The Last Promise - 19 CHIRANJIT TEWARY द्वारा क्राइम कहानी में हिंदी पीडीएफ

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The Last Promise - 19

जैसे ही वो गूडां निधी को चाकु मारने आता है , रुद्रा अपनी आंखे खोलता है और चाकु को निधी के लगने से पहले ही पकड़ लेता है । रुद्रा के आंखो मे गुस्सा था और उस गूडें के लिए मौत । निधी अपनी आंखो खोलती है तो दैखती है के  रुद्रा उससे चाकु को छीन लिया था  और वो गुडां  वहां से भागने की कोशिश करता है पर रुद्रा उसपर उसी चाकु से फेंक कर मारता है  , वो चाकु उसके पिठपर लगता है और वो वही पर गिर जाता है जिससे उसकी भी मौत हो जाती है । 

निधी इतनी मौते दैखकर निधी घबरा जाती है । कुछ दैर को लिए तो निधी वही पर खड़ा था । निधी के कपड़े काफी फट चुके थे , निधी की  कपड़ा काफी फठ चुका था उपर का हिस्सा और पिठ वाला  हिस्सा निधी छुपा रही थी तभी रुद्रा लड़खड़ाते हूए निधी के पास आता है , रुद्रा अपना शर्ट खोलता है और निधी के फटे हूए कपड़े को ढक देता है ।

निधी रुद्रा के इन दोनो रुपो को दैखकर हैरान थी , एक तरफ खुखांर तो दुसरी तरफ किसी के लिए जान देने वाला , निधी रुद्रा को एक टक दैख रही थी को तभी रुद्रा बेहोस होने लगता है तभी निधी आकर रुद्रा को पकड़ लेती है और निधी के बाहों मे बोहोश हो जाता है । निधी रुद्रा को किसी तरह से अपने कार मे बैठाती है और उसे लेकर हॉस्पिटल चली जाती है , निधी कार जल्दी - जल्दी से चला रही थी और एक बार करके रुद्रा को ही दैख रही थी , रुद्रा बेहोस होकर था । 

निधी किसी भी तरह से रुद्रा को बचाना चाहती थी क्योंकी आज अगर रुद्रा ना होता तो निधी भी उन गुडों से नही बच पाती । निधी कुछ ही दैर मे हॉस्पिटल पहूँच जाती है  और रुद्रा को लेकर ऑपरेशन रुम मे लेकर चली जाती है । निधी अभी भी रुद्रा के कपड़े को पहन रखी थी और रुद्रा का इलाज कर रही थी  , निधी के जख्मो को साफ करती है और फिर उसको शरीर से गोली को निकालती है । 

निधी बड़े ही ध्यान से रुद्रा का इलाज कर रही थी , निधी एक बार करके रुद्रा की और देखती और उसका इलाज करती है ।

इतना जख्मी होने के बाद भी रुद्रा ने उन सभी को मार डाला ये दैखकर निधी डरी हूई थी क्योकी निधी को समझ आ गया था  के रुद्रा कोई आम इंसान नही था । जिस तरह से रुद्रा ने निधी को बचाया ये सौचकर भी निधी परेशान थी ।


रुद्रा की पट्टी पूरी करने के बाद निधी कुछ पल वहीं खड़ी उसे देखती रही। उसके चेहरे पर गहरी शांति थी। इतनी गोलियाँ, इतने घाव... फिर भी उसके चेहरे पर न कोई शिकन थी, न कोई शिकायत।
निधी धीमे से उसके चेहरे को देखती हुई मन ही मन बोली—
निधी (मन में):
"ये इंसान आखिर है कौन...? इतना दर्द सहकर भी इसके चेहरे पर इतनी मासूमियत कैसे है?"
अचानक उसे पिछली रात की घटना याद आ जाती है...
जब गुंडे ने उस औरत के गले पर चाकू रखकर रुद्रा से हथियार फेंकने को कहा था, लेकिन रुद्रा ने चाकू नहीं फेंका। उसने सही समय का इंतज़ार किया और अपनी जान जोखिम में डालकर उस औरत की जान बचा ली थी।
वो दृश्य याद आते ही निधी की आँखों में रुद्रा के लिए सम्मान और बढ़ जाता है।
कुछ पल बाद वह कमरे से बाहर निकलती है। बाहर भरत पहले से उसका इंतज़ार कर रहे थे।
भरत:
"क्या हुआ बेटा? सब ठीक है?"
निधी:
"हाँ पापा... पट्टी कर दी है। लेकिन मुझे एक बात समझ नहीं आ रही।"
भरत:
"क्या?"
निधी:
"उस रात... जब उस गुंडे ने उस औरत के गले पर चाकू रखा था, तब भी रुद्रा ने घबराकर अपना हथियार नहीं फेंका। अगर वो चाहता तो अपनी जान बचा सकता था... लेकिन उसने पहले उस औरत की जान बचाई।"
"आज उसके चेहरे को देखकर लग ही नहीं रहा कि वो किसी का बुरा सोच भी सकता है। पता नहीं क्यों... मुझे लगता है कि वो वैसा इंसान बिल्कुल नहीं है जैसा लोग उसे समझते हैं।"
भरत हल्का-सा मुस्कुरा देते हैं।
भरत:
"हर इंसान की पहचान उसके चेहरे से नहीं, उसके कर्मों से होती है बेटा। शायद रुद्रा भी उन्हीं लोगों में से है, जिन्हें दुनिया समझने में देर कर देती है।"
निधी चुपचाप सिर हिला देती है।
भरत:
"ठीक है बेटा, अब तुम घर जाओ। मैं यहीं रुककर इसके होश में आने का इंतज़ार करता हूँ।"
निधी:
"ओके, पापा। अपना भी ध्यान रखिएगा।"
इतना कहकर निधी वहाँ से निकल जाती है।
SCENE – कार में
कुछ देर बाद भरत भी अस्पताल से निकलते हैं। दोनों कार में बैठकर घर की ओर चल पड़ते हैं।
पूरा रास्ता निधी खिड़की से बाहर देखती रहती है। उसका मन बार-बार उसी चेहरे पर जाकर ठहर जाता है।
अचानक कार एक स्पीड ब्रेकर पर धीमी होती है। हल्का-सा झटका लगते ही निधी अपने विचारों से बाहर आ जाती है।
भरत उसकी ओर देखते हैं।
भरत:
"क्या बात है बेटा? रिंग सेरेमनी से भी तुम अचानक वापस आने की ज़िद कर रही थीं... और अब भी किसी गहरी सोच में डूबी हुई हो।"
निधी कुछ क्षण चुप रहती है, फिर धीमे स्वर में कहती है—
निधी:
"पता नहीं पापा... लेकिन कोमल के मंगेतर को देखकर मुझे उस रात वाला आदमी बार-बार याद आ रहा था।"
भरत हैरानी से उसकी ओर देखते हैं।
भरत:
"मतलब?"
निधी:
"अगर उसके चेहरे पर दाढ़ी और मूँछ होती... तो वो बिल्कुल उसी आदमी जैसा लगता... जिसने उस रात मेरी जान बचाई थी।"
"उसकी आँखें... उसकी आवाज़... उसका चलने का अंदाज़... सब कुछ एक जैसा लग रहा था।"
भरत कुछ पल सोचने लगते हैं।
भरत:
"क्या तुम्हें पूरा यकीन है?"
निधी धीरे से सिर हिलाती है।
निधी:
"यकीन तो नहीं... लेकिन दिल बार-बार यही कह रहा है कि दोनों एक ही इंसान हैं।"
"अगर सच में ऐसा है... तो हमें इसका पता लगाना होगा।"
भरत गंभीर होकर सामने सड़क की ओर देखते हैं।
भरत:
"ठीक है बेटा। जल्दबाज़ी में कोई फैसला नहीं करेंगे। पहले सच्चाई पता करेंगे... उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुँचेंगे।"
निधी हल्का-सा सिर हिलाती है। लेकिन उसके मन में अब केवल एक ही सवाल गूँज रहा था—
"क्या सच में... कोमल का होने वाला पति ही मेरी जान बचाने वाला वही रहस्यमयी इंसान है?"
कार धीरे-धीरे अँधेरी सड़क पर आगे बढ़ती जाती है... और इसी सवाल के साथ दृश्य समाप्त हो जाता है।


दुसरे दिन रुद्रा और पि के मंत्री जी के घर के बगीचे मे आपस बाते कर रहे थे । रुद्रा चुपचाप बैठा था । रुद्रा को दैखकर पि के हंसते हूए कहता है । वही कोमल भी वहां पर आ जाती है पर उन दोनो को बाते करते हूए दैखकर कोमल वही छुप जाती है और उनकी बातो सुनने लगती है ।



P K :- क्या बात है भा...भाई , शादी कराने आ....आया था और शादी करने ज....जा रहा है । 

तभी वही कोमल भी वहां पर आ जाती है पर उन दोनो को बाते करते हूए दैखकर कोमल वही छुप जाती है और उनकी बातो सुनने लगती है ।

तभी PK कहता है --

पि के :- क....कहां हम लोग यहां 4 दिन रहने आए थे । सोचा  था शा.....दी कराएगें और घर जाएंगे । कहां हम कि....सिका शादी करवाने आये थे । पर तुने तो ऐसा डा...का डाला के वो शादी अब तेरी करानी पड़ेगी । भाई इ...तनी सुदंर लड़की को कैसे पटा  लिया भाई । औ...और तेरे से प...पट कैसे गई ?

रुद्रा :- वही तो मैं सौच रहा हूँ , के मैंने ऐसा क्या किया के उसने मेरे से शादी करने का सौच लिया । तु तो जानता है यार , मेरे से शादी करके वो खुश नही रहेगी ।

पि के :- क्यों खु...श नही रहेगी । उस लंगूर से तो तू ब...होत हेंडसम है । तेरे मे कोई बु....राई भी नही है । ना तु लड़की बाज है , ना श...राब पिता , और ना कुछ गलत काम  करता  है ।

रुद्रा PK के कंधे पर हाथ रखकर कहता है --

रुद्रा :- नही पि के । तु समझ नही रहा है । कहां वो इस महल मे रहने वाली और कहां मैं । मुझे लगता है मुझे उससे एक बार बात करनी चाहिए । कुछ तो बात  है वरना कोमल ऐसे अचानक से मुझसे शादी क्यों करेगी ।,  हो सकता है कोमल ने उस लंगूर से बचने के लिए ही मेरा नाम लिया हो  और अभी मुझे बता नही पा रही है । इसिलिए मुझे उससे बात करना पड़ेगा ।

रुद्रा ये बात सुनकर कोमल रुद्रा से इंप्रेश हो जाती है ऐर मन ही मन सौचती है --

कोमल :- ये कितना अच्छा लड़का है , इसे अपने से ज्यादा दुसरो की खुशी की परवाह है , कोमल तुने एक परफैक्ट इंसान को चुना है ।

कोलम रुद्रा की और दैखकर एक फ्लाईंग किस करती है  और वहां से चली जाती है ।

इधर PK रुद्री से कहता है --

पि के :- कैसी बात कर रहा है रुद्रा । तेरे पास तो इतना पैसा ...!

पि के की बात को सुनकर रुद्रा उससे चुप कराते हूए कहता है ।

रुद्रा  :- नही पि के । ये बात गलती से भी और कही मत कहना ।  समझ गया ।


To be continue.....23