ये इश्क जालिम निकला भूपेंद्र सिंह द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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ये इश्क जालिम निकला

हैदराबाद।।

शाम के छः बजे का समय।।

एक बड़े से मेंशन में खूब चहल पहल है। घर को बहुत ही अच्छे तरीके से डेकोरेट किया है। अंदर पार्टी चल रही है। एक और एक लड़की केक काट रही है उसके आस पास कई लड़के और लड़कियां घेरा बनाकर खड़े हैं। वो लड़की पहले फूंक मारकर सभी मोमबतियों को बुझा देती है और फिर केक काटने लगती है। सब और से क्लैपिंग होने लगती है और एक ही आवाज पूरे हाल में गूंजने लगती है " हैप्पी बर्थडे दीपिका, हैप्पी बर्थडे दीपिका"

वो लड़की यानी दीपिका केक का टुकड़ा उठाकर सभी को थोड़ा थोड़ा खिलाती है। कुछ देर बाद हाल की एक कोने में दीपिका और उसकी फ्रेंड मीनाक्षी खड़ी ड्रिंक कर रही है तभी मीनाक्षी की नज़र सामने हाल के एक कोने में एक बेंच पर गुमसुम सी बैठी लड़की पर जाती है और वो दीपिका के कंधे के साथ अपना कंधा लगाते हुए बोलती है " यार दीपिका तूने इस शर्मिला को भी अपने बर्थडे पर बुलाया है कमाल है तूं अपने दुश्मनों की कब से देखभाल करने लगी।"

सामने गुमसुम सी बैठी शर्मिला को देखकर दीपिका के चेहरे पर एक गहरी डेविल स्माइल आ जाती है और वो शराब की एक घूंट भरते हुए बोलती है " मैने आज इसे सबक सिखाने के लिए ही जहां पर बुलाया है। इसकी वजह से मैं कॉलेज में सेकंड आई और ये फर्स्ट आ गई। ये मैं हर हाल में बर्दास्त नहीं कर सकती। इसकी वजह से सभी हैंडसम लड़कों ने मुझे लाइन मारना भी छोड़ दिया है।"

मीनाक्षी - " लेकिन तेरा अब क्या करने का इरादा है? "

दीपिका ड्रिंक का गिलास खाली करते हुए - " कुछ ऐसा की ये उम्र भर याद रखेगी।"

मीनाक्षी - " मतलब।"

दीपिका वहां से जाते हुए - " तुझे जल्द ही समझ में आ जायेगा।"

इतना कहकर दीपिका वहां से चली जाती है। शर्मिला अभी भी बेंच पर चुपचाप गुमसुम सी बैठी थी और किसी गहरी सोच में डूबी हुई थी।

इधर एक बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर बने हाल में एक और एक बूढ़ा व्यक्ति बैठा है जिसके हाथ में एक फाइल है और वो उस फाइल के पन्ने पलट रहा है। इतने में एक चौबीस पच्चीस साल का लड़का वहां पर आता है जिसका नाम मीनू है और वो आते ही बोलता है " बॉस आ गए हैं।"

वो बूढ़ा व्यक्ति अपना चश्मा उतारकर फाइल को टेबल पर पटकते हुए बोलता है " तेरा बॉस आया तो जिंदा है लेकिन अब उसकी जहां से सिर्फ लाश ही बाहर जायेगी। मेरे मामले में टांग अड़ा रहा है। आज मैं उसे उसकी असली औकात दिखाता हूं।"

इतने में कमरे में एक बेहद ही हैंडसम लड़का आता है जिसकी उम्र है मात्र तेईस साल, गोरा रंग, गहरी नीली आंखें, चेहरे पर कोई भाव नहीं और नाम है आर्यन खुराना जो की एशिया का सबसे बड़ा बिजनेस मैन और अंडरवर्ल्ड का किंग है।

आर्यन सीधे ही आकर उस बूढ़े व्यक्ति के सामने चेयर पर अपनी एक टांग पर दूरी टांग रखकर बैठ जाता है और उस बूढ़े की और घूरने लगता है।

आर्यन - " क्यों वे बूढ़े दिक्कत क्या है तेरे?"

बूढ़ा व्यक्ति - " दीपेश पांडे नाम है मेरा। अपनी लिमिट में रहकर बात कर।"

ये सुनते ही आर्यन की आंखों में खून उतर आता है और वो अपने दांत रगड़ते हुए बोलता है " साले बूढ़े लिमिट तो तूने पर की है। मेरी फैक्ट्री के सामने अपनी फैक्ट्री बना रहा है।"

दीपेश पांडे - " वो जमीन मेरी है। मेरे जो मन में आएगा मैं तो वही करूंगा। तूं कौन होता है वे मुझे रोकने वाला। तो तुझे जलन हो रही है की अगर उस जगह मेरी फैक्ट्री बन गई तो तेरा सारा काम रुक जायेगा। आई एम राइट ।"

आर्यन उसकी इस बात का कोई जवाब नहीं देता और गुस्से से दीपेश पांडे को देखने लगता है।

दीपेश पांडे - " कुछ बोल नहीं रहे मतलब यही बात है। लेकिन आज मैं ये किस्सा यहीं पर खतम कर दूंगा।"

आर्यन हैरानी से दीपेश पांडे की और देखने लगता है।

दीपेश पांडे अपने पीछे खड़े दोनों आदमियों की और हाथ खड़ा करता है और वे दोनों अपनी अपनी गन निकालकर आर्यन पर तान लेते हैं।

आर्यन एक गहरी डेविल स्माइल के साथ " ओह तो मुझे आज मारने का इरादा है।"

दीपेश पांडे - " तेरी कहानी आज यहीं पर खत्म हो जाएगी। किसी को पता भी नहीं चलेगा की आर्यन खुराना नाम का भी कभी कोई आदमी था।"

आर्यन अपनी चुटकी बजाते हुए बोलता है " फायर।"

इतना बोलते ही आर्यन मुस्कुराते हुए अपनी आंखे बंद कर लेता है और दो गोलियां चलने की आवाज आती है।

आर्यन अपनी आंखें खोलता है और दीपेश पांडे धड़ाम से जमीन पर जा गिरता है। दरअसल उसके दोनों आदमियों ने आज आर्यन के सामने अपने ही बॉस को ठोक दिया था।

आर्यन खड़ा होते हुए " गुड बॉयज।"

इतना कहकर आर्यन कमरे से बाहर जाने लगता है तभी पीछे से एक आदमी बोलता है " भाई आपने जैसा कहा था हमने वैसा कर दिया। अब हम घर जा सकते हैं क्या?"

आर्यन बिना पलटे अपना चश्मा थोड़ा सा नीचे करते हुए बोलता है " जो अपने बॉस के नहीं हो सके वो मेरे क्या होंगे।"

इतना कहकर आर्यन तेजी से बाहर चला जाता है और अंदर से दो गोलियां चलने की आवाज आती है। दीपेश के दोनों आदमी वहीं जमीन पर गिर जाते हैं और आर्यन के चेहरे पर एक गहरी डेविल स्माइल आ जाती है।

इधर दीपिका जूस का एक गिलास लेकर शर्मिला के पास जाती है और गिलास उसके आगे करते हुए बोलती है " माय बेस्ट फ्रेंड शर्मिला तूं कब से चुपचाप बैठी है ना तूने कुछ खाया है और ना ही कुछ पिया है। ये ले तेरे लिए तेरा फेवरेट जूस।"

शर्मिला बिना कुछ सोचे समझे वो जूस का गिलास उठाते हुए बोलती है " थैंक्स दीपिका।"

शर्मिला चुपचाप वो सारा जूस पी जाती है और दीपिका के चेहरे पर एक गहरी स्माइल आ जाती है और वो वहां से जाते हुए अपने आप से बोलती है " अब आएगा इस खेल में असली मजा।"
⁹शर्मिला को कुछ ही देर में अजीब सा लगने लगा और उसे गर्मी भी आने लगी। शर्मिला अपने सर पर हाथ रखते हुए बोली " मुझे इस तरह चक्कर क्यों आ रहे हैं? मुझे हो क्या रहा है? एक ये इतना शोर शराबा है की कान फटने को तैयार हो गए हैं। मुझे घर जाना होगा जल्दी ही।"

इतना कहकर शर्मिला खुद को संभालते हुए लड़खड़ाते हुए शरीर के साथ खड़ी हो जाती है और उस मेंशन से बाहर निकलकर सड़क पर आ जाती है। बाहर बहुत अंधेरा था। अब रात हो चुकी थी। शर्मिला की आंखें धीरे धीरे बंद हो रही थी। उसे लग रहा था की वो यहीं सड़क पर गिर जायेगी।

इधर मीनू गाड़ी चला रहा था और उसके बगल वाली सीट पर आर्यन अपनी आंखे बंद करके बैठा था लग रहा था जैसे वो किसी गहरी सोच में डूबा हुआ है।

इतने में अचानक से मीनू की आवाज उसके कानों में आती है।

मीनू - " भाई सामने एक लड़की सड़क के बिलकुल बीच में खड़ी है। लगता है कोई पागल है।"

आर्यन बिना अपनी आंखे खोले - " हॉर्न मार।"

मीनू जोर से लगातार हॉर्न मारते हुए बोलता है " भाई वो लड़की सामने से हट ही नहीं रही और चक्कर खा रही है। देखने में लग रहा है की उसने कुछ ज्यादा ही ड्रिंक कर रखी है।"

आर्यन बिना अपनी आंखें खोले " ऊपर चढ़ा दे गाड़ी। काम तमाम कर दे साली का।"

मीनू - " जी भाई। "

इतना कहकर मीनू गाड़ी की स्पीड और भी तेज कर देता है।

अचानक से आर्यन अपनी आंखें खोलकर सामने सड़क पर खड़ी लड़की शर्मिला की और देखता है।

शर्मिला ने इस वक्त नीली जींस और रेड कलर की शर्ट पहन रखी थी। उसकी गहरी काली आंखें, कमर से भी नीचे तक आते बाल, बिल्कुल सफेद , मुलायम और नाजुक सा जिस्म जिसका हर कोई दीवाना हो जाए। वो उस चांदनी रात में आसमान से उतरी हुई कोई परी नज़र आ रही थी। उसके गहरे लाल लाल होंठ आर्यन के मन में किसी वासना को जन्म दे रहे थे। उसके जिस्म का दुधिया रंग आर्यन के कुछ करने के लिए ललचा रहा था।

आर्यन अचानक से तेजी से बोलता है " गाड़ी रोक अभी। जल्दी। इस लड़की को कुछ नहीं होना चाहिए।"

मीनू डरते हुए तेजी से वहीं पर जोर से ब्रेक लगा देता है और गाड़ी बिलकुल शर्मिला के पास जाकर रुक जाती है। गाड़ी और शर्मिला के बीच सिर्फ दो इंच का हो गैप था।

आर्यन तेजी से अपनी गाड़ी से बाहर निकला। शर्मिला चक्कर खाकर जमीन पर गिरने ही वाली थी की आर्यन ने जाकर उसे अपनी बांहों में पकड़ लिया।

शर्मिला की आंखें धीरे धीरे बंद हो रही थी। शर्मिला सीधे आर्यन के गले लग गई और बोली " मुझे गर्मी लग रही है। प्लीज मुझे अपने साथ ले जाओ। मैं मर जाऊंगी। प्लीज हेल्प मीं।"

आर्यन धीरे से शर्मिला के गाल पर किस करते हुए बहुत ही कोल्ड वाइस में बोला " मेरे होते हुए तुम्हें कुछ भी नहीं होगा बेबी।"

अब आर्यन भी समझ चुका था की इस लड़की को ड्रग्स दी गई है।

शर्मिला कसकर आर्यन के गले लगते हुए बोली " प्लीज मुझे बचा लो। मुझे अपने साथ ले जाओ।"

ये सुनकर आर्यन के चेहरे पर एक गहरी डेविल स्माइल आ जाती है और वो बहुत ही सॉफ्ट वॉइस में शर्मिला के कान पर किस करते हुए बोलता है " सोच लो बेबी। मेरे साथ चलकर बहुत पछताओगी। तुम खुद मेरे पास आई हो अब सारी जिंदगी मेरे साथ रहना होगा। मुझे नहीं झेल पाओगी तुम।"

शर्मिला - " प्लीज हेल्प मि। मुझे बहुत गर्मी लग रही है।"

इतना कहकर शर्मिला पूरी तरह से बेहोश हो गई।

आर्यन ने शर्मिला को कसकर गले लगा लिया और फिर अगले ही पल आर्यन ने शर्मिला को अपनी बांहों में उठाया और गाड़ी के अंदर बिठा दिया।

आर्यन ने मीनू को और कुछ इशारा सा किया और मीनू ने गाड़ी तेजी से सड़क पर भगा दी। शर्मिला का सर आर्यन की गोदी में था। आर्यन शर्मिला के लाल लाल होठों पर अपना अंगूठा फेरते हुए बोला " कमाल है। मुझे तो अभी भी यकीन नहीं हो रहा है की बिना लिपिस्टिक लगाए भी किसी के होठ इतने लाल हो सकते हैं। वाह खुदा तेरी कारीगरी का तो कोई जवाब नहीं।"

मीनू - " वैसे भाई इस लड़की का करना क्या है?"

आर्यन - " आज से ये तेरी भाभी।"

ये सुनकर मीनू के चेहरे पर एक गहरी स्माइल आ जाती है और वो गाड़ी की स्पीड और भी तेज कर देता है।

आर्यन अपना हाथ शर्मिला की गर्दन पर दौड़ाते हुए " मीनू इस लड़की की पूरी कुंडली चाहिए मुझे और वो शख्स भी जिसने इतनी क्यूट बेबी को ड्रग्स देने की हिम्मत की है। उसे तो मैं अपने हाथों से मारूंगा।"

मीनू एक होटल के पार्किंग एरिया में गाड़ी के ब्रेक लगाते हुए " जी बॉस काम हो जायेगा। बस थोड़ा सा वक्त दे दीजिए।"

आर्यन गाड़ी से बाहर निकलते हुए " एक दिन का वक्त है तुम्हारे पास और अगर तुम ये काम नहीं कर पाए तो तुम्हारा भी वही हाल होगा जो दीपेश पांडे और उसके आदमियों का हुआ था।"

मीनू डरते हुए " बॉस आप फिक्र मत कीजिए काम हो जायेगा।"

इतना कहकर मीनू तेजी से वहां से निकल जाता है।

आर्यन शर्मिला को अपनी गोद में उठाता है और उसे अंदर एक कमरे में ले जाता है और शर्मिला को बेड पर लेटाकर कमरे का डोर बंद कर देता है।

आर्यन एक अलमीरा से अपने कपड़े निकालता है और फिर नहाने के लिए चला जाता है।

कुछ ही देर में आर्यन बाहर निकलता है और अब वो अर्धनग्न है। उसने सिर्फ एक हाफ लवर पहन रखी है।

आर्यन कमरे की सभी लाइट्स बंद कर देता है और साइड लैंप जगा लेता है। आर्यन बेड पर शर्मिला में बगल में लेटते हुए " बेबी तुमने आज बहुत भारी गलती कर दी वो भी मेरे करीब आकर। अब सारी जिंदगी पछताओगी तुम।"

इतना कहकर आर्यन के चेहरे पर एक जहरीली मुस्कुराहट आ जाती है।

इतने में ड्रग्स के नशे में शर्मिला आर्यन को अपनी बांहों में भरते हुए बोलती है " मुझे गर्मी लग रही है।"

साइड लैंप की रोशनी में शर्मिला और भी हॉट और क्यूट नजर आ रही थी। आर्यन ने शर्मिला के सर पर हाथ फेरा और फिर उसके कान को किस करते हुए कोल्ड वाइस में बोला " बेबी तुम्हें ड्रग्स दी गई है। बी पेशेंस तुम कल सुबह तक नॉर्मल हो जाओगी।"

इतने में शर्मिला अपने होठ आर्यन के होठों पर रख देती है और आर्यन भी उसे कसकर अपने साथ चिपकाते हुए किस करने लगता है। वे दोनों लगातार एक दूसरे को किस कर रहे थे।

आर्यन धीरे से " बेबी तुम्हारी उम्र तो बस इक्कीस साल लगती है लेकिन तुम अभी तक किस करना नहीं सीखी। आज मैं तुम्हें सीखाता हूं की किस कैसे करते हैं। लेकिन एक बात है बेबी अब तक मैं अनेकों लड़कियों को किस कर चुका हूं लेकिन इतना मजा आज तक किसी ने नहीं दिया। बेबी आज से तुम्हारे बुरे दिन शुरू।।"

इतना कहकर आर्यन डेविल स्माइल में हंसने लगता है।।।

सतनाम वाहेगुरु।।