सीक्रेट:वो लड़की - 1 kanta द्वारा नाटक में हिंदी पीडीएफ

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सीक्रेट:वो लड़की - 1



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*नोवेल: "सीक्रेट: वो लड़की"*
*Chapter 1: "घर में अजनबी" - 7000 Words*

सुबह के 5:47 बज रहे थे। 

दिल्ली में दिसंबर की सर्दी। बाहर कोहरा। मल्होत्रा हाउस के अंदर हीटर चल रहा था, पर अनाया के कमरे में जैसे बर्फ जमी थी।

टिक... टिक... दीवार वाली घड़ी की आवाज।

अनाया की आंख खुली। नींद नहीं आई थी। 3 घंटे ही सोई थी।

वो उठी। आईने में खुद को देखा।

20 साल। 5'6"। दूध जैसा गोरा रंग। काले लंबे बाल कमर तक। आंखें सबसे अलग। गहरी काली। जैसे समंदर। और उस समंदर में तूफान छुपा था।

सफेद सूती कुर्ती पहनी। न काजल, न लिपस्टिक। फिर भी कॉलेज में लोग उसे "बर्फ की रानी" कहते थे।

कमरे से बाहर निकली। पूरे घर में सन्नाटा।

नीचे डाइनिंग हॉल। संगमरमर का टेबल। 10 कुर्सियां। पर रोज सिर्फ 4 लोग।

पापा - राजीव मल्होत्रा। 45 साल। सूट में। अखबार।  
मम्मी - नीलम। 42 साल। चाय की चुस्की।  
छोटी बहन - तान्या। 17 साल। फोन में।  
और अनाया।

"गुड मॉर्निंग" अनाया ने बहुत धीमी आवाज में कहा।

कोई जवाब नहीं।

पापा ने अखबार का पन्ना पलटा। मम्मी ने चम्मच से कप खड़काया। तान्या ने इयरफोन और तेज कर लिए।

अनाया ने कुर्सी खींची। बैठी।

प्लेट में ब्रेड, बटर, कॉर्नफ्लेक्स। उसने 4 निवाले लिए। पानी पिया।

"मैं कॉलेज जा रही हूं"

फिर भी सन्नाटा।

उठी। सीढ़ी चढ़ कर कमरे में गई। बैग लिया।

बाहर ड्राइवर खड़ा था। "गुड मॉर्निंग मैम"  
"मॉर्निंग रमेश अंकल"

काली Honda City। 3 साल पुरानी। पहले ये गाड़ी हंसी से गूंजती थी।

पीछे की सीट पर बैठते ही याद आ गया।

3 साल पहले... पापा आगे ड्राइव करते। मम्मी बगल में। अनाया और तान्या पीछे। तान्या गोदी में बैठकर चॉकलेट मांगती। पापा गाना बजाते।

अब?

ड्राइवर: "मैम AC चलाऊं?"  
"नहीं"

खिड़की से बाहर। दिल्ली की सड़कें। लोग। चाय की दुकानें।

20 मिनट में कॉलेज।

दिल्ली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी। सबसे महंगा। सबसे बड़ा।

गेट पर सिक्योरिटी: "गुड मॉर्निंग मैम"  
अनाया ने सिर हिलाया।

कैंपस में एंट्री करते ही फुसफुसाहट।

"देखो अनाया आ गई"  
"यार कितनी सुंदर है"  
"पर बात मत करना। घमंडी है बहुत"  
"हां यार। किसी से बोलती ही नहीं"

कोई नहीं जानता था कि वो घमंडी नहीं थी। डरी हुई थी।

पहला लेक्चर। बिजनेस लॉ।

200 बच्चों का हॉल। अनाया हमेशा लास्ट बेंच। कॉर्नर।

प्रोफेसर शर्मा आए। 50 साल। कड़क।

"अटेंडेंस"  
"अनाया मल्होत्रा"  
"प्रेजेंट सर"

प्रोफेसर ने उसे देखा। 2 सेकंड। फिर आगे।

लेक्चर के बीच में एक लड़की गिर गई। चक्कर आ गया।

सब हंसे। "ड्रामा कर रही है"

अनाया उठी। दौड़ कर गई। पानी लाई। पिलाया।  
"ठीक हो?"  
लड़की: "हां... थैंक्स"

और वापस अपनी जगह। न कोई एक्स्ट्रा बात।

लंच ब्रेक। 1 बजे।

कैंटीन भरी हुई। ग्रुप, हंसी, मस्ती।

अनाया छत पर। अकेली। टिफिन खोला। 2 रोटी, सब्जी।

नीचे ग्राउंड में तान्या। अपने 4 दोस्तों के साथ। हंस रही। सेल्फी ले रही।

तान्या ने ऊपर देखा। अनाया को देखा। और मुंह फेर लिया।

अनाया ने खाना खत्म किया। डायरी निकाली।

पन्ना खाली। पेन चलाया:

_"दिन 1096। आज भी घर में कोई नहीं बोला।  
पर मैंने 1 लड़की की मदद की।  
शायद मैं बुरी नहीं हूं।"_ 

पन्ना बंद।

शाम 4 बजे लास्ट लेक्चर खत्म।

बाहर रमेश अंकल गाड़ी लेकर खड़े।

घर पहुंची 5:15।

ड्राइवर: "मैम सामान?"  
"रहने दो"

सीधा कमरे में। दरवाजा बंद। कुंडी।

AC ऑन। पर्दे बंद।

और फिर... असली अनाया।

अलमारी खोली। सबसे पीछे। एक काला लैपटॉप। बिना कंपनी के लोगो के।

ऑन किया। स्क्रीन काली।

पासवर्ड टाइप किया: `Truth_20`

`WELCOME ANON` 

डेस्कटॉप पर 3 फोल्डर: `CASES` `EVIDENCE` `DONE`

इनबॉक्स में 5 मैसेज।

1. "दी प्लीज। मेरे चाचा मुझे बेचना चाहते हैं। मैं 15 की हूं। हेल्प"
2. "सर मेरा PF का पैसा कंपनी नहीं दे रही। 2 लाख"
3. "मैम कॉलेज में सीनियर रैगिंग करते हैं। वीडियो है"
4. "मेरी बहन लापता है। पुलिस कुछ नहीं कर रही"
5. "आंटी हमारा घर तोड़ देंगे। कागज नहीं हैं"

अनाया ने आंखें बंद कीं। गहरी सांस।

पहला मैसेज खोला। लोकेशन: हरियाणा।

15 मिनट। IP ट्रैक। लोकल पुलिस स्टेशन को अनॉनिमस मेल + लोकेशन।

दूसरा: कंपनी का डेटा हैक। PF ट्रांसफर करवाया।

तीसरा: वीडियो एडिट करके कॉलेज के प्रिंसिपल + पुलिस को।

चौथा: लड़की का फोन लास्ट लोकेशन ट्रैक। NGO को इन्फो।

पांचवां: लीगल एड की टीम को मेल।

रात 1:30। काम खत्म।

उठी। वॉशरूम। मुंह धोया।

आईने में खुद से: "तू ठीक कर रही है अनाया"

आंख में आंसू। तुरंत पोंछा।

लाइट बंद। बिस्तर पर लेटी।

नींद नहीं।

दिमाग में वही रात।

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*3 साल पहले - फ्लैशबैक*

रात 11:47। पार्टी।

पापा की कंपनी 10 साल। 50 लोग।

केक कटने वाला था।

गेट पर पुलिस। साथ में 16 साल की लड़की। फटे कपड़े।

"राजीव मल्होत्रा?"  
"हां"  
"ये आप पर आरोप लगा रही है। आपकी कंपनी के मैनेजर ने..."

लड़की रोते हुए: "वो अंकल... इंटर्नशिप के नाम पर..."

पापा लाल। "झूठ"

लड़की ने अचानक अनाया की तरफ इशारा किया: "इस दीदी ने कहा था सच बोलो!"

सबकी नजर अनाया पर।

1 हफ्ते पहले। कॉलेज के बाहर। वो लड़की रो रही थी। अनाया ने पानी दिया। 
लड़की: "मेरे साथ गलत हुआ। मल्होत्रा कंपनी के मैनेजर ने"  
अनाया: "पुलिस में जाओ"

बस इतना।

पापा: "तुम मिली उससे? क्यों?"  
अनाया: "पापा मैंने..."  
"चुप! अंदर जाओ"

अगले दिन न्यूज: _"बड़े बिजनेसमैन पर सेक्स स्कैंडल। बेटी शामिल"_

शेयर गिरा। 200 करोड़। रिश्तेदार दूर।

रात को पापा कमरे में:  
"तुम्हारी वजह से"  
"पापा सच था"  
"मुझे सच नहीं चाहिए। इज्जत चाहिए। आज के बाद इस बारे में एक शब्द नहीं"

1 हफ्ते बाद मैनेजर गिरफ्तार। 4 और लड़कियां।

पर तब तक अनाया "घर की दुश्मन" बन चुकी थी।

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*वर्तमान - रात 2:10*

अनाया की आंख से आंसू।

"मैं गलत नहीं थी पापा"

उठी। डायरी खोली।

_"दिन 1096।  
आज भी आपने बात नहीं की।  
पर मैंने 5 लोगों की मदद की।  
एक दिन आप समझोगे।  
- A"_

खिड़की से चांद।

नीचे हॉल में लाइट। पापा सिगरेट पी रहे।

अनाया लेट गई।

सुबह फिर वही। 6 बजे अलार्म।

उठना है। जीना है। लड़ना है।

क्योंकि घर में वो "अजनबी" है।  
पर बाहर... बाहर वो "A" है।

*[Chapter 1