प्यार हवस या कुछ और manu gupta द्वारा क्लासिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

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प्यार हवस या कुछ और

मैं अपने क्लीनिक में बैठी थी। तभी एक लड़की लगभग 15 साल की थी बह आई। 
मैडम मेरे पेट में दर्द हो रहा है।  
मैने उसके प्राथमिक चेकअप किए तो मुझे कुछ संदेह हुआ। 
मैने कुछ दवाई लिखकर उसको भेज दिया और तीन दिन बाद आने को कहा 
मुझे लगा कि मैं गलत हो सकती हु बह मात्र 15 साल की है और दसवीं की छात्रा है।  
बह तीन दिन बाद दोबारा आई। 

अब कैसी हो। 

मेम अब दर्द तो ठीक है पर पेट में भारी पन अब भी लग रहा है। 

ओके कोई नहीं मैं कुछ जांच करती हु। 

क्या तुम किसी के साथ रिलेशन में हो मुझे मजबूरी में यह सवाल पूछना पड़ा। 

मैडम में स्कूल में पढ़ती हु सीधे स्कूल से घर और घर से स्कूल न ही किसी के रिलेशन में हु उसने तुनक कर कहा। 

मुझे लगा कि मैने गलत सवाल कर लिया है। फिर मैने नर्स को बुला कर उसके कुछ चेकअप करने को कहा। 

थोड़े ही देर में उसकी सभी रिपोर्ट मेरे सामने थी। 

मैने उससे फिर पूछा क्या तुम्हारे साथ किसी कुछ जबर दस्ती किया है। 

उसने फिर से नहीं के सिर हिला।दिया। 

तो बेटा ऐसे तो तुम प्रेग्नेंट नहीं हो सकती ये रही तुम्हारी रिपोर्ट। 
अब उसकी प्रेग्नेंसी की रिपोर्ट सामने थी। 

अब अपनी प्रेग्नेंसी की रिपोर्ट देख कर बह सकपका गई कि बह प्रेग्नेंट है। 

अब बताओ क्या कहना है।  

बह शांत रही।  

ठीक है नहीं बताना चाहती तो कोई बात नहीं। अब ये बताओ क्या इस बच्चे को जन्म देना चाहती हो। या इसको साफ करना चाहती हो। 

बह बोली अभी तो में खुद बच्ची हु इस बच्चे को कैसे जन्म दे सकती हु। 

कोई बात नहीं इसको साफ कर देते है पर इसके बाप को तो बुला लो या घर से किसी को बुला लो। 

अब बह शांत थी।  

क्या हुआ बेटा। 

बह बोली में नहीं जानती कि ये किसका बच्चा है। 

ऐसा कैसे हो सकता है। 

मैडम मैंने पिछले महीने 8-9 लोगों से रिलेशन बनाए थे अब पता नहीं किसका बच्चा है। 

क्या.......कैसे हुआ ये सब। 

मैडम पहले तो मोबाइल में देखकर एक बार करने का मन किया पर फिर धीरे धीरे लत पड़ गई। 
उसके बाद खर्चे पूरे करने के लिए ये सब करने लगी। 
जो भी रिलेशन बनाता बह मेरा पूरा खर्चा उठाता। 

उसकी बात सुनकर पहले तो मैं शॉक्ड हो गई फिर मैने अपने आप को शांत किया फिर उसको पूछा 
क्या बेटा तुम इससे होने वाली परेशानी और नुकसान को जानती हो। 
तुम्हे इतने लोगों के साथ सम्बन्ध बनाने से कितनी गंभीर बीमारी हो सकती है। 

उसने नहीं मे सिर हिला दिया। मुझे उस बच्ची की बात सुनकर गुस्सा भी आ रहा था और दया भी। 

फिलहाल उसे कुछ बाते समझाकर भेज दिया और कुछ समय टच रहने का बोल दिया। 
ताकि उस लड़की को सही रस्ते पर ला सकू। 

मैने यह कहानी इसीलिए लिखी ताकि आप अपनी बच्ची पर ध्यान रख सके और होने वाली दुर्घटना से बच सके। 

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अपने बच्चों का ध्यान रखें यही सही समय होता है बच्ची के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने का। 
इसी तरह आप मुझे फॉलो करते रहे में आपको नई घटनाओं से अवगत करता रहता हूं