होंसला बालविवाह रोकने का MB (Official) द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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होंसला बालविवाह रोकने का

होंसला

बालविवाह रोकने का

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होंसला — बालविवाह रोकने का

छोटिया रामपुर गाँव की 13 वर्ष की लड़की है। गाँव में लड़कियों को परया धन समझा जाता है। इस कारन गाँव में लड़कियों को कम पढ़ाया जाता है। और कम उम्र में बालविवाह कर दिया जाता है। छोटिया के माँ — बाप भी छोटिया का बालविवाह करना चाहते है। मगर छोटिया पढ़ना चाहती है। वह पढ़लिखकर प्च्ै बनना चाहती है। छोटिया बालविवाह के खिलाफ अपने माता पिता पर थाने में और शहर के ैच् के यहाँ थ्प्त् दर्ज कराती है यह की उसके माता पिता उसका जबरदस्ती बालविवाह करना चाहते है छोटिया गाँव के नाबालिक लाडलियों को एकत्र कर अपने गाँव में हो रहे बालविवाह का विरोध कराती है। जिससे गाँव में लड़कियों का बालविवाह बंद हो जाता है।

बापूः सुनती हो छोटिया की माँ कल लडके वाले आ रहे है। छोटिया को देखने। छोटिया को अच्छी तरह तैयार कर देना।

छोटियाः बापू किसे देखने आ रहे है कल तो मुझे स्कुल जाना है। (छोटिया बसेंे 8 में गाँव के सरकारी स्कुल में पद्धति है)

छोटियाः बापू में कल स्कुल जाउंगी।

बापूः छोटिया स्कुल जाना बंद कर। तुम्हे जो पढ़ना था वह तुमने पढ़ लिया। अब नुम्हारी शादी होगी।

बापूः सुनती हो छोटिया की माँ इसे स्कुल जाना बंद करा दो।

छोटियाः बापू आज हमें स्कुल जाने दो।

बापूः छोटिया ठीक है। आज जा स्कुल

छोटिया स्कुल जाती है।

छोटियाः शिक्षक जी कल से में स्कुल नहीं आउंगी। क्योकि मेरी शादी हो रही है।

शिक्षकः छोटिया क्या बोल रही है इस उबरा में तुम्हारी शादी हो रही है। तुम तो पढने में तेज हो। तुम पढ़ लिखकर बहुत बड़े अधिकारी बन सकती हो। तुम्हारी तो उम्र 13 वर्ष है। सरकार ने लड़की की शादी की उम्र 18 वर्ष तय की है। और लडको की उम्र 21 वर्ष है। यदि कोई ऐसा करता है, तो वह अपराध करता है। उसे सजा मिलती है। तुम्हारी शादी की सही उम्र नहीं है। तुम्हारा बालविवाह हो रहा है।

छोटियाः शिक्षक जी इस गाँव में तो सभी लड़कियों की शादी कम उम्र में हो जाती है। इससे बचने के लिए क्या करे।

शिक्षकः छोटिया इसके खिलाफ बालविवाह को रोकने के लिए थाने में जाव जो तुम्हे बालविवाह करने के लिए कहता है, उसके खिलाफ थ्प्त् दर्ज करो।

छोटियाः शिक्षक जी में अपने माता पिता पर थाने में कैसे बेंम करु?

शिक्षकः छोटिया यदि तुम्हे बड़ा अधिकारी प्च्ै बनना है तो तुम्हे ऐसे करना पड़ेगा।

छोटिया स्कुल से घर आती है अगले दिन लडके वाले छोटिया को देखने आ जाते है।

छोटियाः बापू में शादी नहीं करुँगी। कम उम्र में शादी करना कानूनी अपराध है। लड़की की उम्र 18 वर्ष होती है तो उसकी शादी होती है। मेरी उम्र तो 13 वर्ष है।

बापूः छोटिया क्या बोल रही है। छोड़ी तो हमें बताएगी की शादी तुम्हे कब करनी है।

छोटियाः बापू में लड़की हु इसलिए मेरी शादी कम उम्र में करवाना चाहते हो। मेरे शिक्षक ने बताया है की बालविवाह करवाना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर सरकार उसे सजा देती है।

बापूः छोटिया ये बात है। छोड़ी तेरे कान शिक्षकने भरे है। साले को अभी बतलाता हु।

बापूः लडके वाले लोग आप घभराइये मत। मेरी छोड़ी की शादी आपके लडके के साथ होगी। पहले तो साले शिक्षक की खबर लेता हु।

बापू गाँव में मुखिया के पास जाता है।

बापूः मुखिया जी स्कुल के शिक्षक गाँव के सभी छोड़िया को भड़का रहा है, की शादी कम उम्र में नहीं करनी चाहिए। लड़कियों को बहुत पढ़ना चाहिए।

मुखियाः बापू, साले की अभी खबर लेता हु। चलो स्कुल।

बापूः शिक्षक, क्या रे साले तूने मेरी छोड़ी और गाँव की लड़कियों को क्या सिखाया की वे लोग अपने माँ बाँप के खिलाफ हो गए।

शिक्षकः मुखिया जी मेने तो उनका अधिकार बतलाया है। की लड़की को भी लडके जैसा व्यवहार करना चाहिए, उन्हें भी पड़ने लिखने का मौका मिलना चाहिए। लड़कियों का बालविवाह नहीं करवाना चाहिए।

मुखियाः शिक्षक, तो साले अब तू हमें बताएगा। साले को मारो।

शिक्षक को गाँव वाले मारकर गाँव से भगा देते है। बापू अपने घर जाता है।

बापूः छोटिया आज के बाद तेरा स्कुल जाना बंद।

बापूः छोटिया की माँ इसे घर से बाहर मत निकलने देना जबतक की इसकी शादी नहीं हो जाती है।

छोटियाः बापू में शादी नहीं करुँगी। आखिर गाँव में कम उम्र में शादी क्यों कर देते है।

बापूः (यह सब सुनकर थप्पड़ लगा देता है) वो शिक्षक जिसने तेरे कान भरे है थे उसे गाँव से निकाल दिया है।

छोटियाः माँ में शादी करने को तैयार हुँ। मुझे घर से बाहर जाने दो।

माँः छोटिया अक्कल ठिकाने आ गई। छोटिया जा। कुछ ही दिन बाद तेरी शादी है।

छोटिया घर से बाहर निकलती है

छोटियाः (अपने सहेलियों के पास जाकर कहती है) सहेली लोग देखो, आज हमारी शादी कम उम्र में हो रही है। कल तुम लोगो की होगी। यदि आज हमलोग इसका विरोध करेंगे तो शायद हमलोगो को पढने का मौका मिलेगा।

सहेलीः छोटिया तो हमलोग क्या करे।

छोटियाः सहेली, हम थाने चलते है।

सहेलीः छोटिया तुम बापू और माँ केस करेगी।

छोटियाः सहेली, हा में बेंम करुँगी। मेरे माँ—बापू जबरदस्ती बालविवाह कर रहे है, मुझे बहुत पढ़ना है।

छोटियाः सहेली लोग चलो थाने।

छोटिया थाने के अंदर जाती है

छोटियाः दरोगा जी। मेरे माँ—बापू मेरी जबरदस्ती शादी करा रहे है। जबकि मेरी उम्र 13 बर्ष है।

दरोगा जीः छोटिया क्या बोल रही है। छोड़ी तुझे मालूम क्या बोल रही है। तेरे बापू जो कर रहे जे, वो सही है।

छोटियाः दरोगा जी, हमें पढ़ना है।

दरोगा जीः छोटिया, तू तो ऐसे बोल रही है की पढ़—लिखकर प्च्ै बनेगी।

दरोगा जीः छोटिया, जा तेरे बापू से कह दूंगा।

छोटिया और उसकी सहेलियाँ घर आ जाते है। दरोगा बापू को सारी बाटे बता देता है

बापूः (छोटिया को थप्पड़ लगा देता है) थाने जाकर मेरे खिलाफ थ्प्त् दर्ज करती है !

बापू छोटिया को रस्सी से बांधकर एक कमरे में बंद कर देता है

छोटियाः बापू मुझे शादी नहीं करनी, मुझे स्कुल जाना है।

बापूः देखो छोटिया की माँ, इसे किसी भी कीमत पर घर से बाहर निकलने मत देना। इसकी शादी कल शहर के मंदिर में होगी।

अगले दिन छोटिया को तैयार किया जाता है।

माँः छोटिया हमलोग तेरे दुश्मन नहीं है, हमलोग तेरी शादी बहुत अच्छे घर में कर रहे है।

छोटियाः माँ मुझे शादी नहीं करनी। मुझे पढ़ना है।

बापूः छोटिया तैयार हो गई !

बापू छोटिया को लेकर गाड़ी में बैठ जाते है और और साथ में उसकी माँ भी बैठ जाती है। गाड़ी जयपुर शहर की और पहुँचने वाली है। छोटिया को एक जीप दिखाई पड़ती है। जीप के आगे प्च्ै लिखा था।

छोटियाः बापू मुझे पेशाब लगी है।

बापूः गाड़ीवाले, गाड़ी रोको।

छोटिया गाड़ी से निचे उतरकर चुपके से प्च्ै लिखे जीप के अंदर बैठ जाती है। इधर बापू और उसकी माँ उसे खोजने लगते है। जीप में जयपुर की ैच् होती है।

छोटियाः (ैच् से कहती है) मेरी माँ और बापू मेरी शादी जबरदस्ती करा रहे है। मुझे शादी नहीं करनी है। मुझे आपके जैसा प्च्ै बनना है। में मेरे अपने गाँव के थाने में भी गई थी। मगर थाने वाले ने कुछ नहीं किया।

ैच् छोटिया को लेकर गाँव पहुँच जाती है। ैच् छोटिया के माँ, बापू और थानेदार को पकड़ लेती है। जिसके कारन छोटिया की शादी रुक जाती है। और गाँव में हो रहे लड़कियों का बालविवाह भी रुक जाता है। गाँव में लड़कियाँ फिर से पढाई शुः कर देती है।