बेवफा - 27 Mehul Pasaya द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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बेवफा - 27

एपिसोड 27: डर और हिम्मत की जंग

रात के सन्नाटे में समीरा का दिल तेज़ धड़क रहा था। वह अब तक उस चिट्ठी के बारे में सोच रही थी – "खेल शुरू हो चुका है!"

"यह कौन कर रहा है? सलोनी, राहुल, या विजय?"

उसके दिमाग़ में शक और डर दोनों थे। लेकिन अब वह पहले जैसी कमजोर नहीं थी।


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आर्यन की रणनीति

अगली सुबह, समीरा सीधे आर्यन से मिलने पहुँची।

"हमें कुछ करना होगा," समीरा ने दृढ़ आवाज़ में कहा।

आर्यन पहले से ही तैयार था।

"मुझे भी यही लगा, इसलिए मैंने एक प्लान बनाया है।"

"कैसा प्लान?" समीरा ने पूछा।

आर्यन ने फोन निकाला और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग चलाई।

"विजय, अब समीरा खुद ही हार मान लेगी। हमने उसे डराने की पूरी तैयारी कर ली है। अब बस उसे मानसिक रूप से तोड़ना है।"

यह राहुल की आवाज़ थी!

समीरा हैरान रह गई।

"यह कैसे मिला तुम्हें?"

आर्यन मुस्कुराया, "कल रात मैंने सलोनी से गुप्त रूप से एक डिवाइस फिट करवाई थी। उसने हमारे लिए ये रिकॉर्डिंग जुटा दी।"


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सलोनी की दोहरी चाल

समीरा चौंक गई, "तो सलोनी सच में बदल गई?"

आर्यन गंभीर हो गया, "मुझे अब भी पूरी तरह भरोसा नहीं है। लेकिन हमें इसका फायदा उठाना होगा।"

समीरा को एहसास हुआ कि सलोनी का गेम अभी भी अधूरा था।


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राहुल और विजय की अगली चाल

दूसरी तरफ़, राहुल और विजय अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे।

"समीरा को अब तक डरकर कहीं भाग जाना चाहिए था," विजय हँसा।

लेकिन तभी उसके फोन पर एक मैसेज आया – "तुम्हारी साजिश की रिकॉर्डिंग मेरे पास है। अब देखो मैं क्या करती हूँ। – समीरा"

राहुल और विजय का चेहरा सफेद पड़ गया।

"यह कैसे हुआ?" विजय चिल्लाया।

राहुल ने गुस्से में फोन पटक दिया, "हमें उसे रोकना होगा!"


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समीरा का पलटवार

समीरा ने मीडिया में रिकॉर्डिंग लीक करने का फैसला किया।

"अगर ये लोग मुझे डराने की कोशिश करेंगे, तो मैं इनका असली चेहरा सबको दिखाऊँगी," उसने आर्यन से कहा।

आर्यन ने सहमति में सिर हिलाया, "लेकिन हमें सुरक्षित भी रहना होगा। ये लोग खतरनाक हैं।"


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अंधेरे में खतरा

रात होते ही समीरा अपने कमरे में अकेली थी।

तभी अचानक लाइट बंद हो गई।

कमरे में अंधेरा छा गया।

वह घबराकर खड़ी हो गई।

तभी खिड़की के बाहर कुछ हलचल हुई।

वह डर से काँप उठी।

"क्या यह राहुल और विजय हैं?"

उसने मोबाइल की टॉर्च ऑन की और धीरे-धीरे दरवाजे की तरफ बढ़ी।

तभी अचानक दरवाजे के पीछे से किसी ने ज़ोर से दस्तक दी।

समीरा का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।

"कौन है?" उसने कांपती आवाज़ में पूछा।

कोई जवाब नहीं आया।

उसने हिम्मत जुटाकर दरवाजा खोला।

सामने कोई नहीं था।

लेकिन ज़मीन पर एक पेपर पड़ा था।

उसने काँपते हाथों से उसे उठाया।

पेपर पर लिखा था – "अब भागने का समय नहीं, समीरा। खेल अब असली होने वाला है!"

समीरा का दिमाग़ सुन्न पड़ गया।


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आर्यन का आगमन

उसी समय, समीरा के फोन की घंटी बजी।

"आर्यन!" उसने घबराकर फोन उठाया।

"समीरा, दरवाजा मत खोलना! मैं तुम्हारे घर के पास हूँ।"

लेकिन वह पहले ही दरवाजा खोल चुकी थी।

"आर्यन, यहाँ कोई नहीं है, लेकिन..."

तभी किसी ने पीछे से समीरा के मुँह पर हाथ रख दिया!

वह ज़ोर से चिल्लाने की कोशिश करने लगी, लेकिन आवाज़ नहीं निकल सकी।


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एक नई चुनौती

आर्यन तेजी से समीरा के घर की तरफ भागा।

दरवाजे पर आते ही उसने जोर से धक्का मारा और अंदर घुसा।

कमरे के अंदर का नज़ारा देखकर वह दंग रह गया – समीरा बेहोश पड़ी थी, और कमरे की खिड़की खुली हुई थी!

"समीरा!" आर्यन ने उसे हिलाया।

लेकिन समीरा होश में नहीं थी।

आर्यन ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया।

"यह किसने किया?" उसके दिमाग़ में सवाल उठ रहे थे।

तभी उसकी नज़र खिड़की के बाहर गई – एक परछाई तेजी से भाग रही थी।

आर्यन ने तुरंत पीछा किया।

(अगले एपिसोड में: समीरा के अपहरण का रहस्य!)