तेरे इश्क में.. - भाग 3 Priyanka Taank Bhati द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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तेरे इश्क में.. - भाग 3

मार्केट पहुंच कर रूही ने अपनी कार एक बड़े से ज्वैलरी शो रूम के बाहर रोक दी, गाड़ी पार्क करने के बाद रूही और आंचल शो रूम के अंदर गए और पहले से ही ऑर्डर की हुई रिंग का बिल देते हुई शो रूम की लेडी वर्कर से कहा- क्या ये ऑर्डर रेडी हो चुका है ?? जी बिलकुल शॉप की लेडी वर्कर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और एक शो केस में से छोटा सा बॉक्स निकाल कर रूही के सामने रख दिया,
मेम ये हमारी शॉप की सबसे लेटेस्ट और एक्सपेंसिव डिजाइंस में से एक है, रूही ने शॉप वर्कर को एक मुस्कान के साथ थैंक यू कहा और बॉक्स को ओपन कर के देखने लगी, उस छोटे से बॉक्स में डायमंड की एक बहुत ही प्यारी रिंग थी जो रूही की मॉम ने राहिल के लिए ऑर्डर की थी ये रिंग रूही और राहिल की इंगेजमेंट रिंग थी जो रूही की मॉम ने शहर के सबसे बड़े ज्वैलरी शो रूम से बनवाई थी.

वाउ!!!! रूही ये तो बहुत ही प्यारी रिंग है मानना पड़ेगा आंटी की पसंद को आंचल ने रूही से रिंग का बॉक्स ले कर रिंग को देखते हुए कहा,
आंचल की बात सुन कर रूही थोड़ा चिढ़ गई और चिढ़ते हुए आंचल की नकल उतारते हुए बोली- "मानना पड़ेगा आंटी की पसंद को" मेरा बस चले न तो उस खडूस राहिल के लिए डायमंड की तो क्या सिल्वर की रिंग भी न लूं, कहते हुए रूही नाराजगी में पाव पटकते हुए शो रूम से बाहर निकल गई,

रूही.. रूही... आवाज लगाते हुए आंचल भी रूही के पीछे पीछे शो रूम से बाहर निकल गई और रूही के पास पहुंच कर रूही के गाल खींचते हुए बोली- बुरा लग गया मेरी बेस्टीय को?? अच्छा चल सारी कहते हुए आंचल ने अपने कान पकड़ लिए और रूही से बोली- रूही अब छोड़ ना यार गुस्सा राहिल तेरा होने वाला हसबैंड है और आंटी ने अपने सन इन लॉ के लिए ही तो ये इतनी प्यारी रिंग ली है किसी और के लिए थोड़े ना ली हैं जो तू इतना नाराज हो रही, अब देख राहिल की मॉम ने भी तो तेरे लिए इतनी सारी प्यारी प्यारी और एक्सपेंसिव ज्वैलरी ली है न तो फिर अगर तेरी मॉम ने राहिल के लिए ये रिंग ली है तो तुझे क्यू इतना बुरा लग रहा है??

आंचल की बात सुन कर रूही की नाराजगी थोड़ी कम हुई फिर वह कुछ सोचते हुए आंचल से बोली- हां आंचू बात तो तेरी सही है लेकिन फिर भी न जाने क्यों मुझे वो खडूस राहिल पर बहूत गुस्सा आता है बस इसीलिए मैं मॉम की रिंग खरीदने से नाराज हो गई थी, मुझे तो वो लड़का कभी समझ ही नही आता है देख न अब हमारी शादी को अब सिर्फ एक ही मंथ बचा है लेकिन उस खडूस को कभी टाइम ही नही मिलता है मेरे लिए ना कभी फोन लगता है और न कभी मैसेज पर बात करता है, कहते हुए रूही ने एक तरफ चेहरा कर लिया.

अच्छा!! तो मैडम इस बात से नाराज है की उनके होने वाले हसबैंड के पास उनके लिए टाइम नही है.. आंचल ने रूही को छेड़ते हुए कहा और रूही के सामने का कर खड़ी हो गई.

नही आंचल ऐसा कुछ नही है चलो माना की वो अपने बिजनेस में बिजी रहता है लेकिन कम से कम एक बार बात तो कर ही सकता है न, पता नही कोन सी धुन सवार है उस पर?? ना जाने क्या चाहता है?? अरे अगर उसे मुझसे बात ही नही करना है तो फिर उसने मुझसे शादी करने के लिए हां क्यों कहा?? बस मुझे ये ही बात समझ नही आती?
अब रूही ने थोड़ा सीरियस होते हुए आंचल से कहा.
रूही को उदास होता देख अब आंचल के फेस पर भी सीरियसनेस नजर आने लगी थी, बात तो तेरी सही लग रही है यार लेकिन वो ऐसा क्यू करता है ये भी तो पता लगाना जरूरी है न?? आंचल ने रूही का हाथ पकड़ते हुए कहा.

आंचल की बात सुन कर अब तो रूही का भी दिल घबराने लगा था, घबराहट की वजह से अब तो रूही का दिल भी जोर जोर से धड़कने लगा था एक पल को तो उसे ऐसा लगा की कही ऐसा ना हो की राहिल का कही और अफेयर चल रहा हो लेकिन उसे इस बारे में कोई जानकारी न हो, अगर ऐसा हुआ तो उसे इस बारे में अभी पता लगाना होगा, अगर शादी के बाद ऐसी कोई बात सामने आई तो उसकी पूरी लाइफ ही खराब हो जायेगी, ये सोचते हुए उसने आंचल को तरफ देखते हुए कहा- आंचल अब मेरा कही जाने का मन नहीं है चल घर चलते है, ये कहते हुए रूही अपनी कार में बैठ गई और आंचल को भी कार में बैठने का इशारा किया.

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