सर्वश्रेष्ठ हास्य कथाएं कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें

काम हो गया है..मार दो हथौड़ा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 358

काम हो गया है ...मार दो हथोड़ा "हैलो!…इज़ इट... 91 8076109496?”... "जी!..कहिये"... "सैटिंगानन्द महराज जी है?"… "हाँ जी!...बोल रहा हूँ..आप कौन?" "जी!…मैं..राजीव बोल रहा हूँ"… "कहाँ से?”… "मुँह से"... ...

व्यथा कथा
द्वारा राजीव तनेजा
  • 248

जब व्यथा की अति हो जाती है तो शब्द खुदबखुद लोप हो जाते हैं। आप अचंभित, शॉकड हो जायज़ एवं सार्थक शब्दों को ढूँढने..तलाशने की कवायद में निशब्द हो ...

हाय रे विज्ञापन !
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 324

मैं श्री कृष्ण का शुद्ध भक्त हूँ । प्रतिदिन  सुबह - सुबह मंदिर अवश्य जाता हूँ । मंदिर जाने से दिल और दिमाग दोनों पवित्र हो जाते हैं । बीते ...

बीवी संग न खेलो होली
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 352

    आज मेरे मित्र राधेश्याम , सुबह से ही भांग छान आये थे । आते ही बमके - बीवी संग न खेलो होली । मैंने कहा - भैया ...

काश होते बारह बच्चे
द्वारा Krishna manu
  • 292

जिस गति से आबादी बढ़ रही है, खेती योग्य जमीन सिमटती जा रही है, मशीनी युग में जब सारा काम ऑटोमेटिक होगा। आदमी की जगह रोबोट ले लेगा। मैन ...

दो बाल्टी पानी - 6
द्वारा Sarvesh Saxena Verified icon
  • (12)
  • 648

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि बनिया जी की बिटिया पिंकी बाहर बाल्टी भर पानी लेने जाती है जहां उसका प्रेमी सुनील मिल जाता है |अब आगे… सुनील ...

सत्य की खोज़ में महात्मा गांधी
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 373

  गांधी जी के जन्म दिवस पर स्वर्ग में टी - पार्टी चल रही थी । गांधी जी एक ओर स्वयं निर्मित चटाई पर बैठे सूत कात रहे थे ...

काठ का उल्लू
द्वारा Vinita Shukla
  • 318

गनेसीलाल एकटक, बैठक में रखी, उलूक- प्रतिमा को देख रहे हैं. उनका बड़ा बेटा मोहित, इसे किसी मेले से ले आया था. कहता था- “पिताजी क्या नक्काशी है...दूर से ...

दो बाल्टी पानी - 5
द्वारा Sarvesh Saxena Verified icon
  • 840

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा की गुप्ताइन गुप्ता जी को सुबह सुबह पानी खत्म करने के कारण खूब सुना देती हैं और पिंकी बाहर पानी लेने चली ...

आओ प्रजातंत्र - प्रजातंत्र खेलें ।
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 363

विवेक नगर के राजा मंदबुद्धि सिंह को अपने अंतिम दिनों में परमार्थ की सूझी । उन्होने महामंत्री नैन ज्योति सिंह को बुला कर कहा -  महामंत्री नैन ज्योति सिंह ...

दो बाल्टी पानी - 4
द्वारा Sarvesh Saxena Verified icon
  • 652

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा मिश्राइन ठकुराइन और वर्माइन कैसे अपने दिन की शुरुआत करते हैं और नोकझोंक और प्यार से उनकी जिंदगी बड़े आराम से कट ...

व्हेन कंस मैट रावण आफ्टर पुतला दहन
द्वारा सिद्धार्थ शुक्ला
  • 263

#व्हेन_कंस_मैट_रावण_आफ्टर_पुतला_दहनअपने जले हुए कपड़े समेटते हुए लंकेश रात के अंधेरे में उस वन से गुज़र रहे थे कि तभी एक अट्टहास वातावरण में गूंज उठा और आवाज़ आयी - ...

दीवाली सेल है भाई .... !
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 263

शनिवार को श्रीमती जी द्वारा लगातार अनुरोध करने व रात डिनर न मिलने के भय को देखते हुये मैं उनके साथ दीवाली की बाज़ारी रौनक देखने के लिये चल ...

दो बाल्टी पानी - 3
द्वारा Sarvesh Saxena Verified icon
  • 791

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा खुसफुस पुर में पानी ना आने के कारण ठकुराइन मिश्राइन और वर्माइन पानी भरते हुए पूरे गांव की पंचायत करने लगती हैं ...

गुनहगार.
द्वारा Dilbag Singh Virk
  • 320

गुनहगार “नहीं, नहीं ! मैंने कुछ नहीं किया|” “कुछ नहीं किया? अरे, तूने तो सरेआम कत्ल किया है नैतिकता का| ” “लेकिन वो मेरी मजबूरी थी|” “मजबूरी? कैसी मजबूरी?” ...

दो बाल्टी पानी - 2
द्वारा Sarvesh Saxena Verified icon
  • (17)
  • 1.4k

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि खुसफुस पुर गांव में दो दिन से बिजली ना आने के कारण पानी की बड़ी किल्लत है, ऐसे में सिर्फ मिश्राइन ...

कामवाली बनाम घरवाली - (व्यंग्य)
द्वारा Shobhana Shyam
  • 805

एक होती है घरवाली ,एक होती है बाहर वाली लेकिन इनके बीच एक होती है काम वाली | ऐसा कहने का मतलब यह कदापि नहीं है कि घरवाली काम ...

दो बाल्टी पानी
द्वारा Sarvesh Saxena Verified icon
  • (17)
  • 3.3k

"अरे नंदू… उठ के जरा देख घड़ी में कितना टाइम हो गया है " मिश्राइन ने चिल्ला कर कहा| "अरे मम्मी सोने भी नहीं देती सोने दो ना" नंदू अपनी ...

वर्षा बुलाने का मूल मंत्र
द्वारा Dr Narendra Shukl
  • 341

‘‘इधर उत्तरी क्षेत्र में वर्षा बिल्कुल नहीं हो रही । सूखे की आंशका बनी हुई है ।‘‘  . . .  सामने भीड़ - भाड़ वाली सड़क पर देखता हूं ...

प्याजी दर्द एक हकीकत
द्वारा Rahul Avinash
  • 346

प्याजी फ्लेवर, प्याजी रंग, प्याजी हिट, प्याजी गोल, प्याजी अदाएं, प्याजी वफाएं, प्याजी दर्द, प्याजी....... वगैरह वगैरह......???????? क्या सोच रहे हैं? कहीं आप ये तो नहीं सोच रहे हैं ...

एक प्याली चाय और शौकीलाल जी - भाग 3
द्वारा Krishna manu
  • 279

बीवी का प्रस्ताव सुन शौकीलाल जी भीतर तक कांप उठे। हजार रुपए बड़ी मुश्किल से उन्होंने घर खर्चे में कटौती कर बचाये थे ताकि कई महीने पूर्व शर्मा जी ...

गुरुधर्म
द्वारा Bhupendra Dongriyal
  • 301

                                                   गुरुधर्म                             ...

भू - गोल (अर्थात दुनियां गोल हैं )
द्वारा Deepak Bundela AryMoulik
  • 311

भू- गोल अर्थात दुनिया गोल है...!जी जनाब, ये बात सभी जानते है के दुनिया गोल है...जिसे हम सीधे से शब्दों में बिना किसी लाग लपेट के कही भी ठोक देते ...

एक प्याली चाय और शौकीलाल जी - भाग-2
द्वारा Krishna manu
  • 394

-' संबंध है। इसलिए तो मैं कह रही हूं कि यदि आप टीवी,रेडियो, अखबार आदि से नाता रखते तो चाय जैसी बेकार  चीज के लिए फिजूलखर्ची करने के बारे ...

आपको क्या तकलीफ है
द्वारा dilip kumar Verified icon
  • 459

"आपको क्या तकलीफ है "(व्यंग्य)रिपोर्टर कैमरामैन को लेकर रिपोर्टिंग करने निकला।वो कुछ डिफरेंट दिखाना चाहता था डिफरेंट एंगल से ।उसे सबसे पहले एक बच्चा मिला ।रिपोर्टर ,बच्चे से-"बेटा आपका ...

प्यार बनाम गणित
द्वारा Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • 552

     एक खूबसूरत, चुस्त-दुरुस्त और कुछ कुछ सम्मिश्र संख्या जैसे दिखते लड़के को अपनी ओर घूरते देख घबरा गई। मेरे दिल के समुच्चय में एक नया अवयव दाखिल ...

एक प्याली चाय और शौकीलाल जी - भाग-1
द्वारा Krishna manu
  • 497

किस्सा उन दिनो का है जब बिल्ली के भाग से सिकहर टूटा था। कम्पनी के एक कर्मचारी को लम्बी अवधि के लिए अवकाश जाने के कारण रिक्त हुए स्थान ...

पाँच सवाल और शौकीलाल जी - 3
द्वारा Krishna manu
  • 488

शौकीलाल जी ने लापरवाही से जवाब दिया-' अरे छोड़ो यार, अब तो लोक सेवा आयोग, बैंकिंग सेवा आदि त्यागकर लड़के इसी की तैयारी करने लगे हैं।  अमीर बनने का ...

गर्लफ्रैंड
द्वारा The Real Ghost
  • 1.3k

नाटक : गर्लफ्रैंडरोहित एवं मीनाक्षी दोनो एक बड़ी IT फर्म में पिछले 2 सालों काम कर रहे है दोनो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं रोहित के जॉइन करने ...

राज दुलारी
द्वारा Ajay Amitabh Suman Verified icon
  • 1.1k

इस प्रस्तुति में मैंने अपनी चार कविताओं को शामिल किया है।(1)   राज दुलारी    सुन ले मेरी राज दुलारी, मेरे बच्चों की महतारी। क्यों आज यूँ भूखी रहती, ...