वहीं अभी तक हमने पड़े की एक राक्षसी आई ओर उस राक्षस को मृत्युंजय के नाम से बुला रही थी।
राक्षसी : मृत्युंजय तुम कब आए । मुझे बताए भी नहीं।
आर्या : ओह तो इस राक्षस का नाम मृत्युंजय है। ( खुद के मन में हस्ते) जैसे नाम वैसे काम है इसका
फिर खुद का काम कंटिन्यू करने लगती है और उनके बात भी सुनने लगती है।
( मृत्युजंय : ये भी कहानी का मैंने कैरेक्टर है हीरो ये इस उनके लोगों में से सब से शक्तिशाली है बड़े बड़े खतरनाक मिशन में इन्हें भेजे जाते है पूरे राक्षस इनसे डरते है ये थोड़ा गुसीलु डॉमिनेट है बाकी इनके बारे में कहानी में पता चलेगा)
मृत्युंजय : में कब आता और कब जाता हु ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है मायाविनी।
( मायाविनी : राक्षसी में से सुंदर बोलने वाली राक्षसी इन्हें खुद के सुंदरता पे घमंड बहुत है इनके लिए इंसान एक कठपुतली है अगर कभी गुस्सा या कुछ आय थो उस वक्त वो इंसान के ऊपर निकलती है जिससे बहुत इंसान इसके हाथ से मार चुके है बिना किसी कारण के)
मायाविनी( राक्षसी) : क्या तुम मुझे भी बताना जरूरी नहीं समझते पर क्यों अभी हमारी शादी होने वाली है में तुमरी पत्नी बनाने वाली ही और तुम मुझे बताना नहीं चाहते
मृत्युजंय : तुम्हें किसने बताया मैने शादी के लिए हा बोला है।
मायाविनी : पर तुमरी मां ने तो बोला ना कि हम दोनों की शादी
मृत्युंजय : ( उसकी बात काट के ) मैने तुम्हें कई बार बताया है मायाविनी मुझे इस शादी में कोई इंटरेस्ट नहीं है और रही बात मां की तो अपने मां को में संभला लूंगा
ऐसे बोल मृत्युंजय बाहर चला गया उसकी कोई बात ना सुनते।
वहीं राक्षसों गुस्से से वह के कुछ सामान फेक देती।
उसका गुस्सा देख आर्य थोड़ा डरती है। फिर उसने जो मुश्किल से साफ किया था उस जगह को वो फिर से खराब हो गई थे मायाविनी की वजह से जिसे देख उसेने मायाविनी को बहुत गालियां दिया पर कुछ नहीं बोला
मायाविनी का गुस्सा शांत ही नहीं हो रह था।
उसका ध्यान आर्या पे जाता है। उसको गुस्सा निकलने के लिए कोई चाहिए था वो आर्या को देख डेविल स्माइल करती है।
और उसकी तरफ बढ़ती है । आर्या को भी फील होता है कि मायाविनी उसकी तरफ आ रही है वो अपने गले की थूक गटकते हुवे उसकी तरफ देखती है और उससे बोलती है।
आर्या : क्या आ....पको कुछ चाहिए ?
मायाविनी ( उसको गुस्से में देखते ) : तुम मेरे आंखों में देख के कैसे बोल रही हो तुमरी इतनी हिम्मत मेरे आंखों में देख के बात करोगी रुको अभी बताती हु
ऐसे बोल वो उसके दोनों बाजू से कास के पकड़ लेती है। उसने इतना टाइट पकड़ा था कि आर्या को दोनों हाथ अब एक सेकंड में टूटेगा ऐसे लग रह था। उसने उसके धक्का दिया जिससे पीछे से एक पतर आर्या के पीठ पे लगता है जिससे उसका पीठ पे थोड़ा लग जाता है ।
वो फिर से आर्या की तरफ बढ़ जाती है जिसे देख आर्या और डर जाती है वो अपने हाथ से नीचे का माटी अपने हाथ मे लेके उसके आंख में फेंक देती है जिससे मायाविनी जोर से चिलाने लगती है उसकी इतनी डरावनी आवाज से आर्या सीधा गुफा के बाहर भागने लगती है वो बाहर पहुंचती है। उसका फास्ट इतना थे गुफा के बाहर वो एक शक्त सीने से टकरा जाती है।
कौन है जिससे आर्य टकरा गई ?
क्या आर्य बच पाएगी मायाविनी से ?
जानने के लिए अगला पार्ट पढ़ना ना भूले।
नोट: यह के लोग का हिन्दी pure है पर इसमें थोड़ा इंग्लिश वार्ड यूज कर रही हु don't mind that ok
थैंक यू 🙏🤗🤗