जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 24
और वही मालिका मुस्कुराते हुए
अपने बलखाती हुए कदमों से
वैदेही तरफ बढ़ती है
और वही वैदेही अपने हाथ को नीचे फाइल पड़कर
टेबल पर ही अचानक रखते हुए
आगे की तरफ देख रही है
पर वही सारे लोग मालिका को देखकर खुश हो रहे हैं
और उसके पीछे
उसके एक आदमी कुछ डॉक्यूमेंट लेकर चलते हुए आ रहे हैं
और तभी मालिका अपनी लंबी कदम बढ़ाते हुए
वैदेही की करीब आती है
और थोड़ी सी मूरती है
और वही अचानक वह जो
वहीं खड़ा है वह आदमी
वह खुली नजरों से मालिका को देखते हुए
हल्की साइड हो जाती है
और वही वैदेही अब तलाक वैसे ही उसे देखी जा रही है
और वही मालिका थोड़ी सी मूरती हुए
उस आदमी को देखते हुए
मुस्कुराती है
और फिर नज़रें घूम कर
वैदेही की तरफ देखते हुए
अपनी दो कदम आगे बढ़ती है
और वही वैदेही उसी फाइल पर अपना हाथ रखते हुए
गंभीरता से मालिका के तरफ देखी जा रही है
और वह मालिका अपनी दाईं हाथ हल्के बढ़ते हुए
वहां रखे हुए चेयर को पकड़ कर हल्के से अपने सामने खींचती है
और उस चेयर को अपने हाथों से छोड़ते हुए हाथ को नीचे करती है
और एक कदम आगे बढ़ाकर
उस चेयर पर बैठते हुए
पलके उठाकर वैदेही के तरफ गहरी आंखों से देखते हुए
मुस्कुराकर कहती है
कैसी हो वैदेही
और फिर ठीक से बैठ जाती है मुस्कुराते हुए
और वही वैदेही उसे देखते हुए
हल्की सी फाइल पर रखी हुई हाथों को गुस्से में सिकोड़ते हुए हल्की सी जॉलाइन फैलाकर फीकी मुस्कान मुस्कुराती है
और वही मालिका चेयर पर सही से बैठते ही
अपने दोनों हाथ उठाकर दोनों साइड के बालों में लगाते हुए धीरे-धीरे बालों को पकड़ते हुए हाथ नीचे करते हुए
वैदेही को चिड़ाते हुए
अपनी बातों को आगे बढ़कर मुस्कुराते हुए कहती है
मैंने सोचा ही नहीं की
तुम्हारी बेटी हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच में लड़ रही है
और वही वैदेही उसे गुस्से में देखी जा रही है
और वही मालिका अपने बालों से हाथ नीचे करते हुए
बाई यहां धीरे-धीरे नीचे करती है
और दाएं हाथ
अचानक वैदेही की तरह बढ़ते हुए
हाथों को हल्की सी राऊन करते हुए हाथों को पालटा कर
मुस्कुराते हुए तीखी आवाज में कहती है
और तुम यहां अभी काम कर रही होगी
और वही वैदेही मालिका की बातें सुनते ही
और उसके चेहरे टाइट हो जाती है
गुस्से से और वह गहरी आंखों से मालिका को देखने लगती है
और वही मालिका अपने बनाए हुए हाथ को धीरे-धीरे नीचे करते हुए
वैदेही को ताना मारते हुए
झूठी मासूमियत से अपने चेहरे को सेकोड़ कर
हल्के मुस्कुराते हुए रिएक्ट करते हुए
और करवे शब्द में आगे धीरे-धीरे हल्की आवाज में कहती है
कितना बुरा फील होता है ना
मिडिल क्लास का होना
अपने मर रहे हो
फिर भी काम करते रहना पड़ता है
अपने अपनो के साथ ठीक से समय भी नहीं बता सकते
और वही वैदेही को उसके हर बातें कांटों की तरह चुप रही है
वह और गुस्से में फाइल पर रखी हुई हाथों को और टाइट कर लेती है
और फिर अचानक
वैदेही अपनी भावों को उठाते हुए
काड़ी निगाहों से मालिका को देखते हुए
और अपने अंदर गुस्से दबाते हुए
अपनी होंठ फैलाते और साथ में हल्की मुस्कुराते हुए
आहे भर्ती है
हा
और फिर हल्के मुस्कुराते हुए
हॉकी सख़्त लहजे में कहती है
क्या तुम यहां मेरे हाल पर दुख जताने आई हो
या किसी काम से
और तभी क्या सुनते ही अचानक मालिका मुस्कुराती है
और मुस्कुराते हुए अपने चेहरे को और सख्त कर लेती है
और नीचे रखे गए दोनों हाथ को धीरे-धीरे उठाकर बढ़ाते
गुस्से में
और आहे भरते हुए
हाआ
और दोनों हाथ को लाकर टेबल पर रखकर बनते हुए
हल्की ऊंची आवाज में कहती है
नहीं वैदेही मैं
यह कहते हुए मालिका अचानक से 2 सेकंड ठहर जाती है
और वही वैदेही मालिका से आपने नजरे उठाकर
उसके पीछे खड़े उसके सिक्योरिटी गार्ड को देखती है
हल्के अपनी चेहरे और हाथों को रिलैक्स करते हुए
और वही वह सिक्योरिटी गार्ड मालिका के तीन कदम पीछे खड़े हैं
चुपचाप हाथों में फाइल लिए
और वही मालिका 2 सेकंड ठहरने के बाद
अपनी नजर उठाकर अपने सिक्योरिटी गार्ड की तरफ देखती है
और फिर नजरे घूमते हुए वैदेही की तरफ देखते हुए
कर्वि लहजे में कहती है
तो दोनों काम से आई हूं
और वही वैदेही यह सुनते ही
अपने नजरे निचे करते हुए
मालिका पर टिका देती है
और तभी यह कहते हुए अचानक मालिका
अपने दोनों हाथ खोलते हुए
ऊपर करके साइड हॉकी हाथों को राउंड करते हुए
भोऐ को चढ़कर रिएक्टर करते हुए
तिखी आवाज में कहती है
तुम्हारे हाल और हालात जाने और
और वही वैदेही उसकी बातें सुनते हुऐ
गुस्से में
अपने चेहरे और टेबल पर रखी हुई
अचानक फिर से अपने हाथ को सिकोड़ लेती
और वही यह कहते हुए मालिका पलके झटकाते हुए
और अपने हाथों को धीरे-धीरे नीचे करते हुए
अचानक नजर घुमा कर सिक्योरिटी गार्ड की तरफ देखती है
और फिर तुरंत नजर घूमर बेदेही की तरह देखते हुए
और अपने होठों को सिकुड़ते हुए कहती है
अपने काम से भी
और वही अचानक से वेदही मुस्कुराती है
अपनी सिकड़े हुए चेहरे और हाथों को ढीला छोड़ती है
और अपने गुस्से को शांत करते हुए
और आहे भरते हुए
मुस्कुराते हुए कहती है
हु
तुम अभी नहीं बदली
और
तभी अचानक मालिका यह सुनते ही
वैदिक की तरफ कड़ी आंखों से देखते हुए
फिर से अपने दोनों हाथ उठाकर लहरा कर राउण करते हुए
और होठो सिकुड़ते हुए मुस्कुरा कर
भोवो को चढ़ाते हुए
हाल्की आवाज में कहती है
तुम भी तो नहीं बदली वैदेही
और फिर अचानक अपने हाथ को नीचे करते हुए
गुस्से में आकर
चेहरे को सिकोड़ते हुए आंखें कड़ी कर लेती है
और वैदेही को देखते हुए
कड़ी और ऊंची लहजे में कहती है
अब भी वही घमंड और वही तेवर है तुम्हारे चेहरे पर
और तभी वैदेही उसके बातें सुनते हुए
अचानक मुस्कुराती है
और मुस्कुराते हुए आंखें कड़ी करके
उसे देखते हुए गुस्से में
जल्दबाजी में हल्की ऊंची लेहजे में कहती है
हां है तो
और वही सारे लोग उन दोनों की तरफ देख रहे हैं
पर उन्हें बाहर से देखने से नहीं समझ में आ रहा है
कि उनके बीच क्या चल रहा है
लोग शायद सोच रहे हैं कि
शायद बैंक के काम से ही आए होंगे
क्योंकि
मालिका का वहां आते ही
वैदिकी के केबिन की तरफ से सारे भिर इकट्ठे हो गए हैं
मालिका को देखने के लिए
और अचानक से यहसुनते ही मालिका के चेहरे पूरी तरह से उतर जाता है
और वह अचानक हल्की ऊंची आवाज में
पीछे खड़े अपने सिक्योरिटी गार्ड को आवाज लगाते हुए कहता है
असिस्टेंट
और यह कहते हुए
अपने हाथ उठाते हुए पीछे बढ़ता है
और वही उसके सिक्योरिटी गार्ड अचानक मालीका की बातें सुनते ही
दो कदम दौड़ कर
आगे आता है
और अपने हाथों में
रखी हुई फ़ाइल को उठाते हुए
बड़ाकर
मालिका के हाथों में देता है
और वही वैदेही उसे देखते हुए गुस्से में है
और वही अचानक मालिका अपने हाथों में फाइल पकढ़ते हुए और हाथ को आगे लेते हुए आगे वैदिक के टेबल पे फाइलों को
बड़ाते हुए
और वैदेही को देखते हुए कर्वि आवाज में कहती है
तो मैडम
मुझे अकाउंट खुलवाने हैं
तो आप बताइए कि मैं और क्या-क्या डॉक्यूमेंट लाऊ
और तभी वैदेही
समझ जाती है कि यह इस बहाने से बस इसे परेशान करने आई है
इस काम के लिए और
भी बहुत सारे वर्कर हैं बैंक में
और इस शहर में बहुत सारे बैंक भी है
फिर यह यही आई है
और मन में सोचती है
बस मुझे परेशान देखना आई है
और मुझे परेशान देखकर खुशी महसूस करना
और फिर यह सोचते हुए वैदेही मालिका को देखते हुए
हल्की सी मुस्कुराती है
और फिर नज़रें हटाकर मालिका के हाथों में पड़ी हुई
फाइलों पर नजरे डालती है
और वही मालिका वैदेही को गुस्से से देखते हुए
अपनी फाइल से अपने हाथ हटाते हुए हल्की पीछे लेती है
और वही वैदेही अचानक अपने हाथ उन फाइलों पर से हटाते हुए उठाकर
मालिका के फाइल की तरफ रखते हुए
मुस्कुराते हुए हल्की आवाज में कहती है
यह पब्लिक प्लेस है
और यहां काम की बातें ही अच्छी लगती है
और वही यह सुनते ही
मालिका के चेहरे एकदम से गमभीर हो जाती है
और वह जलन के मारे गुस्से में कड़ी निगाहों से वैदेही को देखते हुए
कुछ नहीं बोलती
और वही मालिका के आसपास के फ्रेंड उसे देख रहे हैं
और उसे देखते हुए उसे हाथ उठा कर हाय करते हुए हेलो कर रहा है
और वहीं कुछ लोग उसका नाम लेकर पुकार रहा है
मालिका प्लीज एक बार इधर देखिए
मालिका
और वही वैदेही अपने हाथ मालिका के फाइल पर रखते हुए मुस्कुराती है
और उसके फाइल को देखने लगती है
औऊवही अचानक मालिका वैदेही से चीरते हुए
अचानक अपनी आंखों को राउंड करते हुए
अपना दाल ना गलती देख
वैदेही को इग्नोर करने की कोशिश करते हुए
पीछे की आवाज सुनकर
अचानक पीछे पलट कर देखती है
और अपने फ्रेंड को देखते हुए
अपने दाएं हाथ उठाकर
हल्के बॉडी को सीधे करते हुए चेयर पर तीरछे बैठ जाती है
और अपने फ्रेंड की तरह देखते हुए मुस्कुराकर हाय करती है
और चारों तरफ हाथ घुमा घुमा कर मुस्कुराते हुए
और फिर अपने दोनों हाथ उठाकर होठों पर रखते हुए
ब्लाइंड किस अपने सारे फ्रेंड को देती है
और वही उसके फ्रेंड यह देखते हुए
शोर मचाने लगते हैं
और सभी खुश हो जाते हैं
और वही वैदेही नजर उठा कर आगे की तरफ देखती है
मालिका और बैंक में आए लोगों की तरफ
और वह यह सब देखकर फार्सिसटेट होकर
हल्की सी अपनी सर हिलाती है
और फिर नज़रें झुकते हुए
उसके प्रोफाइल लेकर पलटते हुए
उसके डॉक्यूमेंट देखने लगती है
और वहीं कुछ देर बाद दूसरी तरफ
मेघना की दुनिया में
मेघना थाने में पूछताछ के लिए
टेबल पे साइड चेयर पर बैठी हुई है
और उसके पीछे खड़ी है रिया
अपने दोनों हाथ कमर के पास बंदते हुए
नजर झुका कर उसे देखते हुए
और दूसरे साइट टेबल के अपोजिट साइड चेयर बैठा हुआ है ऑफिसर
और
वही मेघना अपने दोनों हाथों को हल्के ऊपर करते हुए
और दोनों हाथों को साथ में राउंड करते हुए
रिएक्ट करते हुए कुछ कह रही है
इंस्पेक्टर सच में यही हुआ था
और
तभी इंस्पेक्टर एक हाथ टेबल पर रखी हुई फाइल पर रखते हुए
और दूसरी हाथ में टेबल पर ही रखते हुए ही
गौर से मेघना की बातें सुनते हैं
उसे देखते हुए
हल्की ऊंची आवाज में कहता है
ठिक है
और यह कहते हुए टेबल से अपने हाथ उठाकर हल्की मेघना की तरह बढ़ते हुए हल्के सर हिलाकर
आगे कहता है
ठीक है फिलहाल आप जा सकते हैं
और वही मेघना उसकी बात सुन ही रही है
अपने दोनों हाथों के नीचे करते हुए
और तभी अचानक पीछे से दौड़ते हुए
पहले की जांच अधिकारी वहां आ जाते हैं
और अचानक थाने के उसे रूम के अंदर आते ही
वह अपने कदमों को रोकते हुए ठहर जाता है
और नजरे उठाकर वो उस ऑफिसर और मेघना की तरफ देखा है
और वही रिया अचानक
उस ऑफिसर के कदमों की आहट सुनते ही
अचानक से पलट कर पीछे देखती है
और वही मेघना भी अचानक से यह नोटिस करते हुए
हल्के सर घूमते हुए
और टेबल पर से अपनी दाही हल्के हाथ रखते हुए
धीरे-धीरे उठ खड़ी होती है
और पीछे उस ऑफिसर को देखते हुए
और वही वह पुलिस ऑफिसर भी
अपने हाथों को हाल्के पीछे लेते हुए
उस ऑफिसर की तरफ देखा है
और वही वह ऑफिसर गहरी सांस लेते हुए
उसके तरफ ही देख रही है
और इस बीच थाने की पुलिस ऑफिसर भी
ऑफिसर की तरफ देखते हुए
अपनी हॉकी हाथ सीधे लेते हुए
और चेयर से उठ खड़े होते हुए
और वही मेघना सीधे उठ खड़ी होती है
वह अपने हाथ टेबल से हटाते हुए
गहरी आंखों से उस ऑफिसर की तरफ देखती है
कुछ सेकंड ठहूर जाती है
फिर भारी और लड़खड़ाती हुई आवाज में कहती है
सर आ। प आप यहां
और वही रिया उस ऑफिसर की तरफ हैरानी के साथ देखी जा रहा है
और
तभी वह ऑफिसर नजर झुका कर मेघना के तरफ देखते हुए कुछ सेकंड ठहरते हुए
और भारी आवाज में कहता है
क्या तुम ठीक हो
यह सुनते ही रिया हल्की सी नजर घुमा कर
अपनी बहन के साथ देखी है
हैरानी के साथ
इसलिए क्योंकि रिया को नहीं पता कि वह इंसान कौन है
और वही मेघना उस ऑफिसर को हैरानी से देखते हुए
हामी ही में हल्के सर हिलती है
और वही पीछे खड़े ऑफिसर उस ऑफिसर देखते हुए
हल्के सर झुकाते हुए
और हाथ ऊपर करते हुए
सैल्यूट मारते हुए
हल्की ऊंची आवाज में कहता है
नमस्ते सर
और वह जांच अधिकारी ऑफिसर मेघना से नजर हटाते हुए
उस ऑफिसर की तरफ देखते हुए
भारी आवाज में कहता है
क्या हुआ है
और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में
अपनी तेज कदम बढ़ाते हुए गलियारों से गुजरते हुए
डॉक्टर देव तीसरी मंजिले पर
अपने पिता के पास जा रहा है
और वही जाते-आते कुछ नर्से अपने हाथ उठाकर हल्की आगे बढ़ते हुए
और सर झुकाते हुए
हल्की ऊंची आवाज में देव को कहता है
हेलो सर
तो कुछ नर्स लड़कियों से देखते हुए
मुस्कुरा कर अपने उठाकर हाय करते हुए कहते हैं
हाय देव
और वही देव उन सभी नसों को
बिना जवाब दिए बस
हल्के से सर झुकाते हुए हेलो करते हुए
जल्दबाजी में अपनी कदम आगे बढ़ा
है
और वही दूसरी तरफ दूसरी साइट के
कमरे में हॉस्पिटल हेड
अपने दोस्त आलोक माथुर के सामने खड़े हैं
और वही आलोक माथुर आईसीयू रूम में
आईसीयू बेड पर लेटे हुए हैं
उसकी दो दिन पहले हार्ट सर्जरी हुई है
अभी तक आईसीयू रूम में इसलिए है
क्योंकि अभी भी कुछ जरूरी ट्रीटमेंट बाकी है
उसकी एक हाथों में सलाइन की सुई लगी हुई है
और वह मुस्कुराते हुए अपने दोस्त से बातकर रहे हैं
और वही अस्पताल हेड मुस्कुराते हुए
अपने दोस्त से बातें करते हुए कहता है
चिंता मत करो माथुर तुम
तुम्हें अब खाते पीते और तंदुरुस्त रहना है
और यह कहते हुए हल्के से हाथ अपना उसके तरफ बढ़ते हुए उसके पैरों पर हल्की चींटी कटता है
और वही गुदगुदी लगते ही
माथुर अचानक अपनी हलके पैर खींचते हुए
चेहरों को सीकोड़कर हल्की आवाज में कहता है
अउज
और वही हॉस्पिटल हेड अपने हाथ हटाते हुए
हंसने लगते हैं
और वही माथुर अपने पर हल्के पीछे खींचते हुए
और चेहरे को हल्के रिलैक्स करते हुए
और हल्की स्माइल देते हुए
कहता है
यह क्या कर रहे हो तुम आदित्य
और
तभी अचानक डॉक्टर देव अपने तेज कदम बढ़ाते हुए उसे कमरे में आता है
और अचानक आते ही
वह रुक जाता है
और तभी या महसूस करते हुए
उसके पिता हंसते हुए अचानकठहरते हुए
हल्के तिरछे होकर पलट कर पीछे देखा है
और वहां वह देखता है अपने बेटे को
और वही डॉक्टर देव अपने पिता को देखते हुए
और घबराते हुए बिना कुछ बोले
अपने हाथ उठाते हुए
पीछे की तरफ इशारा करते हुए
अपने पिता को कहता है
वो
और तभी डॉक्टर हेड
अपने बेटे की ईसारा समझते हुए
हल्की से आहा भरते हुए हल्की सी मुस्कुराता है
और हल्की ऊंची आवाज में कहता है।
आ वह आ गया
और वही डॉक्टर देव अपने पिता को देखते हुए
धीरे-धीरे अपने हाथ पीछे लेते हुए नीचे करता है
और वही बरी हैरानी से हल्के सर उठाते हुए
माथुर भी अपने दोस्त
और उसके बेटे की तरफ देखा है
और वही डॉक्टर हेड अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए
हल्की ऊंची आवाज में कहता है
बड़ी जल्दी से अपनी बेटी की याद आ गई
और तभी अचानक डॉक्टर हेड
पलते हुए
अपने दोस्त की तरफ देखते हुए मुस्कुरा कर कहता है
चलता हूं आलोक बाद में आकर मिलता हूं
और वही आलोक अपने दोस्त को देखते हुए
मुस्कुरा कर
हल्के सर हिलाते हुए हल्की आवाज में कहता है
हां
और वही हॉस्पिटल हेड अपनी हल्की हाथ बढ़ाते हुए
अपने दोस्त के पैरों पर हल्की हाथ रखकर
थपथपाते हुए मुस्कुरा कर कहता है
अभी बहुत बड़ी मुसीबत आ गई है
फिलहाल उन्हें अभी संभालना है
और वहीं दूसरी तरफ नीचे हॉस्पिटल हेड के ऑफिस में अभिराज वहां रखें टेबल पे सामान को देखते हुए
धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाते हुए
मरकर
जाकर टेबल के पास रखी हुई
चेयर को अपने हाथों से पकढ़ते हुए
हल्के पीछे खींचकर
और फिर चेयर को अपने हाथों से छोड़ते हुए
एक कदम आगे बढ़कर झुकते हुए
चेयर पर बैठ जाता है
अपने बाई पैरों पर दाएं पैर रखते हुए
हॉस्पिटल हेड के इंतजार करते हुए
उसका चेहरा गंभीर और सख्त है
और वह बाहर की तरफ नजर दोहराते हुए
अचानक उसकी नजर नीचे झुकता है
और वहां रखाता है
एक अनसोल्वड क्युब
देखा है
और उसे देखते ही
अपने दीइ हाथ बढ़ाते हुए
उसे उठाते हुए
और अपने हाथों में लेते हुए
और अचानक क्युब पर अपनी उंगलियां चलते हुए
अपने एक ही हाथों से उन्हें सॉल्व करने लगता है
और अब तलक शाम हो चुके हैं
और वहीं दूसरी तरफ वैदेही
अभी बैंक में काम कर रही है
वह एक हाथ में पेन रखते हुए
हल्के साइड में हाथ ऊपर उठकर रखी हुई है
और दूसरे हाथों से जल्दबाजी में फाइल के
कुछ पन्ने पलटा रही है
और वहीं दूसरी बैंक के बाहर मालिका जल्दबाजी में
अपनी कार के दरवाजा को पकड़ते हुए
अपनी कदम बढ़ाकर जाकर
कार में बैठी है
और जोर से खींचते हुए
दरवाजा लगती है
और अचानक रिएक्ट करते हुए
अपने बॉडी और सर को हिलाते हुए
जोर से चिल्लाती है
आ
और फिर चिल्लाते हुए
अपने दोनों हाथ को दोनों तरफ हवा में फैला कर
हल्की लहराते और रिएक्ट करते हुए कहती है
कितना डिस्गस्टिंग है यह
अभी तक वैसी वैसी है घमंडी शोभामानी
और वही उसकी सिक्योरिटी गार्ड
दूसरे तरफ से घूमते हुए
आकर आगे वाले कार के दरवाजा खोलकर
अपनी कदम बढ़ाकर कार में बैठते हैं
और वहीं दूसरी तरफ कुछ देर बाद
मेघना की दुनिया में
थाने की बहार बरांडे में
मेघना
और वह जांच ऑफिसर एक दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं
और वह रिया साइड में खड़ी है
और वही वह ऑफिसर मेघना को देखते हुए
ठेहरा और हल्की आवाज में कहते हैं
ठीक है
मैं तुम्हें जाने दे रही हूं
पर ध्यान रखना की इस देश को छोड़कर
कहीं मत जाना
और
भी अचानक रिया यह सुनते ही
गुस्से में नजरे घूम कर इंस्पेक्टर को देखते हुए
अपने चेहरे और होठों को सीकोड़ कर
हल्की ऊंची आवाज में कहती है
इतनी सी बातों के लिए कौन देश छोड़ कर भगत है
हां
और तभी यह सुनते ही
अचानक स्पेक्टर हल्की नजरे घूमर रिया की तरफ देखती है
और तभी अचानक यह सुनते ही मेघना
इंस्पेक्टर से अपनी नजर हटाकर
अपनी बहन की तरफ कड़ी नजरों से देखते हुए
हल्की होंठ खोलकर
हल्की आवाज में कहती है
रिया
और वही रिया अपने बहन के नजर उठा कर देखते हुए
और चेहरे को सीकोड़ा कर
सीधी खड़ी हो जाती है
और अपने दोनों हाथ ऊपर उठकर कमर के पास लेट हुए
बांध लेती है
और
वही मेघना अपनी बहन से नजरे हटा कर
पलके झुकते हुए
मुस्कुराकर इंस्पेक्टर की तरह देखते हुए
और वही इंस्पेक्टर गई रिया से नजरे हटाते हुए
मेघना की तरफ देखा है
और वही मेघना
नर्मदा पूर्वक इंस्पेक्टर की बातें समझते हुए
हल्की हामी में सर हिलाते हुए ठेहराउ भरी आवाज में कहती है
ठीक है
सर शुक्रिया
आपका
मुझे घर जाने देने के लिए
और मुझ पर भरोसा करने के लिए
आप जब कहेंगे
मैं वापस आ जाऊंगी
और वही वह जांच इंस्पेक्टर मेघना को देखते हुए
मुस्कुरा कर
हल्की सी सर हिलाते ही हल्की आवाज में कहता है
ठीक है
अगर यह कहानी आप सबको अच्छी लगे तो
आगे पढ़ते रहिए
मैं आपके प्रिय लेखक अभिनिशा ❤️🦋👍