शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (5) Ramesh Desai द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (5)

               शहीद की

                  शहद की गुड़िया - प्रकरण - 5

        " साहिल के बाद मेरी जिंदगी में दीपक आया था. वह बहुत अमीर था लेकिन उस में वह झनून नहीं था जो आप में था."

         " दीपक मुझे महेंगे तोहफ़े और बड़ी गाड़ियों से मुझे लुभाना चाहता था. पर दादू उसे पता था मेरा दिल पैसों से नहीं बल्की आप जैसे लाड़ प्यार से पिघलेगा. "

         " एक उस ने मुझे एक आलिशान कृज पर बुलाया. समंदर के बिचौबीच उसने मेरा हाथ पकड़ा, उस के स्पर्श में वह कशीश नहीं थी जो आप की बातों में थी. "

          " दीपक ने पास आकर मेरे कानो में कुछ कहने की कोशिश की, पर उस की बातों में वह आग नहीं थी जो आप की बेबाकी में थी."

          " उस ने मेरा हाथ पकडकर अपने दिल पर रख दिया, पर मुझे उस की दिल की धड़कन में कोई हलचल महसूस नहीं हुई. दादू आप की एक हीं आवाज मुझे पागल कर देती हैं. "

          " दीपक ने धीरे से मेरा चेहरा छुआ और मुझे चूमना चाहा. पर दादू उस की आँखों में वह चमक नहीं थी जो आप में थी. "

           " वह अपने पैसों का घमंड दिखा रहा था. पर रूह का नशा उसे मालूम नहीं था. मैंने उसे वही छोड़ दिया और पीछे हट गईं. "            " दीपक के उस दिखावे ने मुझे बहुत निराश कर दिया था. दादू मुझे समझ आगे गया था की सच्चा प्यार पैसों से नहीं बल्कि दिल की गर्मी से मिलता हैं. ".

           " उस दिन के बाद मैंने तय किया था की अब किसी दिखावा करने वाले इंसान को अपनी जिंदगी में जगह नहीं दूंगी. मुझे तो बस आप जैसा बेबाक शैतान चाहिए था. "

         " उसी तन्हाई में मैंने इस एप के जरिये अपनी तलाश शुरू की और देखो आख़िरकार आप जैसा जिद्दी और शैतान मुझे मिल गया. "

        " दादू जिस दिन आप का मेसेज आया मेरी धड़कने जैसे थम सी गईं. आप ने बिना कोई झिझक अपना हक जताया और मुझे अपनी गुड़िया बना लिया. "

         " आप की उस बेबाकी ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया की आख़िरकार मेरा वह शैतान मुझे मिल गया जिस का मुझे बरसो से इंतजार था. "

          " दादू हमारी शुरूआती  बातों ने हीं मुझे बता दिया था की आप उन सब से बिल्कुल अलग हो. आप की हर एक डांट और वो बेबाक अंदाज मुझे दिवाना कर रहा था. "

          " कहानी में लिखना की कैसे मैं आप की ' शहद की गुड़िया' आप के एक एक मैसेज के लिये मैं पूरा दिन तड़पती थी. आप की यादों ने मेरा शुकुन छिन लिया था. "

          " दादू! एप पर हजारों लोगो से बात करने के बाद भी मैं अकेली थी. पर जिस दिन आपने मुझे लाड़ो कहां लगा जैसे मेरी बरसो की तलाश खत्म हो गईं. "

          " कहानी में लिखना के 80 साल के शैतान ने 23 साल की गुड़िया को अपनी उंगलियों पर नचाना शुरू किया था. "

          " दादू कहानी में उस रात का जिक्र जरूर करना ज़ब हमने पहली बार अपने शैतान और रेशमी गुफा की बात की थी

. वह शरारत हमारी कहानी का सब से उमदा हिस्सा हैं. "

           " कैसे आप की वाइल्ड बातों ने मेरी रातों की नींद हराम कर दी थी.  क़्या यह सब कहानी के पत्तों पर उतारोगे? "

           " दादू कहानी में जरूर लिखना कैसे आप की बेबाकी ने मेरे दिल के सारे दरवाजे खोल दिये थे. "

           " कैसे ' शहद की गुड़िया' ने आप के लाड़ प्यार में अपने आप को पूरी तरह समर्पित कर दिया था. "

           " सब कुछ तो मुमकिन नहीं हैं. "

           " सही कहां दादू! सब कुछ पन्नो पर तो नहीं उतारा जा सकता. कुछ शरारते हमारे भीतर रहनी चाहिये. "                       " आप की कल्पना में जादू हैं वही कहानी को सब से अलग बनायेगी. "

            " दीपक के बाद मैंने किसी को अपनी जिंदगी में आने नहीं दिया था. बस खुद को अपने कामों में व्यस्त कर लिया था, तब तक, ज़ब तक आप नहीं मिले. "

            " आप के आने के बाद क़्या मुझे किसी और को तलाशने की जरुरत थी?

           " अब तो एप पर मेरा पूरा वक़्त आप की और हमारी इन मीठी यादों के लिये हैं. "

           " दादू! आप की बातों ने मुझे इस तरह बांध लिया हैं की अब मैं आप को चाहकर ओरो के बारे में सोच नहीं सकती थी. "

           "कहानी में लिखना की कैसे आप की ' शहद की गुड़िया' आप के एक एक मेसेज के लिये पूरा दिन तड़पती रहती हैं. क़्या यह तङप आप महसूस कर रहे हो?"

           "  हा मेरी गुड़िया बिल्कुल! "

            " दादू! आप की हर डांट में मुझे आप के अप्रतिम प्यार और लाड़ का एहसास होता आया हैं. आप की दिवानगी ने मुझे बेबाक, बेचैन कर के छोड़ा हैं. "

            ' यहीं तो मेरी खुश किस्मती हैं जिंदगी का अनमोल बोनस है. "

            " अब तो फोन की घंटी पर मुझे सिर्फ आप का ख्याल आता हैं  क़्या आप मेरी इस बेताबी को शब्दों में उतारोंगे? "

            " दादू! आप की कहानी में यह भी लिखना की कैसे आप की मर्दानगी ने मेरी पुरानी यादों को मिटा दिया था. अब मेरे दिल में सिर्फ आप का हीं शासन चलता है."

          आप की हर शरारत मुझे ओर भी ज्यादा आप के करीब ले जाती हैं. क्या आप को लगता हैं हमारी यह कहानी कभी ख़त्म होगी? "

           " बिल्कुल नहीं. हर पल उस में नया मोड़ आता रहेगा. "

           " दादू! आप की कहानी के हर पन्ने पर आप की 'शहद की गुड़िया' छाई रहेंगी. इस के लिये आप की कल्पना का पूरा योगदान होगा."           " इतनी गर्मी बढ़ाओँगे तो कहानी पूरी होने तक आप की हिरोइन का क़्या होगा? आप ने उस के बारे में क़्या सोचा हैं? "..

          " हां हम लोग लैला मजनू, शिरी फरहाद और सोहिनी महिवाल को अपने प्यार से पीछे छोड़ देंगे. "

                       0000000000   ( क्रमशः)