एक अनोखा रिस्ता। - 2 Lalit Raj द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

एक अनोखा रिस्ता। - 2

एक खंजर लिऐ एक छोटा लड़का खड़ा होता है जो कि पास में ही सामने एक हम उम्र लड़की को देख रहा होता है वो दोनों एक कमरे में है।

कमरे का सामान इधर उधर बिखरा पडा है और फर्श पर एक घायल आदमी जो कि लचार था वो अपने सीधे पैर को पकड़े हुऐ था जो कि घायल था और वो आदमी डर की निगाहों से उस खंजर पकड़े लड़के को देखता है।

वो छोटी लड़की भी सहमी होती है और वो भी उस लड़के को देख रही होती है और उस लड़की में डर के साथ साथ बहुत गुस्सा भी भरा हुआ था।

लड़की गुस्से से उस लड़के कि तरफ देख कर चीखती है मानो उस आदमी को मारने के लिऐ कहती हो इतने में वो लड़का गुस्से से उस खंजर से उस आदमी पर बार बार वार करता है ( और वो आदमी दर्द से चीखता रहता है) और उसे ऐसा करते लड़की देखती रहती है।


और अचानक रिया उठ जाती है वो देखती है वो किसी हॉस्पिटल के रूम में है और सर पर पट्टी बंधी है और उसने जो कुछ बंद आंखों से देखा वो फिर से उसके दिमाग में घूमता रहता है और वो हैरान होकर चीखती है।



तभी राज,मीना और अजय कमरे में आजाते है और राज रिया से कहता है, thanks God के तुम्हे होश आगया।

और राज अजय से कहता है, अजय जल्दी डॉक्टर को बुलाकर ला।

अजय वहां डॉक्टर को बुलाने चला जाता है।

मीना रिया के करीब जाकर बैठ जाती है और रिया से पूछती है, क्या हुआ रिया कोई परेशानी या फिर कोई बात जो तुम हमसे छुपा रही हो।, बताओ रिया सच क्या है , तुमको क्या हो जाता है।

राज मीना से कहता है , मीना शांत ये समय नही है ये सब पूछने का।

तभी रिया पहले मीना की तरफ देखती है और फिर राज की तरफ देखती है और फिर राज से कहने लगती अपनी बात,

मीना मेरी दोस्त जरूर है वो मेरे बारे इतना नहीं जानती क्योंकि कभी भी मेने उसे अपने बारे में बताया नहीं और आज तक मीना को यह भी नहीं पता कि मेरे माँ बाप नहीं है।

मीना कहती है, लेकिन तम्हारे घर जिन्हें देखा था वो कौन थे।

रिया मीना से कहती है, तुमने जिन्हें देखा उन्होंने ही मेरी देख रेख की कोई खास रिस्ता नहीं है लेकिन फिर भी उन्होंने सारी जिम्मेदारी निभाई है।

राज रिया से कहता है, आखिर तुम्हारे साथ क्या हुआ है और किस बात का डर है तुम्हें।

रिया राज की तरफ देखती है और कहती है एक वक्त वो भी आऐगा जब तुम्हें सब पता चल जाऐगा।

राज रिया से कहता है, ठीक तुम जादा अभी परेशान मत होना और वेसे भी हमें मिले कुछ जादा समय भी नहीं हुआ।
और वक्त मिलेगा हमें एक दुसरे को समझने का और तब अपने बारे में बता देना।

इतनी ही देर मे अजय आ जाता है डॉक्टर के साथ।

डॉक्टर रिया को चेक करता है और रिया से कहता है, बहुत बहादुर हो बेटी, तुम अब ठीक हो, बस अब सर पर चोट है अभी उसका खयाल रखना और जदा टेन्शन न लेना।

रिया डॉक्टर से कहती है, ठीक है डॉक्टर अब मै जा सकती हो।

डॉक्टर , जी बिल्कुल जा सकते हो।

राज डॉक्टर के साथ बहार तक जाता है और डॉक्टर से पूछता है डॉक्टर कोई परेशानी वाली बात तो नहीं है।

डॉक्टर राज से कहता है, हा परेशानी वाली बात तो है आप मेरे साथ मेरे ऑफिस चलो हमने इनका इलाज करते वक्त वीडियो बनाया है जिसे आपको दिखाना है।

डॉक्टर राज को अपने ऑफिस लेजाता है और वो वीडियो अपने टेबल पर रखे लैपटॉप से दिखाता है।

राज वहीं चेयर पर बैठकर और डॉक्टर भी करीब बैठा था और सामने रिया की वीडियो लैपटॉप में चल रही होती है।

वीडियो में रिया नींद में होती और बोलती रहती है, मार दो इसे,जान से मार दो,इस कुत्ते को, इस खंजर से इसकी आँखें फोड़ दो, जब तक मारते रहो जब तक मर न जाऐ।.


और उसके बाद हसती है और फिर रोती है इस तरहा कि हरकत विडीयो मे बार बार कर रही है।

डॉक्टर राज से कहता है, या रिया कि दिमाग की हालत कुछ ठीक नहीं है या फिर उसके साथ कुछ तो हुआ है जिसे वो भुला नहीं पा रही लेकिन कुछ भी हो राज अगर तुम उसके करीबी हो तो उसका खयाल रखो, पता नहीं आने वाले समय में रिया के साथ कुछ भी हो सकता है और इसलिए उसके साथ किसी का साथ होना जरुरी है।


राज डॉक्टर से कहता है, ठीक डॉक्टर मै रिया का खयाल रखुंगा।

यह कहकर वो हॉस्पिटल से बहार आजाता है और वहां मीना,रिया और अजय तीनों उसका इंतजार कर रहे थे।


वो चारों सड़क किनारे खड़े होते है और राज अजय से कहता है, तुम कार लेकर आओ।

राज रिया के करीब आता और कहता है परेशान नहीं होना मै तुम्हारे साथ हूँ।

रिया राज से कहती है, क्या कहा डॉक्टर ने।
राज, कहा कि तुम ठीक हो और बस तुम्हें किसी के साथ की जरूरत है,(और इतना कहकर राज रिया की तरफ प्यार भरी स्माईल देता है)

रिया राज से कहती है, क्या तुम दोगे मेरा साथ।

इतनी ही देर में अजय कार ले आता है इस समय राज और रिया हाथों में हाथ पकड़ कर एक दूसरे के करीब खड़े होते है और निगाहों से एक दूसरे में खोये हुऐ होते हैं।

तभी अजय कार हॉर्न बजाता हुआ कहता है अब थोड़ा प्यार घर पहूंच कर दिखा देना अभी घर चलें या यहीं रोड पर रोमांस करना हैं।

राज और रिया अजय की ये बात सुनकर कहते हैं, आ रहें ना(दोनों ने साथ बोला)

मीना अजय के साथ आगे बैठ जाती है अब राज और रिया दोनों पीछे बैठ जाते हैं।

रीया अभी भी कुछ सोच रही होती है लेकिन उसी वक्त राजा उसका हाथ थाम लेता है और कहता है।
' रिया तुम्हें अब कोई भी प्रोब्लम होगी उस प्रोब्लम को पहले मुझसे गुजर कर जाना होगा,मै तुम्हारे साथ हर हालात में खड़ा रहुंगा।

मीना ये सब सुनकर राज और रिया से कहती है, ओ हो कॉलेज के फस्ट डे से बड़े रोमांटिक हो रहे हो इतना कि एक दूसरे के साथ जिंदगी भर साथ देने का वादा कर दिया।

रिया मीना की यह बात सुनकर मुस्कराईं और फिर उसके दिमाग में यह बात घूमने लगी, वादा,वादा ( और एक छोटी लड़की अपने हम उम्र के लड़के के हाथ में अपना हाथ रखती है और बोलती है,वादा वादा.....) इतनी ही देर में राज रिया के हाथ पकड़कर कहता है रिया ....रिया।

रिया, हा राज ...
राज , तुम्हें क्या हो जाता है बार बार,

रिया, ये खुद मुझे पता नहीं लेकिन परेशान मत होना।

रिया बहार की तरफ देखती है(शाम का वक्त होगया था) और थोड़ी ही देर में रिया का घर आ जाता है।

मीना अजय से कहती कार रोको रिया का घर आ गया।

राज कार से उतरकर रिया के लिऐ कार का दरवाजा खोलता है और उसका हाथ पकड़ता है और कहता अगर कोई प्रोब्लम मुझे कॉल करना ओके।

रिया, ओके राज अब तुम घर जाओ काफी वक्त हो गया।

मीना अजय से कहती है मेरा भी घर पास में ही मै भी चलती हूँ ओके अजय।

अजय स्माईल देते हुऐ मीना को बाय कहता है...

अजय राज को देखता है कि रिया के जाने के बाद भी वो उसके घर की तरफ देखता रहता है और अजय राज से कहता अब चले जनाव या अंदर जाने का इरादा है।


राज कहता अरे नहीं चल भाई चलते हैं,
अजय मुस्कराते हुऐ कहता, कहा..
राज, ओह भाई मजाक मत कर चल घर चल सीधे।

राज कार चला रहा होता है और अजय उसके आगे ही बैठा होता है और राज से कहता है, देख भाई मैं तेरा दोस्त हूँ तो अपने और तेरे अच्छे के लिये ही बोलुंगा कुछ अजीब नहीं।

राज अजय से कहता है, हा बिल्कुल रिया को बहुत कुछ पता है अपनी प्रोब्लम के बारे में लेकिन वो बता नहीं रही लेकिन मीना उसकी दोस्त है लेकिन उसे कुछ पता नहींं।

अजय, और एक ही दिन में हमारे इतने करीब हो गये जैसे कि वो लोग पहले से ही हमें जानते हों।

राज, कुछ तो गड़बड़ है मेरे दोस्त रिया या सच में किसी प्रोब्लम में है या फिर कोई एक राज छुपा रही जो हमसे जुड़ा है।

अगले दिन सुबहा...
राज और अजय रिया के घर के पास पहुंच जाते हैं अजय मीना को कॉल लगा रहा होता है और राज रिया को...

अजय का कॉल मीना रिसीव कर लेती है और थोडी ही आने के लिऐ बोलती है लेकिन राज कॉल रिया ने अभी रिसीव नहीं किया...

अजय हसते हुऐ राज से कहता है अवे मेरी वाली तो आ रही है कहीं तेरी वाली तुजे भूल तो नहीं गई।

तभी मीना आ जाती है और राज और अजय से हाय कहती है और राज और अजय भी मीना को देखकर स्माईल देते हुऐ हाय कहते हैं।

मीना कहती है, क्या हुआ रिया अभी तक नहीं आई कॉल किया क्या उसे।

अजय , राज कई बार कॉल किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं।

अजय राज सेऔर मीना से कहता है चलो घर के अंदर चलते हैं।

इतना कहकर घर के दरवाजे की ओर बढते हैं तभी रिया दरवाजा खोल देती है।

राज, मीना और अजय उसे देख कर हैरान रह जाते हैं।

रिया के बाल खुले हुऐ चेहरा गुस्से में लाल और एक हाथ मे चाकू देख कर ऐसा लग रहा हो जैसे किसी को मार ही देगी।

मीना रिया के करीब जाती है और कहती है कॉलेज नहीं जाना क्या।

रिया मीना की आवाज इग्नोर करती है और राज को घूर रही होती है और राज कि तरफ आगे बढती है और राज के बिल्कुल करीब आकर कहती है, तुमने तो मुझसे हर हालात में मेरा साथ देने का वादा किया था ना तो मार दो उसे...

इतना कहकर रिया राज कि बाहों में बेहोश हो जाती है।.....


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