में चाहता हु अब लड़ना चाहता हुं Writer Dhaval Raval द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

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में चाहता हु अब लड़ना चाहता हुं

में चाहता हु,
अब लड़ना चाहता हूं।

कृपा उनकी मेरे सिर पे है
कुछ अब में करना चाहता हूं
अब लड़ना चाहता हु,

विवादित कोई आपके जीवन का पन्ना खोलिए, कोई ऐसा जिसमे मार्गदर्शन न हो, और ना ही कोई अन्य रास्ता ।
उसको खोलिए और सोचिए क्या समय गवाया था ?
कितना , तो आगे बढ जाए और देखो कहा उसको छोड़ा था ?
रास्ते को छोड़ने के लिए आगे बढ़े थे ?
की फिर रास्ते से हारने के डरसे छोड़ा ?

समय से तेज अब में भागना चाहता हूं,
गेरोको रखके दूर, में भागना चाहता हूं,
कुछ सपनोका भार ले, दौड़ना चाहता हूं
हां। अब लड़ना चाहता हु। ।।


जब आपने नक्की किया हुआ है, तो फिर क्या रास्ता और क्या मुसीबत, डरने से रास्ता थोड़ी आ जायेगा, समय के साथ चलना पड़ेगा, कुछ सपनो को तोड़के, नए सपनेको साकार करना होगा, लड़त जब आपकी ही है तो डरोगे गिरोगे लेकिन पीछे नहीं हटना है, हमे अब जितना हैं ।


पाव में भले पड़े किल्ले, भाग लेना चाहता हु,
रास्ते चाहे हो कठिन, आगे बढ़ना चाहता हु,
जीवनका उद्देश्य एक पूरा, करना चाहता हु,
हां। अब लड़ना चाहता हु।


कोई मुसीबत में आ जाए, तो रास्ता छोड़ देते है, इसका कारण ये है की लोग समझते हैं कि, आगे खतरा हो सकता है, आगे बहोत गलत हो सकता है, पर जो लोग, इसके आगे बढ़ते है, सफलता उसको ही मिलती है, क्यों की सफलता का पहला उदाहरण कष्ट है, जो इसको काटता हे ना, उसको फिर कोई भी नही काट सकता।


प्यारकी गहराई में, कुछ पल रहेना चाहता हु।
दिलकी ख्वाहिश को भी, पूरा करना चाहता हु,
जीवन है चार दिन का, इसको में जीना चाहता हु।
पर याद रहे, अब लड़ना चाहता हु।।


प्यार मित्रता मिली उसको मिली, प्यार के ढोंग जीवन को बर्बाद करने के लिए सक्षम है, ये वो आदत हे जो अच्छे को भी बुरा बना के छोड़ती है, कुछ पल प्यार अच्छा लगे फिर वो छोड़ दे, कोई दूसरा मिले, ये सब आपके रास्तों की रुकावट हे, आपको इससे बाहर आके लड़ना चाहिए, अपने जीवन की सही दिशा में जाना चाहिए।।


मधुर जीवन छोड़, में युद्ध मैदानमें जाना चाहता हु,
प्यार की गहराई छोड़, जहर को पीना चाहता हु,
कड़वा भले जीवन हो, हर रास्ते से गुजरना चाहता हु,
हां अब ,। लड़ना चाहता हु।।

यहां पर जहर वो हे, जो रास्तों को छोड़ने के लिए हमे मजबूर करते हे, हम रास्ते को आधे में छोड़ जाए, ऐसे हालात खड़े कर देते हैं, उस जहर की बात हो रही हे,
जब तक कठिनाई नहीं आती सुख कहा नसीब होगा,
कुछ पाने के लिए बहोत खोना पड़ता हे, तो कुछ खोए बिना नया भी कैसे मिलेगा ।


मालिक के भरोसे, में कर्म करना चाहता हु ।
दुश्मन भले अनेक, कर्मसे उनको हराना चाहता हु,
पुण्य का तूफान, रास्ते में लाना चाहता हु,
मालिक का भक्त हु, अब लड़ना चाहता हु।

कभी भी हिम्मत हारने से पहले अपने परिवार का सोचो,
कभी भी हिम्मत हारने से पहले अपने भगवान का सोचो,
ये वो शब्द हे जो कभी आपकी हिम्मत को टूटने नहीं देते
हार कर ही जितना होता है, तो हार से भी डरना जरूरी नहीं
जब पढ़ाई करने अन्य कक्षा में आते है तो हमे कुछ नही आता शिक्षक हमे सिखाते हे, तो जीवनमे कुछ समझ ना आए तो गभराए मत, मालिक ने आपको नई कक्षा में डाला है, थोड़ा इंतजार कीजिए सब कुछ सिखाएगा।


धवल रावल
TRUST ON GOD