नया युग - 3 Ram Make द्वारा रोमांचक कहानियाँ में हिंदी पीडीएफ

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नया युग - 3



अकादमी में रहते रुद्र को कुछ दिन हो चुका था और इसी बीच कुछ स्टूडेंट रुद्र को चैलेंज कर दिया। लेकिन रुद्र शर्त सुनकर सभी हैरान हो गए। रुद्र का शर्त था जितने भी स्टूडेंट्स से लड़ेगा रुद्र को 100 सोने की सिक्के चाहिए था। और लगभग 15 स्टूडेंट्स रुद्र से लड़ना चाहता और रुद्र का ऐसा सुनकर कोई भी हैरान हो सकता था।
तभी रॉय अपने साथियों से सोने के सिक्के इक्क्ठा करते हुए रुद्र का हाथ मे पूरे 1500 सोने सिक्के रखा और बोला कल मुक़ाबला।
रॉय एक विंड मैजिशियन होने के साथ लेवल 20 था। जो रुद्र का लेवल से दुगना था।
तभी ही रुद्र को कुछ ख़याल आया और जल्दी से हारे रंग का पत्थर को डायमेंशनल स्टोरज से निकाल लिया । जो पत्थर रुद्र पकड़ा हुआ था वो आध्यात्मिक पत्थर था । जिसके मदद से रुद्र अपना आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ोतरी पा सकता और साथ ही साथ रुद्र का  life span  भी बढ़ सकता था ।
रुद्र पत्थर को अवोशोषित कर लिया लेकिन रुद्र को ऊर्जा को पचाने के लिए कम से कम एक दिन से ज्यादा का समय लेने वाला था।
नेक्स्ट डे... मुक़बला का दिन
रुद्र से लड़ने सबसे पहले रॉय आया हुआ था लेकिन रुद्र अभी तक एरीना नही पहुँचा था। सभी को लग की रुद्र डर के मारे भाग गया होगा ।
उन लोगो का सोचना भी सही था क्योंकि रुद्र लगातार 15 लोगो से लड़ने वाला था ऐसे में कोई डर सकता था रुद्र क्यो नही।
लेकिन कुछी देर.. रुद्र एरीना में आता हुआ दिखा। और सभी एक रोमांचक मुक़ाबला देखने के लिए वपास से बैठ गए।
रॉय पहले से ही एरीना में खड़ा था, रुद्र को आता देखकर  बोला मुझे लगा तुम आना ही नही चाहते।
रुद्र एरीना में आते ही बोला तुम अकेले ही हो बाकी सब कहा गए, क्या उन लड़को को लड़ना नही। 
रॉय बोला क्या मतलब तुम्हरा क्या तुम हम सबके साथ लड़ना चाहते ? रुद्र हाँ में जवाब देता बोला, तुमने सही सोचा मेरे पास ज़्यादा समय नही की एक एकक कर लड़ सकूँ।
दर्शकों ने जब सुना ज़ोर ज़ोर स सोर मचाने लगे और सारे स्टूडेंट्स रुद्र से लड़ने के लिए रिंग में आ गए। 
एक बनाम पंद्रह के बीच मुक़बला हो रहा था । ऐसे मे एक अच्छे रेफरी का होना बहुत जरूरी होता दर्शकों के बीच से खुद को मैच रेफरी बना लिया । 
इस बैटल को देखने के लिए खुद राजकुमारी चंद्रा और उसकी दोस्त प्रीति और श्रेया भी आयी हुई थी। 
लेकिन रॉय अपने दोस्तों से बोला मैं अकेले ही रुद्र लड़ना चाहता हूँ। और रुद्र के तरफ देखता बोला इससे तुमको तो  एतराज नही होना चाहिए । रुद्र तुम जैसे चाहो में लड़ने को तैयार हूँ। 
रुद्र और रॉय दोनों रिंग में आ गया और रिंग जादुई ढाल से ढक गया।
दोनों योद्धा ने एक सदारण सा दिखना वाला तलवार को पकड़ा हुआ था । दोनों का तलवार आपस में टकराने लगा। लेकिन देखते ही देखते रॉय का तलवार कला के सामने रुद्र हारता हुआ दिख रहा था। लेकिन किसी तरह रुद्र अपना फुर्ती का इस्तिमाल करते हुए बच रहा था। 
रुद्र को बस तलवार को धुनना आता था ना कि चलाना।  ऐसे में लड़ाई जितना लंबा चलेगा उतना ही रुद्र को तलवार के साथ मुक़बला करने में कठिनाई होगा। लड़ते लड़ते अच्चानक से रुद्र अधिक ताक़त से हमला कर दिया जिसके कारण दोनों का तलवार चटकने की आवाज़ करते हुआ टूट गया। रुद्र मन मे बोला चालों अच्छा हुआ टूट गया नही..
ऐसा होते देख पूरा एरीना कुछ देर लिए शांत हो गया। अगले ही पल रॉय का मुँह पर एक जोरदार घुसा की आवाज़ से एरीना का शांति भंग हुआ। और जैसे ही रुद्र दूसरा घुसा मारने को हुआ, बीच हवा में ही रुद्र का घुसा रुक गया था। रुद्र कुछ समझ पाता उसे पहले रॉय का विंड प्रेशर रुद्र को दूर धकल दिया। अच्चानक से अपने पर पलटवार होने से रुद्र संभाल नही सका और सीधे जाकर रिंग का जादुई ढाल से टकरा गया।
उठता हुआ रुद्र खुद से बोला कोई बात नही कभी कभार मुझे भी मुक्के खाने पड़ते।
इधर इसबार रॉय जादुई विंड तलवार को हाथ मे पकड़ा हुआ था, लेकिन रुद्र को जहाँ डरना चाहिए वही पर रुद्र निडर होकर सामने खड़ा था।
रॉय जनता था, की रुद्र के पास ऐसा हथियार जो उसके बनाई जादुई ढाल को आसानी से तोड़ सकता अगर रुद्र पर ध्यान नही रखा। इसीलिए रुद्र से दूरी बनाकर रॉय लड़ना चाहता पर ये भी पॉसिबल नही क्योंकि तलवार हाथ मे और दूर से हमला सही नही बैठता।
अगले ही पल wind slice से रुद्र पर हमला करता हुआ रॉय। रुद्र भी तैयार था, और इसीलिए wind slice से बचता हुआ रुद्र सामने जाने लगा। लेकिन रॉय भी कमज़ोर नही था और रुद्र को अपने तरफ आते देख एक साथ दस wind slice से रुद्र पर हमला कर दिया। हमला करते ही रॉय ऊर्जा की कमी से हाँफने लगा।
अच्चानक से दस wind slice को अपने तरफ आता देख रुद्र मुस्किल स्थिति में आ गया था। और बचने की कोशिश करता हुआ। 
इसी कोशिश में रुद्र को एक wind slice छूता हुआ निकल गया। और लगते ही रुद्र का हाथ से खून निकलना शुरू हो चुका था। रॉय अपने wind slice बेकार होता देख, रुद्र air bomb से हमला कर दिया। छोटे छोटे air bubble जैसे ही रुद्र का शरीर को छूता तुरंत ब्लास्ट कर जाता था।
रुद्र काफी घायल हो चुका था, लेकिन इतना होने के बाद भी रॉय का करीब नही पहुँच पाया था। रुद्र खुद से चिड़चिड़ा होते जा रहा था और रॉय को देखने लगा। औरतभी रुद्र को कुछ सुझा और अपनी पूरी गति से रॉय के तरफ दौड़ना शुरू कर दिया। 
अपने तरफ रुद्र को ऐसा भगता देख रॉय भी एक पल के लिए घबरा गया लेकिन रुद्र के पहुँचने से पहले ही रॉय अपने चारों तरफ जादुई ढाल का निर्माण कर चुका था।
रुद्र इतने घुसा में था, उसका अंदाजा भी नही हुआ उसने कितना ताक़त से रॉय पर प्रहार किया था। और अगले ही रॉय का जादुई ढाल टूट गया और रुद्र का घुसा सीधे मुँह में लगा। 
रॉय वही पर चारोकाने चित हो गया था। लेकिन अभी सिर्फ एक ही हराया 14 अभी बाकी था। इसीलिए अपने हाथ मे  रॉय का तलवार पकड़ता हुआ रुद्र बोला...आजाओ, तुम सब एक साथ ही निपटा दूँगा।


इतना सुनते सभी ने एक साथ ही रुद्र पर हमला कर दिया और लेकिन पालक्झपते ही रुद्र सभी को वहां का बॉस कौंन बता दिया और सारे 14 लोग रिंग में गिरे पड़ा था।
तभी किसी ने रुद्र ललकारता हुआ।... रुद्र उस इंसान की  ललकार को अनसुना कर दिया और एरीना के बैटल ग्राउंड से बाहर जा ही रह था फिर से उसी इंसान का आवाज़ रुद्र को सुनाई दिया। रुद्र अपने मन चलो एकओर मुक़ाबला हो जाए और उसको देखता हुआ बोला इन सब मुझे लड़ने के लिए मुझे सोन मुद्राये से भुगतान किया था। 
तभी रुद्र की बातों को समझता हुआ नील मुस्कुराता हुआ बोला बस इतनी सी बात मैं तुमको दस हज़ार सोने के सिक्के दूँगा लेकिन जीते पर..!!
रुद्र भी मुस्कुराता हुआ बोला तुमको हारने के बाद ही इनाम लेने में मज़ा आएगा।
रुद्र नही जानता था जो योद्धा उसे लड़ने के लिए चैलेंज दे रहा वो असल मे अकादमी के नंबर पांच योद्धा में अपना स्थान बनाया हुआ था और योद्धा का नाम नील जो एक ice magician ।
नील और रुद्र में एरीना आ चुके थे अब मुकाबला शुरू होने का देरी था ।
 "नील अपने मन में कहता तुम मुकाबला तो शुरू करो तुम्हारा सारा हेकड़ी ना निकल दुँ तो मेरा नाम नील नहीं "।
 
देखते ही देखते दोनों के बीच घमासान मुकाबला होने लगा । एरीना में बैठे दर्शक मुकाबला को देखकर बहुत ज्यादा उकसाहित होने लगे । 
अच्चानक से आइस का बड़ा सा टुकड़ा रुद्र का शरीर मे जा घुसा । रुद्र बर्फ के टुकड़े को निकल पता उस पहले ही "नील" अपनी बर्फ की शक्ति का इस्तिमाल करते हुए  एकसाथ दस नोकीले बर्फ के टुकड़े रुद्र के तरफ फेंक दिया ।
रुद्र कुछ रिएक्शन देता  उसे पहले ही Ice Niddle के टुकड़े रुद्र का शरीर मे जा घुसा ।
रुद्र का शरीर खून से लतपत हो गया और एक ही जगह पर खड़ा रहा। रुद्र जऱा सा भी ख़िदमत नहीं किया बर्फ के टुकड़े को अपने शरीर से हटाने के लिए  बस अपने ही किसी ख्याल में खोया हुआ था ।
तभी ही रुद्र को नील का आवाज़ सुनाई देने लगा । नील एरीना में बैठे सभी लोगों से कह रहा था । रुद्र एक बहुत बड़ा cheater क्योंकि इसका शरीर हमारे जादुई शक्तियाँ का प्रतिरोध कर सकता था और इस लिए हमारी शक्तियाँ इसके ऊपर काम नही किया लेकिन अगर चौथे चरण का जादुई शक्तियाँ से हमला करते इसका शरीर उस जादुई ताक़त का प्रतिरोध नही कर सकता ।
रुद्र सुन सकता था नील उसके बार मे क्या बोल रहा लेकिन को हैरानी हुआ इसको कैसे पता कि मेरा जादुई शक्तियाँ प्रतिरोध कर सकता था । 
रुद्र किसी तरह उठा और नील से मुक़बला करने के लिए खुद का शरीर से ice niddle हटाने लगा ।
रुद्र जैसे ही 'नील' के तरफ अपना कदम बढ़ाना शुरू किया उसी वक़्त नील ने भी रुद्र Ice Niddle के टुकड़े से रुद्र अपनी पूरी ताक़त से हमला कर दिया ।
नील ने रुद्र के ऊपर Ice Niddle का बारिश सा कर दिया रुक ने का नाम ही ले रहा था । इस बार नील जादुई लेवल पांचवे चरण के  Ice Niddle से हमला किया था ।
रुद्र पहले वाले हमले से ठीक से रिकवर नही हुआ था और उसपर ice niddle का बारिश और ice niddle का आकार इतना छोटा था और ऊपर से ice niddle बहुत ज्यादा मात्रा में था ।
और देखते ही देखते रुद्र का शरीर में ice niddle घुसता चला गया । किसी तरह रुद्र दर्द को सहन कर रहा था तभी ही ice niddle का एक टुकड़ा सीधे रुद्र का शरीर का हड्डियों में जा घुसा । रुद्र का मुँह से अनायास ही चीख़ निकल गया और चीख़ इतना भयानक की दर्शकों को कान बंद करना पड़ा था । 
रुद्र पूरा तरह से घायल हो चुका था । रुद्र का शरीर से खून पानियों की तरह बह रहा था इतना खराब हालत रुद्र का देखकर दर्शकों को भी रुद्र पर तरस होने लगा था ।
रुद्र का आवाज़ भी शांत हो चुका और रुद्र का शरीर बर्फ़ का टुकड़ो से ढका हुआ था और रुद्र एक ही जगह पर शांत होकर खड़ा था । 
नील यहाँ पर भी नही रूका और रुद्र बेइज्जती से हारने के नील एरीना का तापमान पर कंट्रोल करने लगा और देखते ही देखते तापमान इतना नीचे गिर गया कि एरीना में बर्फ जमना शुरू हो गया था ।
नील अपने साथियों को देखते हुआ तुम इससे डर रहे थे जिसका पास सिर्फ बड़बोलेपन के शिवाय कुछ यहां तक एक ढंग सा हथियार भी नही । ऐसे योद्धा से डरना मतलब हमारे डिवीज़न का इज्जात उतारना ऐसे हम लोगो लड़ना दूर रहने का भी काबिलयत नही रहता ।
भले ही रुद्र जम चुका था लेकिन नील का एक एकक बात रुद्र को साफ साफ सुनाई दे रहा था ऐसे रुद्र भी शांत होकर अपना ऊर्जा को इक्का कर रहा था क्योंकि नील का ice magic रुद्र को इतना आसानी से नही जमा  सकता क्योंकि रुद्र का पूरा समय बर्फ़ीले इलाके में रहकर बिताया जहाँ का तापमान माइनस 30 डिग्री से सभी नीचे जा पहुँच जाता ।
कुछ देर बाद जब नील अपना भाषण लोगों को दे रहा था तभी ही अच्चानक से रुद्र बर्फ़ के शीले को तोड़ देता ।
बर्फ़ का टूटने का आवाज़ एरीना में बैठे सभी के कानों में जाता और सभी एकटक रुद्र को ही देखने लगते ।
रुद्र का शरीर से खून बहना बंद हो चुका था । नील ने जब देखा उसे यकीन हुआ लेकिन नील कुछ कर पता कि रुद्र का घुसा रुद्र का मुँह में जा लगता । 
नील उड़ते हुए एरीना के दीवाल से टकरा जाता और मुक़ा इतना ज़ोरदार था कि एक ही मुक़ा से नील का मुँह से खून निकल चुका था ।
नील भी बड़ा योद्धा था इसीलिए नील तुरंत खुद को संभाल लिया रुद्र बड़ा सा बर्फ़ का गोला से हमला किया । पर अगले ही पल जो रुद्र पहले छोड़ देता था लेकिन इस बार बर्फ़ का गोला को अपने तरफ आता देख वहां से हिला नही और बर्फ़ का गोला पर घूसों से हमला करने लगा । रुद्र का घूसों में इतना तेजी था कि जहां भी घुसा लगता वहां पर गर्मी पैदा हो जाता । देखते ही देखते रुद्र कुछी सेकंड बर्फ़ का गोला चकनाचूर कर दिया था ।
नील भी इसी पल का इन्तिज़ार कर रहा था और जैसे ही बर्फ़ का गोला टूटा । नील तुरंत  ice spear से रुद्र पर हमला कर दिया । रुद्र अनजान था पर देख सकता और जैसे ही ice spear रुद्र का छाती से टकराता उसी समय रुद्र त्रिशूल को अपने हाथ मे लेकर ice spear को दो टुकड़ों में तोड़ देता ।
नील के साथ साथ सभी हैरान थे क्योंकि अगर के हथियार था तो बिना हथियार का क्यो लड़ रहा था ?  सवाल थे पर जवाब नही !
अब रुद्र की बारी था । रुद्र अपने जगह से ही त्रिशूल को नील के तरफ फेंक दिया और का तेजी इतना ज्यादा की नील को कुछ करने का मौका दिया नही और सीधे जाकर नील का छाती में घुस गया ।
रुद्र नील के पास आते हुआ बोला मेरे सोने सिक्कें नही तो तुम्हारी जान जाएगा । नील बिना देरी किये अपना स्टोरज बॉक्स दस हज़ार सोने के सिक्के निकलकर रुद्र को दे दिया ।
दर्शक भी हैरान अपने जगह पर बैठ रहे थे और रुद्र सभी के तरफ देखता हुआ पूछा कोई और योद्धा है जो मुझे सोने के सिक्के देना चाहता । रुद्र के ऐसे सवाल से दर्शकों को होश आया पर कोई होगा जो रुद्र का चुनौती को स्वीकार करेगा ?


 

दो दिन बीत चुका था रुद्र अपने चोट से ठीक से उबरा भी नही पाया था । रुद्र को अकादमी के हेड मास्टर का बुलावा आया गया । नारायण रेडी जो कि अकादेमी का हेड मास्टर  और रुद्र के दादाजी का बच्चपन का दोस्त भी । 

नारायण रेडी अपने केबिन में बैठा हुआ था । रुद्र केबिन का दरवाजा ठकठकता हुआ आवाज़ लगाया । नारायण रेडी समझ चुके रुद्र ही होगा इसीलिए अंदर आने को बोलते । रुद्र अंदर आते नारायण जी को गुरु जी बोलकर संबोधित करता हुआ सवाल किया गुरु जी अपना बुलाया था ।

नारायण जी मुस्कुराते हुए बोले शायद तुमको संभुनाथ मेरे बारे में नही बताया इसीलिए तुम मुझे नही पहचान पा रहे हो । नारायण जी मैं तुम्हारा दादा जी का दोस्त नारायण रेडी और उस नाते तुम भी मुझे दादा जी बुला सकते ।

और तुमको यही जानना चाहिए तुम्हारे दादा जी इस अकादमी के संस्थापक है । रुद्र चुपचाप सुन रहा था ।

नारायण जी खुदी से मैं जिस काम के लिए वो बताया नही तुम्हारे दादा जी चाहते तुम हथियार बनाने का तरीका सीखने केलिय और भी यही चाहता सीखने में थोड़ी कठिनाई पर जब सिख जाओ तब तुमको इसका महत्व देखने को मिलेगा । रुद्र को एक पर्ची देते हुए बोले रामपुर नगर चले जाओ वहाँ पर मास्टर को मिलकर पर्ची दिखा देना । 

रामपुर नगर अपने आप ही बहुत बड़ा मर्चेन्ट को अड्डा वहाँ पर सब कुछ जो तुम चाहो सब कुछ वहां पर रहीस लोगो का आना जाना लगा रहता ।

नारायण जी रुद्र से पूछते तुमको क्या लगता क्या तुम सीखना चाहते या नही सीखना चाहते । रुद्र बोलते हुआ मुझे कोई अप्पति नही वैसे भी अगर मैं हथियार बनाना सीख जाऊं इससे मुझे मदद मिलेगा और दूसरे से अलग मेरा स्टेटस जो कि भविष्य में फायदा मिलेगा एक तो मैं हथियार अपने लिए बना भी सकूँगा और हथियार को बेच भी सकूँगा ।

नारायण जी जादुई पत्थर को रुद्र के सामने करते हुए बोले रुद्र जाने से अपनी पूरी ताक़त से इस जादुई पत्थर पर एक घुसा मारो, मुझे जानना है तुम्हारा लेवल भी कितना ।

रुद्र अपने गुरु जी का बात मानते हुआ एक ज़ोरदार घुसा जादुई पत्थर पर मार देता । उसका जो निकला वहाँ पर नारायण जी कोई और भी होता उन लोगो को भी रुद्र की ताक़त पर भरोसा नही होता इसीलिए नारायण रेडी एकओर बार रुद्र को जादूई पत्थर पर घुसा मारने बोले, इधर रुद्र को कुछ समझ नही पर गुरु जी का बात मानता हुआ एकओर घुसा जादुई पत्थर पर मार दिया ।

इसबार भी परिणाम वही निकला Basic Level 13, Power Level - 95 हाथियों के शाक्तियों का बराबर ।

नारायण रेडी अपने मन बोला कोई भी योद्धा  Basic Level उच्चतम पायदान को पार करने के बाद भी उस योद्धा क्षमता 90 हाथियों के बराबर भी नही होता लेकिन मेरा जो खड़ा उस योद्धा क्षमता अभी ही 95 हाथियों के बराबर हो चूका ।अभी तक ऐसे बहुत ही कम योद्धा हुए है जो अपने basic चरण को उच्चतम के साथ पार किया होगा ।

रुद्र को देखते हुए नारायण जी खुद से बोले मानना पड़ेगा तुमको संभुनाथ तुम्हारे पोते की जो काबिलयत ऐसा काबिलयत बहुत कम योद्धाओं के पास  देख को मिलता । एक दिन मेरे सामने खड़ा योद्धा एक महान योद्धा बनेगा और दुनिया इस योद्धा की शाक्तियों के सामने अपना सर झुकाएंगे ।

नारायण जी मन सोचते अगर किसी को रुद्र की ऐसी ताक़तों के बारे पता चला तो पूरी दुनिया का दुश्मन बन जाएंगे । 

रुद्र जो इतने देर से खड़ा था नारायण जी से बोला गुरु जी क्या मैं अब रामपुर जा सकता हूँ वैसे भी मुझे अकादमी कुछ नया सीखने को नही मिल रहा । नारायण जी बोले हां तुम जा सकते लेकिन तुम मेरा एक बात मनोगे ? रुद्र बोला आप सिर्फ हुकुम दीजिए गुरु जी ।

नारायण जी रुद्र को बताते हुए बोला रुद्र तुम्हरा पास दूसरों योद्धा से कुछ ज्यादा और अद्भुत क्षमता इसीलिए आज के बाद तुमसे कभी भी कोई बोलेगा की जादुई पत्थर में घुसा मारने को तुम अपनी पुरी शक्तियाँ से मत मरना । हो सके तोह धीरे अपना घुसा मरना इसे तुम्हारी शक्तियाँ के बारे में किसी को ज्यादा कुछ पता चलेगा और ना ही कोई तुम्हारा दुश्मन बनेगा । 

रुद्र बोला में समझ गया मैं इसका ध्यान रखूँगा । नारायण जी बोले अच्छा अब तुम रामपुर जा सकते और एक बाद का ध्यान रखना मास्टर मनोहर जो एक रामपुर के प्रसिद्ध weapon master । उनका शिष्य बनना बहुत गर्व की बात है क्योंकि मास्टर मनोहर अपना शिष्य बहुत ही मुश्किल से किसी को बनानते ।

नारायण जी रुद्र को एक स्क्रॉल देते हुए बोले इस स्क्रॉल में जादुई तलवार का इस्तिमाल कैसे करते उसके बारे में लिखा और जो योद्धा बिना जाने जादुई तलवार का इस्तिमाल करता वो योद्धा अपने जादुई तलवार का सही से प्रदर्शन नही पाता ।

रुद्र स्क्रॉल को लेता हुआ अकादमी से बाहर चला जाता । लेकिन रुद्र को कब से कोई पीछा कर रहा था इस बात से रुद्र अनजान था । हमलावर बस एक सही मौके इन्तिज़ार और वो मौका हमलावर मिल गया जब रुद्र जंगलों से होके जा रहा था । अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर ने रुद्र के ऊपर पर हमला कर दिया और रुद्र के ऊपर तीर से हमला कर दिया । तीर सीधे जाकर रुद्र का पीठ में लगा रुद्र चीख़ पड़ा हमलावर कोई नही बल्कि विशाल ही था ।

विशाल अपने बेइज्जती का बदला लेना चाहता था इसीलिए विशाल मार्किट से उच्च कोटि वाला तीर और धनुष ख़रीद लिया क्योंकि उसे पता चला कि रुद्र जादुई का शक्तियाँ को कुछ हद तक प्रतिरोध कर सकता था ।

विशाल उसके बाद एक पल के लिए भी नही रुका और रुद्र के लागतार तीर से हमला करने लगा । रुद्र पिछले लड़ाई से पूरी तरह से रिकवर भी नही हो पाया था और फिर से किसी ने रुद्र पर पीछे से हमला कर दिया ।

रुद्र को दो तीन लग चुका था लेकिन रुद्र अभी तक उस हमलावार को ढूंढ नही सका ऐसे में एक ही जगह पर रुखकर हमलेवार को सीधा टारगेट नही बनाना चाहता था। 

अगले पल रुद्र शहर के तरफ भागने लगा लेकिन विशाल रुद्र का पीछा नही छोड़ा, पीछा पीछा करते ही विशाल रुद्र पर तीरों से हमला कर दिया । 

अब तक दस पंद्रह तीर रुद्र को लग चुका था । रुद्र का ज्यादा खून बहने से कमज़ोरी लगने लगा किसी तरह बचते बचाचते रुद्र शहर पहुँच गया । 

विशाल जो जंगलों के बीच मे छिप कर हमला कर रहा था वही पर रुक गया ।

रुद्र एक दुकान से ढेर सारा रिकवर पोशन खरीद कर पिय लिया जब जाके रुद्र का चेतना सही से काम किया और उसके साथ ही रुद्र का शरीर से खून बहना बंद हो गया ।

रुद्र उसी दुकानदार से मास्टर मनोहर के बारे पूछ लिया ? कुछ देर बाद रुद्र मास्टर मनोहर के वर्कशॉप के बाहर खड़ा था। एक खूबसूरत लड़की रुद्र को अपने पीछे आने को बोलती रुद्र भी उसके पीछे हो लिया ।

रुद्र अब मास्टर मनोहर के सामने खड़ा था और मास्टर मनोहर वो पर्ची देख रहे थे जो नारायण जी रुद्र के हाथों भेजवाया था । पर्ची देखते हुए मास्टर मनोहर बोले तो तुमको weapon master बनाना है क्या तुम हथियार के बारे में कुछ भी जानते हो ? रुद्र सीधे तौर से नकार दिया ।

मास्टर मनोहर जाने तो खुद से बोले कहाँ फसा दिया तूने नारायण एक नौसिखिया को मुझे सिखाना के लिए बोला दिया चलो तुम्हरा एहसान है मुझेपर इसीलिए तेरा बात को मान रहा हूँ । मास्टर मनोहर रुद्र के तरफ देखते हुए बोले तुम आज से ही हथियार बनाने का ट्रेनिंग लेना शुरु कर दो और कौन कौन सा हथियार होता उसके में भी जानना शुरू करो । 

सामने खड़ी लड़की को देखते हुए मास्टर मनोहर बोला इसको इसका कमरा दिखा दो ।

एक सप्ताह बीत चुका था रुद्र अब कुछ हथियार के बारे में जानने लगा था ।

कभी कभार मास्टर मनोहर खुद रुद्र को हथियार कैसे बनाते  उसके बारीकी बताना शुरू कर दिय थे और देखते ही देखते दस दिन बीत गया ।

थोड़ा समय मे ही रुद्र को हथियार का ज्ञान अच्छे से हो गया था । रुद्र अपने खाली समय के दौरान सामने बड़ा सा आखाड़ा में चला जाता और आखाड़ा में हर दिन लगभग सौ से भी ज्यादा योद्धा मुक़बला करने आते थे ।

रामपुर नगर काफी बड़ा था और इस नगर काफी चीज़ ऐसा था जिससे रुद्र कभी देखा नही था । यहाँ पर बड़े बड़े उच्चे इमारत बना हुआ जिसमें ऑक्शन हाउस, शराब घर, प्रॉस्टिट्यूशन हाउस, हथियार घर, जादुई गोलियों और जड़ी बूटियों, जैसे चीज़ मिला करते थे । रुद्र को बहुत मन करता था घूमने जाने को लेकिन जा नही पाता था ।

इसी तरह 14 दिन बीत चुका.....



बीस दिन के बाद "रुद्र" अपना पहला तलवार बना लिया था । अपनी तलवार की धार को परखने के लिए रुद्र आखाड़ा चला गया । जहां रुद्र अपने चरण के योद्धा से लड़ने के लिए अखाड़ा चला गया और आखाड़े के अंदर लड़ाई करने के लिए रुद्र को दस सोने सिक्के कर के तौर पर आखाड़े जमा करना पड़ा । रुद्र आखाड़े के तरफ चला गया जहाँ पे बहुत सारे बुयादी चरण के योद्धा एक ही जगह पे इकट्ठे थे । रुद्र अखाड़े के बीचों बीच मे चला गया कुछ देर के बाद एक योद्धा रुद्र से मुकाबला करने के लिए अखाड़े में गया । जब सुदेश अखाड़े में गया तोह दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शक ने बातें करना सुरु कर दिया । क्योंकि सुदेश अपनी प्रतिदुवंदि को बहुत बुरा हाल करता था जिसके बाद वो योद्धा कभी लड़ नही पाता ।
किसी ने बोला लगता है आज फिर से कोई अपना सब कुछ खोने वाला जो इस तरह बिना सोचे समझ किसी को भी चुनोती दे दिया । दूसरे ने बोला शायद उसे पता नही अखाड़े बीचों बीच मे जाकर कितना बड़ा गलती कर दिया क्या वह लड़का पहली बार अखाड़ा आया है । 
किसी तीसरे ने उन दोनों के बातें सुनकर बोला नही में इस लड़के को लगभग रोज़ ही यहाँ पर देखता हूँ क्योंकि ये लड़का मनोहर के हथियार घर मे काम करता है । पहले वाले आदमी ने कहा क्या मास्टर मनोहर के यहाँ क्या मास्टर मनोहर को पता है उसका शिष्य यहाँ आखाड़े में लड़ाई करने आया है और शायद इस का आखिर दिन भी होगा । 
सुदेश अखाड़े के अंदर खड़ा होकर रुद्र से बोला क्या में जान सकता हूँ आज जो मेरे हाथ से मारने वाला उसका नाम क्या है । रुद्र मन बोला ये इंशान को कितना घमंडी है खुद को ही श्रेठ समझता है । रुद्र बोला अगर तुमको मेरा नाम जानने की इतना इच्छा है तोह पहले तुम मुझे हारो और फिर में तुम्हें अपना नाम बता दूंगा । अगर तुम मुझे हराने में शक्षम नही हो तोह तुम्हें मेरा नाम जानने का कोई हक नही । और जो इंशान घमंडी है उसके हाथों में कभी नही हार सकता । सुदेश गुस्से से लाल हो गया क्योंकि रुद्र ने कोई कसर नही छोड़ा सुदेश का मज़क उड़ाने में । दर्शक दीर्घा में बैठे लोग रुद्र के बातें सुनकर रुद्र को घमंडी बोलने लगे ।
सुदेश के दोस्तों ने जी - हुजूरी करते हुए बोले सुदेश भाई यह लड़का बहुत घमंडी है इससे सबक सिखाना जरूरी है । सुदेश के दोस्त जानते थे अगर सुदेश को जऱा जऱा बात पर लोगों को मर देता और यहाँ कोई लड़का सुदेश का मज़क उछाल रहा है और सुदेश अब तक कुछ नही बोला ये थोड़ा सबकों अजीब लगा । अब लोग सुदेश का मज़क उछाल ने लगे । सुदेश चिलाकर सब को शांत कराता हुआ बोला बस अब बहुत हुआ चलो हम लड़ाई करते ।
दोनों अनपे मयान से तलवार निकाल लेते । रुद्र के पास सदारण सा तलवार था पर सुदेश एक जादुई तलवार पकड़ा हुआ था । जब रुद्र लोगो को देखा तोह किसी ने भी ये नही यह देखकर आश्चर्य नही हुआ कि सुदेश एक जादुई तलवार  इस्तिमाल कर रहा । रुद्र अपने मन कहा ये जादुई तलवार इतने भी आसानी से नही पाया जाता और ना ही आसानी बनाया जाता । रुद्र सोच ही रह था कि सुदेश अपने जादुई तलवार के ऊपर जल जादू का इस्तिमाल करता जिससे सुदेश का तलवार की चमक और भी तीव्र हो गया । रुद्र अपने तलवार को  भी और भी कसकर पकड़ लेता और सुदेश का पहला अटैक इंतिज़ार करने लगता । सुदेश अगले ही पल रुद्र पर सीधे हमला करता । रुद्र उसे हमले से बचने के लिए दो कदम और पीछे हट जाता । सुदेश अपने हमले को खाली जाता देख और भी तीव्र गति से रुद्र पर दूसरा हमला करता पर ये हमला भी सुदेश का खाली चला जाता ।
सुदेश गुस्से से रुद्र को बोला क्या तुम कायरों की भाटी भागना बंद करोगे । रुद्र बोला में भाग नही रहा में खुद को बचा रहा पर तुमको कैसे पता होगा भागना कि से कहते बचना । थोड़ी देर रूक जाओ में तुम्हे बता दूंगा भागना किसे बोलते । रुद्र और सुदेश बहुत लंबे समय तक चला रहा । 
रुद्र खुद को सुदेश हमलों से इसीलिए बचा पा रहा क्योंकि उच्च स्तर वाली तलवार की कला को देखा रहा जिसे दोनों तलवारों आपस मे कुछ पल के लिए ही टकराता और अलग हो जाता । रुद्र ऐसी कलेबाज़िया दिखा रहा था जिसे रुद्र के तलवार जब भी सुदेश के तलवार सामने या टकराने वाला होता उस पहले रुद्र अपने तलवार से छोटा सा हवा का दबाव बनाता जिसके वजह से सबको लगता तलवार आपसे में टकराया । यह काल रुद्र अखाड़े किसी योद्धा को ऐसी तलवार कलेबाज़िया करते देखा था और उस टेक्निक को रुद्र प्रतिदिन अभ्यास करता था । 
लड़ाई चलता रहा कोई भी हार मानना नही चाहता था । रुद्र अपने मन बोला जब तक इसके हाथ जादुई तलवार होगा तब तक ये हार नही मानेगा और बचो की तलवार उसी हवा में घूमता रहेगा और जब तक ये मुझे मर नही देता तब तक ये शांत रहेगा । सबसे पहले मुझे इसके तलवार को नष्ट करना होगा नहीं तोह अपनी झूठी शान के चलते कितने योद्धा को मर देगा । 
अगले ही पल रुद्र 'सुदेश' पर हमला करता जिसे सुदेश लड़खडाके पीछे हट जाता उसके बाद बिना एक भी मौका दिए सुदेश पर हमला करने लगा । सुदेश तिलमिलाकर रुद्र पर हमला करता पर ये क्या हुआ सुदेश का तलवार ऊपर क्यों नही उठा जब देखा उसके तलवार को रुद्र अपने बाए हाथ से पकड़ा हुआ है । सुदेश तुरंत अपने शरीर के जरिये में जादुई आभा भेजने लगा जिसे तलवार की चमक और भी तीव्र हो गया । रुद्र का हाथ तलवार को पकड़ने से जलने लगा रुद्र फिर भी तलवार को नही छोड़ा और अपना पूरा ताकत लगाकर सुदेश के तलवार पर एक ज़ोर दार मुक़ा मारा जिससे सुदेश का टूट के बिखर गया । 
दर्शक दीर्घा में बैठे सभी लोग हैरानी से रुद्र को देखने लगे । शायद लोगों ने कभी नही देखा की ऐसा कोई इंशान हो सकता जो जादुई तलवार को अपने भुजाओं के बल से तोड़ सकता । इसीलिए शायद सबने रुद्र को सभी हैरानी से देखने लगे थे ।