*Title: "रात 2:13 वाली खिड़की"*
रिया को जयपुर में नई जॉब मिली थी। कंपनी ने रहने के लिए शहर के पुराने इलाके में एक 1BHK फ्लैट दिलवाया। किराया सिर्फ 3000। मालिक ने चाबी देते वक्त सिर्फ एक बात कही थी, "बेटा सब ठीक है, बस रात को बेडरूम की खिड़की का ध्यान रखना।"
रिया हंस दी थी। "खिड़की का क्या ध्यान रखना अंकल?"
फ्लैट छोटा था पर हवादार था। बेडरूम में एक बड़ी खिड़की थी जिस पर ग्रिल नहीं थी। नीचे गली थी। रिया को लगा व्यू अच्छा है।
पहली रात आराम से कटी। दूसरी रात 2 बजे के आसपास उसकी नींद खुली। कमरा ठंडा था। उसने देखा खिड़की खुली पड़ी है। पर्दे हवा से हिल रहे थे। उसने सोचा खुद से खुल गई होगी। उठकर बंद की और सो गई।
तीसरी रात फिर वही। इस बार उसने मोबाइल में टाइम देखा - 2:13। अजीब लगा पर इग्नोर कर दिया।
चौथे दिन रिया ने खिड़की की कुंडी बहुत टाइट कर दी। रात को 2:12 का अलार्म लगा कर जागती रही। 2:13 हुए और एकदम "खटाक" की आवाज। रिया ने लाइट जलाई। कुंडी खुली थी। बाहर झांक कर देखा तो गली में सन्नाटा। सिर्फ एक कुत्ता बैठा था। उसका दिल जोर से धड़क रहा था।
डर के मारे उसने यूट्यूब और गूगल पर सर्च किया। एक पुराने फोरम पर किसी ने लिखा था "वो वाला फ्लैट मत लेना। वहां पहले एक लड़की रहती थी। वो हर रात 2:13 पर खिड़की से आवाजें सुनती थी। फिर एक दिन वो कूद गई।"
रिया का हाथ-पैर ठंडे पड़ गए। अगले दिन उसने मकान मालिक से पूछा। वो बात टाल गया। "पुरानी बातें मत सुनो। तुम नई हो।"
पर अब रिया को चैन नहीं था। 5वीं रात उसने एक ट्रिक की। फोन का कैमरा ऑन करके खिड़की की तरफ रख दिया। नाइट मोड ऑन किया और सो गई।
सुबह वीडियो देखा। 2:13 बजते ही खिड़की अपने आप खुली। 2 सेकंड के लिए कैमरे में एक साया आया। सफेद कपड़े, लंबे बाल, चेहरा साफ नहीं। वो साया खिड़की से अंदर झांका और गायब हो गया। रिया की चीख निकल गई।
उसने उसी दिन फ्लैट खाली करने का फैसला कर लिया। सामान पैक करते-करते रात हो गई। सोचा चलो आज आखिरी रात है, जैसे-तैसे काट लेंगे।
रात 2 बजकर 5 मिनट। रिया बैग के पास बैठी थी। 2:10... 2:11... 2:12... कमरे में सिर्फ घड़ी की टिक-टिक। 2:13... "खटाक"।
इस बार हवा का झोंका नहीं आया। पीछे से बर्फ जैसी ठंडी सांस महसूस हुई। एक धीमी, भारी आवाज आई, "रोज तुम ही बंद करती हो ना... आज मैं कर दूं?"
रिया की रूह कांप गई। उसने हिम्मत करके पीछे देखा। कोई नहीं था। सिर्फ दीवार पर लगा पुराना आईना था। आईने में खिड़की दिख रही थी। और खिड़की के बाहर... वही सफेद सूट वाली लड़की खड़ी थी।
उसके चेहरे पर आंख नहीं थी। सिर्फ दो काले गड्ढे और खून। वो धीरे-धीरे हाथ हिला रही थी और होंठों से बोल रही थी - "अंदर आ जाओ। तुम्हारी जगह खाली है। बहुत दिन से इंतजार कर रही हूं।"
रिया जोर से चीखी और बेहोश हो गई।
सुबह पड़ोसियों को गंध आई तो दरवाजा तोड़ा। कमरा खाली था। रिया का सामान, फोन, पर्स सब रखा था। फोन की स्क्रीन ऑन थी। लास्ट वीडियो में सिर्फ काला पर्दा और 2:13 का टाइम।
पुलिस ने 1 महीने तक ढूंढा। रिया नहीं मिली। केस बंद हो गया।
आज भी वो फ्लैट खाली पड़ा है। जो भी नया किरायेदार आता है, वो एक हफ्ते में भाग जाता है।
लोग कहते हैं अगर रात 2:13 पर तुम अकेले हो और खिड़की के पास खड़े हो... तो एक बार बाहर जरूर देखना।
क्योंकि बाहर वाली लड़की... आज भी किसी नए का इंतजार कर रही है।
शायद... तुम्हारा।
*The End*