इश्क या जुनून - 7 Anika Ku द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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इश्क या जुनून - 7

                       "" नन्हें बच ""

    

                      "आदि आंटी के घर में सोफे पर बैठकर अपने रोबोट से खेल रहा था। वहीं पास में सुनीता अभी के बालों को बना रही थी। अभी के बाल घने सुंदर और मुलायम थे। उसका चेहरा इतना प्यारा और रंग इतना साफ मानो हाथ लगा दो तो गंदा हो जाए।"

" ...मम्मी वापस आ गई। काजल को देखकर आदि ने कहा। मम्मी आपने डिनर किया? आदि ने अपना खिलौना नीचे रखते हुए काजल से पूछा और उसकी तरफ दौड़ पड़ा।"

" काजल........ हां मैंने खा लिया। अब तुम लोग जल्दी से सो जाओ। कल जाकर नर्सरी में तुम दोनों का एडमिशन कराना है। काजल ने आदि के गाल को चूमते हुए कहा। अपने बच्चों को देखकर वो अपनी हर दुख तकलीफ भूल जाती थी।"

" सुनीता जो अभी के बाल बना रही थी, काजल की ओर देखते हुए कहती है....... काजल, तुम नहा लो। मैं बच्चों को सुला देती हूं। सुनीता को अपने दो बच्चों को बड़ा करने का एक्सपीरियंस  था। उसे बच्चों को बातों से बहलाना, फुसलाना अच्छी तरह आता था।  काजल के दोनों बच्चे ज्यादा शरारती नहीं थे और आदि तो काफी समझदार था। "

"....थैंक यू आंटी। काजल ने हंसते हुए कहा।"

" लेकिन आंटी उस हंसी के पीछे उसके चेहरे की उदासी पड़ सकती थी। काजल अपने बच्चों के सामने कभी आंख में आंसू नहीं आने देती थी। चाहे कितना भी दर्द हो उसे। बच्चों के सामने वो हमेशा हंसती मुस्कुराती। उसके बच्चे छोटे जरूर थे पर बहुत समझदार थे। काजल समझती थी कि अगर वह बच्चों के आगे कमजोर पड़ी तो बच्चों पर इसका असर अच्छा नहीं पड़ेगा।"

" सुनीता ने काजल को खाली हाथ वापस आया देख कई बातों का अंदाजा लगा लिया था। उसे काजल के लिए तकलीफ हो रही थी।"

" आदि ने अभी का हाथ पकड़ कर कहा .......मम्मी हम सोने जाते हैं। आदि अभी का हाथ पकड़ कर बेडरूम की ओर ले जाने लगा। अभी ने कहा ....मैं मम्मी के साथ सोऊंगी। उसने अपना मुंह फुलाते हुए कहा। "

"आदि ने अभी के गालों को हल्के से थपकाते हुए कहा...... मम्मी नहाने के बाद तुम्हारे साथ सो जाएंगी। पर पहले बेडरूम में सोने चलो। "

"सुनीता ने मुस्कुराते हुए अभी को गोदी में लेने की कोशिश की। जब तक तुम्हारी मम्मी आती है, चलो मैं तुम्हें सुला देती हूं। "

" अभी....... नहीं, मुझे मेरी मम्मी चाहिए। अगर मम्मी मुझे हग नहीं करेंगी तो मैं नहीं सोऊंगी। अभी की आंखें आंसुओं से भर गई। आदि और अभी में सिर्फ आधे घंटे का अंतर था। लेकिन स्वभाव से दोनों काफी अलग थे। आदि बड़े भाई की तरह हमेशा अभी का ख्याल रखता।"

" आदि....... पागल लड़की मम्मी को परेशान मत करो। उसने चेहरा बनाते हुए अभी से कहा।"

" अभी........ मैं पागल नहीं हूं। तुम गंदे भाई हो।" अभी ने गुस्से में मुंह फुलाते हुए कहा और अपनी मीठी आवाज में भाई को डांटने लगी। आदि उसको जीभ चिढ़ाकर वहां से भाग गया। आदि की इस हरकत पर अभी गुस्से में और तेज रोने लगी। सुनीता अभी को रोता नहीं देख पाई और उसने उसे उठाकर सीने से लगा लिया। सुनीता को पता था हर बच्चे की अपनी आदत होती है जब वो सोते हैं। अभी अपनी मां के साथ सोना चाहती है जो नॉर्मल है। फिर उनके लिए यह जगह नई है। मुझसे भी पहली बार मिल रहे हैं। उनके लिए नई जगह सोना आसान नहीं है। वो यह सोच ही रही थी कि उसने देखा दोनों भाई-बहन जो कुछ समय पहले लड़ रहे थे। अब एक साथ  खेल रहे हैं। दोनों बेड पर ऐसे कूद रहे थे जैसे खरगोश कूदता है। "

"सुनीता बेड के किनारे खड़ी हो गई और उन्हें कहा........ध्यान से कहीं बेड से गिर मत जाना।"

" जब काजल नहाकर बाहर आई उसने देखा बेडरूम में शोर हो रहा है। वो अपने दोनों बच्चों को खेलता देख मुस्कुराई। ....रुको।  चलो अब सोने का टाइम हो गया है। याद है ना? कल स्कूल जाना है। दोनों बच्चों को बेड से नीचे उतार कर काजल ने बेड ठीक  किया। जगह पर पिलो रखे।"

" काजल ने सुनीता की ओर देखकर कहा......आंटी आप सो जाइए। इन दोनों को मैं सुला दूंगी।"

" सुनीता....... ठीक है। जब ये दोनों सो जाए मेरे पास आना। मुझे कुछ बात करनी है।"



आगे की कहानी जानने के लिए पढें भाग....... 8