एक वीडियो बना डाला। कुछ दलाली टाइप की डील ...

गधे की सवारी
द्वारा Achlesh Singh
  • 156

यह उस समय की बात है जब मैं सातवीं कक्षा में पढ़ता था।हमारी गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी।इस मई और जून के महीने का इंतजार हम किसी विरहणी ...

जो घर फूंके अपना - 37 - घरवाली बनाम अर्दली
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 37 घरवाली बनाम अर्दली बुद्ध जयन्ती पार्क में ज्योति के साथ बिताया हुआ वह थोडा सा समय मुझे बहुत दिनों तक मीठा मीठा दर्द देकर ...

चमत्कार को नमस्कार
द्वारा राजीव तनेजा
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(कॉलबेल की आवाज़) बीवी के दरवाज़ा खोलने पर पति अन्दर आता है और अपना बैग साइड पर रखने के बाद भगवान के आगे माथा टेकता है। उसे ऐसा करते देख ...

शौकीलाल जी का स्कूटर प्रेम - 2
द्वारा Krishna manu
  • 140

शौकीलाल जी फिल्ड में आते ही इतना अधीर हो गए कि झट मेरे कब्जे से स्कूटर लेकर फाइनल टच के लिए तैयार हो गए। मैंने एक नजर फील्ड पर ...

अग्नि पूर्व
द्वारा Sachin Godbole
  • 520

पूर्वकांड भारत को आज़ाद हुए कुछ ही समय हुआ था। जिले और राज्यों की सीमाएँ धीरे धीरे बन रही थी। प्रतापगढ़ के एक छोटे से क़सबे में प्राथमिक स्कूल के ...

जो घर फूंके अपना - 36 - डूबना कमल सरोवर में रोमांस का
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 36 डूबना कमल सरोवर में रोमांस का बारहवीं की गणित की परीक्षा का वह दिन और आज का दिन ! मुझे अच्छी तरह समझ में ...

जो घर फूंके अपना - 35 - गणित के फंदे में लटकती सांस
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 35 गणित के फंदे में लटकती सांस धीरज बनाए रखिये. मुझे पता है आप ज्योति के साथ मेरे रोमांस का किस्सा सुनने के लिए उतावले ...

दो बाल्टी पानी - 16
द्वारा Sarvesh Saxena
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ठकुराइन ने मिश्राइन के घर का दरवाजा खटखटाते हुए कहा, "अरे मिश्राइन… खोलो ठकुराइन बोल रहे हैं, नंदू जो अभी जाकर बिस्तर पर सही से लेट भी नहीं पाया ...

दशरथ का रावण दहन
द्वारा सुप्रिया सिंह
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ये बात उन दिनों की है जब मेरे चाचा के बेटे छोटे- छोटे थे ।संयुक्त परिवार में रहने वाले हम सब एक खुशहाल परिवार माने जाते हैं जिसे हमारी ...

जो घर फूंके अपना - 34 - लौट के बुद्धू घर को आये -दिल्ली में दिलवाली की तलाश
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 34 लौट के बुद्धू घर को आये -दिल्ली में दिलवाली की तलाश मैं उस शायर से पूरी तरह सहमत हूँ जिसका ख्याल है कि “हरेक ...

हींग लगी ना फिटकरी
द्वारा राजीव तनेजा
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"अच्छा...सुनो...मैं सोच रही थी कि बड़े दिन हो गए सिंपल सिंपल सा बनाते खाते हुए...तो  आज कुछ अच्छा बना लेती हूँ। बोलो..क्या बनाऊँ?""अपने आप देख लो।""नहीं...तुम बताओ..."सबसे अच्छा तो ...

शौकीलाल जी का स्कूटर प्रेम - भाग 1
द्वारा Krishna manu
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आज जहाँ लोग-बाग बुलेट ट्रेन पर सफर करने का सपना लिये फिरते हैं। हवाई जहाज पर सफ़र करने का ख़्वाब देखते हैं । अब तो रॉकेट-यात्रा की बात भी ...

जो घर फूंके अपना - 33 - अब आयेगा असली मज़ा!
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 33 अब आयेगा असली मज़ा! लिफ्ट के अंदर एकदम करीब चिपकी हुई नादिया की परफ्यूम कपूर को मदहोश करती रही. यदि एवरेस्ट की चोटी तक ...

बोतल-पुड़िया संवाद
द्वारा Mahaveer Prasad
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एक मैली-कुचैली सी किराने की दुकान के बिना शीशा लगे शोकेस के एक कोने में टाट के टुकड़े के नीचे विमला, रजनी, और अमरी दुबकी बैठी थी। ये सभी ...

जो घर फूंके अपना - 32 - एक छोटी सी मुलाक़ात की लम्बी दास्तान
द्वारा Arunendra Nath Verma
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जो घर फूंके अपना 32 एक छोटी सी मुलाक़ात की लम्बी दास्तान तो फिर उस दिन कपूर की मांग पर हम सब फैक्टरी से दोपहर तक वापस अपने होटल ...

उफ्फ ये मुसीबतें - 2
द्वारा Huriya siddiqui
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    मै तो भूल ही गई इस ज़मबो की बच्ची के बावाल में मेरे चावल जल गए"" शफकत किचेन की तरफ बड़बड़ाते हुए दौड़ी तब मेरे सांस में ...