""आखिर ऐसा क्या हुआ""
""5 सालों में ऐसा क्या हुआ? ये मेनका एक आम लड़की से सेलिब्रिटी कैसे बन गई? कई सवाल काजल के मन में उठने लगे।"
"काजल जितना मेनका को जानती थी, वो हाई स्कूल में कपड़ों की तरह बॉयफ्रेंड को बदला करती थी। और आज एक सेलिब्रिटी के रूप में मेनका को बैनर पर देखकर काजल को हंसी आ गई। फिर उसने अपने दोनों बच्चों की तरफ देखा और उन्हें अपने सीने से लगा लिया।"
" काजल पिछली लड़ाई झगड़ों को फिर से याद नहीं करना चाहती थी। अब उसकी लाइफ का एक ही मकसद था ,अपने बच्चों की अच्छी परवरिश करना। अपने बच्चों के अलावा अब उसके लिए कोई और मैटर नहीं करता था।"
" दोनों बच्चे अपनी मां के सीने से लगे हुए थे। सफर में वो काफी थक गए थे। उनकी पलकें भारी हो रही थी। अभी थकने के चलते मां के सीने से लगकर सो चुकी थी।"
" आदि को भी थकने की वजह से नींद आ रही थी। लेकिन वो जाग रहा था और इस नए शहर को देखे जा रहा था। आदि की पूरी कोशिश होती कि वो मम्मी को परेशान ना करे। इतने छोटे से ही परिवार में अकेला मर्द होने की शायद उसने जिम्मेदारी अभी ही ले ली थी। .....मम्मी वो बिल्डिंग देखो कितनी ऊंची है। एक ऊंची बिल्डिंग की ओर अपनी उंगली उठाते हुए उसने कहा।"
" काजल ने आदि जिस ओर उंगली से इशारा कर रहा था उस ओर देखा। कई ऊंची बिल्डिंग के बीच में यह सबसे ऊंची बिल्डिंग बड़ी शान से खड़ी थी। दूसरी बिल्डिंग के सामने मानो वो अलग ही कुछ लग रही थी। काजल....... हां। वाकई बहुत शानदार बिल्डिंग है आदि।"
" आदि ने मासूमियत से कहा........ काश मैं उस बिल्डिंग को अंदर से देख पाऊं।"" काजल जोर से हंसी। फिर उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा........ वहां लोग काम करते हैं। किसी और को वहां जाने की परमिशन नहीं होती बेटा जी।"
" मम्मी के जवाब से आदि थोड़ा उदास हो गया। उसने अपने होठों को कस के दबाया और गालों में हल्के से हवा भरकर फुलाया।"
" उस बिल्डिंग का नाम मल्होत्रा हाइट्स था। वो बिल्डिंग मानो अपनी ऊंचाई के साथ-साथ शहर में अपने मालिक का ऊंचा कद भी बयां कर रही थी।"
" वहां उस बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर एक Rolls कार आकर रुकी। उसमें से मिनी स्कर्ट पहने एक लड़की बाहर निकली। उसके कर्ली और हल्के भूरे बाल उसे और आकर्षक बना रहे थे। कार से निकल कर मेनका लिफ्ट की ओर बढ़ी। इन पांच सालों में उसकी चाल ढाल सब बदल चुके थे। उसने लिफ्ट में सिक्स्थ फ्लोर का बटन दबाया। वो सोच रही थी....... आज कुछ भी हो जाए वो अरमान से जरूर मिलेगी और अपने बर्थडे पार्टी में उसे इनवाइट करेगी।"
" मेनका ने जानकर अपने बाल एक तरफ किए ताकि उसकी खूबसूरत गर्दन भी नजर आ सके। उसको अपने पुराने एक्सपीरियंस से पता था कि किसी आदमी को कैसे अट्रैक्ट किया जा सकता किस"
"मेनका को देखकर असिस्टेंट ने मल्होत्रा हाइट्स का दरवाजा खोला और उसे गुड मॉर्निंग कहा। "
"मेनका गुड मॉर्निंग का जवाब दिए बिना अंदर जाने लगी।"
" बहुत ही स्पेसियस ऑफिस था। जिसके बीच में एक ब्लैक डेस्क थी। पूरे ऑफिस में दीवार का रंग हो या उसमें रखी चीजों का सभी ब्लैक वाइट और ग्रे रंग की थी। रंगों का यह टेंपरामेंट इस बिल्डिंग के मालिक से मिलता हुआ था।"
"मेनका जब अंदर आई उसकी नजरें ऑफिस में उस डेस्क के पीछे मौजूद बड़ी चेयर पर बैठे आदमी पर जाकर ठहर गई। कितना अट्रैक्टिव आदमी है। उस आदमी ने आज काले रंग का सूट और काले रंग की ही शर्ट पहनी हुई थी। उसका नेचर बहुत ही अलग था जिसे रहस्यमय कहना शायद ठीक होगा। क्योंकि मेनका को देखने के बाद भी वो आदमी टेबल पर रखे डॉक्यूमेंट्स को ही पढ़ता रहा।"
"उसने अपनी नजर उन पेपर्स में ही गड़ाते हुए पूछा......... कुछ काम था?"
" मेनका डेस्क के और पास गई। चेहरे पर खूबसूरत मुस्कुराहट के साथ आवाज में थोड़ी नरमी लाते हुए कहा........ अरमान आज मेरा बर्थडे है। आज रात आपको मेरे घर आना है। एक पार्टी रखी है।"
"अरमान....... सॉरी। मेरा आज का शेड्यूल फिक्स है। पार्टी के लिए टाइम नहीं निकाल पाऊंगा। अरमान ने बहुत ही ठंडे लहजे में कहा। एक औरत का इतने प्यार से दिया इनविटेशन भी अरमान को इंप्रेस नहीं कर पाया। उसने मेनका को अपने ऑफिस में सिर्फ इसलिए जगह दी कि उसके शरीर ने 5 साल पहले उसकी जान बचाई थी।"
" इतने सालों में कई कोशिशों के बाद भी मेनका अरमान की आंखों में अपने लिए कोई इमोशंस नहीं जगा पाई थी। मेनका बहुत इंसल्टेड महसूस कर रही थी। उसकी आंखों में नमी थी, जिसे उसने आंखों के पार जाने से रोक रखा था।"
"..... हां, मैं समझ सकती हूं। मेनका ने कहा।"
" सामने बैठे इस आदमी ने मेनका को एक रानी तो बना दिया था, लेकिन वह उसका राजा कभी नहीं बना। मेनका कभी उसका दिल नहीं जीत पाई। जहां दूसरे आदमी मेनका पर मर मिटने को तैयार थे, वहीं अरमान के लिए मेनका का कोई महत्व ही नहीं था।"
" मेनका इस बात से बहुत दुखी थी। उसकी एक नजर किसी भी मर्द को उसके कदमों में झुका दे। वहीं यह आदमी उसे कोई भाव ही नहीं देता।"
"मेनका को वहीं खड़ा देख अरमान ने कहा.........एनीथिंग एल्स? "
"मेनका को लगा मानो अरमान के यह ठंडे शब्द उसके ऊपर किसी बिजली की तरह गिरे हो। अरमान की वो बेरुखी नजर उसकी आत्मा को घायल करने तक में सक्षम थी। अरमान के चेहरे की बनावट बेहद अट्रैक्टिव थी। आंखें जिन्हें पढ़ पाना सबके बस की बात नहीं। उसके सेक्सीी पतले होठ हिले और भारी आवाज ने मानो मेनका पर ठंडा पानी डाल दिया हो।"
" मेनका........ इट्स ऑलराइट। मैं आपका काम और डिस्टर्ब नहीं करूंगी। मैं जा रही हूं। मेनका ने किसी तरह अपने आंसुओं को बाहर निकलने से रोका और वो जल्दबाजी में ऑफिस से बाहर निकल गई।"
" काजल अपनी आंटी के घर पहुंच गई थी। आंटी ने सफर की थकान उतारने के लिए काजल के लिए चाय बनाई और बच्चों को हॉट चॉकलेट मिल्क दिया। "
"काजल के दोनों ही बच्चे उसकी बात सुनते थे। उसका बेटा महज आधे घंटे अपनी बहन से बड़ा था। लेकिन 4 साल की इस कम उम्र में भी उसमें बड़प्पन था। वो बिना कहे अपनी बहन का ख्याल रखता था।"
"अब काजल को लगता था कि इन बच्चों को जन्म देना उसके जीवन का सबसे सही फैसला था। यह बच्चे ही उसका खजाना थे। इन बच्चों के साथ वो दुनिया से लड़ने की ताकत रखती थी।"
" काजल....... आदि अपनी बहन का अच्छे से ख्याल रखना और आंटी की बात सुनना। मम्मी को एक जरूरी काम के लिए बाहर जाना है। काजल ने आदि के माथे को किस किया और फिर से वही बात दोहराई। फिर उसने अभी के गालों को किस किया।"
"सुनीता आंटी ने टेंशन में काजल की तरफ देखा और फिर कहा........ तुम बस अपना सामान लेना और तुरंत वहां से वापस आना। ठीक है?"
" काजल ने आंटी को टेंशन में देखकर सिर हिलाते हुए कहा....... हां मुझे पता है। आप फिक्र मत करो।"
"....मम्मी बाहर संभल कर जाना। आदि ने कहा। उसकी प्यारी आवाज मानो काजल के कानों में मिश्री घोल गई।"
"उसने हंसते हुए हल्के से अपना सर हिलाया। आदि के कंधे पर हाथ रखकर उसे प्रॉमिस किया कि वो उसकी बात मानेगी। फिर वो दरवाजा खोलकर बाहर निकल गई। उसके कंधे पर एक बैक पैक था।"
" उसकी आंटी को चिंता थी कि कहीं काजल की किसी से लड़ाई ना हो जाए। लेकिन काजल शांत थी। 5 सालों में काजल में भी काफी बदलाव आया था। अब वो पहले से काफी समझदार हो गई थी। एक ठहराव आ गया था उसमें। वो बस अपनी मां का सामान लेना चाहती थी। जैसे ही उसे उसकी मां का सामान मिलेगा वो वापस आ जाएगी। यही सोचकर काजल जा रही थी।"
" जब काजल अपने पुराने घर पहुंची उसने देखा घर के सामने लंबी लाइन लगी हुई है। रास्ते के दोनों ओर रिपोर्टर्स और लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।...
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