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जानलेवा आशिक

सुबह का वक्त है। कुछ कुछ सूरज अभी नज़र आ रहा है। इंडिया की सर जमीन पर दो हेलीकॉप्टर उतरे और नीचे पड़े खाली सुनसान मैदान में दस बारह गाडियां आकर रुक गई और उनमें से अनेकों बॉडीगार्ड और गनमैन बाहर निकल गए और सिक्योरिटी के लिए टाइट हो गए मानो कोई बादशाह वहां पर आने वाला हो।
एक हेलीकॉप्टर में से एक पच्चीस साल का लड़का बाहर निकला। लड़के का नाम अनमोल बुंदेला है। बिल्कुल हीरो की प्रेस्नेलिटी है लड़के की। आंखों पर गोगलस, ब्लैक जींस पेंट और हल्की हल्की ढाड़ी मूंछ है। अनमोल बेहद ही हैंडसम लड़का है लेकिन जितना हैंडसम है उतना ही खतरनाक भी है। अनमोल जो की पिछले पांच सालों से सिकंदर के सपने को सच करने की फ़िराक में घूम रहा है। इसी जुनून के साथ में वो टर्की , इस्मालाबाद और न जाने और कितने ही देशों पर अपनी हुकूमत जमा चुका है। उसका अगला निशाना हिंदुस्तान पर है और इसी सपने को सच करने के लिए आज वो हिन्दुस्तान की इस सर जमीन पर उतरा है।
इतने में अनमोल की बगल में उसके पिता रोहित बुंदेला आकर खड़े हो गए जिनकी उम्र लगभग पचास के लगभग होगी।
अनमोल की बाईं साइड में उसका जिगरी यार अशोक खड़ा है जो की छब्बीस वर्ष का बेहद ही हैंडसम लड़का है।
इतने में सामने से एक आदमी आया और अनमोल के हाथ में एक गुलदस्ता देते हुए बोला ,"सर आपका हिंदुस्तान में स्वागत है। आपके रुकने का प्रबंध हमने पुणे में किया है। वहां अपना ही राज़ है भाई। सब लोग अपने ही है और अपना ही फार्म हाउस है वहां।"
अनमोल ने बिना कोई जवाब दिए अशोक की और देखा और अशोक ने वो गुलदस्ता पकड़ लिया और एक लंबी सांस गुलदस्ते में से भरते हुए बोला ,"हिंदुस्तान को हमारा पैगाम अब हम होंगे जहां के बादशाह।"
ये सुनकर अनमोल के चेहरे पर एक जहरीली मुस्कुराहट आ गई।
अनमोल वहीं जमीन पर घुटनों के बल बैठ गया और मिट्टी को अपनी मुट्ठी में भरकर हवा मे उड़ाते हुए बेहद ही सर्द आवाज़ में बोला ,"फादर क्या लगता है आपको? हिंदुस्तान कब तक हमारे सामने घुटने टेक देगा? एक दिन एक महीना या एक साल में।"
रोहित उसके पास में घुटनों के बल बैठ गया और जहरीली मुस्कुराहट दिखाते हुए धीरे से बोला ,"कभी भी नहीं।"
ये सुनकर अनमोल अपना सर ऊंचा करके अपने पिता को घूरने लग गया।
रोहित खड़ा होते हुए बोला ,"ये हमारा ट्रकी या इस्लामाबाद नहीं है। हिंदुस्तान है ये। जहां के लोग सर कटा सकते हैं लेकिन कभी सर झुकाएंगे नहीं और हिंदुस्तान का डॉन है अरमान सिंघानिया जिसके हाथ में सारी पावर है। जहां तक की गवर्नमेंट भी उससे खूब डरकर रहती है। हिंदुस्तान में कोई भी नहीं है जो अरमान के खिलाफ़ जाने के बारे में सोच सके और उसके परिवार के खिलाफ भी।"
अनमोल जमीन पर अपना हाथ फेरते हुए बोला ,"है कौन कौन उसके परिवार में?"
इतने में उसके सामने खड़ा एक आदमी अचानक से बोल पड़ा ,"अशमीत।"
ये सुनकर अनमोल के चेहरे पर एक जहरीली मुस्कुराहट आ गई और वो खड़ा होते हुए बोला ,"है कौन ये अश्मित?"
आदमी ,"सर सिंघानिया परिवार के बारे में ज्यादा तो पता नहीं है लेकिन इतना जरूर सुना है की अरमान सिंघानिया की छोटी लड़की का नाम अशमीत है। बुराई के खिलाफ लड़ने के लिए खूब मशहूर है। पूरा हिंदुस्तान उन्हें देवी की तरह पूजता है। कहते है की वो इतनी खूबसूरत है की कोई उन्हें एक बार देख ले तो उनका दीवाना हो जाए। इतनी कोमल है वो की लगता है की छूते ही पिघल जायेगी और ये भी कहा जाता है की अगर हिंदुस्तान एक अंगूठी है तो उसके अंदर का हीरा है अशमीत सिंघानिया।"
ये सुनकर अनमोल ने डेविल स्माइल से अपने पिता की और देखा और बोला ,"सुना फादर आपने अशमीत सिंघानिया बहुत ही नेकदिल लड़की है और मुझे नेकदिल लोगों से सख़्त नफ़रत है। इस खेल में तो अब असली मज़ा आएगा। हिंदुस्तान को अपना बनाने में मुझे बहुत मज़ा आएगा। इस अशमीत से तो मिलना ही पड़ेगा?"
इतने में अशोक बोला ,"अगर ये आदमी सच कह रहा है तो कहीं ऐसा न हो की किंग का अशमीत पर दिल आ जाए।"
ये सुनकर सब हैरानी से अनमोल की और देखने लग गए।
अनमोल डेविल स्माइल में बोला ,"प्यार करने के लिए दिल चाहिए अशोक और दिल तो मुझमें है ही नहीं। आई एम ए हार्टलेस माफिया।"
इतना कहकर सबके चेहरे पर जहरीली मुस्कुराहटे आ गई और सभी वहां से निकल गए।
इधर मुंबई में एक ऑफिस में कई आदमी चेयर्स पर आमने सामने बैठे हुए थे। शायद कोई मीटिंग चल रही थी।
सामने स्क्रीन के आगे खड़ा हुआ अरमान सिंघानिया बोला ,"अनमोल बुंदेला एक वो इंसान जिसका नाम सुनते ही सब थर थर कांपने लग जाते हैं। अनमोल अंडरवर्ल्ड का बेताज बादशाह है। दुनिया ने ऐसा कोई भी इंसान नहीं है जो अनमोल को टक्कर दे सके। टर्की को जितने के बाद में अब इस शैतान कि नज़र हमारे हिंदुस्तान पर है। आज तक किसी ने भी अनमोल को देखा नहीं है। कहीं पर भी इसकी कोई फोटो और इंटरव्यू भी देखने को नहीं मिला है। इसलिए ये कभी भी हमारे बीच में घुस सकता है और हमारी सारी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन जान सकता है। इसलिए हमे आज से अभी से बहुत ज्यादा एक्टिव रहना होगा। कुछ भी हो सकता है और ये भी हो सकता है की अनमोल अभी हमारे बीच में इस मीटिंग में भी बैठा हो। वो कैसा दिखता है ये कोई नहीं जानता है। इसलिए हमें बहुत समझदारी से काम लेना होगा। हर पल तेज रहो उसका पहला निशाना मुंबई ही होगा।"
इसी के साथ में मीटिंग ख्रत्म हो गई।
इधर नेशनल हाईवे पर अनमोल का काफिला चले जा रहा था। लगभग दस बारह गाडियां थी। सबसे आगे अनमोल की मरसिडी चली जा रही थी। ड्राइवर की बगल वाली सीट में अनमोल अपना सर पीछे सीट से टिकाकर आंखें बंद करके बैठा था। पीछे वाली सीट पर अशोक और रोहित बैठे थे। सब खामोश थे।
इतने में अचानक से ड्राइवर ने गाड़ी के ब्रेक लगा दिए। इसी के साथ में एक के बाद एक सभी गाडियां रुक गई और अचानक से अनमोल की आंख खुल गई।
सामने रेड सिग्नल था। एक पुलिसवाला उनके पास आया और अनमोल के पास शीशे पर हाथ मारते हुए वाला ,"शीशा नीचे करो। अरे ! सुनाई नहीं देता है क्या? मैं कह रहा हूं की शीशा नीचे करो।"
अचानक से शीशा नीचे हुआ और अनमोल को देखकर पुलिस ऑफिसर के पसीने ही छूट गए। वो थर थर कांपने लग गया और अपने दोनों हाथ जोड़ते हुए बोला ,"गलती हो गई सर। माफ़ कर दीजिए। मुझे नहीं मालूम था की ये आप हैं? माफ कर दीजिए। मैं आपके पैर पड़ने के लिए तैयार हूं।"
अनमोल ने अपनी गोगल्स नीचे की और बोला ,"अनमोल बुंदेला कभी किसी को माफ़ नहीं करता है। गलती के लिए मैं सिर्फ़ एक ही सज़ा देता हूं और वो सजा है मौत।"
इतना कहकर अनमोल ने अचानक से खिड़की खोली और एक जोरदार लात उस पुलिसवाले के पेट पर दे मारी और पुलिसवाला पीछे सड़क पर जा गिरा।
इधर रोहित और अशोक के चेहरे पर कोई हाव भाव नहीं थे क्योंकि वे अनमोल को बखूबी जानते थे।
इधर अनमोल की गाड़ी के पास में ही एक लड़की बैठी थी जिसने ये सबकुछ देखकर गुस्से से अपनी मुठिया भींच ली।
अनमोल ने कॉलर पकड़कर उस पुलिसवाले को खड़ा किया।
अशोक और रोहित भी उसके पास में जाकर खड़े हो गए।
अनमोल ने एक चाकू निकाला और पुलिसवाले का हाथ पकड़ते हुए बोला ,"तुम्हे बड़ा शौंक है ना मुझे रोकने का ठीक है तो रोक लो मुझे लेकिन बदले में मै तुमसे मुझे रोकने वाले ये हाथ लूंगा।"
ये सुनकर रोहित के चेहरे पर एक डेविल स्माइल आ गई।
इतना कहकर अनमोल अपना चाकू उस पुलिस वाले के हाथ पर मारने लगा तभी एक लड़की ने आकर अनमोल का हाथ पकड़ लिया और एक जोरदार थपड़ अनमोल के गाल पर दे मारा।
ये देखकर तो सब हक्के बक्के रह गए।।
सतनाम वाहेगुरु।।

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