Hidden Contract Marriage - 1 Avantika द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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Hidden Contract Marriage - 1

ये कहानी है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ( इलाहाबाद ) की जहां रात के सन्नाटे में सुनसान सड़क पर एक खूबसूरत लड़की शादी के सुंदर से लाल जोड़े में भागे चली जा रही है । बिना ये सोचे समझे की उसे जाना कहा है । उसकी आंखों से लगातार आंसू बहते जा रहे है , जो कि रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं । उस लड़की का पीछा करते हुए तीन लड़के भी उसके पीछे भाग रहे थे । 
 
" प्लीज़ रुक जाओ सांझ ! . . . . प्लीज़ सांझ एक बार हमारी बात तो सुनो ! " उस लड़की का पीछा करते हुए लडकों में से एक लड़का उसे रोकते हुए बोला ।
 
लेकिन सांझ उसे तो इस वक्त जैसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था । वो तो बस बिना किसी की बात सुने रोते हुए भागी चली जा रही थी । 
 
काफ़ी दूर तक भागने के बाद वो नैनी ब्रिज ब्रिज पे पहुंच कर रुक गई , और अपने आंखों से आंसू पोंछ कर वो यमुना नदी में कूदने के लिए कदम बढ़ाती है , तभी पीछे से एक लड़का उसे पीछे से पकड़ लेता है और ब्रिज से नीचे उतारता है ।
 
" तुम पागल हो गई हो ? ? . . . . . ये . . . ये क्या करने जा रही थी ? ? " अपनी बात का कोई जवाब ना पाकर वो लड़का दोबारा बोला , " बोलो सांझ ! ! हम कुछ पूछ रहे हैं तुम से ।
 
" वो . . . . वो हम . . " इससे आगे सांझ कुछ नहीं बोल पाई और रोते हुए उस लड़के के गले लग गई ।
 
कुछ देर तक वो ऐसे ही रोने के बाद वो उस लड़के से अलग हुई और खुद को नॉर्मल करते हुए बोली , " भाई आज हमारी शादी थी और वो . . . . . वो ऋषभ वो तो हमसे प्यार करता था , ना और हम . . . .  हम भी तो उससे प्यार करते थे तो वो क्यों हम छोड़कर भाग गया । और हम कुछ भी बर्दाश्त कर सकते हैं लेकिन आपकी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे । और धीरे धीरे शादी का मुहूर्त भी करीब आ रहा है अगर मेहमानों को पता चला कि ऋषभ भाग गया है तो . . . .  नहीं मैं आपकी बदनामी होते नहीं देख सकती ! ! हम मर जानें दीजिए प्लीज़ . . . .  हमें मर जानें दीजिए ! ! " सांझ ने रोते हुए कहा ।
 
" क्या तुम्हारे जान देने के बाद क्या लोग हमारी बदनामी नहीं करेंगे ? ? बोलो ! ! हमनें पहले ही तुमसे कहा था , कि वो लड़का तुम्हारे लायक नहीं है लेकिन फिर भी तुम्हारी ज़िद की वजह से हम तुम्हारी शादी उससे करवाने के लिए तैयार हो गए थे । और आज वो इस शादी से भाग गया । . . . . अब जो हुआ है उसे भूल जाओ और हमारे साथ घर वापस चलो । और रही बात हमारी बदनामी की और तुम्हारी शादी की तो ना ही हमारी बदनामी होगी और ना ही तुम्हारी शादी रुकेगी ! ! अब घर चलो सांझ । " विक्रांत ने सांझ को समझाते हुए कहा ।
 
" हम समझे नहीं भाई ऋषभ तो चला गया है हमें छोड़कर तो ? ? "  सांझ ने अपने बड़े भाई विक्रांत से कहा । ( विक्रांत उससे सात साल बड़ा था , उसके घर में उसका बड़ा भाई विक्रांत और उसकी भाभी सुहानी ही थे उन दोनो की शादी एक तीन साल पहले ही हुई थी । सुहानी पढ़ी लिखी समझदार औरत है और वो सांझ को अपनी बहन की तरह ही प्यार करती है और सांझ भी सुहानी को बहुत मानती है । विक्रांत काफी रुड इंसान है वो सिर्फ वहीं काम करने में दिलचस्पी दिखाता है जिसमे फायदा हो ।
 
" मतलब ये की शादी आज ही होगी ! ! हमें पहले ही वो लड़का कुछ ठीक नहीं लग रहा था , तो हमने बाला और शिवा को उस पर नज़र रखने भेजा था ( विक्रांत ने अपने साथ आए हुए लडकों की तरफ इशारा करते हुए कहा ) । तब हमें पता चला कि वो किसी और से प्यार करता है , और तुमसे सिर्फ प्रॉपर्टी के लिए शादी करना चाहता था । जिस लड़की से वो प्यार करता था , वो दूसरे शहर से थी लेकिन जब उसको ये बात पता चली की ऋषभ की शादी तुमसे होने वाली है , तो वो यहां आ गई और ऋषभ को अपनी कसम देकर शादी से अपने साथ लेकर चली गई । और जैसा की हमने कहा की तुम्हारी शादी आज ही होगी तो आज ही होगी ! ! वो क्या है की हमें कल ही ये बात पता चल गई थी । तो हमने कल ही अपने एक बिजनेस पार्टनर से तुम्हारा रिश्ता पक्का कर दिया था । और तुम्हारी शादी उससे ही होगी । " ये बोलते हुए विक्रांत सांझ का हाथ पकड़ कर उसे अपने साथ लेकर जाने लगा ।
 
" पर भाई हम ऐसे कैसे किसी ऐसे इंसान से शादी कर सकते हैं जिसका नाम तक हमें नहीं पता ? ? " सांझ ने विक्रांत को समझाते हुए कहा ।
 
" देखो सांझ हम एक बार तुम्हारी बात मान चुके हैं , और देखो तुम्हारी बात मानने का क्या अंजाम हुआ ! ! अगर हमने उस पे नज़र ना रखी होती तो आज शादी में आए हुए मेहमान जब हम से ये पूछते की दूल्हा अभी तक बारात लेकर क्यों नहीं आया तो हम उन सबको क्या जवाब देते . . . . . बोलो ? ? कोई जवाब नहीं है ना । और हा , अब तक बारात घर पे पहुंच चुकी होगी , तो चुप चाप जैसे पीछे के दरवाज़े से बाहर गई थी , वैसे ही चुप चाप अंदर चली जाना ! ! तुम्हारे अंदर जाने के कुछ देर हम लोग भी आ जायेंगे । " इतना कह कर वो सांझ को लेकर आगे बढ़ने लगा । 
 
फिर कुछ सोचने के बाद विक्रांत पीछे मुड़ा और बोला , " सांझ क्या कह रही थी तुम , की जिस से तुम्हारी शादी हो रही है उसका नाम भी नही जानती , तो जान लो उसका नाम है , " शौर्य सिंह राठौड़ " । अब जल्दी चलो ! !
 
सांझ भी अब हार मान चुकी थी , क्योंकि उस ने जिस लड़के को अपना जीवन साथी बनाने का सोचा वो तो उसे छोड़कर चला गया था । तो उसके पास अब अपने भाई की बात मानने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था , और किसी भी कीमत पर सांझ अपने परिवार की बेइज्जती नहीं होने दे सकती थी । इसलिए वो शादी करने के लिए विक्रांत से साथ घर वापस लौट कर आ गई । और पीछे के दरवाज़े से अंदर चली गई । 
 
उनका घर काफी बड़ा था , और सारे मेहमान शादी के नाच गाने में बिज़ी थे पीछे के दरवाज़े पे कोई नहीं था , जिस वजह से सांझ आराम से अंदर आ गई थी । जैसा की सांझ के भाई विक्रांत ने कहा था । बारात घर पे आ चुकी थी , लेकिन दूल्हे का चेहरा सेहरे से ढका हुआ था जिस से ये पता नहीं चल रहा था कि दूल्हा कौन है । सांझ की भाभी सुहानी ने बारातियों का स्वागत कर के उन्हें अंदर बैठा दिया था । 
 
सांझ का कमरा , 
 
सांझ अपने कमरे में आई , उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे लेकिन अगले ही पल जैसे ही सांझ ने दरवाजा बंद किया , वैसे ही वो दरवाज़े से अपनी अपनी पीठ टिका कर वही जमीन पर बैठ गई और ज़ोर ज़ोर से रोने लगी , उसके पास इस शादी को करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था । अपने चेहरे को अपने घुटनों पे रखकर वो जोर जोर से रो ही रही थी की वॉशरूम का दरवाज़ा खुला वॉशरूम से एक लड़की जो सांझ को हम उम्र ही थी , वो वॉशरूम से निकली । 
 
" सांझ ! . . . .  सांझ कहां चली गई थी तुम और ये . . . ये नोट में क्या लिख के गई थी , अगर सच में तुम अपनी जान दे देती तो पता नहीं हम कैसे सब को बता पाते । लेकिन भगवान का लाख लाख शुक्र है , तुम वापस आ गई । पर हम एक बात समझ नहीं आ रही , की तुम ये . . . . . सुसाइड क्यों करने गई थी ? ?  जिससे तुम प्यार करती हो उस से ही तो शादी हो रही है , वो भी सबकी सहमति से तो फिर सुसाइड , क्यों ? ? " सांझ की बेस्ट फ्रेंड सिया ने चिन्ता करते हुए उससे एक ही सांस में पूछा , वो आगे कुछ बोलती उससे पहले ही जो सांझ अब तक खामोश बैठी रो रही थी , वो खड़ी हुई और गुस्से में चिल्लाते हुए बोली , " अरे नहीं हो रही हमारी शादी ऋषभ से , वो तो कुछ घंटे पहले ही यहां से भाग गया ! ! 
 
" ये क्या कह रही हो तुम हमें कुछ भी समझ नहीं आ रहा है ! ! ऋषभ भाग गया ? ? पर वो तो तुमसे प्यार करता था तो फिर ? ? " सिया ने कन्फ्यूज हो कर सांझ से पूछा ।
 
सांझ उसे कुछ देर पहले हुई सारी बातें बता देती है । जिसे सुन कर दिया भी चौक गई और बोली , " मतलब तेरी शादी अब ऋषभ से नहीं किसी " शौर्य सिंह राठौड़ से हो रही है । " अब ? ? " 
 
" अब कुछ नहीं हो सकता अब हम भाई की बात मान कर शादी के लिए तैयार है क्योंकि कुछ भी हो हम , अपने परिवार की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सकते । और जिस लड़के को भाई ने हमारे लिए चुना है वो ठीक ही होगा । " सांझ ने अपनी आंखों से आंसू पोंछते हुए कहा ।
 
" ठीक है ! ! लेकिन अगर कभी तुम्हे कोई प्रॉबलम हो तो हमे ज़रूर याद करना । " सिया ने उसके कंधे पर हाथ रख उसे दिलासा देते हुए कहा ।
 
सांझ ने अपना सिर हां में हिला दिया और सिया के गले लग का रो पड़ी । कुछ देर गले लगे रहने के बाद दोनों अलग हुई , तभी बाहर से किसी के दरवाज़ा खटखटाने की आवाज आई । 
 
सिया ने दरवाज़ा खोला सामने से सांझ की भाभी सुहानी अंदर आई और बोली , " देखो सांझ तुम्हारे साथ जो भी हुआ है , हमे सब पता है । हम हाथ जोड़कर तुम्हारा शुक्रिया अदा करते हैं जो तुम इस परिवार की इज्ज़त के लिए ये शादी करने को तैयार हो गई , और तुम्हारी शादी जिनसे होने वाली है हम उनसे एक बार मिल चुके है जब तुम कॉलेज ट्रिप पर गई थी , तब वो यहां आए थे दिखने में तो ठीक थक हैं पर मैं ज्यादा कुछ नहीं जानती । पर तुम्हारे भईया ने इन्हें तुम्हारे लिए जीवनसाथी चुना है तो कुछ सोचकर ही चुना होगा । . . . . . . सांझ तुम्हारे भईया तुमसे बहुत प्यार करते हैं , वो तुम्हारे लिए कभी गलत फैसला नहीं लेंगे । वो प्यार से उसके सर पे हाथ फेरते हुए कहती है । " 
 
कुछ देर बाद शादी का मंडप ,

सुहानी और सिया सांझ को लेकर नीचे उतरने लगीं । सब लोग सांझ को ही देख रहे थे , वो बहुत ही ज्यादा सुन्दर लग रही थी उसका लाल और गोल्डन कलर कॉम्बिनेशन का लहंगा उसका मांग टीका , बड़ी से नाथ गले में भारी सा हार हाथों में चूड़ा और सर से ओढ़ी हुई खूबसूरत चुनरी । सब कुछ उसे बहुत ही ज्यादा खूबसूरत बना रहा था । लेकिन किसी चीज की कमी थी तो वो थी , सांझ की हसीं जो , जो ऋषभ के साथ ही कहीं चली गई थी ! ! वो इन सबको अपनी किस्मत का लेखा मान कर चेहरे पे बिना कोई भाव लिए सिया और सुहानी के साथ मंडप की तरफ चली जा रही थी ।

I hope aap logon ko chapter pasand aaya hoga . Agar pasand aaya to like comment share and review karna na bhule . 🤗 ♥️

जारी है ! 
Hidden Contract Marriage ❤️