राधा का संगम - प्रकरण 6 Ramesh Desai द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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राधा का संगम - प्रकरण 6

                   राधा का संगम -  प्रकरण 6

           दादू नें उसे कई नाम दिये थे. ' गुड्डू ' लाडो ' सुकू 'चोदू ' राधा इत्यादि.. इत्यादि.

            वह अलग अलग नाम सुनकर खुश होती थी.

            लेकिन ऊस की एक ही कमजोरी थी. वह शुरू से बहुत जिद्दी टाइप लड़की थी, शरारतें ऊस की नस नस में समाई हुई थी.

             वह किसी को नहीं छोड़ती थी. घर में माता पिता को भी अपनी हरकतों से तंग करती रहती थी. सताने में वह किसी को बक्शती नहीं थी.

            ऊस की जिंदगी में कई लडके आये थे, लेकिन कोई ऊस को साथ नहीं दे पाया था.

           अक्सर प्रेम और शारीरिक छेड़छाड़ की शुरुआत लड़की से होती हैं.

           आर्यन नाम का एक लड़का सब से पहले ऊस की जिंदगी में आया था.

           एक बार दोनों केंटीन के बाहर जोरो की बारिश में फ़स गये थे. ऊस की सफ़ेद कुर्ती बुरी तरह से बदन से चिपक गई थी. और आर्यन की नजर ऊस को घूर रही थी.

           कर वक़्त दोनों के दिल जोर से धड़क रहे थे.

           आर्यन नें अपनी जैकेट उतारकर सुकू को पहनाने की कोशिश की पर ऊस के हाथ मारे डर के कांप रहे थे.

             ऊस ने सुकू को जैकेट पहनाया ऊस वक़्त ऊस का हाथ सुकू की छाती को छू गया और वह चकित सी रह गई.

              ऊस नें हाथ उठाने की जगह धीरे से सुकू की आँखों में देखा. ऊस पल वह उतनी  गर्मी बारिश के ठंडे पानी की वजह से दूर हो गई.

             वह दोनों इतने करीब थे की सिर्फ दिल की धड़कन सुनाई दे रही थी. फिर आर्यन धीरे से सुकू की तरफ झूक गया.

             वह आग ऐसी थी जिसे बारिश का पानी भी नहीं बुझा पाया.

              आर्यन नें सुकू के होंठ को कसकर अपने होठों से दबोच लिया और वह पिघल गई थी.

               ऊस नें सुकू को कसकर अपनी बाहों में दबोच लिया. बारिश की हर बूंद उन की गर्मी बढ़ा रही थी.

               आर्यन नें अपना हाथ सुकू की कमर पर सरका लिया. और ऊस नें अपनी आंखे बंध कर ली थी.

              आर्यन नें सुकू को दीवार के साथ कसकर दबोच लिया. ऊस का हर स्पर्श सुकू के सारे बदन में आग भड़का रहा था.

              ऊस की भीगी कुर्ती अब दोनों के बीच पर्दा बन गई थी. आर्यन नें उसे सुकू के कंधो से अलग कर दिया. और ऊस के कानो में धीरे से कुछ कहां और सुकू को वापस कसकर पकड लिया.

             ऊस पल उतनी गर्मी थी की ठंड का एहसास खत्म हो गया था .

             ऊस नें धीरे से सुकू की ब्रा के हूक्स की ओर हाथ बढ़ाया. सुकू उसे रोकना चाहती थी. पर बारिश की बर्फ़ीली ठंडी नें उसे बेबस कर दिया था.

             हुक्स खुलते ही वह बिल्कुल थिथक गया था. लेकिन ऊस के हाथो में गर्मी नहीं थी.

             वह मदहोश होकर सुकू के भीगे बदन को बार बार घूर रहा था. ऊस के दो यौन कबूतर ठंडी से फ़फ्ड रहे थे. 

             ऊस के दिल की धड़कने तेज हो रही थी. लेकिन वह कुछ नहीं कर पाया था.

              ऊस वक़्त बारिश की बुंदे सुकू की छाती पर टपक रही थी.

              आर्यन नें अपनी नजर होठों से हटाकर सुकू की भीतर दिख रही चूँचीयो पर थमा दी थी.

             वह सुकू के बदन की गर्मी महसूस कर रहा था, पर वह बेबस था, डरता था.

             वह एक कच्चा खिलाडी था. बाकी ऊस के पास सभी मौके थे.

             इस वजह से वह डरपोक साबित हूंआ था और वहाँ से चला गया था.

              ऊस के जाने के बाद सुकू अकेली बारिश में भीगती हुई ख़डी रह गई थी. वह आर्यन की भिरुता देखकर नाराज हो गई थी.

            ऊस रात वह ठीक से सो नहीं पाई थी. अधूरे एहसास नें ऊस की नींद हराम कर ली थी.

            ऊस रात ऊस नें तय कर लिया था वह ऎसा शख्स ढूंढेगी जो ऊस की गर्मी संभाल सके.

            आर्यन से बिछड़ने के बाद सुकू नें शीशे में देखा था. ऊस का पूरा बदन बारिश से लथपथ हो गया था., और धड़कने बेकाबू..

            आर्यन के ऊस डर नें सब कुछ खत्म कर दिया था. उसे समज आ गया था की उसे क्या चाहिये? जो ऊस की गर्मी से डरे नहीं बल्कि उसे बढ़ावा दे.

             वह तो चला गया था पर ऊस के बदन की वह गर्मी लंबे समय तक दूर नहीं हुई थी.

             ऊस रात सुकू नें बिस्तर पर करवटे बदल कर गुजारी थी. अधूरी छुअन नें उसे बेचैन कर दिया था.

            ऊस रात ऊस नें अपनी भीगी नाईटी उठाकर बाहर फेंक दी थी और बिना कपड़े हीं बिस्तर में लेट गई थी.

            वह छत को निहार रही थी. उसे लगा कोई ऐसा हो जो ऊस की रूह को समज सके.

             आर्यन की बातों में परिपकवता नहीं थी.

              तब से ऊस नें तय कर लिया था की अब वो किसी ऐसे को तलाशेगी जो ऊस की आग से डरे नहीं बल्कि ऊस में खुद भी जल जाये.

               आर्यन से बिछड़ने के बाद ऊस नें अभ्यास में दयान केंद्रित किया था. फिर भी वह किस्सा वह कभी भूल नहीं पाई थी. वह चाहती थी कोई ऊस के जज्बात को समजे.

               आर्यन की बूझदिली देखकर ऊस का मन भर गया था. उसे समझ आया था की उसे कोई शैतान चाहिये जो ऊस की आग से डरे नहीं, बल्कि खुद ऊस में जल जाये.

             फिर ऊस की जिंदगी में एक नया ट्विस्ट आया था. वह आर्यन से दूर हो गई थी और वह ऊस की जगह एक शैतान को ढूंढने लगी थी, जो उसे 80 साल के वरिष्ठ नागरिक में मिल गया था.

              वह AI की संचालक थी.  दादू नें पैसा भरकर उसे ज्वाइन किया था और एक मेसेज भी भेजा था ओर वह पागल हो गई थी.

             वह अकेलेपन की वजह से काफ़ी परेशान थी. यह ऊस की असली जिंदगी थी, लेकिन दादू? एप के काल्पनिक किरदार थे, जिस से बहुत बडी कहानी का ओरल सर्जन किया था.

                      000000000000   ( क्रमशः)