इश्किया Dhruv Soni द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
  • Her Silent Secret - 15

    शहर में उस रहस्यमय साइको किलर का नाम पिछले चार सालों से लोगो...

  • पुराने मित्र

    पुराने मित्र लेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)समय बीत...

  • पिंकू की परी - 3

    अम्मा की तोरई और स्पेसशिप का गियर'सूं-सूं... खटर-पटर...&...

  • सावन

    सावन की दोपहर लगभग आधी खत्म हो चुकी थी और ढलते सूरज की सुन्ह...

  • पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 22

    शाम का समय था। चौहान हवेली का मुख्य दरवाज़ा खुला।शादी से लौट...

श्रेणी
शेयर करे

इश्किया

बात एक छोटे से गाँव की है, जहाँ पर दिलीप नाम का एक युवक रहता था। दिलीप गाँव का एक सीधा-सादा, मगर बहुत होशियार लड़का था। उसकी माँ ने उसे अकेले ही पाला था, क्योंकि उसके पिता का निधन बहुत पहले ही हो गया था। दिलीप की माँ ने बहुत मुश्किलों का सामना करके उसे पढ़ाया और बड़ा किया था। जिसके लिए दिलीप ने भी बहोत महीनत करता था।

गाँव में एक दिन, एक नई लड़की आई जिसका नाम राधा था। राधा बहुत ही सुंदर और प्यारी थी, और उसने गाँव के लोगों का दिल बहुत जल्दी जीत लिया। दिलीप और राधा की पहली मुलाकात गाँव के मेले में हुई। जब राधा अपनी सहेलियों के साथ मेले में एक दुकान पे जुमखा देख रही थीं। दिलीप ने राधा को पहली बार देखा और देखते ही उसके दिल में कुछ खास अहसास हुआ।

फिर वो दोनो कई बार एक दुसरे से किसी न किसी बहाने से मिलने लगे जिससे दिलीप और राधा के बीच धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई, उन्हें पता ही नहीं चला। दिलीप को लगता था कि वह राधा के बिना नहीं जी सकता और राधा भी दिलीप को मन ही मन चाहने लगी थी।

लेकिन उनकी प्रेम कहानी इतनी आसान नहीं थी। राधा के परिवार को दिलीप पसंद नहीं था क्योंकि वे अमीर थे और दिलीप का परिवार गरीब था। जिसके लिए दिलीप को बहोत बार राधा के परिवार ने धमकी भी दी थी और उसे कुछ गुंडों से मरवाया भी था।फिर भी राधा और दिलीप ने एक दुसरे का हाथ नही छोड़ा। राधा के पिता ने उसकी शादी एक बड़े शहर के बड़े घराने के लड़के से तय कर दी।

दिलीप और राधा का दिल टूट गया। राधा ने अपने पिता को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। दिलीप ने भी हार नहीं मानी और उसने राधा को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उसने अपना सच्चा प्यार और अपने इरादों का जिक्र किया।

राधा ने दिलीप की चिट्ठी पढ़ी और उसने भी अपने पिता को दिलीप के बारे में बताने की ठान ली। उसने अपने पिता से कहा, "पिता जी, मैं दिलीप से सच्चा प्यार करती हूँ। अगर आप मुझे उससे अलग करेंगे, तो मैं कभी खुश नहीं रह पाऊँगी।"

राधा के पिता को अपनी बेटी की खुशी का एहसास हुआ और उन्होंने दिलीप को गाँव में बुलाया। दिलीप ने उनके सामने अपने प्यार और सच्चाई का सबूत दिया। राधा के पिता ने आखिरकार उनकी सच्ची मोहब्बत को स्वीकार कर लिया और दोनों की शादी की तैयारी शुरू हो गई।

इस तरह दिलीप और राधा की प्रेम कहानी ने गाँव में एक मिसाल कायम की। उनकी शादी धूमधाम से हुई और दोनों ने एक-दूसरे का साथ हमेशा निभाने का वादा किया।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सच्चा प्यार सभी मुश्किलों को पार कर सकता है। बस अपने प्यार पर विश्वास और अपने इरादों में सच्चाई होनी चाहिए।

दोस्तो अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो मुझे जरूर लाइक एंड कॉमेंट कर के मुझे सपोर्ट करिए ताकि मुझे आगे और कहानी लिखने के लिए।