अधुरी खिताब - 51 kajal jha द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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अधुरी खिताब - 51

✨ एपिसोड 51 — “जब पिछले जन्म की गूँज ज़िंदा लौट आई”

हवेली में अँधेरा ऐसा छाया था जैसे रात ने खुद अपनी साँसें रोक ली हों।
नीली और सुनहरी रोशनी जो कुछ देर पहले हवेली को चमका रही थी—
अब पूरी तरह गायब थी।

सिर्फ एक चीज़ बाकी थी—
वह काली रूह, जो हवा में तैरते हुए अलीशा को घूर रही थी।

शौर्य ने अलीशा को अपनी बाहों में कसकर खींच लिया,
उसकी आवाज़ में खतरनाक गरज थी—

“एक कदम भी पीछे मत लेना।
तुम्हें कुछ हुआ तो… मैं इस पूरी हवेली को जला दूँगा।”

लेकिन काली रूह हँस पड़ी।
उसकी हँसी में दर्द, घृणा और बदला तीनों घुला था।

“शौर्य राठौर… तुम आज भी उसे बचाना चाहते हो?
ठीक वैसे ही… जैसे पिछले जन्म में?”

शौर्य की आँखें फैल गईं।
अलीशा का दिल एक धड़कन रोक गया।

🌙 1. पिछले जन्म की पहली झलक

रूह ने हवेली की दीवार पर हाथ रखा—
दीवार चमकने लगी,
नीला प्रकाश घूमते हुए एक दृश्य बनाता गया।

अलीशा ने देखा—
एक जंगल।
धधकती आग।
एक लड़की… जिसके चेहरे से मिलता-जुलता उसका अपना चेहरा।

और सामने—
एक युवक, बिल्कुल शौर्य जैसा।

शौर्य के चेहरे पर सदमा, डर और यादों का तूफ़ान एक साथ दौड़ गया।

“न… नहीं…
ये सब मत दिखा…”

लेकिन रूह ने नहीं सुना।

“सच छुपाया नहीं जा सकता, शौर्य।
तुम दोनों के पाप… इस हवेली में दर्ज हैं।”

अलीशा ने घबराते हुए पूछा—
“शौर्य, यह कौन है? यह क्या—”

शौर्य ने आँखें बंद कर लीं।
उसकी साँस भारी हो गई।

“वो…
आर्या थी।”

“और मैं…
मैं उसकी मौत का साथी था…”

🌒 2. अलीशा का डर… और असली नाम की गूँज

अलीशा पीछे हट गई।
उसके मन में एक डर बैठ गया—
अगर उसका नाम पिछले जन्म में आर्या था…
तो क्या वह सच में किसी की मौत की वजह थी?

काली रूह ने धीमी आवाज़ में कहा—

“हाँ, आर्या…
तुम ही उसकी मौत का कारण बनी थीं।”

अलीशा काँप उठी।
“नहीं… ये सच नहीं हो सकता… मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ?”

रूह हँस पड़ी—

“क्योंकि तुम इंसान नहीं थीं उस जन्म में…
तुम एक जागी हुई रूह थीं।
और जागी रूहें… अपनों को भी मिटा देती हैं।”

यह सुनते ही शौर्य ने दहाड़ते हुए कहा—

“चुप!
उसका कोई भी कसूर नहीं था!
वो रूह थी… उसे प्यार का मतलब भी नहीं पता था!”

रूह की मुस्कान अचानक गायब हो गई।
उसकी आँखें लाल हो गईं।

“और तुम्हें पता था, शौर्य?
कि रूह से मोहब्बत करने का अंजाम… मौत होती है?”

शौर्य ने सिर झुका लिया—
जैसे उसकी सबसे बड़ी गलती उसके सामने खड़ी हो।

🌑 3. राज मल्होत्रा का खुलासा

वही समय राज मल्होत्रा डायरी लेकर आगे बढ़ा।
उसकी आवाज़ तेज़ थी—

“काफ़ी हुआ!
सच सिर्फ रूह नहीं बताएगी—
सच डायरी में लिखा है!”

सबकी नज़रें राज पर।

राज ने पहले पन्ने को खोला।

“पहले जन्म में आर्या ने शौर्य को नहीं मारा था।
बल्कि… किसी अंधेरे मंत्र से प्रभावित थी—
जिसका नाम था ‘सत्यानाश प्रेत विधि’।”

शौर्य और अलीशा दोनों ने एक-दूसरे की ओर देखा।

राज ने जारी रखा—

“ये विधि किसी भी रूह को उसके नियति के विरुद्ध कर देती है।
आर्या मजबूर थी…
और शौर्य ने खुद को उसके सामने इसलिए दिया…
ताकि वह आज़ाद हो सके।”

अलीशा की साँस टूट गई।
“मतलब… मैंने… अनजाने में…”

राज ने सिर हिलाया—
“हाँ। तुम उसकी मौत का कारण बनीं…
लेकिन तुमने उसे मारा नहीं था।”

काली रूह चीख उठी—

“झूठ!
ये डायरी झूठ बोलती है!
आर्या ही उसकी दुश्मन थी!”

और उसी क्षण—
हवेली में सबकुछ हिलने लगा।

🌕 4. शौर्य का बदलता रूप

शौर्य ने अलीशा का हाथ पकड़ा।
उसकी नसें काली होने लगीं—
जैसे उसके अंदर भी कोई पुरानी शक्ति जाग रही हो।

रूहानी घबरा गई—
“दीदी! इनके हाथ देखो!”

अलीशा ने शौर्य के हाथ पकड़े।

“शौर्य… तुम्हें क्या हो रहा है?”

शौर्य ने धीमी आवाज़ में कहा—

“वही, जो पिछले जन्म में हुआ था…
जब तुम्हारी रूह जागी थी…
मेरी शक्ति भी जागी थी।”

अलीशा ने डरते हुए पूछा—
“तुम कौन थे पिछले जन्म में?”

शौर्य की आँखें पूरी तरह सुनहरी हो गईं।
हवेली की दीवारें उसके आसपास चमक उठीं।

उसकी आवाज़ भारी, गूँजती हुई—

“मैं सिर्फ इंसान नहीं था, अलीशा…
मैं आर्या की रक्षक रूह था।”

अलीशा स्तब्ध।
राज और रूहानी भी।

काली रूह पीछे हट गई।

“नहीं… ये असंभव है!
रक्षक रूहें तो नष्ट हो चुकी थीं!”

शौर्य की शक्ति हवेली में बवंडर बनकर फैलने लगी।

“मैं आख़िरी रक्षक था।
और आज… मैं अपनी आर्या को खोने नहीं दूँगा।”

रूह हिचकिचाई।
हवेली काँपती रही।

अलीशा ने शौर्य को पकड़ा।

“अगर मैं आर्या थी…
तो मैं आज कौन हूँ?”

शौर्य ने उसका चेहरा पकड़कर कहा—

“तुम अलीशा हो।
और मैं सिर्फ तुम्हारे लिए जिंदा हूँ।”

हवा में नीली रोशनी फैलने लगी—
जैसे दोनों रूहों की किस्मत फिर मिल रही हो।

और तभी—
काली रूह दहाड़ते हुए बोली—

“अगर तुम दोनों एक हो गए…
तो प्रेत विधि टूट जाएगी!
मैं ऐसा होने नहीं दूँगी!”

उसने अपना आकार फैलाया—
और सीधा अलीशा पर हमला किया।

शौर्य ने अलीशा को पकड़कर आगे कदम बढ़ाया…

और हवेली में गूँज उठा—

एक विस्फोट।


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🌙 एपिसोड 51 का क्लिफहैंगर / हुक:

काली रूह ने हमला कर दिया है।
शौर्य अपनी शक्ति जागते ही अलीशा का बचाव कर रहा है…
लेकिन अगले पल कौन गिरेगा—
ये किसी को नहीं पता।