जिंदगी की दूसरे किनारा - 12 AbhiNisha द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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जिंदगी की दूसरे किनारा - 12

जिंदगी क दूसरे किनारा पाठ 12



और वही हकीकत की दुनिया में दूसरी तरफ 
एक ऑफिस के एक कमरे में 
 एक आदमी जो चेयर पर बैठा हुआ है 
अपने सर को दीवार की तरफ करते हुए 
उसका चेहरा नहीं दिख रहा 


और वही 
लंबी कदम बढ़ाते हुए
 एक आदमी अपने हाथ उठाकर
 उस रूम की दरवाजे को खोलते हुए 
उसे कमरे के अंदर इंटरकरता है 



और वही वह आदमी दूसरे आदमी के कदमों के हाथ सुनते हुए अपने दोनों हाथ वैसे भी अपने आगे की तरफ बनते हुए 
सख्थ और गंभीर आवाज में कहता है 


फिलहाल उसकी हालत कैसी है 




और वही वह आदमी दरवाजे के पे से
अपने हाथों को नीचे करते 
ठहरते हुए उस आदमी की तरफ देखा है 
 खामोशी के साथ और एक कदम कमरे की तरफ बढ़ता है 
और 2 सेकंड बाद
 वही रुकते हुए ठेहराऊ भरी और हल्की आवाज में 

फिलहाल वह कोमा में है 

आप चिंता मत कीजिए 
फिलहाल उम्मीद बहुत ज्यादा नहीं है 
बार-बार उसके सासे टूटने की कगार पर होता है 





और वही वह आदमी बिना मुरी दीवार की तरफ देखते हुएही 
तेज और गंभीर आवाज में कहता है 


ठीक है ध्यान रखो उसका
 देखना होश में ना आपाए 





और वही पीछे खड़ा वो आदमी 
उस आदमी को तरफ देखते हुए 
और हॉकी सर झुकते हुए 
हल्की आवाज में कहता है

 जी सर









और वहीं दूसरी तरफ कुछ देर बाद में 
मेघना हॉस्पिटल के बिस्तर पे अभी भी बैठी हुई है 
और सोच रही है 
उसके धड़कन में अभी हलचल है और चेहरा शांत 
अजीब सी अंदर बेचैनी


सच और सपना की मिक्स दुनिया 
उसे समझ में नहीं आ रही 
क्या सच में यह सब उसकी बेहेम है 
यह हकीकत कुछ है जो वह भूल चुकी है 




और तभी रिया मेघना की तरफ देखते हुए 
और हाथो मे फोन लिए 

उस अस्पताल रूम में इंटर करती है
और हल्की झुकते हुए थोड़ी आंखों में चमक लिए 
मेघना को देखते ही मुस्कुराती है
और 
मुस्कुराते हुए अचानक अपने कदम तेज करते हुए 
और मेघना की तरफ बढ़ते हुए 
 हल्की ऊंची आवाज में कहती है 

आप उठ गई 



और वही मेघना हल्की सर उठाते हुए 
और रिया को देखते हुए 
 अपने सर को हल्की तिरछी करती है 
और रिया की तरफ ठंडी भाव से देखती है 





और वही उसी कमरे में दूसरी साइड एक नर्स झुकते हुए 
कुछ मेडिकल चीज उठा रही है



और वही रिया चलकर मेघना के तरफ आगे बढ़ते हुए 
हल्की ठेहराउ भरी आवाज में कहती है 



अभी-अभी मां ने फोन किया था 
 मुझे लगा आप अभी उठी नहीं है 





और वही मेघना कुछ नहीं बोल रही
 वैसे ही ठंडी भाव से तिरछे सर करते हुए 
बस आगे की तरफ देख रही है 
 और वही उसके मन में बहुत कुछ चल रही है 






और तभी रिया के साईड से गुजरते हुए वो नर्स 
हाथों में मेडिकल सामान वाले प्लेट लिए
उस रूम से बाहर जा रही है





और वही रिया मेघना के पास आते ही
 मैं अपनी बातों को आगे बढ़ता हुऐ कहती है 


मां को भी मैं यही कहा 
और 


और वही यह कहते हुए अचानक से रिया 
मेघना कि उदास और सो भरी चेहरा देखते हुए ठहर जाती है 
और कुछ सेकंड ठहरते हुए और उसे देखते हुए 
और फिर अचानक दो कदम बढ़ाते हुए

 मेघना के हॉस्पिटल बेड पर बगल में झुकते हुए बैठ जाती है 




और वही मेघना हल्की सी सर घूमकर 
और तिरछे करते हुए 
परीया को देखते हैं 
 ठीक है वैसे ही ठंडी भाव के साथ 





 और तभी अचानक से रिया अपनी बहन के पास बैठते ही 
 अपने हाथ बराते हुए 
मेघना के हाथ पकड़ती है



और वही रिया के हाथ पकड़ते हैं 
मेघना अचानक से रिया की चेहरा देखते हुए 
धीरे से हल्की नजर झुकते हुए 
रिया के हाथों की तरफ देखती है




और वही रिया अपनी बहन के प्यार से 
और ठीक से हाथ पकड़ते हुए 
और उसे देखते हुए 
और हल्की घबराहट के साथ रिएक्ट करते हुए 
हल्की ऊंची आवाज में कहती है 

दीदी 




और वही मेघना शांत है वह कुछ नहीं कहते 
अपनी बहन के हाथ देखते हुए 
धीरे से हल्की अपनी पलके उठाते हुए 
 उसकी चेहरा को देखते हैं 



दिमाग के अंदर यह सवाल लिए 
क्यों उसने जो देखा वह सपना है या सच 



और वही रिया मेघना के हाथ पकड़ते हुए 
और धीरे-धीरे उसके शोल्डर की तरफ अपने हाथों को बढ़ाते हुए
अपने घबराहट को कम करते हुए 
 ठेहराऊ भरी हल्की ऊंची आवाज में कहती है 

मैं कितना डर गई थी
 आप अपना ख्याल नहीं रखती क्या 






पर वही मेघना कुछ जवाब नहीं देती 
वह रिया को देखते हुए 
और पलके झुकते हुए 
  बस सोच में डूबी है 




नहीं पता उसने क्या देखा 
अभी जहां मेघना है
 वह हकीकत नहीं 
उसके सपनों की दुनिया है
 जहां अपनी पिछली यादो और घटनाओं को जी रही है 
जो अब तलक किसके साथ हुई 
 थोड़े अलग ढंग से 


पर चाहिए सच है








और वही अब कुछ समय बाद 
मेघना के हाथों में कुछ दवाई की परचा है 
और वो
अस्पताल के गलियारों से गुजरते हुए 
काउंटर की तरफ जा रही है
 मेघना दोनों हाथों से दवाई के पर्चा ऊपर करते हुए
 और पढ़ते हुए आगे बढ़ रही है
  धीरे-धीरे अपनी कदम बराते हुए
 पर्चा को पढ़ाते हुए 
अचानक से उस गालीयारों के सारे जलते हुए बल्फ 
झिलमिल लेने लगते हैं 


और वही मेघना अभी दवाई की पर 
अपनी नजर गराऐ हुई है 
और तभी
अचानक से बंद हो जाता है 
और अचानक से यह देखते ही
  मेघना एक कदम आगे जाते हुए 
अचानक रूक जाती है 
और हल्के से अपने सर ऊपर करते हुए 
अपने कदमों को एक कदम पीछे लेती है

 और गौर से अस्पताल के गलियारों के छत की तरफ देखने लगती है 




और तभी अचानक से अस्पताल के सारे बल्ब जल उठते हैं 

और उसके साथ अचानक से वहां की जगह बदल गई 
मेघना यह देखते हुए
 हैरान है
और वह हैरानी के साथ हाथों में 
वैसे ही दवाई के पर्चे को रखते हुए  
छत की तरफ देख रही है 


वह छत अचानक से बदलकर 
किसी होटल या हवेली के छठ की तरफ हो गई है 



और मेघना ऊपर की तरफ अच्छी रही है 
 हैरानी केसाथ
अभी अचानक उसके कानों में एक आवाज आती है 

आई डोंट नो मुझे नहीं पता



और वही यह सुनते ही 
अचानक से मेघना अपने सर नीचे करते हुए 
और तिरछे पश्चिम की तरफ मूर्ति है 
और साथ में हल्के अपने एक हाथों में दवाई के पर्चा लेते हुए और धीरे-धीरे दोनों हाथ नीचे करते हुए 
उस साइड की दीवार की तरह देखती है







और वही उस गालीयारों की दूसरी तरफ दीवार के
 उस पार में 

एक लड़का और एक लड़की 
एक दूसरे से बहस कर रहे हैं 
वह लड़का कोई और नहीं वीर है 


वीर हल्के झुकते हुए
 उस लड़की के आगे दोनों हाथ दोनों साइड हवा में 
हल्की लहराते हुए और चेहरे को सिकोरते हुए 
अजीब से रिएक्ट करते हुए
 एक साथ भारी लेहजे में कहता है 

 मुझ से मत पूछो
 क्या हुआ मैं नहीं जानती

 दीप्ति


और वही 
 दीप्ति वीर को गहरी निगाहों से देखते हुए
और गुस्से में चेहरे को सिक्योरिटी हुए
दोनों हाथ हल्के हवा में लहराते हुए 
और तेज रिएक्ट करते हुए 
हल्की ऊंची आवाज में कहती है

 
I dont trust you. You re a liar



और दीप्ति की यह बातें सुनते ही 
अचानक से वीर दीप्ति को देखते हुऐ 
ठहर जाता है 
और उसके हाथ वैसे ही हवा में रहे जाते हैं 




और वही दीप्ति यह कहते हुए 
अचानक से अपने दोनों हाथ को नीचे करती है
और 
अचानक से पलटते हुए आगे जाने लगती है 
और वही दीप्ति आगे जाते हुए 
उस गलियारों के दीवार को पार करते हुए 

जिस गलियारों में
मेघना खड़ी है
 उस गलियारे की तरह बढ़ती है 




और वही मेघना
अभी वैसे ही हाथ नीचे करतेहुए 
पश्चिम की तरफ देख रही है 
हैरानी के साथ
उन दोनों की बातें सुनते हुए 







और वही वीर भी अचानक से अपने हाथ नीचे करते हुए 
दीप्ति को आवाज लगाते हुए
 जोर से कहता है

 दीप्ति  
दीप्ति
 मेरी बात सुनो 

और यह कहते हुए 
वो दीप्ति के पीछे अपनी तेज बढ़ते हुए भगत है 





और वही मेघना उन सभी की बातें सुनते हुए 
हल्की सर तिरछे करके 
 उस गलियारों में मिलती हुई
 दूसरी गलियारों की तरफ गौर से देखते हैं 




और वही उस गलियारों से निकलते हुए
 दीप्ति 
मेघना की दूसरी साइड उत्तर की तरफ 
मूर्ति है और तेज कदम बराते हुए जाने लगती है 






और वही वीर दीप्ति के पीछे-पीछे भागते हुए 
और उसे समझाने की कोशिश करते हुए 
उसका नाम लेकर पुकारते हुए जा रहा है


दीप्ति मेरी बात सुनो 
पहले 



और यह कहते हुए वह दोनों हाथ हवा में
 ऊपर की तरफ लहराते हुए 
रिएक्ट करते हुए उसके पीछे चलते हुए
 आगे कहता है 

 मैं 
तुमसे भला क्यों झूठ बोलूंगा 



और वही मेघना सीधे मंडी करते हुए
 दीप्ति की तरफ देखने लगती है





और वही और वही दीप्ति
 वीर को बातों को इग्नोर करते हुए
 अपनी तेज कदम आगे बढ़ते हुए
और जाते हुए
 गुस्से में बिना मोकर देखें कहती है 

आई डोंट नो 
मुझे क्या पता 



और वही वीर दूसरी गलीयारों से होते हुए
हल्की सी मूर्त है और
 दीप्ति की तरफ तेज कदम बढ़ाते हुए जाने लगता है 
बार-बार उसके नाम लेकर पुकारते हुए 



दीप्ति 
 दीप्ति 
 दीप्ति दीप्ति






और वही मेघना अचानक गलियारों से गुजरते हैं 
हल्की लाइट में वीर की चेहरा देखते हैं
और वह बरी हैरानी के साथ उसे आगे जाते हुए देखते ही रहती है 




और वही दीप्ति वीर बातों की जवाब दिए बिना आगे बस चलती जा रही है 


और वही वीर अपनी तेज कदम बढ़ाते हुए 
और रिएक्ट करते हुए तेज आवाज के साथ कहता है 

आखिर तुम चाहती क्या हो 




और वही मेघना दी को देखते हुए ठहरते हुए 
 कंफ्यूज हो जाती है 
कि क्या चल रहा है
यह है क्या 




और तभी वीर यह कहते हुए 
अपने कदम बढ़ाते हुए दीप्ति की तरफ पी रहा था 
तभी अचानक से एहसास हुआ कि 
उसके पीछे कोई है 


और तभी अचानक चलते हुए 
वह अपने कदम रोक लेता है 
और अचानक से ठहरते हुए 
 धीरे-धीरे अपनी सर को घुमाते हुए पीछे देखा है 
और देखा है 
एक लड़की जो उसे पीछे तकरीबन 15 20 कदम दूर खड़ी है 





और वही मेघाना भी वीर को देखते हुए 
अपनी हल्की सर तिरछे करती है 
और उसे ठहरा भरी नजरों के साथ देख रही है 





और वही वीर अपने पीछे कुछ कदम दूर 
एक अनजान लड़की को देखते हुए 
हैरान है 
वह हैरानी के साथ कुछ सेकेंड तक उसे देखता रहता है