अब आगे ,
शौर्य ऑफिस जाने की जगह एक दूसरी जगह पहुंचता है , जो उसके ऑफिस से थोड़ी दूर पर ही थी । वो जगह किसी गोडाउन की तरह लग रही थी , वहां पर कई सारे खाली कार्टन बॉक्स रखे हुए थे । शौर्य वहां से होते हुए , अंदर की ओर बढ़ गया अंदर बड़ा सा आंगन था । जहां पे एक बड़ी सी चेयर पड़ी हुई थी , शौर्य बड़े ही रोब से उस चेयर पर बैठ गया । शौर्य के आस पास कुछ लोग भी खड़े हुए थे ।
तभी सामने से दो लोग आते हैं , उनमें से एक आदमी बोला , " अरे अपने भईया जी आए हैं , इतने दिनों बाद कुछ नाश्ता पानी लेके आओ ! अरे जल्दी जाओ भाई । " वो आदमी ताना मारते हुए बोला ।
तभी पीछे से एक आदमी आया जिसकी उम्र ( 29 ) लगभग शौर्य के बराबर ही थी । उसके आते ही वहां खड़े हुए लोग जल्दी से एक शौर्य जिस पर बैठा था वैसी ही चेयर ले आए और शौर्य के सामने ही रख दी । वो आदमी जो अभी अभी आया था वो बड़े ही एटीट्यूड से उस चेयर पर बैठ जाता है ।
वो आदमी जो चेयर पे बैठा हुआ था , वो चेहरे पर एक शातिराना मुस्कुराहट लिए हुए बोला , " हमें पता था तुम यहां ज़रूर आओगे ! अरे आते भी कैसे नहीं अभी कल ही शादी हुई है , और आज घर में शानदार पार्टी है । तो हमें इनवाइट करने तो आना ही था इन्हें ! और कोई जाए या ना जाए पार्टी में हम तो जरूर आयेंगे और गिफ्ट भी लायेंगे , भाई हम भी तो देखे कितनी सुंदर बीवी लाएं है ये ! और भाइयों तुम लोगों को तो पता ही है हमें ' शंकर सिंह ' को सुंदर चीज़ें कितनी पसंद है । "
शौर्य गुस्से में अपनी चेयर से उठा और गुस्से में उसने शंकर का कॉलर पकड़ लिया । शंकर के सारे गुंडे जो आज पास खड़े थे , वो अपने अपने हथियार निकल कर उसकी तरफ बढ़ने को हुए की शंकर ने हाथ से इशारा कर के उन सब को अपनी जगह ही रहने को कहा ।
शौर्य शंकर को आंख दिखा कर दांत पीसते हुए बोला , " अपनी औकात मत भूलो शंकर ! ! वरना हम से बुरा कोई नहीं होगा तेरे लिए । "
" अरे अरे , हद तो आप पार कर रहे हैं ,' शौर्य सिंह राठौड़ ' वो भी हमारा कॉलर पकड़ कर , और वैसे भी हमने तो किसी का नाम नहीं लिया । क्यों बताओ भाइयों , हमने तो ये कहा की हमें खूबसूरत चीज़ें पसंद है , सब को पसंद होती है । उसने कोई बड़ी बात नहीं है समझे ! ! " शंकर ने एविल स्माइल करते हुए कहा और अपने हाथों से उसके हाथों की अपने कॉलर से पकड़ को छुड़ा दिया ।
शंकर दोबारा बोला , " और हा अगर तुम गलती से हमारे दोस्त ना हुए होते कभी , तो आज जो तुमने हमारा कॉलर पकड़ने की गलती है । ऐसी गलती कोई और करता तो उसका क्या हाल होता हम भी नहीं जानते और अगली बार ऐसी गलती करने की सोचना भी मत । वरना अगली बार दो टांगो पर नहीं जा पाओगे । " कहते हुए शंकर की आंखों में शौर्य के लिए उसकी बेतहाशा नफ़रत साफ नजर आ रही थी ।
शौर्य उसकी बात सुनकर तिरछी मुस्कुराहट लिए हुए बोला , " अगर पापा ने तुम्हें पार्टी में शामिल होने के लिए नहीं कहा होता तो , हम यहां तुमसे मिलने कभी नहीं आते । तुम्हारे जैसे दोस्त से तो लाख दुश्मन बेहतर है । काश तुम कभी हमारे दोस्त होते ही ना . . . . . . . हाह ! खैर हम भी किस से कह रहे हैं , तो अब हम चलते हैं । "
शौर्य बड़े ही रौब में अपनी आंखों पर सनग्लासेज लगाकर वहां से अपने ऑफिस के लिए निकल गया ।
शौर्य की हवेली ,
मुंह दिखाई की रस्म शुरू हो गई सभी औरतें बारी बारी आ कर सांझ को देख रही थी , और सांझ की खूब तारीफ़ कर रही थी , और उसे गिफ्ट्स भी दे रही थी । कुछ ही देर मुंह दिखाई की रस्म खत्म हो गई । पीछे वाले गार्डेन में शाम की पार्टी की तैयारी होने लगी।
दोपहर का वक्त ,
मीरा शाम की पार्टी के लिए ड्रेस सिलेक्ट कर रही थी , तभी मीरा के पास शौर्य का कॉल आया मीरा फोन रिसीव कर के हैलो कहती है ।
" मीरा तुम सांझ से के दो की वो भी अगर अपने किसी दोस्त को पार्टी में बुलाना चाहती है तो बुला सकती है । और उसके लिए अच्छी वेस्टर्न ड्रेस सिलेक्ट कर देना । क्यों की मुझे नहीं लगता की सांझ को वेस्टर्न ड्रेसेज की नॉलेज होगी , तो अब मैं फोन रखता हूं ! " शौर्य ने फ़ोन पे मीरा से कहा ।
" ओके भाई , हम भाभी को अच्छे से तैयार कर देंगे डोंट वरी ! " मीरा ने जवाब देते हुए कहा ।
मीरा सांझ के रूम में पहुंची और सांझ के पास बैठ गई सांझ उस वक्त अपने रूम में आंखें बंद करके लेटी हुई थी । सांझ को जैसे ही महसूस हुआ । सांझ ने आंखें खोल कर देखा सामने मीरा बैठी हुई थी । सांझ भी उठकर बैठ गई और बोली , " तुम यहां ! मेरा मतलब था तुम्हें कोई काम है ? "
" नहीं भाभी हमें कोई काम नहीं है , वो अभी भाई का कॉल आया था । वो कह रहे थे की हम आपसे आके कह दे की अगर आपको अपने किसी फ्रेंड को पार्टी में इनवाइट करना चाहती हैं , तो कर सकती है । और उन्होंने कहा है कि आज रात को पार्टी के लिए हम तैयार होने में आपकी मदद करें । . . . . . . तो ऐसा करते हैं , हम लोग मिल के आपके और मेरे लिए ड्रेस सिलेक्ट कर लेते हैं । " मीरा ने मुस्कुराते हुए कहा ।
" ठीक है , वैसे मेरी सिर्फ एक ही दोस्त है सिया तो उसे ही बुला लेते हैं , लेकिन उसका भाई भी साथ आएगा । क्योंकि उसके मम्मी पापा नहीं है उसका एक भाई ही है वो भी उससे छोटा है । " सांझ ने कहा ।
मीरा ने एक्साइटेड होते हुए बोली , " भाभी वो बहुत छोटा है क्या ? तो हम उसके लिए अच्छे से खिलौने ले आयेंगे गिफ्ट देने के लिए । "
सांझ उसकी बात सुनकर हंसते हुए बोली , " अरे मीरा तुम गलत समझ रही हो वो सिया और हमसे छोटा है ! हमने ये थोड़ी कहा कि वो बच्चा है । वो सिया और हमसे कुछ 1-2 साल छोटा है । शायद आपके बराबर ! "
" ओह , अच्छा अब आप सिया दी को तो कॉल करिए पार्टी में इनवाइट करने के लिए । फिर हम लोग ड्रेस सिलेक्ट करते है । " मीरा क्यूट सी स्माइल देते हुए बोली ।
सांझ सिया को पार्टी में बुला लेती है । सांझ और मीरा मिलकर ड्रेस सिलेक्ट कर लेती हैं । शाम हो गई थी शौर्य और गौरव जी दोनों ऑफिस से जल्दी घर आ गए, और अपने अपने रूम में तैयार होने चले गए ।
शौर्य अपने रूम में पहुंचा , रूम में कोई नहीं था शौर्य खुद में ही बोला , " अब ये मैडम कहां हैं ? ? इन्हें तैयार नहीं होना पार्टी के लिए ! आज सुबह जब ऐसे ही तैयार होना था तब ही एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगाया था , और अब तो पार्टी के लिए तैयार होना है तो पता नहीं कितना वक्त लगाएंगी । हमें क्या हम तैयार होते हैं वरना ये आ गई तैयार होने तो पता नहीं हमारा नंबर कब आएगा । " शौर्य अपना सर झटक कर आलमारी से अपने कपड़े निकालने लगा ।
शौर्य अपने कपड़े लेकर वॉशरूम में जा रहा था , तभी मीरा कमरे में आई । मीरा शौर्य से बिना कुछ बोले ड्रेसिंग टेबल पे रखा सिंदूर उठा कर जाने लगी ।
शौर्य ने उसे पीछे से आवाज देते हुए पूछा , " तुम्हें पता है , सांझ कहां है ? "
उसकी बात सुनकर मीरा को शरारत सूझी , मीरा शौर्य की तरफ पलटते हुए बोली , " हा , मुझे पता है भाभी कहां हैं ! ! वैसे आपको क्या काम है , हमें बताइए हम कर देंगे । "
शौर्य को महसूस हुआ की मीरा कुछ और ही समझ रही है , शौर्य उसे आंखें दिखाते हुए बोला , " तुम जैसा समझ रही हो वैसा कुछ नहीं है ! हमें उससे तैयार होने के लिए कहना था , वो तैयार होने में बहुत टाइम लगती है । इसीलिए अभी से तैयार होना शुरू करेगी तक तब कहीं जाकर पार्टी के लिए तैयार हो पाएगी ! . . . और हां तुमसे जो काम कहा था करने को वो हो गया ।
" अच्छा ऐसी बात है , आप चिंता मत करो भाई भाभी मेरे रूम है । हम उन्हें तैयार ही कर रहे हैं , अब हम चलते हैं । " इतना बोलते हुए मीरा रूम से बाहर चली गई ।
कुछ देर बाद शौर्य तैयार हो कर नीचे आ गया , गौरव जी शौर्य के पास आए और उससे पूछने लगे , " तुमने शंकर को इनवाइट कर लिए था ? "
शौर्य चेहरे पे झूठी मुस्कुराहट लिए हुए बोला , हा हा पापा वो तो मेरा बहुत अच्छा दोस्त है । हम उसे इनवाइट करना कैसे भूल सकते हैं , इनफैक्ट वो कह रहा था की वो पार्टी में आएगा । "
" चलो अच्छी बात है कि उस झगड़े के बाद भी तुम लोग अच्छे दोस्त हो ! ! " अच्छा सांझ तैयार हो गई ? . . . थोड़ी देर में मेहमान भी आने लगेंगे अच्छा हम जरा सारा अरेंजमेंट देख के आते हैं । " गौरव जी ने कहा ।
थोड़ी ही देर में मेहमान भी आने शुरू हो गए । गौरव जी और नैना जी लोगों का वेलकम कर रहे थे ।
सब लोग सांझ से मिलना चाहते थे , इसीलिए नैना जी मीरा को फोन करके पूछतीं हैं , " मीरा तुम दोनों तैयार हो गई ? अगर हो गई हो तो सांझ को लेकर नीचे आ जाओ बेटा ! सब लोग सांझ से मिलना चाहते हैं ।
" मम्मी हम लोग तैयार हो गए हैं , और हम भाभी को लेकर आ रहे हैं । " इतना कहकर मीरा ने फोन रख दिया ।
जारी है !
Hidden Contract Marriage ❤️