Forest of Demons - 4 Arya Sharma द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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Forest of Demons - 4

अभी तक हम पढ़ की एक राक्षस आर्या को अपने बाहों में उठा के ले जाता है जब वो बेहोश हो जाती है ।

वो कुछ दूर जात है जंगलों के बीच कुछ दूर में जंगल काम और गुफा टाइप पहाड़ों के बीच बना था कुछ लकड़ी के घर भी दिख रहे थे बीच में कुछ जगह लकड़ी और पतर से घर जैसे बने थे राक्षस घूम रहे थे उनके आस पास इंसान भी थे जो।उनका काम कर रहे थे पर सब इंसानों का ध्यान आर्या पे था वो बोहोत खूबसुरत दिख रही थी अन्कंसियस स्टेट में थी फिर भी अच्छी दिख रही थी वहीं फीमेल राक्षसी को उससे जलन हो रही थी। बस आर्य को घिरे जा रही थी जो राक्षस आर्या को उठ के ले जा रह था वो उसे एक गुफा में ले जाता है जो उन सब से थोड़ा बड़ा था वो अंदर जाता और आर्या को एक लकड़ी से बने बेड टाइप थे पर थोड़ा अलग थे उस पे लिटाता और थोड़ा पानी के बूंद उसके मु पे फेंकता।

पानी की ठंडी बूंदें चेहरे पर पड़ते ही आर्या की उंगलियाँ हल्का-सा हिलीं। उसकी साँसें तेज हो गईं और कुछ पल बाद उसने धीरे-धीरे आँखें खोलीं। सामने पत्थरों की दीवारें थीं, जिन पर मशालों की लौ कांप रही थी। गुफा के अंदर हल्की धुएँ और जड़ी-बूटियों की खुशबू फैली हुई थी।

आर्या घबराकर उठने लगी, लेकिन तभी उसे एहसास हुआ कि उसका सिर भारी हो रहा है। उसने सामने खड़े लंबे, चौड़े कंधों वाले राक्षस को देखा। उसकी लाल चमकती आँखें उसे देख रही थी। 

आर्या उसे देख और डर जाती भागने लगती है वो बाहर जाती है तो दिखती है कि बाहर और भी राक्षस थे उनके नीचे कुछ इंसान काम कर राहत कुछ राक्षस एनपीए जुल्म कर रहे थे तो एक राक्षस इंसान का खून पिन लगता है। ये देख वो और डर जाती है वो चिलाने वाली होती है । तभी पीछे से एक हाथ उसका मु पकड़ लेता है और उसका कमर पकड़ वैसे ही पीछे से उठता है और अंदर ले जाता है फिर धीरे से उसके कान के पास ठंडी आवाज आती है

राक्षस : shh तुम अब बाकी इंसानों की तरह मेरी गुलाम हो तुम्हें मेरे बताए सब काम करने पड़ेंगे नहीं तो में भी उस राक्षस की तरह तुम्हारा खून चूस लूंगा। तुम करोगी ना मेरे बताए काम ?

आर्या : ( डर के ) दो तीन बार हा में सिर हिला देती है 

राक्षस : हमम शाबाश 

फिर वो उसका मु छोद देता फिर उसके कमर से अपनी तरफ घुमत और बोलता 

राक्षस : चलो अब काम पे लगो देखो ये गुफा पूरा खराब है इसे साफ करो अभी ( एक दम आदेश के टोन में बोलता) 

और कुछ दूर काम करने लगत है 

आर्या : ( मन में ) ये कहा फंस गई में भगवान क्यों मेरे पीछे खतरा को भेज रहे हो मुझ जैसे छोटी बच्ची पे दया कर दो प्लीज!

ऐसे बोल काम करने लगती है भी वो राक्षस अपने कोई चाकु को धार कर रह था। तभी गुफा के बाहर से अंदर किसी पायल की आवाज आती है जैसे कोई लेडी आ रही हो आर्या को लगता है कोई लड़की अंदर आ रही है तो वो उस तरफ देखती है तो एक राक्षसी अंदर आई थी। उसके चलने पे घमंड दिख रह था। उसका ध्यान एक बार आर्या पे गए आर्य उसे देख अपना काम करने लगी और।खुद के मान में सोचा 

आर्या : अब ये कौनसी मुसीबत है इसे क्या चाहिए?

वहीं वो राक्षसी आर्य के एक नजर देख फिर उस राक्षस को देख उसके पास चली जाती है । राक्षसी राक्षस को देख बोलती है।

राक्षसी  :  मृत्युंजय तुम आ गए और मुझे बताए भी नहीं ?

वहीं आर्या फिर से सोचती है।

आर्या : ओह तो इस राक्षस का नाम मृत्युंजय है ( फ़िर धीरे से हंसती और बोलती ) जैसे नाम वैसे काम है इसके 

चलो आज के लिए इतना ही ।

आगे क्या होगा जानने अगला पार्ट जरूर पढ़ें 

थैंक यू।🤗🤗🥰