सीक्रेट:वो लड़की - 3 kanta द्वारा क्लासिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

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सीक्रेट:वो लड़की - 3



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### *Chapter 3: पुराने खत* 

रात के 11 बजकर 17 मिनट हो रहे थे। अयान के कमरे में सिर्फ लैपटॉप की स्क्रीन की नीली रोशनी थी। गर्मी बहुत थी, पर पंखा चलाने का मन नहीं था। 

आज 3 साल बाद वो अपने पुराने कॉलेज का डिब्बा खोल रहा था। पापा ने कहा था "ये कबाड़ घर से बाहर फेंक दो"। डिब्बे में पुरानी नोटबुक, पेन, ID कार्ड और एक गुलाबी रंग की डायरी थी। 

डायरी देखते ही अयान का दिल जोर से धड़का। ये उसी की डायरी थी... नहीं, ये सना की डायरी थी। "Secret वो लड़की"।

3 साल पहले सना अचानक गायब हो गई थी। बिना बताए, बिना किसी खत के। पुलिस केस भी हुआ था। फिर केस ठंडा पड़ गया। अयान ने भी धीरे-धीरे भूलने की कोशिश की।

कांपते हाथों से उसने डायरी खोली। बीच के पन्नों में एक मुड़ा हुआ खत रखा था। लिफाफे पर स्याही से लिखा था - *"अयान के लिए। इसे तभी खोलना जब मैं ना रहूं।"*

अयान की सांस अटक गई। "जब मैं ना रहूं" मतलब? 

उसने खत खोला। अंदर सिर्फ 2 लाइन थी, लाल स्याही से लिखी हुई:  
*_"मैं वापस आ रही हूं।  
और इस बार तुम मुझसे बच नहीं पाओगे। - S"__

S... सना? क्या वो जिंदा है? 
तभी अचानक टेबल पर रखे फोन की स्क्रीन जल उठी। अनजान नंबर। +91 98xxxxxx99
अयान ने डरते-डरते कॉल उठाया। 
"हेलो... हेलो?" 
उधर से सिर्फ किसी के सांस लेने की आवाज। गहरी, भारी। 3 सेकंड बाद फोन कट गया।

अयान ने खिड़की की तरफ देखा। सड़क पर अंधेरा था। पर उसे लगा जैसे पेड़ के पीछे कोई खड़ा होकर उसे देख रहा है। एक सफेद सूट वाली परछाई। 
उसने तुरंत पर्दा बंद किया और लाइट ऑन कर दी। 
दिल में सिर्फ एक सवाल था - क्या सना सच में वापस आ गई है?

### कॉलेज की वही बेंच* ∼

अगली सुबह अयान बिना नहाए-धोए सीधा कॉलेज पहुंच गया। 3 साल बाद। 

कॉलेज वही था। बरगद का पेड़, कैंटीन, और वो आखिरी वाली बेंच। झील के किनारे वाली। यहीं वो और सना घंटों बैठते थे। दुनिया से छुपकर।

बेंच पर धूल जमी थी। अयान ने हाथ से साफ किया। और तभी उसकी नजर कोने पर गई। 
गुलाबी लिपस्टिक से मोटे-मोटे अक्षरों में लिखा था - *"S + A = Forever"* 
ये वही लेखन था। सना का। 3 साल पहले भी उसने ऐसे ही लिखा था।

"इसे मिटाया नहीं किसी ने?" अयान फुसफुसाया।

"क्योंकि इसे मिटाना मना है।"

पीछे से आवाज आई। 
अयान ने झटके से पीछे देखा। 

सामने एक लड़की खड़ी थी। कद लगभग सना जितना। बाल कमर तक लंबे, काले। चेहरे पर बड़े काले चश्मे और मास्क। सिर्फ होंठ दिख रहे थे। गुलाबी लिपस्टिक लगे हुए।

"तुम... तुम कौन हो?" अयान की आवाज लड़खड़ा गई।

लड़की धीरे-धीरे उसके पास आई। उसकी परफ्यूम की खुशबू... वही थी। "Secret" वाली। 

लड़की झुकी और अयान के कान में फुसफुसाई, उसकी आवाज बिल्कुल सना जैसी थी: 
"जिसे तुमने 3 साल तक 'secret' रखा था... जिससे वादा किया था कि कभी नहीं छोड़ोगे... मैं वही हूं अयान।"

अयान का खून जम गया। "सना?"

लड़की हंसी। "शायद।" 
फिर उसने अयान की हथेली खोली और उसमें एक छोटी पीतल की चाबी रख दी। चाबी ठंडी थी। 
"रात 12 बजे। हॉस्टल। रूम नं. 307। वहां तुम्हारे सारे सवालों के जवाब हैं। और हां... अकेले आना।"

इतना कहकर वो पलटी और झील की तरफ चल दी। 10 कदम बाद वो पेड़ों के पीछे गायब हो गई।

अयान ने चाबी देखी। उस पर खुरच कर 307 लिखा था। 
उस रात उसे नींद नहीं आई। "सना जिंदा है... या मैं पागल हो रहा हूं?"

### *Chapter 3: रूम नं. 307 का राज़* ∼400 शब्द

रात 11:55। कॉलेज का पुराना हॉस्टल। 3 साल से बंद पड़ा था। 

अयान कांपते हाथों से गेट खोलकर अंदर गया। टॉर्च की रोशनी में धूल और मकड़ी के जाले दिख रहे थे। 307 तीसरी मंजिल पर था।

सीढ़ियां चढ़ते समय हर कदम पर चरमर की आवाज आ रही थी। 307 के दरवाजे पर ताला लटका था। पुराना और जंग लगा हुआ।

अयान ने चाबी लगाई। "क्लिक" की आवाज के साथ ताला खुल गया।

दरवाजा खोलते ही सड़ांध की बदबू आई। कमरे में घुप्प अंधेरा। अयान ने टॉर्च जलाई।

कमरा खाली था। सिर्फ बीच में एक टेबल, एक कुर्सी और दीवारों पर... तस्वीरें। 
सैकड़ों तस्वीरें। सब अयान की। 
कॉलेज में लेक्चर लेते हुए। घर की छत पर। मार्केट में सब्जी लेते हुए। कल रात खिड़की के बाहर वाली फोटो भी थी।

अयान का गला सूख गया। "ये... ये कौन कर रहा है?"

टेबल पर एक मोमबत्ती जल रही थी। उसके सामने एक डायरी खुली रखी थी। वही गुलाबी डायरी। 

अयान ने पढ़ना शुरू किया:
__"प्रिय अयान,  
तुमने कहा था हमारा प्यार secret रहेगा। तुमने कहा था तुम किसी और से शादी नहीं करोगे।  
पर तुमने प्रिया से सगाई कर ली। मुझे धोखा दिया।  
इसलिए मैंने तय किया... अगर मैं तुम्हारी नहीं हो सकती, तो कोई और भी नहीं।  
अब तुम मेरे हो। हमेशा के लिए।  
मैं हर जगह हूं अयान। तुम्हारी सांसों में, तुम्हारे साये में। - सना"_*

आखिरी लाइन पढ़ते ही पीछे से "धड़ाम" की आवाज आई। दरवाजा खुद-ब-खुद बंद हो गया।

कमरे की लाइट चली गई। सिर्फ मोमबत्ती की लौ हिल रही थी।

"कौन है?!" अयान चिल्लाया।

अंधेरे में किसी के हंसने की आवाज आई। बहुत धीमी। बहुत जानी-पहचानी। 
"मैं हूं अयान... तुम्हारी secret" 

और उसी पल मोमबत्ती बुझ गई। कमरा पूरी तरह अंधेरे में डूब गया। 
अयान को लगा जैसे किसी ठंडे हाथ ने उसका कंधा छुआ।

*आगे क्या होगा? क्या कमरे में सच में सना है? या कोई और?*

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