तक़दीर का खेल - 8 Aarushi Varma द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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तक़दीर का खेल - 8


Recap of chapter 7

तो पहले हमने देखा के केसे श्रेया विक्की को बचाती है। और घर ले जाती है और नील का कॉल एंड ऑल......

Let's see what's next..🌻

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Aarohi's Home 🏠

सुभा 8:30 बजे

हर्ष स्पेर की से घर का लॉक खोलता है। और आरोही को न देख कर ओह मुझे पता ही था ये लड़की नही उठी होगी 🤦🏻‍♂️। वो अंदर जाते हुए ऐसा बोलता है। फिर उसे अंदर जाते ही ये दिखता है की आरोही तो जुले पर ही बैठे हुए सो गई थी। जब रात को वो दोनों बात कर रहे थे उसके बाद शायद आरोही बुक पढ़ रही थी और पढ़ते पढ़ते ही सो गई । ऐसा अनुमान हर्ष लगाता है। फिर हर्ष उसके पास जाता है। बुक उसके हाथ में थी हर्ष वो लेके रख देता है।

हर्ष आरोही को देख कर मुस्कुरा रहा था। सो रही आरोही के चेहरे पे हल्की सी मुस्कान थी और उसके बाल उसके चेहरे के साथ गम्मत कर रहे थे कभी ठंडी हवा की वजह से चेहरे पर आ जाते तो कभी उसी हवा के कारण उड़ने लगते। और फिर हर्ष ने देखा की 8.45 बज गए थे और आरोही तो उठी नहीं थी और खुद उसे उठाने के बजाय वही खड़ा देख रहा था। फिर हर्ष उसे उठाने के पहले उसके और अपने लिए कॉफी बनाने जाता है।

हर्ष कॉफी बनाके लता है अभी तक आरोही सो ही रही थी। वो उसे उठाने के लिए उसके साथ मस्ती करता है की वो उसका हाथ धीरेसे उठाता है और कॉफी के गर्म मग को छुआता है पर वैसे नहीं की आरोही को जलन हो। और गर्म लगने की वजह से आरोही नींद से जाग जाती है और देखती है की ये सब हर्ष ने किया था वो हर्ष पर गुस्सा करती है।

आरोही : हद है डॉक्टर यार😏😤😤 अगर मेरा हाथ जल जाता तो?

हर्ष : अरे यार स्वीटी में ऐसा होने देता क्या? क्या तू भी यार चल अभी त्यार हो जा। 9.00 बज गए।

आरोही : oh यार चल में अभी सिर्फ 15 मिनिट्स में आती हु।

वो लेट होने की वजह से हर्ष पर जो गुस्सा था वो भूल के नहाने चली जाती है।

हर्ष : (वो ऊपर जा रही होती है) oh thank God बच गया।😁😁

आरोही वो सुन लेती है हलके हर्ष बोहोत धीमे बोला था फिर भी।

आरोही : अभी मेरे पास टाइम नही है डॉक्टर बाकी तू,, तुझे तो नही छोड़ती में।😏

हर्ष : अरे स्वीटी जी हमे कहा कोई परेशानी है आपकी गिरफ्त में रहने में। 😁😁

आरोही : (सीडी चढ़ते हुए) शट अप 😏 चल में आती हू अभी... तब तक तू मेरे लिए कोल्ड कॉफी बना। मुझे ये गर्म नहीं पीनी।

हर्ष : हा? क्या? अरे तो ये? में नहीं बनाने वाला।

आरोही सुने बिना ही चली जाती है। पर हर्ष आज उसे परेशान ही करना चाहता था तो उसने कॉफी नहीं बनाई।

हर्ष तो अपनी कॉफी पीते हुए जुले पर बैठके tv देखने लगता है। Songs बजा कर खुद भी अपनी बिना सुर की आवाज में अपनी मस्ती में गाए जा रहा है। थोड़ी देर में आरोही आती है। तैयार होकर।

हर्ष वो ऊपर से नीचे उतर रही होती है और वो आरोही को आते देख के सोचता है।
"यार अब स्वीटी को गुस्से करने में मजा आयेगा"।😁😁

आरोही : (हर्ष के पास आके) यार चल चलते है।

हर्ष : (मन में) अरे यार इसे कॉफी की बात याद नही ? अरे?

आरोही : हेलो डॉक्टर ? मन में क्या बडबडा रहा है?

हर्ष : अरे नही कुछ नही। चल।

आरोही : i Know की तूने कॉफी नही बनाई में तुझे बोहोत अच्छे से जानती हु तो तू ये ट्रिक्स आजमाना मुझ पर रहने दे 🤣🤣 चल बाहर खा लेंगे कुछ। मुझे ये हॉट कॉफी तो नही पीनी।

फिर हर्ष तो थोड़ा उदास होता है की वो आरोही को चिढ़ाने का मोका चूक गया पर फिर क्या दोनो जाते है गिफ्ट लेने।

Shreya's Home 🏡

बारिश के बाद की सुबह साफ आसमान के साथ बोहोत सुंदर थी। श्रेया और बाकी सब उठ गए थे बस विक्रम अब भी सो रहा था शायद दवाई का असर था। श्रेया विक्की को जगाने के लिए जाति है क्योंकि नाश्ता तैयार था।

श्रेया : (डोर के पास पोहोचके) hello? Mr Vikram?

(श्रेया डोर को धक्का देती है डोर खुला ही था वो अंदर जाके विक्की को जगाती है। )

विक्की : (उठके) ओह it's 10.30 (घडी देख के)

श्रेया : अच्छा है आप को रेस्ट मिल गया। गुड मॉर्निंग mr vikram...

विक्रम : very good morning doctor

(वो बैठा हुआ है बेड पर)

फिर श्रेया उसे खड़े होने में हेल्प करती है और फिर वो पूछती है की विक्की अब कैसा महसूस कर रहा था। और उसके पैर में कितना दर्द है? तो विक्की बताता है कि वो रात से ज्यादा ठीक है। फिर श्रेया उसे टॉवेल देती है श्रेया वही रूम के बाहर थी विक्की के नहा लेने के बाद श्रेया उसे नीचे उतरने में हेल्प करती है। अजीत और सोनाक्षी ब्रेकफास्ट के लिए उसिका इंतजार कर रहे थे। फिर श्रेया अजीत और सोनाक्षी की पहेचान करवाती है विक्रम को।

विक्रम : good morning uncle, good morning aunty...

अजीत और सोना भी उसे विश करते है।फिर विक्रम भी आके बैठता है।

विक्रम : थैंक यू सो मच आप सब ने मेरी बोहोत केर करी है थैंक्स ए लोट एंड स्पेशली श्रेया जी आप को थैंक यू...

सोना : ओहो विक्रम बेटा तुम ने इतनी बार थैंक्स बोलने की जरूरत नहीं है।

अजीत : और बेटा तुम अब कैसे हो?

विक्रम : अंकल जब मुझे बचाने वाली डॉक्टर है तो में तो ठीक ही होऊंगा न?

विक्की श्रेया के सामने देख कर मुस्कुराता है।

अजीत : वो तो है।

फिर सभी ब्रेकफास्ट करते है सोना बोहोत प्यार से विक्की को सब कुछ परोसती है। और सभी नाश्ता कर लेते है बाद में श्रेया विक्की को सुभा की दवाई देती है और फिर बोलती है की...

श्रेया : mr Vikram अभी तो मेने आप को दवाई दे दी है पर में आप को प्रिस्क्रिप्शन लिख देती हु आप प्लीज वो दवाई मांगा लीजिए गा। और 3 दिन के बाद आप वैसे भी आप का आने का रास्ता मेरे हॉस्पिटल से होके जाता है तो प्लीज भूले बगैर चेक अप करने आप को आना पड़ेगा मुझे लगता तो नही पर फिर भी अगर आप के पैर का दर्द कम न हो तो x ray निकाल ना पड़ेगा।

विकी : ok doctor जैसा आप कहे।

फिर विकी को उसके कार की keys देती है। विकी oh अभी तो कार उसे भी वहा से लाना पड़ेगा।

श्रेया : अरे mr Vikram आप की कार एकदम ठीक है कल रात को मेने पापा से कह कर उसे रीपेरिंग के लिए भिजवा दिया था।

विक्रम : oh आप आप को ये करने की कोई जरूरत नहीं थी।

(विक्की थोड़ा उन्हें हुए परेशानी के कारण शर्मिंदा हो के कहता है फिर उसकी कार ठीक करवाने का जितना खर्च हुआ था वो दे देता है। अजीत माना करता है पर विक्रम फिर भी देता है क्योंकि उसे वही ठीक लगता है।)

सोना : बेटा it's all good ☺️☺️

विक्रम : पर फिर भी आंटी। आप सब ने एक अनजान के लिए बोहोत कुछ किया थैंक्स ए लोट।

अजीत : नहीं पूरी तरह से अनजान नहीं हो तुम बेटा में तुम्हारे पापा को जनता हू और वो भी जानते है मुझे।

विक्रम : oh मिश्रा? मुझे याद है आप तो मिश्रा ग्रुप ऑफ कंपनी? आप ही की है?

अजीत : हां बेटा।

विक्रम : ओह फिर तो और खुशी हुई अंकल आप से मिलके।

फिर थोड़ी देर बाद नील का कॉल आता है विकी का हाल पूछ ने फिर विकी फिलहाल बड़ी मां से बात कर लेता है और नील को उसे लेने के लिए बुला ने वाला होता है पर श्रेया माना करती है वो कहती है कि वो drop कर देगी वो उसके कॉलेज कम हॉस्पिटल का रास्ता वही है। फिर वो लोग निकलते है और गाड़ी तो श्रेया ड्राइव कर रही थी।

*********

कुंज विला

भावना डोर बेल बजने की आवाज सुन के दरवाजा खोलती है। तो निशु एक सुंदर सी लड़की के साथ आया हुआ था।

भावना :अरे आओ निशु बेटा।

वो (भावना) प्रश्नार्थ नजर से निशु के सामने देख रही होती है । और भावना को देख निशु बताता है।

निशु : आंटी इससे मिलिए ये विशाखा है। मेरी to be wife...

भावना : हां? क्या? सच?

निशु : हां आंटी।

भावना : कब हुआ ये तै?

निशु : आंटी अंदर चले? अंदर बताता हु में सब प्लीज?

भावना : तू बाहर ही रह। विशाखा बेटा (विशाखा का हाथ पकड़ते) तुम चलो अन्दर ।

निशु : आंटी मुझे? प्लीज आने दीजिए ना।,😯

भावना : तू बोहोत ही बड़ा बदमाश है निशु इतनी बड़ी बात तू ऐसे बता रहा है?

निशु : i am sorry ना आंटी।

भावना : चल अभी आजा अंदर।

निशु : oh so sweet of you aunty 🥰 thanks

वो दोनो को अंदर ड्राइंग रूम में बिठाती है। फिर निशु विकी के बारे में पूछता है भावना बताती है कि वो अभी आ ही रहा है श्रेया के साथ। तभी सभी नीचे आते है। निशु विशाखा से सभी को मिलता है। और वो इन्विटेशन भी देता है सभी को के अगले हफ्ते दोनो की सगाई है। नील अभी तक नीचे नहीं आया होता है।

********

विकी की कार 🚗

विकी : i don't know how to thank you doctor...

श्रेया : अरे केसे मतलब बोल के कह दीजिए🤣

विकी : ओह 🤣🤣 ok thanks डॉक्टर श्रेया

श्रेया : ok ok Mr Vikram आप कल से बोहोत बार थैंक्स कह चुके है। मे तो ऐसे ही मस्ती कर रही थी। बस आप अपना ध्यान रखिए गा और.....

विकी : i know I know में तीन दिन बाद आ जाऊंगा चेक अप के लिए डॉक्टर..साहिबा

श्रेया : चलिए that's very good और..(कार रोक के) आप का घर आ गया शायद। यही है ना?

विकि : yeah... That's my place..

श्रेया गेट के पास कार रखी है विकी के कहने पर वॉचमैन गेट खोलता है। श्रया कार अंदर लेके फिर विकी के पास जाके उसे बाहर आने में हेल्प करती है।

(अंदर होल में)

निशु : नील यार इसकी कोई जरूरत नहीं।

(नील नीचे आ गया होता है और थोड़ी देर में सनी एक गोल्डन गिफ्ट रेप किया बॉक्स लता है नील उसे थोड़ा डांटता है के वो लेट क्यों आया और कल रात को कॉल क्यों नई उठा रहा था। फिर सनी माफी मांगता है और नील को पूछने पर वो विकी की बात बताता है और विशाखा को निशु विकी के बारे में बताता है।तभी डोर बेल बाजी।🎐)

नील : अरे लगता है भाई aa गए।

भावना डोर खोलने जाति है।

(दरवाजे पर विकी श्रेया के सहारे खड़ा था)

भावना : (विकी के माथे पर प्यार से हाथ फेर के) बेटा तू ठीक है ना? (हाथ पर पट्टा देख कर) ओह बेटा हाथ में बोहोत चोट लगी है? 🙁

विकी : मां मां में बिलकुल ठीक हु।

(भावना अभी भी ख्याल नही था की विक्की के साथ कोई और भी है।वो तो अभी सिर्फ तसल्ली कर लेना चाहती थी के विकी बिलकुल ठीक है। फिर नील वहा जाता है)

नील : भाई केसे हो आप?

विकी : हा..i am absolutely fine golu..😁

नील : हा तो ठीक ,,और आप..(श्रेया के सामने देख के) आप डॉक्टर श्रेया है ना?

श्रेया : जी एंड आप गोलुजी oh sorry i mean Neel 😁😁।

नील : that's alright 👍🏻😌(भावना को देख के।) छोटी मां हमने तो इन्हे यही रोक लिया😂😂 भाई, डॉक्टर श्रेया अंदर तो आइए यही खड़े रहेंगे क्या?

भावना : ओह हां श्रेया बेटा सोरी सोरी वो विकि को पूछते हुए ये ख्याल ही नहीं रहा की तुम भी आई हो।

श्रेया : अरे आंटी में समझ सकती हु कल से आप सब mr Vikram के लिए परेशान थे।

(फिर सभी अंदर जाते है। तभी बाकी सब भी आ गए होते है सब विक्की को सलामत देख बोहोत खुश थे। सभी श्रेया को धन्यवाद करते है। और सावित्री ने रात से पानी भी नहीं पिया था वो विक्की को सही सलामत देख कर फिर अब जाके पानी पीती है। और फिर सनी और निसर्ग और बाकी सब से भी विकी श्रेया का परिचय करवाता है। और निसर्ग विशाखा को विक्की से मिलवाता है। फिर सभी थोड़ी देर बैठे थे और बाद में श्रेया जाती है और निसर्ग भी पास में आकाश और निशा से विशाखा को मिलवाने ले जाता है।)

श्रेया : it was very nice to meet you all..🥰🥰

सावित्री : बेटा अब दुपहर को लंच कर के जाना?

श्रेया : नहीं नहीं आंटी मुझे हॉस्पिटल जाना है।

सावित्री : अच्छा ठीक है। पर घर पे आती रहना ok बेटा।

श्रेया : जी आंटी पक्का। 😌

जगदीश : बेटा अब कभी अपने मां और पापा को लेके आओ mr Mishra से कितने समय मुलाकात ही नही हुई।

अनिल : हा बेटा।

श्रेया : जी पक्का अंकल आप सब भी आइये गा।

नील : आप जा केसे रही है Doc.

श्रेया : ऑटो में।

विक्की : अरे पर क्यों? नील आप को drop कर देगा या तो आप मेरी कार ले जाइए श्रेयाजी।

नील : हा।

श्रेया : अरे नही नही इसकी कोई जरूरत नही।

नील : अरे प्लीज चलिए में आप को और भाई दोनो को छोड़ दूंगा। वैसे भी भाई ऑफिस जायेंगे ही ना।

श्रेया : क्या? Mr Vikram? आप आज ऑफिस जायेंगे? आप को आराम करना चाहिए।

सावित्री : एक्जेटली,, विक्रम आज तू ऑफिस नहीं आ रहा।

विक्रम : पर बड़ी मां मुझे काम है ऑफिस में आज मेरी mr shah के साथ मीटिंग है।

अनिल : वो घर पर भी फिक्स हो सकती है में mr Shah को शाम को घर बुला लूंगा तो तू घर पर रह और आराम कर।

जगदीश : या mr md ये हमारा ऑडर है।

विकी : अच्छा ok ठीक है। बस बस में घर पर ही हु।

(फिर विक्की तो घर पर रहता है और नील खुद श्रेया को ड्रॉप कर के सीआईडी ब्यूरो चला जाता है।)

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दुकान पर वो सुंदर सी एंटीक वॉच देख के।

आरोही : हर्ष ये कैसी है? पापा की चॉइस की है उन्हे पसंद आयेगी क्यों?

हर्ष : हा ये बोहोत अच्छी है। ये लेले स्वीटी बोहोत सुंदर है। Uncle will like it...

आरोही : हा


(फिर अब कितना कुछ ढूंढने के बाद वो दोनो इस वॉच पर अटके और गिफ्ट पैक करवाके फिर आरोही और हर्ष नाश्ता करने जाते है। और बाद में हर्ष आरोही को घर छोड़े के fsl जाता है।)

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