हिंदीहास्य कथाएं मुफ्त में पढ़े और PDF डाउनलोड करें

ये वकील दुनिया में नाम कर जायेगा
by Ajay Amitabh Suman
  • (4)
  • 63

ये कविता एक बेईमान वकील को ध्यान में रखकर बनाई गई है . दरअसल वकालत न्याय की रक्षा करने के लिए बनाया गया था . इसका उद्देश्य कमजोरो को ...

अफसर का अभिनन्दन - 25
by Yashvant Kothari verified
  • (3)
  • 75

कला- हीन कला केंद्र                                   यशवंत कोठारी हर शहर में कला केन्द्र होते हैं ,कलाकार होते हैं और कहीं कहीं कला भी होती है.रविन्द्र मंच,जवाहर कला केंद्र ,भारत भवन,मंडी हाउस ...

नतीजा फिर भी वही…ठन्न…ठन्न…गोपाल
by राजीव तनेजा
  • (2)
  • 73

नतीजा फिर भी वही- ठण ठण गोपाल ट्रिंग…ट्रिंग….ट्रिंग…ट्रिंग… “ह्ह….हैलो…श्श….शर्मा जी?” “हाँ।…जी….बोल रहा हूँ…आप कौन?” “मैं…संजू।” “संजू?” “जी।….संजू…..पहचाना नहीं?...राजीव तनेजा की वाइफ।” “ज्ज…जी भाभी जी….कहिये…क्या हुक्म है मेरे लिए?…..सब खैरियत ...

शौकीलाल जी का खत चोर जी के नाम - भाग एक
by Krishna manu
  • (1)
  • 47

सर्व गुण संपन्न, सर्व शक्तिवान श्री श्री 108  श्री   चोर जी महाराज !        चरण युगल में अकिंचन शौकीलाल का साष्टांग दण्डवत। मैंने कई कई रातें जाग कर, अपने ...

अफसर का अभिनन्दन - 24
by Yashvant Kothari verified
  • (3)
  • 134

व्यंग्य  धंधा धरम का                    यशवंत कोठारी आजकल मैं धरम-करम के धंधे में व्यस्त हूँ.इस धंधे में बड़ी बरकत है,बाकी के सब धंधे इस धंधे के सामने फेल हैं.लागत ...

दो व्यंग्य
by Krishna manu
  • (1)
  • 88

_________ बस...दो मिनट शुक्रगुज़ार हूँ सोशल मीडिया। एहसान मंद हूँ तुम्हारा। तुमने मुझे वाणी दी, रवानी दी वर्ना हम जैसे टटपूँजिए को पूछता कौन? तुम उस रेडीमेड फूड की ...

अलख निरंजन
by राजीव तनेजा
  • (1)
  • 151

“अलख निरंजन” "अलख निरंजन!…बोल. ..बम...चिकी बम बम….अलख निरंजन....टूट जाएँ तेरे सारे बंधन" कहकर बाबा ने हुंकारा लगाया और इधर-उधर देखने के बाद मेरे साथ वाली खाली सीट पर आकर बैठ ...

सरकारी स्वच्छ्ता कार्यक्रम- व्यंग्य
by Rishi Katiyar
  • (0)
  • 53

कल शाम को ही मोबाइल पे मैसेज आया था,फिर मेल आया,फिर नोटिस लगा ऑफिस में और फिर उसकी प्रिंटेड कॉपीज सभी डिपार्टमेंट हेड्स को भी पहुँचाई गईं थी कि ...

अफसर का अभिनन्दन - 23
by Yashvant Kothari verified
  • (4)
  • 75

मेरे संपादक ! मेरे प्रकाशक!!                             यशवंत कोठारी (१)   लेखक के जीवन में प्रकाशक व्  सम्पादक का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है .एक अच्छा संपादक व् एक अच्छा प्रकाशक ...

खिड़की की आँख
by Pritpal Kaur verified
  • (2)
  • 85

खिड़की के बाहर का चौकोर आसमान का टुकड़ा खिड़की जितना ही बड़ा है. लेकिन इसमें से भी पूरा आसमान नहीं दिख रहा. दरअसल इस चौकोर खालीपन में जो मुख्य ...

अफसर का अभिनन्दन - 22
by Yashvant Kothari verified
  • (4)
  • 102

हेलमेट की परेशानी                              यशवन्त कोठारी        वरमाजी राष्ट्रीय  पौशाक अर्थात लुगी और फटी बनियांन में सुबह सुबह आ धमके। गुस्से में चैतन्य चूर्ण की पींक मेरे गमले ...

अफसर का अभिनन्दन - 21
by Yashvant Kothari verified
  • (2)
  • 92

कहाँ गए जलाशय ?                                                   यशवंत कोठारी  भयंकर गर्मी है देश –परदेश में पानी के लिए त्राहि त्राहि हो रही है.बूंद बूंद के लिए सर फूट रहे हैं .अगला  ...

व्यथा झोलाछाप डॉक्टर की
by राजीव तनेजा
  • (6)
  • 184

व्यथा झोलाछाप डॉक्टर कीकसम ले लो मुझसे...'खुदा' की...या फिर किसी भी मनचाहे भगवान की.....तसल्ली ना हो तो बेशक।...'बाबा नामदेव' के यहाँ मत्था टिकवाकर पूरे के पूरे सातों वचन ले ...

मुन्नू अनशन पर
by Dr Narendra Shukl
  • (3)
  • 109

मुन्नू अनशन पर     एक दिन मेरे मित्र राधेश्याम मेरे पास हांफते हुये आये । मैंने पूछा - ‘राधेश्याम इतना भाग क्यों रहे हो & ओलेम्पिक्स तो कब ...

अफसर का अभिनन्दन - 20
by Yashvant Kothari verified
  • (4)
  • 77

सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा यशवन्त कोठारी       हमारे देश का नाम भारत है । भारत नाम इसलिए है कि हम भारतीय हैं । कुछ सिर फिरे ...

इश्क कैसे कैसे
by राजीव तनेजा
  • (5)
  • 2.1k

इश्क कैसे कैसे "ओह।…शिट..पहुँच जाना चाहिए था अब तक तो उसे….पता भी है कि मुझे फिल्म की स्टार्टिंग मिस करना बिलकुल भी पसंद नहीं।”“कहीं ट्रैफिक की वजह से तो नहीं…इस ...

हैप्पी हिन्दी डे
by dilip kumar verified
  • (1)
  • 65

"हैप्पी हिन्दी डे "            (व्यंग्य )हे कूल डूड ऑफ़ हिंदी  ,टुडे इज द बर्थडे ऑफ़ हिंदी ,ईट्स आवर मदर टँग एन प्राइड आलसो ,सो ...

अफसर का अभिनन्दन - 19
by Yashvant Kothari verified
  • (3)
  • 62

हिंदी -व्यंग्य में पीढ़ियों का अन्तराल                                            यशवंत कोठारी काफी समय से  हिंदी व्यंग्य का  पाठक हूँ .अन्य भाषाओँ की रचनाएँ भी पढता रहता हूँ .उर्दू,गुजराती , मराठी ,अंग्रेजी ...

अफसर का अभिनन्दन - 18
by Yashvant Kothari verified
  • (2)
  • 63

युवा ,रोज़गार और सरकार   यशवंत कोठारी देश भर में बेरोजगारी पर बहस हो रही है.संसद से लेकर सड़क तक हंगामा बरपा है.बेरोजगार युवाओं की लम्बी लम्बी कतारें कहीं ...

अफसर का अभिनन्दन - 17
by Yashvant Kothari verified
  • (4)
  • 51

मारीशस में कवि                             यशवंत कोठारी जुगाडू कवि मारीशस पहुँच गए.हर सरकार में हलवा पूरी जीमने का उनका अधिकार है,वे हर सरकार में सत्ता के गलियारे में कूदते फांदते ...

kambal kripa prapti
by Sadhana Kumar
  • (2)
  • 72

सोशल मीडिया का हर तरफ बोलबाला है. इस इन्टरनेट युग मे हर तरफ ज्ञान तों जैसे प्रसाद की तरह बँट रहा है. लोगों के सोशल मीडिया प्रोफाईल देखिये तो ...

अफसर का अभिनन्दन - 16
by Yashvant Kothari verified
  • (2)
  • 89

व्यंग्य हम सब बिकाऊ हैं . यशवंत कोठारी   इधर समाज में तेजी से ऐसे लोग बढ़ रहे हैं जो बिकने को तैयार खड़े हैं बाज़ार ऐसे लोगों से ...

अफसर का अभिनन्दन - 15
by Yashvant Kothari verified
  • (3)
  • 98

बनते –बिगड़ते फ्लाई ओवर                                           यशवंत कोठारी जब भी सड़क मार्ग से गुजरता हूँ किसी  न  किसी बनते बिगड़ते  फ्लाई ओवर पर नज़र पड़ जाती है.मैं समझ  जाता हूँ ...

अफसर का अभिनन्दन - 14
by Yashvant Kothari verified
  • (4)
  • 77

 धंधा चिकित्सा शिविरों  का ...                      यशवंत कोठारी हर तरफ चिकित्सा शिविरों की बहार हैं. जिसे देखो वो ही शिविर लगा रहा  है. कहीं भी जगह दिखी नहीं की ...

अफसर का अभिनन्दन - 13
by Yashvant Kothari verified
  • (2)
  • 58

होना फ्रेक्चर हाथ में  ... यशवंत कोठारी आखिर मेरे को भी फ्रेक्चर का लाभ मिल गया.जिस उम्र में लेखकों को मधुमेह ,उच्च रक्त चाप ,किडनी फेलियर ,या स्ट्रोक या ...

हम हिन्दीवाले
by dilip kumar verified
  • (2)
  • 71

हम हिन्दीवाले (व्यंग्य )अपने कुनबे में हमने ही ये नई विधा इजाद की है ।एकदम आमिर खान की मानिंद "परफेक्शनिस्ट",नहीं,नहीं भाई कम्युनिस्ट मत समझिये।भई कम्युनिस्ट से जब जनता का ...

दाम्पत्य
by VIJAY KUMAR SHARMA
  • (6)
  • 218

दाम्पत्य बात २०१४ के प्रारंभ की है जब नायक की सगाई परिवार जनों की व्यवस्था पद्धति (अरेंज ) से सम्पन्न हो चुकी थी, जहाँ पहली ही मुलाकात में नायक-नायिका ...

अफसर का अभिनन्दन - 12
by Yashvant Kothari verified
  • (1)
  • 72

आओ अफवाह उड़ायें   भारत अफवाह प्रधान देश है। अतः आज मैं अफवाहों पर चिन्तन करूंगा। सच पूछा जाए तो अफवाहें उडा़ना राष्ट्रीय कार्य है और अफवाहें हमारा राष्ट्रीय ...

छुपी सच्चाई
by Smit Makvana
  • (9)
  • 135

छुपी सच्चाई मेने अपने दोस्त(राहुल) को फोन करके अपने साथ बुला लिया ताकि कोई समस्या आये तो हम दोनों एक दूसरे को संभाल शके। राहुल की फिटनेस बहुत ही ...

एक सच : आरंभ ही अंत
by Smit Makvana
  • (10)
  • 161

एक सच: आरंभ ही अंत  PART-1 में(निखिल) कॉलेज में था, पापा(जगदीसभाई)  काम पर और माँ(रवीनाबेन)  घर पे, छोटा भाई(आयुष) भी स्कूल में गया था। सोमवार से लेकर शनिवार तक हम लोगो ...