बेला ने अपने बिस्तर पर लेटे-लेटे रात के दो बजा दिए थे। उसके कमरे की एकमात्र रोशनी उसके फोन की स्क्रीन से आ रही थी, जहाँ उस बेहद लोकप्रिय वेब-नॉवेल का आखिरी पन्ना खुला हुआ था। जैसे ही उसने आखिरी पंक्तियाँ पढ़ीं—‘...और ब्लॉक-सी का बादशाह हमेशा के लिए शांत हो गया’—बेला के सीने में मानो गुस्से का कोई ज्वालामुखी फट पड़ा।
उसने झटके से उठकर फोन को गद्दे पर दे मारा।
"क्या बकवास है ये! क्या घटिया और बकवास लेखक है!" बेला चिल्लाई, उसकी आवाज़ खाली कमरे में गूंज उठी। उसका पूरा बदन गुस्से से कांप रहा था। ईथन... उसका पसंदीदा किरदार, जिसके लिए उसने इस 500 अध्यायों के लंबे और दर्दनाक नॉवेल को पढ़ा था, उसे लेखक ने इतनी बेरहमी से एक बंद कोठरी में मरवा दिया?
बेला ने दोबारा फोन उठाया और स्क्रीन को घूरते हुए राइटर को गालियां देने लगी। "दिमाग खराब है क्या इस राइटर का? इतनी मेहनत से कैरेक्टर को इतना कूल और गॉड-लेवल बनाया, और अंत में अपने ही दोस्त से धोखा दिलवाकर मर्डर करवा दिया? लॉजिक कहाँ है तुम्हारा?!"
लेकिन उसका असली गुस्सा इस नॉवेल की मुख्य विलेन 'केट' पर था। केट—एक अरबपति खानदान की इकलौती वारिस, जो क्रूरता और घमंड की जीती-जागती मूरत थी।
"पूरी कहानी में इस चुड़ैल ने ईथन की जिंदगी को नर्क बनाकर रखा!" बेला ने अपने दांत भींचे। केट ने ईथन को सिर्फ इसलिए अपना गुलाम और नौकर बनाकर रखा था क्योंकि ईथन के माता-पिता पर केट के परिवार का करोड़ों रुपये का कर्ज था। उस कर्ज की आड़ में केट ने ईथन की आत्मा तक को कुचलने की कोशिश की थी। उसने ईथन को अपने आलीशान घर में तड़पाया, स्कूल में सबके सामने जलील किया, और कॉलेज में उसकी इज्जत की धज्जियां उड़ा दीं। ईथन की काबिलियत और उसके आत्मसम्मान को इस विलेन ने हर दिन पैरों तले रौंदा। और जब ईथन ने सिर उठाने की कोशिश की, तो केट ने अपनी ताकत और पैसे के दम पर उस पर मर्डर का झूठा केस लगवाया, उसे जेल भेजा और अंत में अपने गुंडों से उसे वहीं खत्म करवा दिया।
"कितनी नीच और थर्ड-क्लास विलेन है यह केट! और उससे भी ज्यादा घटिया यह नॉवेल है!" बेला ने गुस्से में ऐप को अनइंस्टॉल कर दिया। उसका मूड पूरी तरह खराब हो चुका था, लेकिन समय देखने पर उसकी धड़कनें तेज हो गईं।
सुबह के ढाई बज रहे थे। तीन बजे से उसकी कनविनिएंट स्टोर (24/7 डिपार्टमेंटल स्टोर) में नाइट-शिफ्ट की पार्ट-टाइम जॉब थी। अपनी इस थका देने वाली जिंदगी से वह पहले ही परेशान थी, ऊपर से इस नॉवेल के अंत ने उसका खून खौला दिया था।
उसने झटके से अपनी पुरानी जैकेट उठाई, स्कूटी की चाबी ली और घर से बाहर निकल गई।
रात की ठंडी हवा भी बेला के गुस्से को शांत नहीं कर पा रही थी। वह अपनी स्कूटी पर सवार होकर सुनसान सड़क से गुजर रही थी, लेकिन उसका दिमाग अभी भी नॉवेल की कहानी में अटका हुआ था। 'ईथन को चाकू क्यों मारा... काश मैं उस केट की हड्डी-पसली तोड़ पाती...'
तभी, चौराहे पर अचानक हेडलाइट्स की एक तेज, अंधाधुंध रोशनी उसकी आंखों पर पड़ी। एक अनियंत्रित ट्रक बेहद तेज रफ्तार से उसकी तरफ आ रहा था। बेला ने हड़बड़ाहट में स्कूटी का ब्रेक दबाया, लेकिन टायर फिसल गए।
एक जोरदार टक्कर की आवाज हुई—क्रैश!
बेला का शरीर हवा में उछला और ठंडी सड़क पर जाकर गिरा। उसके सिर से खून बहकर डामर पर फैलने लगा। उसकी नजरें धुंधली होने लगीं, चारों तरफ एम्बुलेंस के सायरन का शोर था जो धीरे-धीरे धीमा होता जा रहा था। जब उसकी भारी आँखें हमेशा के लिए बंद होने लगीं, तो उसके दिमाग में आखिरी ख्याल आया—'कम से कम इस घटिया जिंदगी और उस बकवास नॉवेल से तो पीछा छूटा...'
कुछ सेकंड्स बाद...
बेला की पलके भारी थी ओर धीरे से खुली...
जब बेला की आँखें दोबारा खुलीं, तो उसे सड़क की बदबू या दर्द का अहसास नहीं हुआ। इसके विपरीत, उसके नाक में लैवेंडर और महंगे इत्र की बेहद भीनी-भीनी खुशबू आ रही थी।
जब उसने धीरे से अपनी आँखें पूरी खोलीं, तो वह दंग रह गई। ऊपर कंक्रीट का आसमान या उसके छोटे से कमरे की सीलिंग नहीं थी। वहाँ एक विशाल, नक्काशीदार छत थी जिससे एक विशाल सोने का झूमर (Chandelier) लटक रहा था। वह जिस बिस्तर पर लेटी थी, वह इतना मुलायम था मानो वह बादलों पर सो रही हो। चारों तरफ रेशम के कीमती परदे लहरा रहे थे।
"यह... यह कौन सा अस्पताल है? क्या मैं मर गई?" बेला ने बड़बड़ाने की कोशिश की, लेकिन उसकी आवाज़ बहुत साफ और रोबीली निकली।
"ले... लेडी केट! आप उठ गईं? ऊपर वाले का शुक्र है!"
एक सहमी हुई, कांपती हुई आवाज़ सुनकर बेला ने झटके से अपनी गर्दन घुमाई। बिस्तर के पास एक कम उम्र की लड़की खड़ी थी, जिसने काले और सफेद रंग की क्लासिक विक्टोरियन मेड (नौकरानी) की यूनिफॉर्म पहन रखी थी। उस लड़की का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ चुका था, और उसके हाथ में चांदी की जो ट्रे थी, वह लगातार हिल रही थी।
बेला ने अपनी भौहें सिकोड़ीं। "तुमने मुझे क्या कहा? लेडी केट? और तुम इतनी कांप क्यों रही हो, क्या मैंने तुम्हें मारना है?"
वह लड़की तुरंत घुटनों के बल जमीन पर बैठ गई, मानो उसकी जान निकलने वाली हो। "मा... माफ कर दीजिए, लेडी केट! मुझसे चाय लाने में पांच मिनट की देरी हो गई! प्लीज मुझे कालकोठरी में मत भेजिए! प्लीज मेरे परिवार को नौकरी से मत निकालिए!"
बेला का दिमाग चकरा गया। उसने तुरंत बिस्तर से उठने की कोशिश की। जैसे ही उसके पैर जमीन पर पड़े, उसने देखा कि उसने सिल्क का एक बेहद कीमती और महंगा नाइटगाउन पहन रखा है। वह उठकर कमरे के कोने में लगे एक आदमकद (Floor-length) सोने के शीशे के सामने जाकर खड़ी हो गई।
शीशे में जो चेहरा दिख रहा था, उसे देखकर बेला के पैरों तले जमीन खिसक गई।
वह बेला नहीं थी। शीशे में एक बेहद खूबसूरत, तीखे नैन-नक्श वाली, ठंडी और घमंडी दिखने वाली लड़की खड़ी थी, जिसकी आँखों में एक अजीब सा राजसी रौब था। यह वही चेहरा था जिसे उसने वेब-नॉवेल के कवर पेज और इलस्ट्रेशन में सैकड़ों बार देखा था।
यह केट वेंडरबिल्ट थी। वही विलेन जिसने ईथन की जिंदगी बर्बाद की थी।
"नहीं... नहीं, यह नहीं हो सकता..." बेला ने कांपते हाथों से अपने चेहरे को छुआ। शीशे में केट ने भी बिल्कुल वैसा ही किया। उसने अपनी हथेलियों को देखा—ये वो हाथ नहीं थे जो कनविनिएंट स्टोर में बक्से उठाते थे; ये एकदम कोमल, गोरे और बेदाग हाथ थे।
तभी उसकी नजर बेडसाइड टेबल पर रखे आज के अखबार पर पड़ी। उस पर तारीख लिखी थी और मुख्य खबर थी—"वेंडरबिल्ट साम्राज्य के सबसे वफादार कर्जदार का बेटा, ईथन, आज जाएगा आयरनवुड जेल!"
बेला के दिल की धड़कन एक पल के लिए रुक गई। वह समझ गई कि क्या हुआ था। वह मरकर उस घटिया नॉवेल के अंदर आ चुकी थी। और वह कोई हीरोइन या आम किरदार नहीं, बल्कि खुद वो क्रूर विलेन केट बन चुकी थी, जिसे उसने कुछ घंटों पहले ही गालियां दी थीं।
और सबसे भयानक बात? कहानी के हिसाब से, आज ही के दिन उसने ईथन पर झूठा केस लगवाकर उसे उस कालकोठरी में भेजा था, जहाँ आज से ठीक 5 साल बाद उसका मर्डर होने वाला था।
बेला—जो अब केट बन चुकी थी—ने अपनी मुट्ठियाँ भींचीं। उसकी आँखों में अब डर नहीं, बल्कि एक नया संकल्प था। उसने ठंडी आवाज में जमीन पर बैठी नौकरानी से कहा, "खड़ी हो जाओ। और तुरंत गाड़ी तैयार करने को कहो। हमें आयरनवुड जेल जाना है। अभी के अभी।"