Mahila Purusho me takraav kyo ? - 7 books and stories free download online pdf in Hindi

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 7


सबसे पहले.. घर के सबसे बड़े ससुर ..आकर खड़े हो गये..बुआजी बोले ..बहु इनके पांव पकड़ लो ..केतकी ने वैसा ही किया ..बड़े ससुर नीचे झुका तो केतकी को लगा अब ये भी घूंघट में झांकेंगे ..पर ऐसा नही हुआ बड़े ससुर ने 500 रूपये दिये और पीछे हट गये .. अब ससुर पूरणसिंह आये ..केतकी ने उनके भी पांव पकड़े ..ससुर बोला ..ले बेटा ..ससुर नीचे बैठ गया ओर लाल रंग की थैली खोल दी जिसमें रूपये सिक्के भरे थे ..ससुर बोला अपने दोनों हाथों से जितना ले सकती हो निकाल लो ..केतकी सोचने लगी कम निकालूं या ज्यादा.. ज्यादा निकाले तो.. बुरा मान जायेंगे तो ? ..बुआ बोली बहु अच्छे से निकालना ..सास भी बोल पड़ी.. हां बेटा.. निकाल ले जितना निकाल सकती है..एक बार में ही निकालना है..दुबारा मौका नहीं मिलेगा.. केतकी ने दोनों हाथ डालकर पैसे निकाल लिए .. सब ताली बजाकर हंसने लगे ।
केतकी का पति अभय फोन पर बात कर रहा था सर ..सर बोल रहा था सभी का ध्यान उस पर ही था फोन रखा तो उसके पापा बोले क्या हुआ ? कब बुलाया है ? ..पापा कल ही जाना पड़ेगा ..कोई बात नही.. बेटा फौज की नौकरी है ..तुम टाइम से निकल जाना ..केतकी को यह सुन अच्छा तो नही लग रहा था.. केतकी ने सोचा.. प्रमोशन लगवाने तो जाना ही पड़ेगा .

इतने में..केतकी के ससुर के फोन की घंटी बजी ..ससुर ने फोन उठाया ..राम राम ब्याईजी.. राम राम ..कुछ बात होने के बाद पूरणसिंह ने कहा कि आप आज ही किसी को भेज दो ..कल बहु को ले जाना.. क्योकि कल अभय भी ड्यूटी पर जा रहा है ..क्यो ? छुट्टी तो अभी खत्म नही हुई ..दो महिनों की आये थे न ? ..ब्याइजी दरअसल.. अभय प्रमोशन लगवाने जा रहा है ..बहुत बहुत बधाई हो ब्याईजी..अब कौनसी रैंक मिल रही है ..नायक बन जायेगा ... क्या कहा ब्याईजी नायक .. ? यह कौनसी रैंक है ? यह तो सिपाहियों में होती है ..उधर से फोन काट दिया ..इधर पूरणसिंह हैलो ..हैलो कर रहा था ।
केतकी के ससुर के चेहरे का रंग उतरा देख ..केतकी की सास बोली क्या कह दिया ब्याई ने ? ..वह खुद ही आ रहे हैं ... क्यों और नहीं आ रहे क्या उनके साथ ..पता नहीं ।
उधर केतकी के पापा ने अपनी पत्नी संतोष को बुलाया..बोला ..जानती हो ..हमारा जवांई फौज में सिपाही है ..उसका प्रमोशन आया है ..नायक बनेगा .. जी यह तो खुशी की बात है ..आप गुस्साए क्यों हो ? .. संतोष तुम नहीं जानती ..इन्होने हमारे से झूंठ बोला था ..मैं समझी नही ..क्या झूंठ बोला था ?.. यही कि लड़का फौज में लेफ्टिनेंट है ..तो क्या लेफ्टिनेंट नहीं है ..नहीं ..वह सिपाही है ।
संतोष के आंख में आंसू भर आये ..बोली तो क्या हुआ फौज में तो है न ?
केतकी के पापा ने बिचौलिए को फोन लगाया .. फोन उठाते ही बोला कौन ? मौसा जी प्रणाम तेरे पापा को फोन दे ..पापा ..मौसाजी बात करेंगे .. हां जी साढु जी राम राम ..रामराम।
साढु जी आप बोले थे कि लड़का फौज में अफसर है ..वह तो सिपाही है ..देखो साढुजी मुझे फौज में अफसर की ही जानकारी थी ..मै नहीं जानता वह सिपाही है ..बात क्या हुई यह तो बताओ ..कुछ नहीं .. आप अभी आजाओ आज ही चलेंगे वहां ..साढु जी थोड़ा शांति से काम लो ..मै बात क्या है ..पता करता हूँ ..साढु ने अभय को ही फोन किया ..अभय फोन उठाते हुए ..प्रणाम मौसाजी..खुश रहो ..हां तू यह बता फौज में अफसर नहीं है ? मौसाजी मैंने एग्जाम दे रखा है सलेक्शन हो जायेगा ..यह तो फौज में रहकर दिया है ..तो तू यह भी बता सकता था कि एग्जाम दिया है ..अभय मौन हो गया ..फोन काट कर मौसा ने अभय के ससुर को फोन लगाया ..हां जी साढु जी ..फौज में सिपाही तो है पर उसने अफसर का एग्जाम दे रखा है उसका सलेक्शन हो जायेगा, आजकल नौकरी पहले छोटी मोटी जो भी मिले.. पहले लेली जाती है ..फिर आगे बढा जाता है.. आप खामख्वाह टेंशन कर रहे हो ..ठीक है साढु जी अब क्या कर सकते हैं बेटी का नसीब है कोई बात नहीं ..आपसे बात कर मन हल्का हो गया .. थोड़ी देर बाद केतकी की मम्मी ..केतकी के पापा से बोली ..क्या चल रहा है आपके दिमाग में ?..नहीं ..कुछ नहीं ..तो कल जा रहे हो ? ..नही अपने इस लड़के को भेज देते है इसके साथ इसका दोस्त चला जायेगा ..ठीक है ..अब टेंशन तो खत्म हो गयी न ..हां उसी समय मोबाईल पर घंटी बजी .. केतकी का फोन ..केतकी के पापा ने फोन उठाया .. उधर से केतकी की सुबक सुबक कर रोने की आवाज सुन ..केतकी के पापा का चेहरा आशंकाओं से घिर गया ..

क्रमश

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