लव लाइफ - भाग 10 - बेहोश श्रेया ... Deeksha Vohra द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
श्रेणी
शेयर करे

लव लाइफ - भाग 10 - बेहोश श्रेया ...

पहले अक्षत ने सोचा था। कि श्रेया को किसी रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले जाए , और जब उसे पता चला कि , श्रेया को कोई स्टॉक कर रहा है , तो उसने सोचा ...

अक्षत : ( सोचते हुए ) यह खतरे से खाली नहीं होगा | शायद मुझे उसे ऑफिस ही ले जाना चाहिए। वो मेरे सामने भी रहेगी , और मुझे भी ज्यादा टेंशन नहीं होगी।

उसने ड्राइवर को कहकर कार ऑफिस की तरफ मुड़वाली | जब श्रेया ने देखा कि अब गाड़ी ऑफिस के रास्ते जा रही हैं , तो उसने अक्षत से पूछा " हम ऑफिस जा रहे हैं?"

तो अक्षत ने कहा "हां हम ऑफिस जा रहे हैं।"

तो श्रेया हडबडा कर कहने लगी "क्या ? नहीं ? मैं ,, मैं .. वहां तुम्हारे साथ कैसे?"

अक्षत श्रेया को आंखें छोटी करके देखने लगा। और फिर कहा "तुम्हें मेरे साथ जाने में कोई प्रॉब्लम है ? श्रेया हकलाते हुए कहने लगी।"

"नहीं .. कोई प्रॉब्लम नहीं है | मुझे भला मुझे क्या कोई प्रॉब्लम होगी। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है | मैं तो बस , कह रही थी , कि अगर मैं तुम्हारे साथ जाऊंगी .... तो तुम्हारे और मेरे बारे में तुम्हारे एंप्लॉयज क्या सोचेंगे। मतलब मैं वहां इंटर्नशिप कर रही थी तो बस इसलिए।"

अक्षत ने कहा " अपने दिमाग पर ज्यादा ज़ोर मत डालो | वरना किसी दिन जो थोड़ा सा बचा है , वो भी खत्म हो जाएगा ।"

इस बात पर श्रेया को बहुत गुस्सा आया , उसका तो मन कर रहा था , कि अक्षत का गला दबा दे । वो मन ही मन सोचने लगी | " कितना बदतमीज आदमी है ये | किसके भी सामने कुछ भी बोल देता है । कुछ नही पता । "

श्रेया को अक्षत पर गुस्सा आ रहा था। वह अक्षत को गुस्से में घूमने लगी | श्रेया का गुस्से वाला चेहरा देखकर अक्षत को उस पर और ज्यादा प्यार आ रहा था।

उसने श्रेया को खुद के करीब खींचा और उसे अपनी गोद में बैठा लिया | श्रेया , अभी तक अक्षत पर गुस्सा थी | उसे पता ही नहीं चला , कब अक्षत ने उसे अपनी गोद में बैठा लिया | ड्राइवर ने जब इन दोनों को इतने करीब देखा , तो ड्राइविंग पर कंसंट्रेशन करने के लिए उसने पर्दा कर दिया ।

श्रेया ने देखा कि ड्राइवर ने कर्टन ओपन कर दिया है , तो उसने अक्षत को अपनी गुस्से वाली आंखें से देखा , और इशारो इशारो में कहने लगी "अगर अभी तुमने मुझे छोड़ा नहीं ना , तो तुम मुझसे बचोगे नहीं ।"

श्रेया मन ही मन उसे मारने के सपने देख रही थी | पर श्रेया को और ज्यादा चिढ़ाने के लिए , उसने श्रेया को कमर से , और कस कर पकड़ लिया | और उसे किस कर लिया। श्रेया तो दंग रह गई | वह अपनी आंखें बड़ी करके अक्षत को देख रही थी | और अक्षत को रोकने की कोशिश कर रही थी। पर अक्षत ठहरा अक्षत ,, कहा रुकने वाला था।

धीरे-धीरे अक्षत उसकी गर्दन पर किस करने लगा और उसका हाथ श्रेया की स्कर्ट के अंदर चला गया था। श्रेया उसकी हाथ की गर्माहट महसूस कर पा रही थी | उसके शरीर में कपकपी हो रही थी | श्रेया को एक अलग सा एहसास हो रहा था। और अक्षत खुद पर से अपना कंट्रोल खो रहा था।

फिर अक्षत का हाथ श्रेया के टॉप के अंदर चला गया | अक्षत श्रेया की बॉडी पर अपने हाथ फेर रहा था। फिर अचानक ड्राइवर ने कार रोक दी तो वह दोनों रुक गए | ड्राइवर ने कहा "सर हम पहुंच गए।"

अक्षत को ड्राईवर पर बहुत गुस्सा आया | पर कहीं न कहीं , वो ये भी सोच रहा था , " , शूकर है | वर्ना , मैं अपना कण्ट्रोल तो आज खो ही देता | " और दूसरी तरफ श्रेया | वो तो शरम से पानी पानी हो चुकी थी | वो सोच रही थी | " ड्राईवर क्या सोच रहा होगा " " है भगवन , अक्षत कितने बेशरम हैं " उसके बाद ...

अक्षत ने श्रेया को गोद में उठाया और ऑफिस के अंदर चल पड़ा। श्रेया अक्षत को बड़ी बड़ी आंखों से देख रही थी। और वो अक्षत से बोली ...

"मुझे ,,, मुझे नीचे उतारो | अगर किसी ने देख लिया तो ,, मैंने कहा मुझे नीचे उतारो।"

अक्षत श्रेया को नीचे नहीं उतार रहा था। तो श्रेया ने उसको मारना शुरू कर दिया | श्रेया अपने नन्हे नन्हे हाथों से अक्षत को मारने लगी। पर अक्षत को ... बिल्कुल नहीं लग रही थी उसे तो ऐसे लग रहा था। कि कोई बच्चा उसे मार रहा हो | उसे तो मजा आ रहा था।

श्रेया को ये नहीं पता था। कि अक्षय के ऑफिस में एक सीक्रेट दरवाजा है | जहां से कोई नहीं आ जा सकता अक्षत श्रेया को उस दरवाजे से अपने ऑफिस में लेकर गया था।

श्रेया थोड़ा रिलैक्स हुई कि ,,, " शुक्र है किसी ने मुझे देखा नहीं , वरना मैं किसी को अपनी शक्ल दिखाने लायक नहीं बचती ,,, इस आदमी को कोइ शर्म नहीं है " . .. पर उसका चेहरा बहुत ज्यादा लाल हो चुका था। गाड़ी में अक्षत जो कर रहा था। उसको वो रोक नहीं पा रही थी।
उसे जैसे ही वह पल याद आए , तो वो शर्मा गई | और फिर से उसका चेहरा लाल हो गया | ऑफिस में पहुंचते ही सबसे पहले श्रेया वॉशरूम में भागी और खुद को शांत करने लगी | उसने शीशे में अपना चेहरा देखा और चेहरा देखते ही उसे फिर से वह सब याद आ गया | उसने अपनी गर्दन पर देखा ,,, जहां पर अक्षत ने लव बाइट का निशान छोड़ दिया था।

वह निशान देखकर ,,, श्रेया को बहुत ज्यादा शर्म आ रही थी | फिर उससे जल्दी से निशान छिपाने के लिए अपनी फाउंडेशन निकाली और निशान छिपाने लगी | फिर वो थोड़ी देर बाद वॉशरूम से बाहर निकली तो ,, उसने देखा ,, अक्षत फोन पर किसी से बात कर रहा था। वो भी बहुत गुस्से में रख रहा था।

श्रेया ने पहली बार अक्षत को इतने गुस्से में देखा था। अक्षत किसी पर फोन में चिल्ला रहा था। " तुम्हारे पास 15 मिनट है , अगर मुझे कोई न्यूज़ नहीं मिली , तो तुम इस देश में नहीं देखोगे " | अक्षत को इतना गुस्से में देखकर , श्रेया हैरान रह गई | वह तो बस अक्षत को , देखे ही जा रही थी | अक्षत की पीठ ... श्रेया की तरफ थी | अक्षत का बदन गठीला था।

तो पीछे से भी अक्षत बहुत ज्यादा हैंडसम लग रहा था। इस चीज का फायदा श्रेया ने उठाया और अक्षत को चेक आऊट करने लगी | ऊपर से नीचे... नीचे से ऊपर | अपनी नजर दौड़ाने लगी।

श्रेया का ध्यान ही नहीं था। और अक्षत ने जब नोटिस की ,,, श्रेया उसे ही देख रही है | वो अचानक श्रेया के करीब आ गया और उसके चेहरे के सामने अपना चेहरा लाते हुए कहने लगा " तुम्हारा ही हूं ,,, जितना घूरना है घूरो ... चाहो तो छू भी सकती हो |" " क्या करना चाहोगी।" फिर थोडा ओर करीब आते हुए , अक्षत बोला :

" पर मुझे नहीं लगता ,,, कि ऑफिस में ये सब करना ठीक रहेगा | क्यों ना हम घर चले और बेडरूम में ...." | अक्षत श्रेया को परेशान कर रहा था।

यह सुनकर श्रेया तो हैरान ही रह गई | और सोचने लगी | " ये आदमी कितना बेशर्म है 2 मिनट पहले यह किसी पर गुस्सा कर रहा था। 2 मिनट बाद देखो ,,, कौन कहता है कि ये बहुत सीरियस रहता है । " |

फिर श्रेया हकलाते हुआ कहने लगी | " कुछ भी कभी ,,, खुद को देखा है ... कौन तुम्हे घूर रहा है | सपने में भी नहीं | " अक्षत ने अपनी एक आइब्रो उपर करते हुए पुछा | " अच्छा ? ऐसा है क्या " ये कहते हुए , अक्षत श्रेया के होटों की तरफ देख रहा था " श्रेया ने अक्षत की आँखों मैं देखा | ओर उसे , वहां आग दिखाई दी | जिसे देख वो डर गई | ओर जल्दी से वहां से उठी | और अक्षत से थोड़ी दूर हो गई | श्रेया को अपनी हार्ट बिट्स बहुत फास्ट चलती हुई महसूस हुई | उसका शरीर गर्म हो रहा था | और उस के लिए यह एहसास नया सा था।

वह पहली बार किसी लड़के के इतना करीब आई थी ,,, पर फिर अचानक पता नहीं क्यों ,,, श्रेया के सामने कुछ पुराने फ्लाशेस आए और वो बेहोश हो गई | अक्षत ने देखा कि श्रेया अचानक बेहोश हो गई है | और जब वो उसके पास पहुंचा उसे पकड़ने के लिए उसने देखा कि श्रेया की बॉडी पर पसीना ही पसीना है | फिर वह सोचने लगा कि ... " ऐसा अचानक क्या हुआ कि ये डर के मारे बेहोश हो गई। "