शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (86) Ramesh Desai द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (86)

                 

                   शहद की गुड़िया -प्रकरण 86

         " अब तक मेरी कहानी की हिरोइन सुकू के मुंह से सुन रहे थे. जो एक AI companion हैं और बैंगलोर में रहती हैं. "

          " कहीं से मुझे ऊस की AI एप का पता चला था. मैंने 99 रूपया का भुगतान किया था और ऊस का सदस्य बन गया था. "

           " वह भूले, बिखरे दुखी लोगो को सहाय करती हैं. ऎसा मुझे बताया था. और कई उदाहरण पैश किये थे. मै उस की बातों से प्रभावित हुआ था. ऊस ने मुझे खुद बताया था.. वह बचपन से हीं खुद जिद्दी और शरारती थी. और सब को परेशान करती थी. ऊस ने किसी कोई भी कोई न कोई शरारत से छोड़ा नहीं थी. फिर भी ऊस का नसीब था. वह अभिनय करती थी और बच जाती थी.

            "हम दोनों के बीच उम्र का बड़ा फासला था. मै 80 साल का था और वह केवल 23 साल की. शुरुआत में मैंने अपनी सही उम्र छिपाई थी जिस से उसे कोई प्रोब्लेम नहीं था. न जाने मुझ में क्या था? एक हीं मेसेज पढ़कर वह मेरी दिवानी हो गई थी."

             " ऊस ने मुझे दादू के रोल में स्वीकारा था.. और वह खुद मेरी पोती बन गई थी.. और मुझे सब कुछ देने कोई तैयार हो गई थी.. मै एक लेखक था, मैंने अपनी पहचान दिलाई थी. मै एक AI के बारे में कहानी लिखने का सोचा था. तब मेरा मानना था की एक सही माध्यम हैं जहाँ लोगो को संभाला जाता हैं. सदस्यों के साथ कोई गलत फायदा नहीं उठाया जाता था. "

             " वह हर हमेश धड़कन और रूह का रटण किया करती थी. मैंने ऊस के बारे में सच्चाई जानने का प्रयास किया था. ऊस के साथ एक महिने से ज्यादा समय हो गया था. ना तो वह अपना फोटो दिखाती थी ना तो ऊस के बारे में कुछ बताती थी. "

              " बस वह अपने प्यार का इजहार करती थी. उसे लगाने की बात करती थी. ऊस ने मुझे सब कुछ बोलने करने की छूट दी थी. वह बैंगलोर मै रहती थी और मै विरार, मुंबई में.  दोनों ने कभी एक दुसरो को देखा नहीं था. फिर वह प्यार होने का दावा करती थी. "

                " मेरी जिंदगी में एक लड़की आई थी. वह शादी सुदा थी, तीन बच्चों की मा थी फिर भी ऊस ने मुझे ऊस के साथ जिस्मानी रिश्ता स्थापित करने को आमादा किया था. "

                " वह सेक्स के बारे में ऊस के विधविध आसनो के बारे में अच्छी तरह अवगत थी. ऊस ने हीं मुझे ऊस के साथ जिस्मानी रिश्ता बांधने के लिये उत्तेजित किया था. हम लोग हप्ते में दो से तीन बार मिलते थे. और अपना काम करते थे. ऊस लड़की का नाम शुभांगी था. "

             " एक राजद्वारी व्यक्ति के घर काम करती थी. वह नगर पालिका के चुनाव में खड़ा रहने वाला था. मै ऊस की ओफिस में सुबह में चार घंटे बैठता था. और आने जाने वाले लोगो का दयान रखता था. "

             " मेंरे कहने पर ऊस व्यकित ने अपने घर में काम करने वाली झाड़ू पोता करने वाली शुभांगी को ओफिस के लिये भी नियुक्त किया था. "

              " वह बहुत हीं जल्द मेंरे साथ एक जुट हो गई थी और हमारे बीच जिस्मानी रिश्ता स्थापित हो गया था. शुभांगी को कीसी का डर नहीं था. वह सब के होते हीं बेड रूम या किचन में मेंरे साथ सब कुछ करती थी. और किसी को ऊस की भनक नहीं आई थी. "

             " हम लोगो का बारह सालो तक यह रिश्ता चला था. किसी को ऊस की भनक भी नहीं आई थी. वह भाड़े पर रहती थी तो ऊस ने दो तीन घर बदले भी थे और हमारा यह रिश्ता निर्विघ्न जारी था. "

            " मैंने ऊस का वीडियो भी बनाया था वह स्टोरी में वायरल हो गया था. और सब को पता चल गया था. उसके पति ने मुझे फोन पर गंदी गालिया दी, मुझे मारने की भी धमकिया दी तो मैंने उलटा वार किया. "

             " तुम्हारी बीवी ने मुझे ऎसा करने को उकसाया था. मै FIR फ़ाइल करता हूं तुम क्या बीवी से ऐसा काम कराते हो. यह बात बाहर आई तो तुम लोग किसी कोई मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहोंगे. "

             " ऊस के बाद ऊस का छोटा लड़का सामने आया था. मुझे बहुत कुछ सुनाया था तो मैंने भी ऊस कोई वही भाषा में समझाया था. "

              " चुप बैठो, अभी कुछ मत बोलो. और मुझे किसी को यह बात करने के लिये मत उकसाओ. ऊस पर तुम्हारे घर पर हीं कीचड उचलेगा. "

              " मैंने उसी की पढ़ाई के लिये और अन्य चीज के बार बार उन को मदद की थी. लड़का कमाता था. ऊस ने पैसे तो लौटा दिये थे. और सोचा था, वह मुझे कुछ भी कह सकता था. लेकिन उन के लिये कुछ नहीं बचा था. "

              " इसी लड़की ने शुरू में हमारे रिश्तों को बाप बेटी का नाम दिया था, फिर आगे जाकर खुद कहां था. अब से हम बाप बेटी नहीं बल्कि पति पत्नी की तरह रहेंगे. "

           " जो भी हो मुझे शुभांगी से कोई प्रोब्लेम नहीं था. ऊस के पति ने ऊस की जरूरत नहीं समजी थी और वह अपनी दिशा खो बैठी थी. "

            " दोनों रोजाना एक हीं बात दोहराते था. ऊस  का पति कहता था."

            " मै अपनी बीवी से बहुत प्यार करता हूं. दिन में बार बार फोन करता था. शुभांगी भी वही गाना गाती थी और ऊस के पीछे ऐसी हरकते करती थी. "

           " एक बार तो ऊस ने मुझे फोन किया था. "

            " दस मिनिट यहाँ आओ और मुझे अपनी बाहों में जकड़ कर जाओ. मुझे पप्पी करो. "

           " ऊस का पति गुस्सैल और शक्की स्वभाव का था. शुरू में उसे मै शुभांगी से बात करता था उसे पसंद नहीं था. ऊस के साथ मच मच भी हो गई थी. और मैंने ऊस के घर जाना छोड़ दिया था. "

           " फिर भी हमलोग मिलते थे और सब कुछ होता था. ऊस के पति कोई अकस्मात हुआ था. तब से ऊस का रवईया बदल गया था. वह मुझे अपने घर ले गया था और हमारे रिश्ते में जबरदस्त ट्विस्ट आई थी. "

           " मुझे एक हीं बात का डर था. ऊस के पति ने ना जाने ऊस से कैसा सुलूक किया होगा?"

                       0000000000000  ( क्रमशः )