पुराने स्पीकर से गूंजती वह डरावनी आवाज़ अचानक एक झटके के साथ बंद हो गई। पूरे कॉरिडोर में फिर से वही गहरा सन्नाटा छा गया। जॉन की टॉर्च की रोशनी धूल में तैरते कणों को चीरती हुई आगे बढ़ रही थी। दीवारों पर लगे लाल इमरजेंसी बल्ब साठ सालों से बुझे पड़े थे।
"क्रिस, हिम्मत मत हारना," कैथी ने क्रिस को सहारा देते हुए कहा। क्रिस का चेहरा दर्द और इन्फेक्शन की वजह से पीला पड़ता जा रहा था, लेकिन उनके कदमों में अभी भी अपने परिवार को बचाने की ज़िद थी।
वे तीनों कॉरिडोर के अंत में पहुंचे, जहाँ एक भारी स्टील का दरवाज़ा था जिस पर लिखा था—'मेन कंट्रोल रूम'। जॉन ने दरवाज़े के भारी हैंडल को पूरी ताकत से नीचे दबाया। चरमराकर... दरवाज़ा खुल गया।
अंदर का नज़ारा देखकर उन तीनों के रोंगटे खड़े हो गए। कमरे के बीचों-बीच बड़े-बड़े कंप्यूटर और ऑपरेटर डेस्क थे, जिन पर सत्तर के दशक की फाइलें बिखरी पड़ी थीं। लेकिन सबसे खौफनाक थे वहाँ पड़े इंसानी कंकाल। मिलिट्री यूनिफॉर्म में कई कंकाल कुर्सियों और फर्श पर बिखरे थे, मानो उन्हें भागने का मौका ही न मिला हो।
"यहाँ क्या हुआ था?" जॉन की आवाज़ कांप गई।
कैथी ने डेस्क पर पड़ी एक धूल से भरी पुरानी डायरी उठाई। उन्होंने पन्ने पलटे और उसमें लिखे आखिरी शब्दों को ज़ोर से पढ़ा, "प्रोजेक्ट 'कालचक्र' असफल रहा। हमने सोचा था कि हम इन प्रागैतिहासिक जीवों के डीएनए से इंसानों के लिए अमरता की दवा बनाएंगे। लेकिन वे हमारे नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्होंने बेसमेंट की निचली मंजिलों को अपना घोंसला बना लिया है। अगर कोई यह पढ़ रहा है, तो मेन पावर ग्रिड को कभी चालू मत करना... क्योंकि बिजली की आवाज़ उन्हें जगा देगी।"
डायरी पढ़ते ही कैथी के हाथ कांपने लगे। उन्होंने तुरंत डायरी छोड़ दी।
उधर जॉन कंट्रोल रूम के कोने में लगे एक बड़े वायरलेस रेडियो सेट के पास पहुंचा। उसने उसके स्विच घुमाए, लेकिन उसमें कोई करंट नहीं था। "डैड, रेडियो ठीक है, लेकिन पूरी लैब की बिजली कटी हुई है। जब तक हम नीचे जाकर मेन पावर ग्रिड चालू नहीं करेंगे, हम बाहर किसी को सिग्नल नहीं भेज पाएंगे।"
"लेकिन जॉन... डायरी में लिखा है कि पावर चालू करते ही वे जाग जाएंगे!" कैथी ने घबराकर कहा।
क्रिस ने दीवार का सहारा लेकर खड़े होते हुए कहा, "कैथी, हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है। मेरा शरीर धीरे-धीरे साथ छोड़ रहा है। अगर हम रेडियो चालू नहीं करेंगे, तो हम इस दवा को कभी दुनिया तक नहीं पहुंचा पाएंगे और यहीं तड़प-तड़प कर मर जाएंगे। जॉन, तुम कंट्रोल रूम में ही रहो और रेडियो को सिग्नल पर सेट करो। कैथी और मैं नीचे जाकर पावर ग्रिड का लीवर खींचते हैं।"
"नहीं डैड, आप इस हालत में नहीं जा सकते! मैं जाऊंगा," जॉन ने मज़बूती से कहा।
"जॉन, तुम हमारे इकलौते बेटे हो। तुम्हें यह दवा न्यूयॉर्क पहुंचानी है," क्रिस ने जॉन के सिर पर हाथ रखा। उनकी आँखों में एक पिता का आखिरी फैसला और गहरा दर्द साफ दिख रहा था। "रेडियो संभालो, मेरे बच्चे।"
कैथी ने रोते हुए क्रिस को पकड़ा और वे दोनों कंट्रोल रूम के पिछले हिस्से से नीचे जाने वाली सीढ़ियों की तरफ बढ़ गए। जॉन बेबसी से उन्हें जाते हुए देखता रहा। उसने अपनी रुलाई को रोका और रेडियो के फ्रीक्वेंसी व्हील को इमरजेंसी चैनल पर सेट करने लगा।
नीचे बेसमेंट की सबसे निचली मंजिल पर, क्रिस और कैथी एक विशाल जनरेटर के सामने खड़े थे। हर तरफ लोहे के बड़े-बड़े पिंजरे थे जो अंदर से टूटे हुए थे। वहाँ हवा में एक बेहद खौफनाक और भारी सांस लेने की आवाज़ आ रही थी।
क्रिस ने बिना वक्त गंवाए दीवार पर लगे एक बहुत बड़े लोहे के लीवर को दोनों हाथों से पकड़ा। "कैथी, तैयार रहो।"
क्रिस ने पूरी ताकत से लीवर को नीचे खींच दिया।
घड़घड़ाहट...!
एक बहुत बड़े धमाके के साथ पूरी लैब के जनरेटर चालू हो गए। कंट्रोल रूम से लेकर बेसमेंट तक, हर जगह लाल और सफेद बत्तियां टिमटिमाते हुए जल उठीं। कंप्यूटर स्क्रीन्स चालू हो गईं।
लेकिन उस बिजली की गूंज और रोशनी के होते ही, बेसमेंट के सबसे अंधेरे कोने से एक ऐसी भयानक और विशाल दहाड़ गूंजी जिसने पूरी कंक्रीट की बिल्डिंग को हिलाकर रख दिया। वह उन छोटे शिकारियों की आवाज़ नहीं थी... वह उसी बीस फीट ऊंचे आदमखोर 'थैलोसॉरस' की दहाड़ थी, जो दीवारें तोड़कर सीधे बेसमेंट के अंदर दाखिल हो रहा था।
ऊपर कंट्रोल रूम में रेडियो स्क्रीन पर हरी लाइट जल उठी थी और जॉन चिल्ला रहा था, "हेलो! कोई हमारी आवाज़ सुन रहा है? हम ब्लैक ज़ोन में फंसे हैं!"
तभी नीचे से कैथी की दिल दहला देने वाली चीख गूंजी, "क्रिस! वह हमारे ठीक सामने है!" (जारी है )
लेखक _समीर खान