,,,स्कूल एडमिशन,,,
"बेटा उठो ! फिर मम्मी शाम को तुम्हें बाहर ले जाएंगी। घड़ी में टाइम देखते हुए काजल ने कहा। उसे उठते ना देख काजल ने अलमारी से अभी के कपड़े निकाले। और बेड पर ही अभी को उठाकर उसके कपड़े बदलने लगी। चलो अब आंखें खोलो। बहुत हो गया।"
" आदि ने अपना दूध पी लिया था। उसके हाथ में टोस था। वो बेडरूम में आया। उसने देखा अभी.. अभी भी मां के कंधे से लगकर सो रही है। वो अपनी बहन पर भड़कते हुए बोला....... अभी तुम कितनी आलसी हो।"
"अभी जो काजल के कंधे से लगकर अभी भी सोने का नाटक कर रही थी। उसने आदि की बात सुनकर गुस्से में अपने पैर से दूर से ही आदि को किक मारने की कोशिश की। काजल ने गुस्से से आदि की ओर देखा और कहा...... चुप रहो। काजल की आंखें आदि को बता रही थी कि वो उसके लिए और मुश्किल पैदा ना करें।"
" आदि मम्मी की आंखें देखकर डर गया। उसने अपना टोन बदला और बोला....... अभी जल्दी उठो। फिर मम्मी अपने हाथ से तुम्हें दूध पिलाएंगी। "
"काजल भी प्यार से अभी को उठाने की कोशिश कर रही थी। आदि जितना इंडिपेंडेंट था अभी उसके बिल्कुल उलट। अभी को बहुत पैंपर करना पड़ता था। काजल अपने दोनों बच्चों के नेचर को अच्छे से जानती थी। उसे उन्हें हैंडल करना आता था। अभी अभी भी आदि से नाराज थी लेकिन अब उसकी नींद टूट चुकी थी।"
"काजल अपने हाथ से अभी को दूध पिलाने लगी। काजल को अपने बच्चों को अपने हाथ से खिलाना उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना बहुत अच्छा लगता था। अभी को पूरा दूध खत्म करते देख काजल खुश हो रही थी। जब काजल बेंगलुरु में थी तभी सुनीता आंटी ने एक स्कूल में बच्चों के एडमिशन की बात करके रख ली थी। आज उसी स्कूल में काजल को बच्चों को एडमिशन के लिए लेकर जाना था। "
"काजल अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहती थी। स्कूल की फीस काफी ज्यादा थी। स्कूल में बच्चों की फीस पे करने के बाद काजल के अकाउंट में अब ज्यादा पैसे नहीं रह गए थे। इसलिए उसे जल्दी से जल्दी काम शुरू करना था। बेंगलुरु में भी काजल के बच्चे नर्सरी में पढ़ने जाते थे।इसलिए स्कूल जाने की उन्हें आदत थी। काजल इस बात से खुश थी उसके बच्चे स्कूल के नाम पर दूसरे बच्चों की तरह डरते नहीं है। वह जहां भी जाते कुछ ही समय में दोस्त बना लेते। "
"जो टीचर बच्चों का नाम रजिस्टर कर रही थी वो बच्चों को देख रही थी। टीचर का सामना रोज ही बच्चों से पढ़ता था। लेकिन उसने आज से पहले इतने सुंदर बच्चे कभी नहीं देखे थे। दोनों बच्चों का स्कूल में नाम लिखाने के बाद काजल ने झुककर आदि के सिर पर हाथ रखा और कहा...... आदि अभी का ख्याल रखना। दोपहर में स्कूल खत्म होने पर आंटी तुम्हें पिक करने आएंगी। मम्मी को काम पर जाना है। ठीक है। "
" आदि...... डोंट वरी मम्मी। मैं अभी का पूरा ध्यान रखूंगा। किसी को उसे परेशान नहीं करने दूंगा। अभी की जहां बात आती आदि हमेशा बड़े भाई होने का फर्ज निभाता। वो खुद अभी को कितना भी परेशान कर ले। लेकिन उसके होते हुए कोई और अभी की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता था। "
"अभी ने काजल की ओर देखकर कहा........ मम्मी प्लीज आप आना दोपहर में हमें पिक करने के लिए।"
" काजल ने थोड़ा झुक कर अभी के गाल को चूमा और उसे समझाते हुए कहा........ बेटा मम्मी को काम पर जाना है ना? आंटी तुम्हें लेने टाइम से आ जाएंगी।उनकी बात मानना।"
" आदि ने अभी का हाथ पकड़ा और कहा....... चलो मैं तुम्हें अंदर लेकर चलता हूं। अपने भाई के साथ अभी खुद को सिक्योर महसूस कर रही थी। वो आदि के साथ जाने लगी। उसकी आंखों में हल्की नमी थी। उसने काजल को देखकर बाय कहा। आदि की वजह से काजल अभी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करती थी। उसे पता था आदि अभी का बहुत ख्याल रखता है और उसके दोनों ही बच्चे नए माहौल में जल्दी ढल जाते हैं। उसे यकीन था स्कूल में पहले ही दिन दोनों बच्चे दोस्त बना लेंगे।"
" काजल को आज नई कंपनी में रिपोर्ट करना था। काजल ने स्कूल से निकलकर उस कंपनी में जाने के लिए ऑटो किया। कंपनी के मेन गेट से अंदर जाते हुए उसे अंदर थोड़ी घबराहट हो रही थी। कंपनी का नाम था थिंक बिग। डिजाइनिंग की दुनिया में इस कंपनी का बड़ा नाम था। इस कंपनी में काम करना ही उनके अच्छे काम की पहचान थी। काजल के भेजे कुछ डिजाइन इतने बढ़िया थे कि कंपनी ने उसे ज्वॉइ करने का ऑफर दिया।"
" काजल की इस कंपनी में थोड़ी पहचान भी थी। उसकी मां की बेस्ट फ्रेंड इस कंपनी में चीफ डिजाइनर के तौर पर काम करती थी। उसके लिए वो भी उसकी मां के समान थी। उसकी यह आंटी काजल को बहुत प्यार करती थी। काजल जब छोटी थी अपनी इन आंटी को देखकर ही उसका डिजाइनिंग वर्ल्ड की तरफ इंटरेस्ट बढ़ा था। आज उसकी आंटी अपने काम के चलते ऊंची पोजीशन पर थी। इसलिए वो काजल की मदद करना चाहती थी।"
" काजल ने आज ब्लैक रंग की फॉर्मल ड्रेस पहनी थी। काजल की हाइट 5.4 थी। उसकी फिगर एकदम मेंटेंड उसे देखकर किसी के लिए भी यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि वह दो बच्चों की मां है। कमर तक लंबे बाल उसे और अट्रैक्टिव बना रहे थे। काजल रिसेप्शन पर वेट कर रही थी। तभी किसी ने आकर पूछा...... क्या तुम काजल मेहरा हो?"
" काजल ने मुस्कुराते हुए कहा .........जी हां!
"..मैं डिजाइनर वंदना जी का असिस्टेंट हूं। एडमिशन प्रोसीजर के लिए आप मेरे साथ आइए। सिंपल लुक वाले उस असिस्टेंट ने जब काजल को देखा वो उसकी खूबसूरती देखकर मन ही मन खुश हो गया। उसने नहीं सोचा था काजल इतनी सुंदर होगी। भले ही थोड़ी देर का साथ हो पर एक खूबसूरत लड़की को कंपनी देना कौन नहीं चाहता। "
"रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के लिए काजल उस आदमी के पीछे-पीछे चलती। वो आज सबसे पहले अपनी आंटी से मिलना चाहती थी। जिन्हें वो मां कहकर भी कई बार बुलाती थी। लेकिन आज वंदना ऑफिस नहीं आई थी। वो किसी काम से बाहर गई हुई थी। रजिस्ट्रेशन के बाद काजल ऑफिस से निकलने के बारे में सोच रही थी। क्योंकि काम कल से शुरू करना था। थोड़ी देर में वो ऑफिस से निकली। लिफ्ट में उसने सोचा बाहर जाकर वो आज थोड़ी शॉपिंग करेगी। इस नौकरी के मिलने से वो बहुत खुश थी।"
" जब वो लिफ्ट से निकली वो अपने ही ख्यालों में खोई थी। उसने लिफ्ट के सामने खड़े लोगों पर ध्यान नहीं दिया। लिफ्ट के सामने जो ग्रुप खड़ा था उसमें सबसे आगे जो आदमी खड़ा था उसने काले रंग का सूट पहना हुआ था।"
आगे की कहानी जानने के लिए पढें भाग.......10